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लोकाग्रह पर शुरू की गई गाड़ियाँ रद्द क्यों की जा रही है? कहाँ चूक गयी रेलवे?

दक्षिण मध्य रेलवे अपनी छह जोड़ी गाड़ियाँ, ” पुअर रिस्पॉन्स” याने यात्रिओंकी अनुपस्थिति का कारण बता कर रद्द करने जा रही है।

इन रद्द गाड़ियोंमे, 07641/42 काचेगुड़ा नरखेड़ काचेगुड़ा सप्ताह में 6 दिन, 07639/40 काचेगुड़ा अकोला काचेगुड़ा साप्ताहिक, 07687/88 मनमाड़ धर्माबाद मनमाड़ प्रतिदिन, 07613/14 पनवेल नान्देड पनवेल, 02705/06 विसाखापट्टनम विजयवाड़ा विशाखापट्टनम सप्ताह में पांच दिन, 07415/16 तिरुपति कोल्हापुर तिरुपति हरिप्रिया ऐसी छह जोड़ी गाड़ियाँ है, जो अलग अलग तरीखोंसे बन्द की जा रही है।

रेलवे कहती है पूवर रिस्पॉन्स है, इसीलिए बन्द करने जा रहे। अब आप बताइए, जो गाड़ियाँ तमाम अभ्यासों के बाद रेलवे बोर्ड ने छाँट कर शुरू की हो, पब्लिक रिस्पॉन्स की उच्चतम स्तर से स्टडी करने के बाद, यात्रिओंकी माँगोंपर शुरू की गई थी, अब यात्रिओंने मुँह क्यो फेर लिया? क्यों हो रहा है रिस्पॉन्स पूवर? इसकी वजह आप बन्द किए जानेवाली गाड़ियोंकी लिस्ट देखेंगे तो समझ जाइएगा।

छह जोड़ी गाड़ियोंमे से 4 जोड़ी गाड़ियाँ तो इण्टरसिटी एक्सप्रेस है। यह वो गाड़ियाँ है, जिनमे हजारोंकी संख्या में रोजाना अप डाउन करने वाले सीजन पास MST धारक चलते है और बचे यात्री 2-4 स्टेशन के बीच यात्रा करने वाले होते है। हम यह नही कहते की स्टार्ट टू एन्ड यात्री बिल्कुल नही होते, होते है लेकिन बहोत कम, जो पहले भी आरक्षण करके ही यात्रा करते थे और अब भी कर ही रहे है। लेकिन सीजन पास धारक जो रोज यात्रा करते है या द्वितीय श्रेणी अनारक्षित यात्री कहाँसे आरक्षण करके यात्रा करेंगे? ऐसे छोटे छोटे स्टेशनोंके यात्री है, की जहाँ आरक्षण काउंटर्स ही नही है और वेबसाइट के जरिए वह लोग आरक्षण निकालना नही जानते। रही बात हरिप्रिया एक्सप्रेस की तो महाराष्ट्र में देवालय में ताले लगे है और देवदर्शन दुर्लभ है, ऐसी स्थिति में इस दर्शनार्थियों की चहेती गाड़ी खाली चलना वाजिब है। नान्देड पनवेल खाली क्यों चल रही है, इसका कोई और इश्शु हो सकता है।

गाड़ियाँ रद्द करने के बजाय यात्रिओंको किस प्रकार सुविधा पहुंचाई जा सकती है इस पर विचार किया गया होता तो यह नौबत न आती। सीजन पास धारक गाड़ियों में प्रवेश न मिलने की वजह से परेशान है। जिस तरह सुपरफास्ट गाड़ियोंमे सिजनपास धारकोंको अतिरिक्त किराया देकर यात्रा करने की अनुमति दी गयी है, उसी प्रकार से इन संक्रमण विशेष गाड़ियोंमे भी इन लोगोंको अतिरिक्त शुल्क लेकर, “केवल पास धरकीनके लिए” ऐसी अलग आसन व्यवस्थाओंके साथ यात्रा की अनुमति दी जाती तो यह गाड़ियाँ बन्द न होती। करन्ट काउंटर्स पर गाड़ी छूटने के आधे घंटे पहले तक आरक्षण उपलब्ध है, ऐसे डिस्प्ले, सूचनाएं और उतने ही ततपर कर्मचारी स्टेशनोंपर रहते तो यह गाड़ियाँ रद्द न होती और न ही रिस्पॉन्स पूवर होता।

निम्नलिखित दमरे के परीपत्रक है, जो दर्शाते हैं गाड़ियाँ रद्द की जा रही है।

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