IRSDC इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यह नाम यात्रीगण समझ ले। यह भारतीय रेलवे की IRCTC की तरह ही एक उपकम्पनी है। इस कम्पनी का काम है, भारतीय रेलवे के स्टेशन्स का पुनर्निर्माण या यूँ कह सकते है पुनर्विकास करना।
इस वर्ष रेल बजट में 50 रेलवे स्टेशनोके पुनर्विकासके लिए पचास हजार करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। यह क्षेत्र PPP याने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप तत्व पर यह काम करने जा रहा है। इस क्षेत्र में यकायक बड़ी कम्पनियाँ कूद पड़ी। जी एम आर, टाटा रियल्टी, एस्सेल ग्रुप, अदाणी ग्रुप जैसी कम्पनियां इस काम मे बड़ा रस दिखा रही है।
वजह है, इन पुनर्विकसित स्टेशनोंपर एअरपोर्ट एथॉरिटी शुल्क जैसे विकास शुल्क वसूलने का अधिकार विकास करनेवाली कम्पनियोंको दिया जाएगा। स्टेशन परिसर में कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए व्यापक जगह दी जाएगी। इसके बदले में मुदत करार में स्टेशन का समुचीत रखरखांव की जिम्मेदारी उपरोक्त कम्पनी की रहेगी, बिल्कुल वैसे जैसे की प्राइवेट कम्पनियां एयरपोर्ट डेवेलोप करती है। हबीबगंज, ग्वालियर, नागपुर, साबरमती और अमृतसर यह पहले पांच स्टेशन है जो विकसित किए जाने है। जिसमे हबीबगंज स्टेशन लगभग तैयार है।
तो भाईसाहब, तैयार हो जाइए एयरपोर्ट लाइक रेलवे स्टेशनोके विकसित रूप के लिए। स्टेशन आने, जाने, अपने सगे सम्बन्धियों को लाने, ले जाने के लिए आपको अब सिर्फ प्लेटफार्म टिकट ही नही कुछ और भी चुकाना पड़ सकता है।
