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क्या मध्य रेलवे इतर रेलवे ज़ोन से सिख नही लेगा?

04 अक्तूबर को UPSC संघ लोक सेवा आयोग की पूर्व परीक्षाएं हो रही है। महाराष्ट्र में इसके लिए 6 परीक्षा केंद्र निश्चित किए गए है, नवी मुम्बई, मुम्बई, ठाणे, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर।

लगभग सभी क्षेत्रीय रेल्वेज ने अपने अपने राज्योंके परीक्षा केन्द्रोंसे प्रमुख शहरोंके बीच एग्जाम स्पेशल गाड़ियाँ चलवाने की घोषणा एक सप्ताह पूर्व ही कर दी है। लेकिन मध्य रेलवे ने अभी तक याने आज 02 अक्तूबर तक कोई भी घोषणा नही की है। नागपुर सेंटर कर लिए गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, वर्धा, अमरावती, अकोला, बुलढाणा ऐसे कई ज़िलोंसे परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए नागपुर पोहोचेंगे और इनके लिए गाड़ियाँ न के बराबर है। वही स्थिति कोल्हापुर, सोलापुर, सातारा, सांगली, के लिए पुणे सेंटर, बिड, परभणी, नान्देड, उस्मानाबाद, मराठवाड़ा के लिए औरंगाबाद सेंटर और मुम्बई क्षेत्र के तीनों परीक्षा केन्द्रोके लिए भी है।

जिन स्पर्धा परिक्षाओंके लिए लाखों परीक्षार्थी आते है, क्या मध्य रेल प्रशासन इन के लिए यातायात की समुचित व्यवस्था किए जाने की घोषणा कल याने 03 तारीख को शाम में करेगा? यह ठीक NEET और IITJEE की परीक्षा के वक्त जैसी हालात होंगी। तब भी ऐन वक्त पर विशेष गाड़ियोंकी घोषणा की गई थी और सारी गाड़ियाँ खाली की खाली चली थी। तकलीफ़का उपचार करने के लिए अंतिम समय तक इंतजार कोई भी नही करता। आप ने शायद अखबारोंमें पढा होगा, एक पिता अपने पुत्र को परीक्षा दिलवाने उसे अपनी साइकिलपर बिठाकर सारी रात साइकिल चलाते हुए परिक्षाकेंद्र पर पोहोचा था।

हमारी रेल प्रशासन से नम्र विनंती है, यदि आपकी परीक्षार्थीयोंके लिए विशेष गाड़ियाँ चलवाने की योजना है, तो उसे समय रहते घोषित कर दिया करें, नही तो “अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गयी खेत” ऐसी स्थितियाँ आ जाएंगी। वैसे रेल प्रशासन में पछतावे की भावना तो लेषमात्र भी आती नही होगी, भले ही ऐन वक्त की विशेष गाड़ियाँ खाली ही क्यूँ न चले।

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