रेल प्रशासन ने 22 मार्च के जनता कर्फ्यू में अपनी सारी सर्विसेज याने रेल गाड़ियाँ रेग्युलेट किए जाने की घोषणा की है। चूँकि जनता कर्फ्यू रविवार याने पब्लिक हॉलिडे के दिन रहेगा और पूर्वसूचना होने से यात्री भी रेल गाड़ियोंमे नही के बराबर ही रहने का अनुमान है। इसके मद्देनजर रेलगाड़ियां रेग्युलेट की जाएगी। अब यह किस तरह होगा इसके लिए प्रशासन ने कुछ गाइडलाइंस जारी की है।
उपनगरीय सेवाएं : मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और सिकंदराबाद में आम तौर पर रविवार को कम ही सेवाए चलाई जाती है उसे और भी कम याने अत्यावश्यक रूपसे जितनी जरूरी है केवल उतनी ही गाड़ियाँ चलाना है और इसका जिम्मा सम्बंधित ज़ोनल रेलवे के अधिकारी करेंगे।
सवारी गाड़ियाँ : दिनांक 21 को रात 12 बजे से 22 की रात 10 बजे तक याने करीबन 24 घंटोंमे शुरू होने वाली सवारी गाड़ियाँ नही चलाई जाएगी। ( जो की करीबन 2400 गाड़ियाँ है। ) जो गाड़ियाँ उपरोक्त समय से पहले चल पड़ी है और सुबह 7 बजे भी चलती जा रही है, उन्हें उनके गंतव्य स्टेशन तक की यात्रा पूरी करवाई जाएगी, और यदि यह गाड़ियाँ भी बिना किसी यात्री के चल रही है तो उन गाड़ियोंको भी शार्ट टर्मिनेट किया जा सकता है यह निर्णय सम्बंधित डिवीजन ले सकेगा।
लम्बी दूरीकी मेल / एक्सप्रेस और इन्टरसिटी गाड़ियाँ : जितनी भी लम्बी दूरी के लिए चलनेवाली मे/एक्स/इन्टरसिटी गाड़ियाँ जो दिनांक 22 मार्च को सुबह 4 बजे से लेकर रात 10 बजे तक अपने स्टार्टिंग स्टेशन से रवाना होती है, नही चलाई जाएगी। ( यह करीबन 1300 गाड़ियाँ रहेगी ) जो गाड़ियाँ 22 तारीख को सुबह 7 बजे अपने मार्गोंपर चल रही है, उन्हें चलाए रखा जाएगा और अपने गंतव्य तक पोहोंचाया जाएगा।
जो भी गाड़ियाँ उपरोक्त सूचनाओंके तहत रद्द की जाएगी, यात्रिओंको उनके टिकटोंके रिफण्ड नियमानुसार दिया जाएगा।
जो यात्री 22 तारीख को अपनी यात्रा सम्पन्न कर किसी स्टेशनपर उतरते है और जनता कर्फ्यू के चलते स्टेशनपर ही रुकना चाहे तो वह रेलवे के विश्रामालय, सम्बंधित स्टेशन अथॉरिटी की निगरानीमें रुक सकते है।
