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नागपुर – छिन्दवाड़ा, गोंदिया – जबलपुर, अकोला – खंडवा – इन्दौर गेज कन्वर्शन के हालचाल।

” आँखे तरस गयी बाबूजी, बीसियों साल बीत गए रेलगाड़ी की आवाज सुने” समनापुर, लामटा मार्गपर अक्सर सुनाई देनेवाली बात है। तकरीबन यही हाल इन सभी छोटी लाइनवाले, गेज कन्वर्शन कार्य के सुस्ती पीड़ित लोगोंके है।

नागपुर इलाके में कई मार्ग छोटी लाइनसे बड़ी लाइन में तब्दील होने जा रहे है। नागपुर – छिन्दवाड़ा – नैनपुर बड़ी लाइन, गोंदिया – बालाघाट – जबलपुर बड़ी लाइन, अकोला – आकोट – खंडवा – सनावद – इंदौर बड़ी लाइन इन प्रोजेक्ट्स के ताजा हालचाल जान लेते है। चूँकि यह सारे प्रोजेक्ट्स उन जगहोंकी चलती हुई छोटी लाइन बन्द करके शुरू किए गए है और छोटी लाइनोंको को भी बन्द होकर 18 से 20 वर्षोँका लम्बा अवधी बीत चुका है। इन लाइनोंसे जुड़ी सारी जनता हर रोज़ नई खुशखबर का इंतजार करते रहती है की आखिर वह कौनसा दिन आएगा और यह स्टेशन बड़े नेटवर्कसे जुड़ेंगे।

नागपुर – छिन्दवाड़ा – नैनपुर

इस गेज कन्वर्शन प्रोजेक्ट में, नागपुर – छिन्दवाड़ा लाइन पूरी हो चुकी है बस CRS इंस्पेक्शन ही बाकी रह गया है। ताजा जानकारी यह है कि किसी छोटेसे रिटेनिंग वॉल के अधूरे काम की वजह से 13 दिसम्बर को होनेवाला CRS टल गया है और जनता को जनवरी अंत तक इंतजार करना होगा।
वैसे यह पूरा नागपुर – छिन्दवाड़ा – नैनपुर – मण्डला और छिन्दवाड़ा – गाडरवाड़ा – सागर – बान्दा ऐसा लम्बा और बडा प्रोजेक्ट है जो की उत्तर – दक्षिण रेग्युलर रेल कॉरिडोर बीना – भोपाल – इटारसी – नागपुर को पर्यायी बन सकता है। इसमें नागपुर छिन्दवाड़ा लगभग बन चुका है और छिन्दवाड़ा – सिवनी – नैनपुर मार्ग में से छिन्दवाड़ा – चौराई मार्ग पर बड़ी पटरी डलना शुरू हो गया है। छिन्दवाड़ा गाडरवाड़ा सागर बान्दा मार्ग का सर्वेक्षण कराने की मंजूरी हाल ही आ गयी है।

गोंदिया – बालाघाट – नैनपुर – जबलपुर

1996 -97 में मंजूरी मिल चुका 229km यह प्रोजेक्ट जो उस वक्त 511 करोड़ की परियोजना थी अब बढ़कर 1750 करोड़ की बन चुकी है। इस पूर्ण प्रोजेक्ट में जबलपुर से नैनपुर और गोंदियासे समनापुर तक दोनों छोर से बड़ी लाइन की सवारी गाड़ियाँ चल रही है। केवल नैनपुर – समनापुर सेक्शन जो की 52km का है, वन विभाग की अनुमति के चलते विलंबित हो रहा है उसमें नैनपुर – लामटा 36km का CRS 13 दिसम्बर को होने जा रहा है और बचे 16km लामटा – समनापुर का काम मार्च 2020 तक पूरा होकर यह पूर्ण प्रोजेक्ट जबलपुर – गोंदिया बड़ी लाइन, रेलवे नेटवर्क पर यात्रिओंको सेवा देने के लिए तैयार हो जाएगा।

अकोला – आकोट – खंडवा – सनावद – इंदौर

इस प्रोजेक्ट में अकोला – आकोट 45km का मार्ग बड़ी लाइन में बदल चुका है, छिटपुट काम बाकी है। उसके बाद जल्दही CRS निरीक्षण करवाकर मार्च 2020 तक आकोट अकोला गाड़ी शुरू हो सकती है। दूसरा खांडवा स्टेशन का यार्ड रिमॉडलिंग का टेण्डर निकल चुका है, इसका काम भी जल्दही शुरू हो जाएगा। इस दरम्यान खण्डवा – इटारसी मुख्य रेल मार्ग में मथेला स्टेशन से निमाड़खेड़ी, NTPC खरगोन का सेल्दा पॉवर प्रोजेक्ट के लिए 54km की बड़ी लाइन पूर्ण हो चुकी है, कुछ मालगाड़ियाँ भी इस मार्ग पर ट्रायल बेसिस पर चलाई गई है। जहाँ तक अंदाजा है खण्डवा – सनावद मार्ग पर भी मार्च 2020 यही डेडलाइन रहेगी, और इस मार्ग पर भी बड़ी लाइनकी गाड़ियाँ हमे जल्द ही देखने मिल सकती है। आगे ओम्कारेश्वर रोड़ स्टेशन बड़ा और भव्य बनने जा रहा है, जिसपर फिलहाल मीटर गेज की 3 जोड़ी, छोटी गाड़ी डॉ आंबेडकर नगर तक चलायी जा रही है।

Map courtesy: indiarailinfo