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110 से 130 प्रति घंटे दौड़ रही रेल की तैयारी अब 160 kmph की दिशामे

भारतीय रेल अपने वर्षोंसे चले आ रहे ढर्रे को छोड़ती हुई नई नई उप्लब्धियोंकी ओर अग्रेसर है। बीते वर्षोंमें यात्रिओंने भारतीय रेल में कई बदलाव देखे है। स्टेशनोंपर यात्री सुविधा से लेकर यात्री गाड़ियोंकी आधुनिकता तक बहुत कुछ सकारात्मक और उल्लेखनीय बदलाव है। यज्ञपी संक्रमण काल के यात्री गाड़ियोंके बन्द होने और उसके बाद आज तक सारी यात्री सेवा, सुविधाएं बहाल न होने के बावजूद यह बदलाव महसूस किया जा रहा है।

भारतीय रेल ने अपनी परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए सिरेसे जो जो बदलाव अपने बुनियादी ढांचे में करना चाहिए उस पर अपना लक्ष केंद्रित किया। उद्दीष्ट है रेल गाड़ियोंकी गति बढ़ाना। तो शुरुवात हुई, पटरियों का, रेल मार्ग का मजबूती करण, रेल मार्ग में समपार गेट हटाकर उनकी जगह ROB, RUB स्थापित करना, रेलगाड़ियोंके डिब्बा संरचना का उच्चतम गति क्षमता के आधुनिक LHB कोच का निर्माण, पूरे रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण जिससे लोको बदलाव में समय की बचत, अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और लोको में उच्च तकनीकी चालन व्यवस्था ऐसे कई निर्णय त्वरित लिए गए और तेजीसे कार्यान्वित किए गए। उसी का नतीजा यह है, की आज बहुतांश रेलवे मार्गोंपर गाड़ियाँ 130 KMPH की उच्चतम गति से चल रही है।

भारतीय रेल की आगामी योजना यह है की यात्री गाड़ियाँ अब 160 kmph की गति से चलनी चाहिए और इसके लिए 8 मार्ग निर्धारित किए गए है। साथ ही प्रत्येक मार्ग की जिम्मेदारी एक क्षेत्रीय रेल्वे को दी गयी है जो की सम्बधित कार्य का, मार्ग के सभी क्षेत्रिय रेलवे से उचित DPR का संकलित रूप दो माह के भीतर रेलवे बोर्ड को प्रेषित करें। आइए हम जारी किया गया परिपत्रक देखते है।

उपरोक्त परिपत्रक में,

1: दिल्ली चेन्नई 2164 किलोमीटर रेल मार्ग जो उत्तर रेलवे, उ म रेलवे, प म रेल, मध्य रेल, द म रेल और दक्षिण रेलवे यहांसे गुजरेगा। इसका नोडल जोन याने जिम्मेदार क्षेत्रीय रेल्वे उ म रेल NCR रहेगा।

2: मुम्बई हावडा 1965 किलोमीटर रेल मार्ग जो मध्य रेल, द पु म रेल, द पु रेल से रहेगा और इसकी जिम्मेदारी द पु म रेल SECR के तरफ रहेगी।

3: मुम्बई चेन्नई 1276 किलोमीटर रेल मार्ग जो मध्य रेल, द म रेल और दक्षिण रेल से रहेगा और इसकी जिम्मेदारी मध्य रेल CR के ऊपर रहेगी।

4: चेन्नई हावडा 1652 किलोमीटर रेल मार्ग जो दक्षिण रेल, द म रेल, पूर्व तटीय रेल और द पु रेल से रहेगा और इसकी जिम्मेदारी पूर्व तटीय रेलवे ECoR के तरफ रहेगी।

5: चेन्नई बेंगालूरु 362 किलोमीटर रेल मार्ग जो दक्षिण रेल, और द प रेल से रहेगा और इसकी जिम्मेदारी दक्षिण रेलवे SR के तरफ रहेगी।

6: बेंगालूरु हैदराबाद 632 किलोमीटर रेल मार्ग जो दक्षिण पश्चिम रेल और द म रेल से चलेगा और इसकी जिम्मेदारी द म रेल SCR के तरफ रहेगी।

7: चेन्नई हैदराबाद 715 किलोमीटर रेल मार्ग जो दक्षिण रेल और द म रेल से चलेगा और इसकी जिम्मेदारी द म रेल SCR के तरफ रहेगी।

8: हावडा पुरी 502 किलोमीटर का मार्ग द पु रेल और पूर्व तटीय रेलवे से गुजरेगा और उसकी जिम्मेदारी ECoR पूर्व तटीय रेलवे की रहेगी।

देश के रेल मार्गोंमे, पिछले तीन वर्षों में, स्वर्णिम चतुर्भुज रेल मार्ग जिसमे दिल्ली – मुम्बई, मुम्बई – चेन्नई, चेन्नई – हावडा, हावडा – दिल्ली और स्वर्ण विकर्ण के मुम्बई – हावडा और दिल्ली- चेन्नई मार्ग के कई खण्डों पर अधिकतम गति 110 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे कर दी गई है। अब रेल प्रशासन इसे 130 से अपग्रेड कर 160 kmph की तैयारी कर रही है।

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