आजकल बहोत सारी नई रेल गाड़ियाँ पेश की जा रही है। उनमे से कई गाड़ियाँ हमसफ़र एक्सप्रेस है।
पहले हम इन हमसफ़र गाड़ियोंकी जानकारी आपको दे देते है। यह पूरी गाड़ी एसी थ्री टियर कोचेस वाली होती है और डिब्बे अत्याधुनिक होते है। led लाईट्स, टॉयलेट ऑक्यूपनसी इंडिकेटर, सभी यात्रियों के लिए व्यक्तिगत मोबाईल चार्जिंग पॉइंट, बेहतरीन नर्मदार कुशन की शायिकाए आदि।
अब चलते है अपनी बात पर, भाई ऐसा क्या खास है जो आप इतना प्रीमियम एक्स्ट्रा चार्ज कर रहे हो? कितना एक्स्ट्रा? डेढ़ गुना? हम उदाहरण के लिए नागपुर पुणे की यात्रा लेते है। सादे याने हमेशा वाले एसी 3 टियर का, एक्सप्रेस का किराया है ₹1170/-, सुपरफ़ास्ट का किराया जाता है ₹.1215/- तो रियायती गरीब रथ जो भी पूरी थ्री टियर वातानुकूलित गाड़ी होती है, उसका किराया है, ₹ 805/- अब तत्काल चार्ज जोड़ेंगे तो 30 से 35 % ज्यादा याने 350 से 400 रुपए ज्यादा, तो भी करीबन 1500 से 1550 रुपये ही होंगे। लेकिन भाईसाहब, हमसफ़र में किराया लगता है ₹.2115/- सीधे ड़ेढ गुना ज्यादा। यात्रा के दौरान खाना, चाय पानी, नाश्ता देने वाली दुरन्तो का भी चार्ज 1900 रुपये जाता है फिर हमसफ़र में तो खाना पीना कुछ भी सम्मिलित नही है।
अब ऑक्यूपंसी याने बुकिंग की बात करते है तो आधीसे ज्यादा बुकिंग खाली जाती है। जब आपकी गाड़ियाँ आधी खाली चले और वह भी जिसे प्रीमियम ट्रेन माना जाता है तो कहीं न कही आपको मानना पड़ेगा की गड़बड़ कहाँ है।
रेल प्रशासन को यदि हमसफ़र गाड़ियों में अच्छी बुकिंग देखनी है तो उसके किराए पर ध्यान देना होगा। भलेही उन्हें तत्काल किराए में चलाया जाए तो भी अच्छी खासी बुकिंग मिल जाएगी, लेकिन ड़ेढ़ गुना किराए में तो राम ही मालिक है।
