Uncategorised

अरे, साईड लो। प्राइवेट गाड़ियोंका जमाना आ रहा है।

लख़नऊ दिल्ली तेजस के बाद अब दूसरी प्राइवेट ट्रेन मुम्बई अहमदाबाद तेजस जनवरी 19 से शुरू होने जा रही है।

यकीन मानिए, करीबन दस लंबे रेल मार्ग, चार बड़े सबर्बन रेल नेटवर्क और पांच नॉन सबर्बन नेटवर्क प्राइवेट गाड़ियोंको उतारने के लिए निश्चित कर लिए गए है। लंबे रेल मार्ग में, मुम्बई से कोलकाता, गौहाटी, और चेन्नई, नई दिल्ली से मुम्बई, कोलकाता, बंगालुरु और चेन्नई, चैन्नई से कोलकाता और जोधपुर, तिरुवनंतपुरम से गौहाटी इन रेल मार्गोंकी अगले महिनेसे प्राइवेट ऑपरेशन के लिए टेंडरिंग प्रोसीजर शुरू हो जाएगी। मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई की सबर्बन गाड़ियाँ भी प्राइवेट प्लेयर के हाथों सौपने की तैयारी है तो नॉन सबर्बन पॉपुलर रूट्स में, नागपुर – पुणे, कोटा – जयपुर, विसाखापट्टनम – तिरुपति, गोरखपुर – लखनऊ और चंडीगढ़ – लखनऊ यहाँपर भी प्राइवेट गाड़ियाँ चलाने की व्यवस्था पूरे ज़ोरोंपर है।
रेल प्रशासन का यह कहना है, पहलेसे चलनेवाली कोई भी गाड़ी रद्द नही होगी, जो भी प्राइवेट ट्रेन चलेगी, नई ही रहेगी। अब तक तो आपने प्राइवेट ट्रेनोंकी सारी खूबियों को जान ही लिया होगा, अत्यधुनिक आसान व्यवस्था, फाइव स्टार क्वालिटी खानपान, डायनामिक रेट के किराए यह सब किसी आम यात्री के लिए नही है। वैसे भी रेल प्रशासन आम यात्री को धीरे धीरे उन्नत स्तर पर लेके जा ही रही है। आम यात्री जनरल कोचेस से स्लिपर कोच और अब वातानुकूलित 3 टियर तक में यात्रा करने तक की मजबूरी में पोहोंच गया है।

जनरल डिब्बों में वह पहले भी यात्रा नही कर पाता था तब स्लिपर क्लास ही उसका सहारा था, अब तो स्लिपर क्लास की हालत जनरल से भी गईगुज़री रहती है। जनरल क्लास से ज्यादा किराया देकर भी जनरल क्लास जैसे ही यात्रा करना हो तो थोड़ा और ज्यादा देकर वातानुकूलित 3 टियर में ही क्यों न जाया जाए? इस तरह के ख्यालातों के चलते आजकल लोग अपनी यात्रा को वातानुकूलित 3 टियर में तब्दील कर रहे है। हालाँकि इन वातानुकूलित 3 टियर में भी अनाधिकृत यात्रिओंका आक्रमण होना शुरू हो गया है। क्या ड्यूटी पास वाले, ऑन ड्यूटी रेल कर्मचारी और MST पास वाले सभी लोग बेहिचक वातानुकूलित 3 टियर में यात्रा कर लेते है।

अब इन सभी परेशानियों से आपको दूर रहना है तो अपने आप को थोड़ा और, थोडासा और अपग्रेड करना जरूरी है। कैसे? हम बताते है, आपको कोई अतिरिक्त यात्रिओंकी तकलीफ नही चाहिए तो रेलवे की प्राइवेट गाड़ियोंको अपनाना होगा। किराया थोड़ा ज्यादा लगेगा पर आराम? पूछिए मत। आपको बिल्कुल हवाई जहाज की यात्रा का एहसास होगा इसकी गारंटी। प्लेटफार्म तो एयरपोर्ट लाईक बनाए जा ही रहे है, गाड़ियाँ भी एयर होस्टेस की तौर पर ट्रेन होस्टेस की मिजबानी से तैयार है।

बस! देखना है, जोर कितना बाजुएं क़ातिल में है। याने आपके बटुए में है।

———————————————————

Book your tickets using Amazon pay and get upto Rs. 100 Cashback.

https://amzn.to/390qydm