07 फरवरी 2023, मंगलवार, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2079
गौरतलब यह है, रेलवे बोर्ड के इस सम्बंध में लगभग 15 परिपत्रक है, और सारे स्टोपेजेस ‘एक्सपेरिमेंटल बेसिस’ पर अर्थात 6 महीने की प्रायोगिक अवस्थाओं में दिए गए है। कहते है न, ‘बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी?’ इन एक्सपेरिमेंटल पड़ावों वाले स्टेशन के यात्री रेल प्रशासन से पूछना चाहते है, आखिर कितने दिन यह एक्सपेरिमेंट चलना है? कब तक तसल्ली करना चाहती है रेलवे, की यह स्टोपेजेस यात्रिओंके लिए जरूरी है। ☺️















