जैसे ही छुट्टियाँ लगने को होती है, यात्री अपने गाँव जाने के आरक्षण करने के जुगाड़ में निकल पड़ते है। हाँ भाई, उस कवायद को जुगाड़ ही कहते है। क्योंकी आरक्षण का खयाल तो मन में बाद में आता है, पहले वेटिंग लिस्ट और नो रूम की तख्ती आँखों के सामने ब्रेक डान्स करने लगती है। तो जो भी आरक्षण करने की सोचता है, उसे जुगाड़ ही कहते है, समझे?
खैर, हँसी मज़ाक वगैरा बस हुआ। वाकई में छुट्टियों में अपने गाँव जाना और वह भी कन्फर्म रिजर्वेशन के साथ एक सुनहरा सपना ही लगता है। ईश्वर करे, हम सब यात्रिओंके सभी सपने साकार हो और वह अपने अपने कन्फर्म सीट पर बैठके अपने गाँव की यात्रा करें। तो मित्रों, आज हम आपको छुटटी विशेष गाड़ियोंके बारेमे कुछ जानकारी देते है।
रेल प्रशासन यात्रिओंकी भारी भीड़ और बुकिंग पर दबाव को देखते विशेष गाड़ियोंका नियोजन करता है। रेलवे में गाड़ियोंकी पहचान और उसका संचलन उनके गाड़ी क्रमांकसे कीये जाने का प्रचलन है न की नाम से और संचलन सुचारू रूपसे करने के लिए यह आवश्यक भी है। ट्रेनोंका नम्बर यह यूनिक और एक्सक्लुजीव होता है, जिससे परटीक्युलर गाड़ी को जानने में आसानी होती है। सभी गाड़ियोंके नम्बर 5 अंक के होते है। जो हमेशा की रेग्युलर ट्रेनें होती है उनके गाड़ी नम्बर सीरियल 1 या 2 से शुरू होते है और आगे का डिजिट याने दूसरे क्रमांक का नम्बर, और सुपरफास्ट के मामले में तीसरे क्रमांक का नम्बर उसके ज़ोन, क्षेत्र को दर्शाता है, आखरी के नम्बर सीरियल के लिए होते है। कौनसे नम्बर कौनसे क्षेत्रिय रेलवे का प्रतिनिधित्व करते है यह और अलगसे विस्तृत विषय है, जिसे और कभी देखेंगे। गाड़ी नम्बर में 5 से शुरू होने वाली गाड़ियाँ सवारी, पैसेंजर गाड़ियाँ होती है, 6 और 7 से शुरू होने वाली डेमू या मेमू गाड़ियाँ होती है।
छुट्टी विशेष गाड़ियाँ आम तौर पर 0 नम्बर से शुरू होती है। जितनी भी गाड़ियाँ 0 नम्बर से शुरू होती है, वह लिमिटेड पीरियड याने सीमित अवधी के लिए और यात्रिओंकी भीड़, दबाव को कम करने के लिए शुरू की गई विशेष गाड़ियाँ होती है। जिसका नियोजन क्षेत्रीय रेलवे अपने कार्यबाहुल्य के अनुसार और अवेलेबल टाइम स्लॉट के अनुसार संचालित करती है।
विशेष गाड़ियोंका एक नम्बर है 8, यह 8 नम्बर से शुरू होने वाली गाड़ी रहती है सुविधा विशेष गाड़ी। मित्रों, ध्यान रहे की यह गाड़ी में आपको आसानी से सीट मिल जाएगी क्योंकि इसके किराए प्रिमियम रेट से बदलते रहते है। इन गाड़ियोंका नाम सुविधा एक्सप्रेस तो रहता है, लेकिन किरायोंका रेट देखकर आपको लगेगा की ऐसी सुविधा किस काम की। स्लिपर क्लास के रेट भी हवाई जहाज के रेट से महंगे चले जाते है।
मित्रों, गाड़ी नम्बर से आप अपनी विशेष गाड़ी को समझ सकते हो, वैसे सभी विशेष गाड़ियोंके किराए भिन्न प्रकार के रह सकते है। 8 नम्बर से शुरू होने वाली सुविधा एक्सप्रेस के बारे में आपने जान लिया, लेकिन कोई गाड़ी सिर्फ सेकंड क्लास स्पेशल है तो कोई केवल वातानुकूलित स्पेशल। किसी के किराए रेग्युलर रेट के है तो किसी के किराए तत्काल के रेट से लगाए जाते है जिसको किराया स्पेशल ट्रेन कहा जाता है।तो छुट्टी स्पेशल गाड़ियोंमे बुकिंग करने से पहले उनकी क्या विशेषता है यह थोड़ा जांचने, समझने के बाद फिर बुकिंग कीजिएगा और अपनी सुविधा का विशेष ध्यान रखिएगा।
