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मध्य रेल के मुम्बई मण्डल में छह स्टेशनोंका प्लेटफार्म टिकट दर आजसे 23 मई तक पांच गुना बढाया गया

मध्य रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी, ट्वीट किए गए परिपत्रक में कहते है, मध्य रेल के मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, दादर, ठाणे, पनवेल,कल्याण एवं लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशनोंके प्लेटफार्म टिकटोंके दर ₹10/- से बढ़ाकर ₹50/- कर दिए गए है। यह अस्थायी बढोतरी आज दिनांक 09 से 23 मई याने पन्द्रह दिनोंके लिए की गई है।

दरअसल परिपत्रक दो पृष्ठ का और तमाम कलम और क़ानूनोवाला हे, मगर मुख्य बात हम यहांपर आपके लिए दे रहे है,

मध्य रेल प्रशासन का यह मानना है, प्लेटफॉर्म्स टिकटोंकी बिक्री बढ़ी है, रेल प्लेटफॉर्म्स पर यात्रिओंको छोड़ने अन्य लोग जिन्हें रेल यात्रा नही करनी है, बहुतायत में आ रहे है और स्टेशनोंपर भीड़ बढ़ा रहे है। दूसरी बात इससे जोड़ी गयी वह है, गाड़ी की चेन पुलिंग, याने यात्री को कोई असुविधा हो तो वह अपनी यात्रा के दौरान अलार्म चेन खींच कर गाड़ी को रोक सकता है। यह देखा गया है, की इस अलार्म चेन को खींचकर गाड़ी रोके जाने की सुरक्षात्मक सुविधा को यात्री या असामाजिक तत्व दुरुपयोग कर रहे है। अतः स्टेशनपर भीड़ कम हो, बिनावजह लोग स्टेशनपर न आये, आने के लिए हतोत्साहित हो इस लिए यह प्लेटफार्म टिकटोंके दर बढाने का रेल प्रशासन का निर्णय आया है।

प्लेटफार्म टिकट की बिक्री बढ़ने की तस्वीर का एक अलग पहलू हम आपके सामने लाते है। जितने भी स्टेशनोंके प्लेटफार्म टिकट दर बढाये गए है, यह मध्य रेल मुम्बई क्षेत्र के प्रमुख स्टेशन्स है जहाँसे भारत के उत्तरी, पूर्वी भागोंमें हर रोज बहुत सारी गाड़ियाँ चलती है। फ़िलहाल द्वितीय श्रेणी टिकट बन्द है, आरक्षित टिकटें मिल नही रही तो बड़ी आसानी से समझा जा सकता है, की जिस यात्री को रेल यात्रा करनी है और उसके पास टिकट नही है तो वह किस तरह स्टेशन के दायरे में प्रवेश कर रहा है? और तय है, की मई आखिर तक यह भीड़ छँटते चली जानी है, क्योंकि इसके बाद रिवर्स, वापसी यात्राएँ चल पड़ेंगी।

रेल प्रशासन के इस निर्णय में कोई संदेह नही, की अनावश्यक यात्री भीड़ प्लेटफार्म से कम हो जाएगी, असलियत में जिन्हें रेल यात्रा न करनी हो वह प्लेटफॉर्म्स पर नही आएंगे मगर उनका क्या जो बिनाटिकट रेल यात्रा करने के लिए मजबूर है? क्या रेल प्रशासन सिर्फ प्लेटफॉर्म्स की भीड़ देख रहा है और उन्हीको काबू करने का प्रयत्न कर रहा है? क्या उन्हें उन गाड़ियोंके आरक्षित द्वितीय श्रेणी और स्लीपर कोचों में क्षमता से दुगुने भरे यात्री बिल्कुल ही दिखाई नही देते? मान्यवर, प्लेटफार्म टिकटोंकी कीमतें अतिरिक्त रूपमे बढाने के साथ साथ कुछ अतिरिक्त गाड़ियाँ चलवा देने का विचार करते तो यात्री आपको दिल से दुवा देते।

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