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मध्य और पश्चिम रेलवे की होली के अवसर पर विशेष गाड़िया।

मध्य रेलवे प्रशासन की तरफ होली के अवसर पर अतिरिक्त यात्री की भीड़ भाड को कम करने के लिए विशेष गाड़िया चलाने का निर्णय लिया गया है। वह निम्न प्रकार से है।
1) लोकमान्य तिलक टर्मिनस – पटना विशेष गाड़ी ( 02 फेरी )
गाड़ी क्रमांक – 02041 डाउन लोकमान्य तिलक टर्मिनस – पटना विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर गुरुवार दिनांक – 05.03.2020 और दिनांक 12.03.2020 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुबह 05.10 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन सुबह 11.20 बजे पटना पहुचेंगी .
गाड़ी क्रमांक – 01104 अप पटना – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर शुक्रवार को पटना से दिनांक – 06.03.2020 और दिनांक 13.03.2020 को 21.00 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन सुबह 04.10 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुचेंगी .
ठहराव
ठाणे , कल्याण , इगतपुरी , नासिक , भुसावल , हरदा , इटारसी , पिपरिया , गाडरवारा , नरसिंगपुर , मदनमहल , जबलपुर , कटनी , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी , पंडित दिन दयाल उपाध्याय जंक्शन , बक्सर , आरा यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी .
2) लोकमान्य तिलक टर्मिनस – वाराणसी विशेष गाड़ी ( 02 फेरी )

गाड़ी क्रमांक – 01117 डाउन लोकमान्य तिलक टर्मिनस – वाराणसी विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर रविवार दिनांक – 08.03.2020 और दिनांक -15.03.2020 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस 23.05 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन सुबह 06.15 बजे वाराणसी पहुचेंगी।
गाड़ी क्रमांक – 02048 अप वाराणसी – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर मंगलवार दिनांक – 10.03.2020 और दिनांक -17.03.2020 को वाराणसी से सुबह 08.00 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन सुबह 08.20 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुचेंगी .
ठहराव
ठाणे , कल्याण , इगतपुरी , नासिक , भुसावल , खंडवा , हरदा , इटारसी , पिपरिया , गाडरवारा , नरसिंगपुर , मदनमहल , जबलपुर , कटनी , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी .
3) लोकमान्य तिलक टर्मिनस – मऊ विशेष गाड़ी ( 2 फेरी )

गाड़ी क्रमांक – 02043 डाउन लोकमान्य तिलक टर्मिनस – मऊ विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर शनिवार को दिनांक – 07.03.2020 और दिनांक -14.03.2020 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुबह 05.10 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन सुबह 09.50 बजे मऊ पहुचनेगी .
गाड़ी क्रमांक – 01120 अप मऊ – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर रविवार को दिनांक – 08.03.2020 और दिनांक -15.03.2020 को मऊ से 19.25 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुबह 05.00 बजे पहुचनेगी .
ठहराव
ठाणे , कल्याण , इगतपुरी , नासिक , भुसावल , खंडवा , हरदा , इटारसी , होशंगाबाद , भोपाल , विदिशा , बिना , सागर , दमोह , कटनी मुरवारा , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी , वाराणसी , यह जगह रुकेगी
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी

4) पुणे – दानापुर विशेष गाड़ी ( 02 फेरी )
गाड़ी क्रमांक – 01123 डाउन पुणे – दानापुर विशेष गाड़ी यह गाड़ी हर रविवार को पुणे से दिनांक – 08.03.2020 और दिनांक -15.03.2020 को पुणे से 16.15 बजे प्रस्थान करके तीसरे दिन रात 01.30 बजे दानापुर पहुचनेगी .
गाड़ी क्रमांक – 01124 अप दानापुर – पुणे विशेष गाड़ी बुधवार और मंगलवार दिनांक – 11.03.2020 और दिनांक – 17.03.2020 को दानापुर से सुबह 06.30 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन 15.40 बजे पुणे को पहुचनेगी .
ठहराव
अहमदनगर , बेलापुर , कोपरगाँव , मनमाड , भुसावल , खंडवा , हरदा , इटारसी , पिपरिया , गाडरवारा , नरसिंगपुर , मदनमहल , जबलपुर , कटनी , मैहर , सतना , मानिकपुर , अलाहबाद छोइकी , पंडित दिन दयाल उपाध्याय जंक्शन , बक्सर , आरा यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 3 वातानुकूलित 3 टियर , 14 कोच स्लीपर क्लास , 3 बोगी साधारण श्रेणी .
5) पुणे – बल्लारशाह विशेष गाड़ी ( 05 फेरी )
गाड़ी क्रमांक – 02049 डाउन पुणे – बल्लारशाह विशेष गाड़ी यह गाड़ी दिनांक – 03.03.2020 से दिनांक – 31.03.2020 तक हर मंगलवार को पुणे से 17.30 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन 14.25 बजे बल्लारशाह पहुचेंगी।

गाड़ी क्रमांक – 01480 अप बल्लारशाह – पुणे विशेष गाड़ी यह गाड़ी दिनांक –04.03.2020 से दिनांक – 01.04.2020 तक हर बुधवार को बल्लारशाह से 18.15 बजे प्रस्थान करके दुसरे दिन 17.00 बजे पुणे स्टेशन पहुचेंगी .
ठहराव
लोनावाला , कल्याण , वसई रोड , पालघर , वापी , नवसारी , भेट , चलथान , नंदुरबार , अमलनेर , धरनगांव , जलगाँव , भुसावल , मलकापुर , शेगांव , अकोला , बडनेरा , धमनगाँव , वर्धा , हिगनघाट , चंद्रपुर यह जगह रुकेगी .
सरंचना
1 वातानुकूलित 2 टियर , 5 वातानुकूलित 3 टियर , 8 कोच स्लीपर क्लास , 4 बोगी साधारण श्रेणी।

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भारतीय रेल प्रबंधन :- ऐसा सब कुछ जो हर भारतीय को जानना चाहिए।

भारतीय रेलवे के प्रबंधन के बारे में कुछ भौतिक तथ्य,
जो सभी भारतीयों को ज्ञात होने चाहिए !
क्योंकि रेलवे भारत सरकार व विश्व का सबसे बड़ा उपक्रम है ॥

(०1.) इंजीनियरिंग विभाग :—

रेल चलाने के लिये सबसे पहले रेलवे लाइन डालनी होती है। यह काम रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग करता है। इस विभाग में तीन विंग हैं 1) पी वे (Permanent Way) इसका काम है रेल लाइन विछाना एवं उसका अनुरक्षण करना। 2) भवन निर्माण(works) इस विंग का काम है रेलवे के आफिस एवं कर्मचारियों के लिये क्वार्टर बनाना एवं उनका अनुरक्षण करना। 3) पुल (Bridge) रेल लाइन पर पड़ने वाली छोटी बड़ी सभी नदियों पर पुल बनाना एवं उसका अनुरक्षण करना।

(०2,) मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग :—

इस विभाग का काम है सवारी गाड़ी एवं मालगाड़ियों के डिब्बे बनाना एवं उनका अनुरक्षण करना। डीजल इंजन बनाना एवं उनका अनुरक्षण भी इसी विभाग का काम है। बिजली के एंजिन आने से इस विभाग का काम थोड़ा कम हुआ है क्योंकि यह काम बिजली विभाग में चला गया। ट्रेन एक्सीडेंट के समय जो एक्सीडेंट रिलीफ वैन ट्रेन आती है, वह इसी विभाग का काम है। इस काम के लिए बड़ी बड़ी क्रेनें और टूल्स एण्ड प्लांट खरीदे जाते हैं, जो कि स्टोर विभाग खरीदता है। उसके बारे में हम आगे बात करेंगे।

(०3.) इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग विभाग:—

इस विभाग में चार विंग होते हैं।
(1) इलैक्ट्रीकल (जनरल):- इसमें आफिस एवं क्वार्टर की सामान्य बिजली व्यवस्था करना और उसका अनुरक्षण करना होता है।
(2) इलैक्ट्रीकल (टी आर डी) – इस विंग का काम रेलवे ट्रेन को बिजली के एंजिन से चलाने के लिए ट्रैक्शन उपरिउपस्कर का निर्माण एवं उसका अनुरक्षण करना होता है।
(3) इलैक्ट्रीकल (टी आर एस) – इस विंग का काम होता है बिजली के एंजिनों का अनुरक्षण और ई एम यू (EMU) ट्रेन के रैकों का अनुरक्षण।
(4) इलैक्ट्रीकल (परिचालन) – इस विंग का काम होता है बिजली के ट्रेन के एंजिनों एवं लोको पायलटों को ट्रेनों के लिए उपलब्ध कराना और बिजली की ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित करना।

(०4.) सिगनल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग :-

ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए सिगनल और कम्युनिकेशन व्यवस्था चाहिए। यह काम इस विभाग के जिम्मे होता है। इस कार्य में भी दो विंग हैं।
(1) सिगनल – नये स्टेशनों पर सिगनल प्रणाली लगाना, पुराने स्टेशनों की पुरानी सिगनल प्रणाली का अपग्रेडेशन करना एवं उसका अनुरक्षण करना।
(2) टैलीकम्यूनिकेशन – इस विंग का काम रेलवे की अपनी संचार व्यवस्था का निर्माण करना और उसका अनुरक्षण करना। रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम के उपकरणों कम्प्यूटर, मानीटर वगैरह, इलोक्ट्रौनिक ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड को लगाना एवं उनका अनुरक्षण करना।

(०5.) परिचालन विभाग:—

इस विभाग का काम है सभी तरह की ट्रेनों का परिचालन करने की व्यवस्था करना। सभी जंक्शन स्टेशनों और रोड साइड स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर, पाइंट्स मैन आदि पोस्ट करना।

(०6.) वाणिज्य विभाग :—

इस विभाग का काम है रेलवे की समस्त वाणिज्यिक व्यवस्था की देख रेख करना जैसे – साधारण टिकट बुकिंग, आरक्षित टिकटों की बुकिंग, माल बुकिंग, पार्सल बुकिंग, रेलवे खान पान व्यवस्था आदि आदि।

(०7.) कार्मिक विभाग :—

जब इतने विभाग हैं तो उनमें कर्मचारी भी होंगे।
उन कर्मचारियों को भरती करने की प्रक्रिया आर आर बी के द्वारा करना। उनकी पोस्टिंग, ट्रांसफर, वेतन भत्तों की व्यवस्था करना इसी विभाग का काम है।

(०8.) लेखा विभाग :—

रेलवे के हर विभाग के आय व्यय की देखभाल करना इसी विभाग का काम है। यह देखना कि हर विभाग अपने बजट के अन्दर ही काम करे। कर्मचारियों के वेतन को पास करके उनके बैंक खातों में भिजवाना, ठेकेदारों के बिल पेमेण्ट करना भी इसी विभाग का काम है।

(०9.) स्टोर विभाग :—

रेलवे के सभी विभागों के लिए उनके द्वारा भेजे गये माँगपत्रों के अनुसार सामग्री खरीदना टेन्डर प्रक्रिया द्वारा। यह भी बहुत बड़ा काम है। कुछ बड़े और ज्यादा मंहगे सामानों की खरीद रेलवे बोर्ड करता है। छोटी खरीदें हर विभाग के डिविजनल प्रमुख अधिकारी भी करते हैं। इस सबके लिए ‘सैड्यूल आफ पावर’ किताब है, उस हिसाब से सब अपनी अपनी क्षमता के अनुसार सामग्री खरीदते हैं।

(10.) मेडीकल विभाग :—

रेलवे के अपने अस्पताल और डाक्टर होते हैं। रेलवे अपने कर्मचारियों का खुद इलाज करती है और समय समय पर कार्यरत कर्मचारियों की विभागीय मेडीकल परीक्षण भी होता है।

  1. सुरक्षा विभाग (RPF) – रेलवे की सम्पत्ति की देखभाल और रक्षा करना इस विभाग का कार्य है। चलती गाड़ी में भी RPF स्टाफ चलता है। रेलवे यात्रियों के साथ हुई वारदातों (क्राइम) के लिए राज्य सरकार से रेलवे की ड्यूटी हेतू पुलिस ली जाती है, जिसे GRP – Government Railway Police कहते हैं।

इन 11 विभागों से रेलवे का संचालन होता है। और इसके प्रबंधन के लिए हर विभाग में एक डिवीजनल प्रबंधक या इंजीनियर होता है। उसको सहायता करने के लिए 4–6 और सहायक अधिकारी होते हैं। इन सारे विभागों को एक अधिकारी कमाण्ड करता है उसे मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कहते हैं। मंडल में एक या दो ADRM भी होते हैं जो DRM की सहायता करते हैं।

यह तो हुई रेलवे के एक मंडल (डिवीजन) की प्रबंधन व्यवस्था। रेलवे में इस प्रकार के 73 डिविजन हैं।
इन डिवीजनों को भूगोलीय स्थिति के हिसाब से 17 जोन्स (क्षेत्र) में बाँटा गया है।
एक जोन में 3 से 6 तक डिवीजन होते हैं।

रेलवे के हर एक जोन का सबसे बड़ा अधिकारी महाप्रबंधक (General Manager) होता है। महाप्रबंधक को 11 विभागों के विभाग प्रमुख सहायता करते हैं। जोनल आफिस का काम अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले हर डिवीजन की देखभाल करना है। प्रत्येक DRM अपने GM को रिपोर्ट करता है। GM आफिस के अधिकारियों के अधिकार ज्यादा होते हैं।

प्रत्येक GM आफिस रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट करता है। रेलवे बोर्ड नई दिल्ली में स्थित रेलवे का सबसे बड़ा आफिस है। रेलवे बोर्ड में सबसे बड़ा अधिकारी चेयरमैन रेलवे बोर्ड होता है। उसके अन्डर में 5 मेम्बर रेलवे बोर्ड होते हैं। एक फायनेनसियल कमिश्नर होता है। इन सबको सहायता करने के लिए हर विभाग के कई लेवल के कई अधिकारी होते हैं। क्लैरीकल स्टाफ होता है। CRB भारत सरकार के रेल मंत्री को रिपोर्ट करता है।

इसके अलावा पूरे भारत भर में कई प्रोडक्शन यूनिट हैं, जिनमें से कुछ मुख्य के नाम में नीचे लिख जा रहा है ।

1) इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ICF- पेरम्बूर चेन्नई में।
यहाँ सवारी डिब्बे बनते हैं।

2) रेल कोच फैक्ट्री RCF- कपूरथला में।
यहाँ भी सवारी डिब्बे ही बनते हैं।

3) मॉडर्न कोच फैक्ट्री MCF- रायबरेली
यहाँ भी सवारी डिब्बे बनते है।
4) डीजल लोकोमोटिव वर्कशॉप DLW – वाराणसी
पहले डीजल और अब विद्युत इंजन बनते हैं ।

5) चितरंजन इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव वर्कशाप CLW – चितरंजन।

6) वहील एण्ड प्लाण्ट वर्कशॉप RWF – बैंगलोर।

7) स्प्रिंग फैक्ट्री – सिथोली, ग्वालियर।

8) डीजल इंजन कम्पोनेंट वर्कशॉप DMW- पटियाला।

इसके अलावा हर जोन के पास अपने रिपेयरिंग वर्कशॉप होते हैं। जोनल ट्रेनिंग सेन्टर होते हैं, जहाँ स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाती है। अधिकारियों के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट अलग है। अधिकारियों के लिए वडोदरा में रेलवे स्टाफ कालेज है। लखनऊ में RDSO – रिसर्च डिजाइन एवं स्टैण्डर्ड आर्गेनाइजेशन है।
अभी पिछले कुछ वर्षों में मधेपुरा (बिहार) में भी वर्कशॉप खुले हैं।

रेलवे एक बहुत बड़ा संगठन है उसके प्रबंधन के लिए अपने अल्प ज्ञान से ऊपर जो कुछ भी लिखा गया है, वह बहुत कम है। हर विभाग के ऊपर एक नहीं, कई-कई किताबें लिखी जा सकती हैं। लेकिन एक आम भारतीय को इतना समझ लेना भी काफी है।

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Cancellation of trains to and from Trivendram due to rail block at FARIDABAD

Due to non-interlocked work programme at Faridabad railway station in Mathura – Hazrat Nizamuddin section of Northern Railway, trains will be cancelled / diverted / rescheduled as detailed.


A. Full Cancellation of Train Services

  1. Train No.12625 Thiruvananthapuram Central – New Delhi Kerala Express, scheduled to leave Thiruvananthapuram Central on 23, 24 & 25 February, 2020, will be fully cancelled.
  2. Train No.12626 New Delhi – Thiruvananthapuram Central Kerala Express, scheduled to leave New Delhi on 26, 27 & 28 February, 2020, will be fully cancelled.
  3. Train No.12617 Ernakulam Jn. – Hazrat Nizamuddin Mangala Lakshadweep Express, scheduled to leave Ernakulam Jn. on 23, 24 & 25 February, 2020, will be fully cancelled.
  4. Train No.12618 Hazrat Nizamuddin – Ernakulam Jn. Mangala Lakshadweep Express, scheduled to leave Hazrat Nizamuddin on 26, 27 & 28 February, 2020, will be fully cancelled.
  5. Tr. No.12218 Chandigarh – Kochuveli Kerala Sampark Kranti Exp. scheduled to leave Chandigarh on 26.02.2020, will be fully cancelled
  6. Tr. No.12217 Kochuveli – Chandigarh Kerala Sampark Kranti Exp. scheduled to leave Kochuveli on 29.02.2020 will be fully cancelled
  7. Train No.22659 Kochuveli – Dehradun Express, scheduled to leave Kochuveli on 28.02.2020, will be fully cancelled.
  8. Train No.22660 Dehradun – Kochuveli Express, scheduled to leave Dehradun on 02.03.2020, will be fully cancelled.

B. Diversion of Train Services

  1. Train No.12625 Thiruvananthapuram Central – New Delhi Kerala Express, scheduled to leave Thiruvananthapuram Central on 28.02.2020, will be diverted to run via Agra Cantonment, Mitawali, Khurja Jn. and Ghaziabad railway stations.
  1. Train No.12626 New Delhi – Thiruvananthapuram Central Kerala Express, scheduled to leave New Delhi on 29.02.2020 & 01.03.2020, will be diverted to run via Ghaziabad, Chipyana Buzurg, Khurja Jn., Mitawali and Agra Cantonment railway stations.

C. Rescheduling of Train Services

  1. Tr. No.12431 Thiruvananthapuram – Hazrat Nizamuddin Rajdhani Exp., scheduled to leave Thiruvananthapuram at 19.15 hrs. on 27.02.2020, will be rescheduled to leave Thiruvananthapuram Central at 21.15 hrs. (late by 2 hrs.) on 27.02.2020
  2. Train No.12431 Thiruvananthapuram Central – Hazrat Nizamuddin Rajdhani Express, scheduled to leave Thiruvananthapuram Central at 19.15 hrs. on 28.02.2020, will be rescheduled to leave Thiruvananthapuram Central at 22.45 hrs. (late by 3 hours and 30 minutes) on 28.02.2020.
  3. Train No.12432 Hazrat Nizamuddin – Thiruvananthapuram Central Rajdhani Express, scheduled to leave Hazrat Nizamuddin at 10.55 hrs. on 01.03.2020, will be rescheduled to leave Hazrat Nizamuddin at 15.10 hrs. (late by 4 hours and 15 minutes) on 01.03.2020.
  4. Train No.12484 Amritsar – Kochuveli Express, scheduled to leave Amritsar at 05.55 hrs. on 01.03.2020, will be rescheduled to leave Amritsar at 07.55 hrs. (late by 2 hours) on 01.03.2020.
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अकोला – पूर्णा मीनाक्षी रेल मार्ग का विद्युतीकरण ज़ोरोंसे शुरू।

दक्षिण मध्य रेलवे के नान्देड डिवीजन में अकोला – पूर्णा प्रमुख रेल मार्ग में आता है। 207 किलोमीटर और सिंगल लाइन वर्किंग वाले इस मार्ग का दोहरीकरण और विद्युतीकरण दोनोंही काम द.म. रेलवे के प्रमुख कार्य लिस्ट में है।

अकोला पूर्णा के बीच 6 सकरी गाड़ियाँ, आने जाने वाली रोजाना चलती है, इसके अलावा 28 एक्सप्रेस / सुपरफास्ट गाड़ियाँ और 3,4 स्पेशल गाड़ियाँ इस मार्ग पर चलती है। किसी जमाने मे यह मार्ग मीटर गेज छोटी लाइन और दक्षिण के हैदराबाद से महाराष्ट्र के पूर्णा, अकोला, आकोट मध्यप्रदेश के खण्डवा, इंदौर, रतलाम राजस्थान के भीलवाड़ा, चित्तौड़, अजमेर, जयपुर को जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग हुवा करता था। हैदराबाद के काचेगुड़ा स्टेशन से जयपुर के लिए मिनाक्षी एक्सप्रेस चला करती थी जो यात्रिओंकी बेहद पसंदीदा गाड़ी हुवा करती थी।

पूर्व रेल मंत्री सी. के. जाफ़र शरीफ के कार्यकाल में यूनिगेज नामक देशभर में एकही गेज, ब्रॉड गेज करने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हुवा और इस मार्ग की पटरियाँ उखड़नी शुरू हुई। अलग अलग सेक्शन बनाकर काम शुरू हुवा। काचेगुड़ा से मुदखेड़, मुदखेड़ से पूर्णा, पूर्णा से अकोला ऐसे लाईनें ब्रॉड गेज होती गयी और इस गेज कन्वर्शन में मीनाक्षी एक्सप्रेस कहीं खो गयी। हालांकी इन दोनों स्टेशनोंको जोड़ने वाली हैदराबाद जयपुर एक्सप्रेस दो अलग मार्गोंसे सप्ताह में दो दिन हैदराबाद – नान्देड – अकोला – भुसावल बाईपास – खण्डवा – इटारसी – भोपाल – उज्जैन – रतलाम – चित्तौड़गढ़ – अजमेर – जयपुर तो दूसरी सप्ताह में एक दिन हैदराबाद – नान्देड – परभणी – औरंगाबाद – मनमाड़ – भुसावल – खण्डवा होते हुए चलाई जाती है।

दोनों ओरसे याने जयपुर और काचेगुड़ा से गेज कन्वर्शन शुरू किया गया था। आज की यह स्थिति है, जयपुर – अजमेर – चित्तौड़गढ़ – रतलाम – इन्दौर – महू यह मार्ग बड़ी लाइन में बदल चुका है और कई एक्सप्रेस / सुपरफास्ट गाड़ियाँ चल रही है। महू – खण्डवा – आकोट यह सेक्शन वन क्षेत्र, पहाड़ी जमीन के चलते गेज कन्वर्शन का कार्य रुक रुक कर चल रहा है तो आकोट – अकोला लगभग पूर्णत्व के मार्ग पर है, आशा है अप्रेल मई में शुरू हो जाएगा। आगे अकोला – पूर्णा – नान्देड – निजामाबाद – काचेगुड़ा बड़ी लाइन है और अब उन्नति की ओर करवट बदल रही है। बीच के छोटे छोटे सेक्शनपर दोहरीकरण और अकोला से पूर्णा का विद्युतीकरण किया जा रहा है। रेल प्रशासन का आग्रह है की देशभर के सभी रेल मार्ग का विद्युतीकरण वर्ष 2023 तक पूरा हो जाना चाहिए। अतः इस मार्ग पर निर्धारित समय मे यात्रिओंको अपनी पुरानी मीनाक्षी एक्सप्रेस जरूर दौड़ती नज़र आनेवाली है।