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रेलवे का पार्सल एवं सामान विभाग

भारतीय रेल, जो हमारी नेशनल करियर है, न सिर्फ यात्रिओ को पुरे देश का, सफर कराती है बल्कि सामान, पार्सल, और यात्री लगेज का भी वहन करती है।

रेलवे के वाणिज्य विभाग में अलग से पार्सल एवं लगेज विभाग है, जो इस व्यवस्था का संचालन करता है। रेलवे के हर छोटे बड़े स्टेशनपर जिस तरह टिकट बुकिंग का दफ्तर रहता है, उसी प्रकार पार्सल ऑफिस भी रहता है।

पार्सल बुक करने की, रेलवे की, एक अलगसे नियमावली है, जिससे हम आपको आगे अवगत कराएंगे ही, आज थोड़ीसी जान पहचान करा देते है।
पार्सल एवं लगेज का किराया तय करने के लिए 4 स्केल, प्रकार होते है। स्केल R, स्केल P, स्केल S, और यात्री समान याने लगेज के लिए स्केल L होता है। कौनसे पार्सल के लिए, और गाडीके लिए क्या स्केल लगाई जाएगी, यह सम्बन्धित क्षेत्रिय रेलवे तय करती है। जहाँतक राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी सुपर ट्रेनोंके लिए स्केल R, इनके अलावा जो बची सुपरफास्ट ट्रेनोंमें स्केल P, सामान्य सवारी गाड़ियोंके लिए स्केल S लगाया जाता है। स्केल L, सभी तरह के यात्री सामान याने लगेज के लिए लागू होता है।

पार्सल ऑफिस का बुकिंग और डिलेवरी समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक है, लेकिन लगेज, यात्री सामान की बुकिंग 24 घंटे शुरू रहती है। वैसे तो व्यक्तिगत या वाणिज्यिक लगेज की बुकिंग पर कोई बंधन नही है, लेकिन यात्री सामान जो उसके साथ हो, यदि प्रस्तावित छूट से ज्यादा हो तो अतिरिक्त सामान को, लगेज रेट, स्केल L का, डेढ़ गुना किराया लगाया जाएगा।

रेलवे मे पार्सल की साईज और वजन के मानक तय है, ब्रॉड गेज में, साइज 2 x 1.5 x 1.25 मीटर और वजन 150 kg से ज्यादा स्वीकृत नही है।
इसके अलावा, साईज 1x1x0.7 मीटर और वजन 100kg के पार्सल को बल्की पार्सल माना जाएगा और उसे तय किराया तालिका के दुगना किराया चार्ज किया जाएगा।

जिस स्टेशनोंपर गाड़ी 5 मिनट या उससे ज्यादा रुकती हो, केवल उसी स्टेशन पर पार्सल का बुकिंग किया जाएगा। यह नियम सामान्य सवारी गाड़ियोंके लिए और यात्री सामान की बुकिंग में लागु नही रहेगा।
रेलदुनिया ने एक बेहद संक्षिप्त और आसान सी लगेज एवं पार्सल की किराया तालिका बनाई है, जो यहाँ दे रहे है।

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