कल से हमे यह पूछताछ हो रही है, क्या सचमुच 1 जुलाई से बदल गये रेलवे के 10 नियम ?
इसकी जानकारी हम आपको दे रहे है। कुछ लोग यु ट्यूब पर अपनी रेटिंग्स बढ़ाने के लिए ऐसी ही कोई शॉकिंग हेडलाईन डालकर उनके चैनल पर आने के लिए आपको मजबूर कर देते है। लेकिन आप उनके झाँसे में कतई नही आ सकते क्योंकी आप रेल दुनिया से जुड़े हो और आपके हर सवाल का उत्तर हम देने की कोशिश करते है। तो लीजिए सिलसिलेवार ज़वाब,
१) वेटिंग लिस्ट का झंझट खत्म हो जाएगा। रेलवे की ओर से चलाई जाने वाली सुविधा ट्रेनों में यात्रियों को कन्फर्म टिकट की सुविधा दी जाएगी।
# जब आप टिकट आरक्षित करते हो, और आपकी टिकट बुकिंग के समय ही वेटिंग निकलती है तो IRCTC आपको एक सहुलियत देती है ‘ विकल्प ‘ नाम की, जिसमे यह विकल्प रहता है की आप अपनी गाड़ी के अलावा और भी बाकी गाड़ियोंमे खाली जगह के लिए अपना दावा खड़ा रख सकते हो। जिसमे सभी तरह की स्पेशल गाड़ियाँ भी सम्मिलित है।
अब रहा सवाल कन्फर्म होने का, तो वेटिंग टिकट आपका और किस्मत आपकी, रेलवे कन्फर्मेशन की कोई जिम्मेदारी नही लेती, बस आपको बाकी गाड़ियोंके कतार में खड़ा रहने का विकल्प उपलब्ध करा देती है।
२) 1 जुलाई से तत्काल टिकट कैंसिल करने पर 50 फीसदी राशी वापस किए जाएंगे।
# एकदम बकवास बात है।तत्काल टिकट कन्फर्म हो तो कैंसल नही होती और न ही उसका कोई रिफण्ड मिलता है। तत्काल वेटिंग रह जाती है तो सामान्य रिफण्ड रेट से पैसे मिल जाएंगे और बाकी रिफण्ड का हर नियम उसे लागू रहेगा, जैसे गाड़ी 3 घंटेसे ज्यादा लेट, ट्रेन कैंसल, आपके बुकिंग स्टेशन पर नही जा रही है, AC बन्द रहना वगैरा वगैरा।
३) 1 जुलाई से तत्काल टिकट के नियमों में बदलाव हुआ है। सुबह 10 से 11 बजे तक एसी कोच के लिए टिकट बुकिंग होगी जबकि 11 से 12 बजे तक स्लीपर कोच की बुकिंग होगी।
# तत्काल टिकट बुकिंग के समय मे कोई भी बदलाव नही। गाड़ी के स्टार्टिंग स्टेशन से छूटने के एक दिन पहले वातानुकूलित श्रेणी सुबह 10 बजे और बिना वातानुकूलित श्रेणी सुबह 11 बजे शुरू हो के गाड़ी के चार्ट बनने तक तत्काल बुकिंग शुरू रहती है।
४) 1 जुलाई से राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में पेपरलेस टिकटिंग की सुविधा शुरु हो रही हैं। इस सुविधा के बाद शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में पेपर वाली टिकट नहीं मिलेगी, बल्कि आपके मोबाईल पर टिकट भेजा जाएगा।
# पेपरलेस टिकट की फिलहाल चर्चा है और कही पर प्रयोगात्मक रूपसे काम चल रहा है।
५) जल्द ही रेलवे अलग-अलग भाषाओं में टिकटिंग की सुविधा शुरु होने जा रही हैं। अभी तक रेलवे में हिंदी और अंग्रेजी में टिकट मिलती है, लेकिन नई वेबसाइट के बाद अब अलग-अगल भाषाओं में टिकट की बुकिंग की जा सकेगी।
# जी, यह सही है, रेलवे के सॉफ्टवेयर अपडेट किए जा रहे है, और यह भी कोई नई बात नही, कई जगहोंपर प्रादेशिक भाषाओं में टिकट मिल रहे है।
६) रेलवे में टिकट के लिए हमेशा से मारामारी होती रहती है। ऐसे में 1 जुलाई से शताब्दी और राजधानी ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
# बुकिंग में ज्यादा मांग हो तो यात्री डिब्बे बढ़ाए जाते है, इसके लिए 1 जुलाई आने की जरूरत नही। यह हमेशा का काम रेल्वेने किया है। जहाँतक राजधानी, शताब्दी गाड़ियाँ है, इनके रेक फिक्स रहते है और उनमें कभीभी एक्स्ट्रा डिब्बे नही लगाए जाते।
७) भीड़भाड़ के दिनों में रेलगाड़ी में बेहतर सुविधा देने के लिए वैकल्पित रेलगाड़ी समायोजन प्रणाली, सुविधा ट्रेन शुरु करने और महत्वपूर्ण ट्रेनों की डुप्लीकेट गाड़ी चलाने की योजना है।
# कोई नई बात नही। पैसेंजर क्लियरेंस के नाम पर रेल्वेकी ओरसे कई स्पेशल गाड़ियाँ चलाई जाती है।
८) रेल मंत्रालय ने 1 जुलाई से राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के तर्ज पर सुविधा ट्रेन चलाई जाएगी।
# वही बात, स्पेशल ट्रेन्स रहती ही है।
९) 1 जुलाई से रेलवे प्रीमियम ट्रेनों को पूरी तरह से बंद करने जा रहा है।
# कौनसी प्रिमियम ट्रेन्स बन्द हो रही है भाई? राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वन्देभारत, गतिमान, हमसफर कौनसी? यह सभी प्रिमियम ट्रेन्स है।
१०) सुविधा ट्रेनों में टिकट वापसी पर 50 फीसदी किराए की वापसी होगी। इसके अलावा एसी-2 पर 100 रुपए, एसी-3 पर 90 रुपए, स्लीपर पर 60 रुपए प्रति यात्री कटेंगे।
# सुविधा ट्रेन में कोई रिफण्ड नही होता सिवाय वेटिंग लिस्ट टिकट के।
अपना विवेक जागृत रखे, हमेशा कोई भी जानकारी रेलवे के अधिकृत चैनल से प्राप्त करे।
139 डायल कर के आप रेलवे की हर जानकारी ले सकते है, या फिर हमसे पूछ सकते है।
