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क्या भारतीय रेल गाड़ियाँ, पुर्णतयः वातानुकूलित कर दी जाएगी?

कल से देश के प्रमुख वार्तापत्रोंमें और सोशल मीडिया में इस तरह की ख़बर घूम रही है। चलिए इस खबर के पीछे के तथ्योंको जानते है।

आप को ज्ञात होगा, भारतीय रेल अपनी सभी मेल, एक्सप्रेस गाड़ियोंको स्पीड अप कर रही है। रेल नेटवर्क में पटरियों, सिग्नलों, रेल इंजिनों, डिब्बों पर और ऐसे तमाम पहलुओंपर काम किया जा रहा है, जो रेलगाड़ियोंकी गती बढाने ने काम करती हो। जगह जगह की लेवल क्रॉसिंग्स को बदल कर ROB/RUB याने रेल ओवर ब्रिज/ रेल अंडर ब्रिज में तब्दील किया जा रहा है। मवेशी पटरी पर न आ पाए इसके लिए बैरिकेडिंग की जा रही है। यात्री रेल गाड़ियोंकी स्पीड 110 kmph से बढ़ाकर 130/160/200 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढाने पर काम किया जा रहा है। कई मार्ग 130 kmph के कर लिए गए है।

इन्ही गती बढाने के प्रयासोंमे यात्री गाड़ी के डिब्बों में साधारण ग़ैरवातानुकूलित बदलाव उन्हें वातानुकूलित किया जाने की तकनीकी जरूरत उभरकर सामने आई है। सामान्यतः किसी भी वाहन को वेगवान होने के लिए हवा का गतिरोध काटना पड़ता है। वातानुकूलित वाहनोंमें सभी खिड़कियाँ, दरवाजे बन्द होने के कारण हवा का गतिरोध नही होता और वाहन बड़ी आसानी से स्पीड अप किया जा सकता है, यही कारण है, की जो भी गाड़ियाँ 130kmph या उससे ज्यादा गती से चलने के लिए निर्धारित की जाएगी उनके सारे डिब्बे वातानुकूलित किए जाएंगे।

भारतीय रेल पर फ़िलहाल राजधानी, शताब्दी, तेजस, गतिमान, हमसफर और गरीबरथ पुर्णतयः वातानुकूलित गाड़ियाँ चलाई जा रही है। इन गाड़ियोंकी गति जब भी गाड़ियोंका संचालन नियमित हो जाएगा और नई समयसारणी आएगी तब यह गाड़ियाँ बढ़े हुए स्पीड के साथ एक अलग ही अंदाज में हमे दिखाई देगी। लेकिन सवाल यह है, क्या सभी मेल, एक्सप्रेस भी वातानुकूलित हो जाएगी? तो मित्रों, शुरवात की जा रही है, यह सब प्रयोगात्मक स्वरूप में है। कुछ कम स्टापेजेस वाली गाड़ियोंका चिन्हांकन किया जाएगा और उनके साधारण ग़ैरवातानुकूलित डिब्बों को हटाकर, नए 83 शयिका (बर्थ) वाले वातानुकूलित डिब्बों में बदला जाएगा।

हमने हमारी पिछली पोस्ट में इन डिब्बों के डिज़ाइन से आपको अवगत कराया था। आज फिर से उन्हें आपके सामने प्रस्तुत कर रहे है।

83 बर्थवाले वातानुकूलित स्लिपर और 100 सीट्स वाले वातानुकूलित चेयर कार का निर्माण किया जा रहा है। रेल प्रशासन का दावा है, इन डिब्बों का किराया, नियमित वातानुकूलित 3 टियर से कम और साधारण स्लिपर से थोड़ा ज्यादा होगा। भारतीय रेलवे का यह नया दौर होगा। नई तेज गती की वातानुकूलित गाड़ियाँ, जिसमे सर्वसाधारण जनता भी यात्रा करेगी। रेल यात्रा सुरक्षित, सुखद और तेज हो रही है, चलिए इस नए गतिमान दौर के लिए तैयार हो जाइए।

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