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खाली चलनेवाली गाड़ियोंके टिकटों में मिलेगी 25% तक की छूट

आज ही रेल मंत्रालय ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालय को खाली चलने वाली ट्रेनोंकी सर्वेक्षण कर के नामित करने का निर्देश दिया है, आगे परिपत्रक यह कहता है की इन गाड़ियोंकी खाली जगहों को यात्री मिले इसके लिए कोई योजना बनाई जाए। योजना में, यात्रिओंको किराये में 25% तक रियायत भी पेश की जा सकती है। हालाँकि यह रियायत केवल बेसिक किराए पर रहेगी। आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क, GST आदि रियायती किराया तय हो जाने के बाद अलग से जोड़े जाएंगे।

एक तरफ मंत्रालय यात्री बढाने के लिए रियायत की बात कर रहा है तो दूसरी ओर प्रशासन ई टिकटोपर सर्विस चार्ज फिरसे शुरू करने की क़वायद कर रहा है।

दूसरा यह की फिलहाल रिजर्वेशन करन्ट बुकिंग की स्किम में चार्ट बनने के बाद जो सीटे खाली बच जाती है, उंन्हे फ्लैट 10% डिस्काउंट पर उपलब्ध किया जाता है। इस योजना में जो आखरी टिकट बनता है, खास कर उन गाड़ियोंके लिए जिसमे फ्लेक्सी फेअर सिस्टम लागू है जैसे हमसफर, दुरंतो और राजधानी गाड़ियाँ, उस रेट पर 10% डिस्काउंट मिलता है।

जिन गाड़ियोंकी 50% सीटे खाली रह जाती है, वह गाड़ियों पर रेल मंत्रालय की नज़र है। सभी क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को यह जिम्मा सौंपा गया है, की वह इन गाड़ियोंकी सूची 30 सितंबर तक बनाए और सीटे भरी जाए ऐसी योजना जारी करने का प्रयास करे।

जहाँ तक हमारे विशेषज्ञ का मानना है, शायद ही ऐसी कोई गाड़ी होगी जो 50% तक खाली चलती हो, भलेही कोई यात्रा पॉइंट ऐसे हो सकते है, लेकिन पूर्ण यात्रा में खाली चले यह मुमकिन नही। दूसरा यह की 25 % भी कोई गाड़ी खाली चलती है तो उसके शेड्यूल में या उसके गंतव्य स्टेशन चुनने की प्रॉब्लम है। उदाहरण के तौर पर लोकमान्य तीलक टर्मिनस टाटानगर अंत्योदय एक्सप्रेस ले सकते है। यह गाड़ी यदि हावड़ा या संतरागछि तक बढ़ाई जाए तो 5 प्रतिशत भी खाली नही चलेगी, जो फिलहाल 70 से 80 प्रतिशत खाली चलती है।

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