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दिल्ली के लिए बनेगा नया छठां रेल टर्मिनल ‘बिजवासन’

भारतीय रेल्वे दुनिया के सबसे बड़े परिवाहन नेटवर्क मे से एक है। दिनभर मे 19,000 गाड़ियां चलती है जिसमे 12,000 तो सिर्फ यात्री गाडियाँ होती है। ढाई करोड़ हर रोज का कुल यात्री यातायात भारत के 8000 रेल्वे स्टेशनों से गुजरता है। ऐसी स्थितिमे यह लाजमी है की स्टेशन्स की यात्री सुविधाए बढाई जाए, उन्नत की जाए। इसके लिए भारतीय रेल्वे ने एक आई आर एस डी सी (इंडियन रेल्वे स्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ) नामक उपकम्पनी बनाई जो स्टेशन्स की सुधारणाओंपर काम करती है।

हाल मे IRSDC कंपनी चंडीगढ़, हबीबगंज ( भोपाल ), शिवाजीनगर ( पुणे ), बिजवासन और आनंदविहार ( दिल्ली ), साहिबजादा अजित सिंह नगर ( मोहाली ), सूरत और गांधीनगर ( गुजराथ ) ऐसे आठ स्टेशन्स को पुनर्निर्मित करने पर काम कर रही है। यह आठों स्टेशन आंतरराष्ट्रीय दर्जे के बनाए जाने की योजना है। पुरानी स्टेशन बिल्डिंग को सुधारना या उसके आसपास की जगह लेकर नई बिल्डिंग बनाना, यात्री सुविधाए उन्नत करना, प्लेटफॉर्म्स की लम्बाई और संख्या बढ़ाना, यात्रीओं के आवागमन के लिए सरक्युलेटींग एरिया डेवलप करना और यात्रीओं को एयरपोर्ट के भांति वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स, शॉपिंग मॉल, एंटरटेन्मेंट हब का निर्माण करना इस तरह की यह योजनाएं है।

आज हम जिस स्टेशन की बात कर रहे है वह स्टेशन है नई दिल्ली का बिजवासन स्टेशन। यह स्टेशन उत्तर रेल्वे के रेवाड़ी दिल्ली लाइन पर स्थित है और द्वारका सेक्टर मे पड़ता है। यह पर जो नए टर्मिनल स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है, नई दिल्ली, दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली सराय रोहिल्ला, और आनन्द विहार टर्मिनल ईन दिल्ली के रेल टर्मिनलोंकी आज की भिड़भरी स्थितियाँ देखते हुए कितना जरूरी है यह आपके समझ आएगा। आगे भविष्य मे, अभ्यास यह बताता है की दिल्ली की ओर आने वाले यात्रीओं की संख्या हर वर्ष लगभग 5% से बढ़ रही है, ऐसे मे महाराष्ट्र, गुजराथ, राजस्थान और देश के उत्तर पश्चिम राज्यों की ओर से आने वाली गाड़ियों के लिए एक अलगसे टर्मिनल बनाया जाना बेहद जरूरी है।

बिजवासन का नया ट्रेन टर्मिनल, इस जगह पर बनाया जाना इसलिए भी उपयुक्त है, यहाँ से इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट करीब है और राष्ट्रीय राजमार्ग क्र 8 भी पास ही से गुजरता है जो यात्रीओं को ज्यादा सुविधा प्रदान करेगा। आगे भविष्य मे दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी यहाँ आसपास की जगहों पर ISBT आंतरराज्यीय बस अड्डा, आन्तर्राष्ट्रीय अधिवेशन एवं प्रदर्शनी केंद्र, दिल्ली का दूसरा राजनियीक परिसर और एकीकृत फ्रेट कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए प्रयत्नशील है।

इस निर्धारित स्थान से इंदिरा गांधी आन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल 1 – 15 km, टर्मिनल 3 – 13 km, नई दिल्ली रेल्वे स्टेशन 26 km, इंडिया गेट 25 km, CBD 27 km, एम्बियन्स मॉल गुरुग्राम 9 km, एम्बियन्स मॉल वसंतकुंज 15 km, द्वारका सेक्टर मेट्रो स्टेशन 2.8 km, दिल्ली सराय रेल्वे स्टेशन 31 km पड़ता है। इस परिदृश्य मे यह समझ आता है, की यह स्थान ट्रेन टर्मिनल के लिए काफी सुविधाजनक है। ISBT आन्तरराज्यीय बस अड्डा एवं MRTS मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की उपलब्धता यहाँ पर होनेसे बिजवासन टर्मिनल एक मुख्य बहु यातायात केंद्र बन जायगा।

प्रमुख सुविधाएं :-
1: बिजवासन टर्मिनल पर से 26 डिब्बों की 14 जोड़ी याने 28 गाडियाँ छोड़ी या टर्मिनेट की जा सकेगी।
2: 26 डिब्बों की 44 गाड़ियों के रखरखाव, धुलाई की क्षमता के यार्ड और साइडिंग का निर्माण किया जायगा। किसी गाड़ी की 2000 यात्री क्षमता को देखते हुए 88,000 यात्रीओं की व्यवस्था इस टर्मिनल के निर्माण से होनेवाली है।
3: सेक्टर 21 स्टेशन की मेट्रो लाइन का आगे गुरु ग्राम स्टेशन विस्तार किया जाना है और निर्धारित isbt आंतरराज्यीय बस अड्डे के वजह से यहाँपर यात्रीओं के आवागमन की संख्या मे लक्षणीय वृद्धि होने वाली है।

फ़ोटो और सामग्री IRSDC के सौजन्यसे

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