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हाय रे, संक्रमण! पहले विशेष गाड़ियोंके ‘विशेष किराए’, मेमू गाड़ियोंमे एक्सप्रेस के किराए और अब “स्टेशन डेवलपमेंट फीस”

बीते वर्ष की आखरी तारीख का परिपत्रक, क्रमांक था, TC-II/2910/2020/SDF(3379934) सभी क्षेत्रीय रेल्वेज के नामे डायरेक्टर पसेन्जर मार्केटिंग का पत्र। विषय है, स्टेशन विकास शुल्क का निर्धारण एवं नियमावली। मित्रों, संक्रमण काल की यह रेल पहले से काफी अलग है। अलग अलग शुल्क और अलग अलग निर्धारण जैसे विशेष गाडियाँ, मेमू / डेमू विशेष मे समयसारणी तो सवारी गाड़ी की मगर किराए मेल/एक्स्प्रेस के और अब यह नया लीजिए, स्टेशन विकास शुल्क। भारतीय रेल्वे ने अपने कई रेल्वे स्टेशनोंका विकास / पूर्णविकास करना शुरू किया था। जिसमे हबीबगंज (रानी कमलापति स्टेशन ), गांधीनगर कैपिटल ऐसे विकसित स्टेशन है और भी कई स्टेशन का पूर्णविकास करने की रेलवे द्वारा घोषणा की गई है। यूँ तो यात्रीओंकी मानसिकता कई दिनों से तैयार कर ली गई थी, उक्त स्टेशनों पर जो भी विकास किया गया है उसके लिए यात्री को शुल्क चुकाना पड़ेगा, बस आज उसका दरपत्रक सामने आया है। हालांकि यह शुल्क निर्धारित स्टेशन पर लागू कब किए जा रहे इसका निर्धारण विकास करने वाली संस्था , संबंधित क्षेत्रीय रेल्वे को सूचित करने के बाद ही घोषित किया जाएगा।

विकसित / पुर्न विकसित स्टेशन विकास शुल्क का दरपत्रक :-

railduniya

नियमावली :-

स्टेशन विकास शुल्क प्रत्येक यात्री को लागू रहेगा जो निर्धारित सूचीबद्ध विकसित / पुर्नविकसित स्टेशनोंसे यात्रा शुरू करेगा या उन स्टेशनोंपर अपनी रेल यात्रा समाप्त करेगा। रेल्वे ने इसे SDF यह शॉर्ट नाम दिया है।

यात्रा समाप्त किए जाने वाले स्टेशन यदि SDF श्रेणी के रहे तो उपरोक्त शुल्क का आधा, 50% ही टिकट किराए मे जोड़ा जाएगा और यदि यात्रा शुरू करने का और समाप्ति का, दोनोंही स्टेशन SDF श्रेणी के रहे तो उपरोक्त शुल्क का डेढ़ गुना शुल्क लागू होगा।

SDF यह अतिरिक्त शुल्क है जिसपर GST भी लगाया जाएगा।

SDF शुल्क यह प्रत्येक यात्री को बिना किसी रियायत के लागू रहेगा, चाहे बालक का टिकट हो या रियायती टिकट हो। वॉरंट/वहाउचर से निकाले टिकट पर भी पूर्ण शुल्क देय होगा।

SDF शुल्क प्रीविलेज पास/ PTO/ ड्यूटी पास/ और फ्री कोंपलीमेट्री पास पर लागू नहीं रहेगा।

ब्रेक जर्नी या इस तरह के टिकट मे, अलग अलग श्रेणी या अलग अलग गाड़ियों से यात्रा करने पर जो भी SDF यदि लागू होता है तो टिकट मे जोड़ा जाएगा।

सरक्युलर जर्नी टिकट, विशेष फूल ट्रेन बुकिंग (FTR) के यात्रा मे यदि ऐसे स्टेशनोंका यात्री द्वारा उपयोग लिया जाता है तो दरपत्रक अनुसार जो भी SDF लागू है, प्रत्येक स्टेशन के लिए अलग से लगाया जाएगा।

यदि यात्रा के दौरान टिकट की श्रेणी बदली जाती है तो SDF का जो भी फरक हो, देय रहेगा।

वहीं यात्री को अपने यात्रा टिकट से निचली श्रेणी मे यात्रा करनी पड़ी तो टिकट धन वापसी के नियमों के अनुसार SDF शुल्क का फरक वापिस किया जायगा।

यदि यात्री अपनी यात्रा को आगे बढ़वाता है (जर्नी एक्सटेंशन) और उपरोक्त स्टेशन SDF श्रेणी योग्य है तो टिकट मे SDF शुल्क जोड़ा जाएगा।

टिकट रद्दीकरण नियमों के अनुसार टिकट रद्द किया जाता है तो, धनवापसी के समय यदि टिकट मे SDF शुल्क लिया गया है तो वह भी GST के साथ पुर्ण वापिस दिया जाएगा।

बिना SDF शुल्क वाले टिकट मे बोर्डिंग स्टेशन बदला जाए और बदला गया स्टेशन SDF शुल्क योग्य हो तो स्टेशन विकास शुल्क टिकट मे जोड़ा जाएगा।

बोर्डिंग स्टेशन के बदलाव मे जो भी बोर्डिंग स्टेशन रहेगा और उसके स्टेटस के अनुसार SDF निर्धारित किया जाएगा मसलन यदि टिकट लेते वक्त यात्रा शुरू करने का स्टेशन SDF श्रेणी का था और बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद उक्त स्टेशन को SDF लागू ना हो तो तदनुसार ही SDF शुल्क का निर्धारण होगा।

उक्त क्षेत्रीय रेल्वे का स्टेशन विकास यूनिट जब घोषित करेगा ( कमसे कम 120 दिन पहले चूंकि आरक्षण अवधि 120 दिन की है इसलिए ) की अब विकास शुल्क लागू किया जा सकता है तभी क्षेत्रीय रेल्वे उस विकसित / पुर्नविकसित स्टेशन के लिए SDF शुल्क लागू करेगा। यदि यह घोषित अवधि 120 दिनोंसे कम की हुई तो पहले निकाले गए आरक्षित टिकटों पर SDF शुल्क वसूल नहीं किया जाएगा।

परिपत्रक मे बाकी मदें कार्यालयीन सूचनाओं के लिए है।

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