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रेलवे के विस्तरित टर्मिनल स्टेशन : सुविधा या परेशानी?

पश्चिम मध्य रेलवे ने हाल ही में अपनी 5 इन्टरसिटी गाड़ियोंका विस्तार किया है। यह सभी गाड़ियाँ जबलपुर स्टेशन से आगे जाकर टर्मिनेट होगी। यह पांच गाड़ियाँ इस प्रकार है।

1) 11265/11266 जबलपुर अम्बिकापुर इन्टरसिटी एक्सप्रेस, मदनमहाल तक
2) 15205/15206 लखनऊ जबलपुर लखनऊ चित्रकूट एक्सप्रेस मदनमहाल तक
3) 22189 /22190 रीवा जबलपुर रीवा इन्टरसिटी एक्सप्रेस, मदनमहाल तक
4) 11651 /11652 जबलपुर सिंगरौली जबलपुर इन्टरसिटी एक्सप्रेस, मदनमहाल तक
5) 22187 /22188 जबलपुर हबीबगंज जबलपुर इन्टरसिटी एक्सप्रेस, आधारतल तक विस्तारित की गई है।

अक्सर बड़े जंक्शनों पर प्लेटफॉर्म की कमी के चलते, पिट लाइनोंकी कमी होने के कारण गाड़ियाँ अपने स्टेशनपर लाने के लिए जगहोंकी कमी रहती है। इसीलिए आजकल रेलवे प्रशासन हर बड़े जंक्शन जो की गाड़ियोंके टर्मिनल स्टेशन भी है वहाँ गाड़ी टर्मिनेट करने के बजाए उसके आसपास के छोटे स्टेशन तक उसे शार्ट टर्मिनेट करते है।

अब मुख्य फर्क देखिए, शार्ट टर्मिनेट याने मुख्य जंक्शन तक गाड़ी जाने से पहले ही टर्मिनेट याने खत्म की जाती है, और एक्सटेंशन याने गाड़ी का विस्तार किया जाता है, गाड़ी अपना पहले वाला मुख्य जंक्शन का स्टॉपेज लेकर उसके आगे के छोटे स्टेशन पर जाकर खत्म होती है।

यहांपर पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासनका कार्य सराहनीय है। उन्होंने सभी 5 गाड़ियोंको जबलपुर से आगे एक्सटेंशन देकर खत्म किया है। इससे मुख्य जंक्शन पर यात्रिओंको किसी दूसरी जगह जाने के लिए गाड़ी बदलने की सुविधा बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

ऐसे कई बड़े जंक्शन है जिनके दोनों ओर छोटे स्टेशनोपर टर्मिनल उपलब्ध है, उदाहरण के तौर पर नागपुर। नागपुर के हावड़ा एन्ड पर इतवारी और मुम्बई एन्ड पर अजनी टर्मिनल है। मध्य रेल की बहोतसी गाड़ियाँ अजनी में खत्म की गई है वैसे ही दक्षिण पूर्व मध्य रेल की गाड़ियाँ इतवारी के टर्मिनेट की गई है। ये अजनी और इतवारी टर्मिनेट गाड़ियाँ नागपुर नही आती और उस कारण आगे जाने वाले यात्रिओंको बाई रोड़ नागपुर आना पड़ता है। यदि दो क्षेत्रीय रेलवे आपसी तालमेल रखकर अपनी अपनी गाड़ियाँ एक दूसरे के टर्मिनल याने अजनी वाली गाड़ी इतवारी तक और इतवारी वाली गाड़ी अजनी तक चलाए तो यात्रिओंके लिए बहोत ही सुविधपूर्ण व्यवस्था हो जाएगी।

नागपुर में तो दो अलग अलग क्षेत्रीय रेलवे है, लेकिन जोधपुर में क्या दिक्कत है जो गाड़ियाँ मुम्बई, अहमदाबाद की ओर से आती है उन्हे भगत की कोठी स्टेशन पर टर्मिनेट किया जाता है। क्यों न उन्हे जोधपुर होकर पास के किसी स्टेशन पर टर्मिनेट किया जाए? ऐसे कई बड़े स्टेशन है जो कवर नही किए जाते और गाड़ियाँ पहले ही छोटे से स्टेशन को अपना टर्मिनल स्टेशन बना लेती है। ऐसे स्टेशन की जहाँसे आगे जाने के लिए बाई रोड़ इतना किराया चुकाना पड जाता है जितना में वह यात्री अपनी रेल यात्रा कर के आया हो।
रेल मंत्रीजी, रेल प्रशासन से हम आग्रह करते है, यात्रिओंकी उपरोक्त परेशानियों पर गौर करे और उचित कार्यवाही करें।

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