दिन लद गए रेलवे स्टॉफ के, एकाधिकार खत्म, की अब पटरी पर चलेगी प्राइवेट गाड़ियाँ।
प्रायोगिक तौर पर तेजस एक्सप्रेस को रेलवे की वाणिज्यिक इकाई IRCTC के चलाने के लिए दिया गया है। वैसे तो करार 3 वर्षोंका है, लेकिन शुरवाती अवधि 1 वर्ष की है, जिसमे IRCTC इन गाड़ियोंके टिकट बेचने, रेलवे की इंटरनेट बुकिंग साइट का इस्तेमाल करेगी।
टाइम टेबल और शर्ते जारी
इसका समयसारिणी तो जारी कर दी गई है, लेकिन IRCTC उसे अपने हिसाब से बदल सकती है। साथ ही जो 12 डिब्बों का रेक उसे दिया जायेगा, उसकी व्यवस्थामे भी बदलाव करने का हक IRCTC को दिया गया है।
रेलवे प्रशासन फिलहाल IRCTC से 12 डिब्बों का किराया FTR के हिसाब से लेगी, साथ ही एम्प्टी हौलेज, डिटेंशन चार्जेस भी वसूलेगी।
IRCTC इन 12 डिब्बों को यात्रिओंकी मांग को देखकर 18 डिब्बों तक बढ़ा सकती है।
रेलवे स्टाफ : लोको पायलट, गार्ड, स्टेशन मास्टर, टेक्नीशियन सभी रेलवे विभाग के ही सेवाएं देंगे लेकिन ऑनबोर्ड चेकिंग स्टाफ़ IRCTC का खुद का रहेगा।
और रियायत : नाम मत लीजिए,
वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग, विभिन्न प्रकार की रियायतें जो रेल प्रशासन देता है, नही मिलेगी। यहां तक की रेलवे स्टाफ़ की पास, पीटीओ भी नही चलेगी।
साथ मे परिपत्रक जोड़ रहे है।





