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रेल्वे स्टेशन पर दिव्यांगोंकी सुव्यवस्था।

मित्रों, रेल्वे स्टेशन, बस अड्डा, हवाई अड्डा आदि स्थान सार्वजनिक सुविधाओंमें सम्मिलित है। सार्वजनिक स्थान याने वहाँ की सारी सुविधा पाने के लिए आम जनता हक़दार है। लेकिन यह सुविधा उपलब्ध कराते वक्त प्रशासन यदि दिव्यांगजन का विशेष ध्यान रखें और कुछ ऐसा करें की दिव्यांगजन स्वयंपूर्ण हो पाए, वह ना तो खुद परेशान हो और ना ही किसी और की उसे मद्त लेने की जरूरत पड़े।

कुछ ऐसा ही कार्य, हाल ही उत्तर रेलवे के अम्बाला डिवीजन के DRM गुरिंदर मोहन सिंग इन्होंने किया है। अम्बाला डिवीजन के दो प्रमुख स्टेशनोपर, चंडीगढ़ और देहरादून में स्टेशन पर उपलब्ध व्यवस्थाओंकी जानकारी ब्रेल लिपि के टैक्टिकल बोर्ड द्वारा दृष्टि से असमर्थ होने वाले दिव्यांग जनों के लिए लगाकर की है। अब इन बोर्ड की सहायतासे किसी दृष्टि की असमर्थता वाले दिव्यांग को स्टेशनपर उपलब्ध प्रतीक्षालय, प्रसाधन, कैंटीन या कोई भी न ड्यूटी अफसर, सुरक्षा बल के कार्यालय जाना है तो बीना किसी सहायता, या पूछताछ से अपने बल पर खुद अपना मार्ग क्रमण कर सकते है।

कोई भी व्यक्ति, सार्वजनिक स्थानपर, चाहे वह दिव्यांग ही क्यों न हो यदि अपने आप को स्वयंपूर्ण और सुरक्षित महसूस पाता है तो देश के लिए, भारतीय रेलवे के लिए गौरवपूर्ण बात है।

हमारे पास देहरादून की ट्वीट द्वारा प्राप्त तस्वीरें है –

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