Uncategorised

द प रेल SWR की वास्को जसीडीह वास्को वाया मडगाँव, हुब्बाली, बल्लारी, सिकन्दराबाद, बल्हारशाह, गोंदिया, राउरकेला, राँची, धनबाद

वास्को जसीडीह के बीच साप्ताहिक विशेष गाड़ी घोषित की गई है। हालांकि यह गाड़ी नियमित रूप से चलाने की बात तय है, मगर फिलहाल इसे केवल 13 फेरोंके लिए चलाया जाएगा।

06397 वास्को जसीडीह साप्ताहिक विशेष दिनांक 05 नवम्बर से प्रत्येक शुक्रवार को वास्को से सुबह 5:15 को निकलेगी और रविवार को सुबह 7:00 बजे जसीडीह को पहुंचा देगी। वापसीमे 06398 जसीडीह वास्को साप्ताहिक विशेष दिनांक 08 नवम्बर से प्रत्येक सोमवार को दोपहर 13:10 को अपनी यात्रा शुरू करेगी और बुधवार को दोपहर 14:40 को वास्को पहुंच जाएगी।

गाड़ीमे 1 वातानुकूलित 2 टियर, 2 वातानुकूलित 3 टियर, 11 स्लिपर, 5 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच रहेंगे। गाड़ी MSPC मेल/एक्सप्रेस पूर्णतयः आरक्षित आसन व्यवस्था से चलाई जाएगी। समयसारणी निम्नलिखित है।

Uncategorised

द प रेल SWR की दो प्रतिदिन विशेष गाड़ियाँ पहले नवम्बर से चल पड़ेगी

विजयपुरा से मंगालुरु जंक्शन और विजयपुरा से हुब्बाली के बीच यह दो प्रतिदिन चलने वाली गाड़ियाँ 01 नवम्बर से शुरू करने का परिपत्र आया है।

1: 01789 विजयपुरा मंगालुरु जंक्शन विशेष दिनांक 01 नवम्बर से प्रतिदिन चलना शुरू करेगी। वापसीमे 01790 मंगालुरु जंक्शन विजयपुरा विशेष दिनांक 02 नवम्बर से प्रतिदिन चला करेंगी। उक्त गाड़ीमे 5 द्वितीय श्रेणी, 6 स्लिपर, 1 वातानुकूलित थ्री टियर और 2 एसएलआर कोच रहेंगे। समयसारणी निम्नलिखित रहेगी।

2: 01791 हुब्बाली विजयपुरा अनारक्षित प्रतिदिन विशेष दिनांक 01 नवम्बर से और 01792 विजयपुरा हुब्बाली अनारक्षित प्रतिदिन विशेष दिनांक 03 नवम्बर से चलना शुरू करेगी। यह गाड़ी भी विजयपुरा मंगालुरु विशेष के रैक से ही चलने वाली है, सिर्फ अनारक्षित होने की वजह से इसका वातानुकूलित थ्री टियर कोच यात्रा के दौरान बन्द किया हुवा रहेगा। दोनोंही विशेष गाड़ियोंमे मेल/एक्सप्रेस की किराया तालिका लागू रहेगी।

Uncategorised

रेल प्रशासन चलाएगा वातानुकूल इकोनोमी कोच से बनी पूरी गाड़ी

एक खबर सोशल मीडिया मे आई है, की रेल प्रशासन अब नवनिर्मित वातानुकूल थ्री टियर इकोनोमी कोच वाली पूरी गाड़ी ही शुरू करने का नियोजन कर रहा है। दरअसल अब तक यूँ हो रहा था की हर एक गाड़ी मे एक, दो कोच जोड़े जा रहे थे और यात्रीओं मे इन डिब्बों मे यात्रा करने की बड़ी ही उत्सुकता रहती है। रेल प्रशासन, अब इसी उत्सुकता को ‘फूल रैक’ की ट्रेन चलवाकर कैश करने का प्रयत्न करने जा रही है।

यह तो हो गई जानकारी वाली बात, मगर सोशल मीडिया बड़ा ही नटखट और चुलबुला रहता है। अभी तो इस गाड़ी के नियोजन की खबरें ही चल रही है पर सोशल मीडिया में एक अलग ही चर्चा ने जोर पकड़ लिया। भारतीय रेल्वे अपने क्षेत्र मे कई सम्पूर्ण वातानुकूलित गाडियाँ चलाता है। राजधानी, वन्दे भारत, शताब्दी, गतिमान, हमसफ़र, गरीबरथ, कुछ वातानुकूलित दुरांतों ऐसी पूर्ण वातानुकूलित गाड़िया है। जिसमे भी केवल राजधानी, हमसफ़र गाडियों मे ही शयिका रहती है। वन्दे भारत, शताब्दी, गतिमान मे तो केवल बैठक व्यवस्था ही है और कुछ दुरांतों और गरीब रथ मिक्स्ड याने द्वितीय श्रेणी स्लीपर, द्वितीय श्रेणी और गरीब रथ ने सीटींग आदि श्रेणियाँ रहती है। यदि वातानुकूलित थ्री टियर इकोनोमी कोच की यह गाड़ी चली तो यह हमसफ़र की तरह पूर्णतय: वातानुकूलित 3 टियर स्लीपर डिब्बों से युक्त रहेगी और फिर इसका नाम क्या रखा जाएगा? सोशल मीडिया इसमें जुट गया है।

अब सोशल मीडिया मे कोई इसे गरीब रथ की तर्ज पर “निर्धन रथ ” कह रहा है तो कोई ” दिन दयालु सफर” कह रहा है। अलग अलग विचार आ रहे है। चूंकि इन वातानुकूल थ्री टियर इकोनोमी कोच मे नियमित वातानुकूल थ्री टियर श्रेणी से 8% कम किराया लगता है और इसी वजह से रेल प्रशासन ने इस डिब्बे को वातानुकूल इकोनोमी यह नाम दिया है। यह जो नाम निकल कर आ रहे है, यह उसी इकोनोमी नाम पर तंज कसे जा रहे है। क्योंकी जो यात्री वातानुकूल कोच मे पूरा किराया देकर यात्रा कर सकता है उसके लिए 8% किराया कम होना यह कोई आकर्षित करने वाली बात नहीं है। वहीं गरीब रथ के किरायों से यह किराये बहुत ज्यादा है तो गरीब रथ के किराये से आकर्षित हुए यात्री भी इस श्रेणी मे यात्रा करने के लिए आकर्षित नहीं हो पाएंगे।

खैर, यात्रीओंको आकर्षित करने का कोई उद्देश्य भी रेल प्रशासन के सामने नहीं होगा उन्हे तो शायद सभी लंबी दूरी की गाड़ियों मे सारे गैर वातानुकूलित कोचेस को हटाकर सम्पूर्ण वातानुकूलित गाड़ी चलवाना यह भविष्य की संकल्पना हो सकती है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। देखिए, रेल गाड़ियों की गति अब 130 kmph हो चली है और आगे 150/180 की भी चालन क्षमता को जोखा जा रहा है। ऐसे मे गाड़ी का सम्पूर्ण वातानुकूलित होना अति आवश्यक हो जाता है, ताकि रेल गाड़ी की गति मे हवा का अवरोध कम रहे।

फिलहाल तो बाते नियोजन की ही हो रही है मगर जल्द ही यह गाड़ी पटरी पर आने की संभावना भी है। जिस तरह सोशल मीडिया मे गाड़ी के नाम पर चर्चा चल रही है, आपके भी जहन मे कोई न कोई नाम उभर कर आया होगा, आप उसे हमारे साथ जरूर शेयर कर सकते है। वैसे हमने इस गाड़ी का नाम ” संचयनी ” सोचा है। संचयनी याने बचत। बचत समय की और थोड़ी सी पैसों की भी। क्या कहते हो!

Uncategorised

क्या आईआरसीटीसी को क्रिस और रेल टेल सौंप देना आम रेल यात्रिओं के हित मे रहेगा?

हाय! यह कैसा सवाल है? और इसका जवाब यहाँ क्या मायने रखता है? मित्रों, यह बात, यह सवाल यहाँपर सचमे बेमानी है। क्योंकी यह बातें बहुत ऊपरी स्तर की है और बड़े अर्थविदों एवं प्रशासन के बीच के निर्णय की है। हाल ही में रेलवे के अलग अलग संस्थाओं को एक दुसरेसे मिलाकर संस्थागत ढाँचे को सुसंगत बनाने की योजना कार्यन्वित की जा रही है। उसीके तहत CRIS और RAILTEL को IRCTC को सौंपने की बात की गई है।

आम यात्री तो इतना बेबस है, की रेल प्रशासन जिस तरह की गाड़ियाँ चलाए, विशेष हो, त्यौहार विशेष हो, मेमू डेमू कुछ भी। बिना किराया तालिका के किराए लगा यात्री रेल यात्रा करते जा रहे। गरीब रथ में सामान्य किराया लग रहा है, महामना में “उत्कृष्ट” के डिब्बे जोड़ कर चलाया जा रहा है। प्रत्येक स्टोपेजेस पर रुकनेवाली गाड़ियोंमे मेल/एक्सप्रेस का किराया लगाया जा रहा है। जिसने अपने जीवन मे कभी आरक्षित टिकट ना लिया हो ऐसे गरीब, अनपढ़ बेबस यात्रिओंको भी रेल प्रशासन ने आरक्षित टिकट लेने मजबुर कर दिया है। यात्री टिकटोंकी रियायतें बन्द है, कई इलाकोमे MST पासेस बन्द है, सामान्य टिकट, सवारी गाड़ियाँ बन्द है। बहुत सारे सवाल है, परेशानीयाँ है। सुविधाओं की मांग पर उत्तर रहता है, संक्रमण अभी थमा नही मगर आईआरसीटीसी की पर्यटन गाड़ियोंको किसी चीज की बाधा नही है।

ऐसे में यदि रेल प्रशासन के अधिकार क्षेत्र की CRIS सेंटर फॉर रेलवे इन्फर्मेशन सिस्टम और RAILTEL रेलवे की ऑप्टिकल फाइबर टेलेकॉम कम्पनी IRCTC आईआरसीटीसी रेलवे की ही मगर वाणिज्यिक कम्पनी को सौप दी जाए तो यूँ समझिए की रेलवे के शरीर से दिमाग और रक्तवाहिनियों को खींच लिया जाएगा।

CRIS वह कम्पनी है जो रेलवे के सारे ऑपरेशन्स अपने सॉफ्टवेयर के जरिए सम्भालती है। यात्री टिकट, आरक्षण, रेलवे समयसारणी और उनका परिचालन, मालगाड़ी का लदान, परिचालन और डिलेवरी यूँ समझिए रेलवे का दिमाग और इसका सपोर्ट है तकरीबन 5000 स्टेशनोंके बीच डली रेलवे की ऑप्टिकल फाइबर लाइन जो रेल टेल की है। अब आप क्रिस और रेल टेल का महत्व समझ सकते है।

हालाँकि रेल प्रशासन भी अपनी क्रिस और रेल टेल, यह दोनों कम्पनियाँ आईआरसीटीसी के हवाले करने में ज्यादा उत्सुक नही है। जिसके लिए कई तकनीकी कारण रेल अधिकारियों द्वारा बताए जा रहे है। रेल अधिकारियों को अपने परिचालन सम्बधी निर्णयों के लिए आईआरसीटीसी पर निर्भर रहना पड़ेगा, यात्रिओंके व्यक्तिगत जानकारी के गोपनीयता का भी प्रश्न है, और ऐसे बहुत से महत्वपूर्ण प्रश्न रेल अधिकारियों द्वारा उपस्थित किए जा रहे है।

IRCTC का लॉन्ग फॉर्म है, इंडियन रेलवे कैटरिंग एन्ड टूरिजम कॉर्पोरेशन मतलब भारतीय रेलवे की पर्यटन और खानपान सेवा संभालने वाली कम्पनी। अब यह कम्पनी भारतीय रेलवे की ई-टिकट सेवा भी पूर्णतयः सम्भालती है और यदि क्रिस, रेल टेल इसे मील गयी तो सारी टिकिटिंग, परिचालन इसके जिम्मे हो जाएंगे। रही बात यात्रिओंकी तो वह भलीभाँति जानते है की आईआरसीटीसी जमीनी स्तर पर रेलवे के वाणिज्यिक कार्य किस तरह निभा रही है और सारे ही टिकिटिंग, परिचालन सेवा उनके पास चली जाएगी तो रेल प्रशासन का पूरा ही वाणिज्यीकरण हो जाएगा।

भारतीय रेलवे फिर शरीर मात्र रहेगी और सारी ही वाणिज्यिक एवं परिचालन व्यवस्था एक कम्पनी के जिम्मे चली जाएगी। भारतीय रेल इतनी दुर्बल, शक्तिहीन और निर्णयशून्य हो जाए ऐसा किसी भी रेल यात्री और रेल प्रेमियोंको रास नही आनेवाला है।

Uncategorised

पश्चिम रेल WR की महाराष्ट्र सम्पर्क क्रांति नए अवतार मे

12907/08 बान्द्रा टर्मिनस से हज़रत निजामुद्दीन के बीच द्विसाप्ताहिक चलनेवाली महाराष्ट्र सम्पर्क क्रांति को पश्चिम रेलवे फेस्टिवल स्पेशल की श्रेणी में, सीमित फेरोंके लिए फिरसे शुरू करने जा रही है। गाड़ी 09189/90 इस क्रमांक से शुरू होगी।

09189 बान्द्रा टर्मिनस हज़रत निजामुद्दीन द्विसाप्ताहिक वातानुकूल विशेष दिनांक 27 अक्तूबर से 28 नवम्बर तक प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को चलेगी और वापसीमे 09190 हज़रत निजामुद्दीन बान्द्रा टर्मिनस द्विसाप्ताहिक वातानुकूल विशेष दिनांक 28 अक्तूबर से 29 नवम्बर तक प्रत्येक गुरुवार एवं सोमवार को चलना शुरू करेगी। समयसारणी में भारी बदलाव भी हुवा है, आइए देखते है,

अब नए अवतार की बात कर लेते है, चूँकि परिपत्रक यह बात उधृत की गई है की यह गाड़ी महाराष्ट्र सम्पर्क क्रांति है और इसे बान्द्रा निजामुद्दीन बान्द्रा साप्ताहिक युवा एक्सप्रेस (पुराना गाड़ी क्रमांक 12247/48 एवं नया गाड़ी क्रमांक 09047/48) के रैक से संचालित किया जा रहा है, तो सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस के यात्रिओंकी द्वितीय श्रेणी और स्लिपर क्लास की सस्ते यात्रा की सुविधा तो गयी। युवा एक्सप्रेस की सारी डिब्बा संरचना वातानुकूल कोच की है और अब सम्पर्क क्रांति उसी संरचना के साथ चलेगी।

अब आम यात्री इसे अपनी रेल यात्रा की उन्नति समझे या जेब कटाई यह उसकी सोच पर निर्भर करता है।