10 अगस्त 2024, शनिवार, श्रावण, शुक्ल पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2081
मित्रों, बीते दिनों आरक्षित कोच में अनाधिकृत यात्रिओंकी जबरन घुसपैठ के चलते न सिर्फ यात्री परेशान हो गए थे अपितु ड्यूटी स्टाफ़ भी हैरान हो रहे थे। अनारक्षित यात्री सीधे ही किसी भी आरक्षित कोच में सवार होना शुरू हो गए थे और रेल प्रशासन इससे हतप्रभ हो गया था। रेलवे के ट्विटर हैंडल्स पर रोजाना शिकायतोंके ढेर लग रहे थे। लोग अपने खचाखच भरे आरक्षित कोचों की वीडियो, तस्वीरें जोड़ते थे।
इस स्थिती से उबरने के लिए रेल प्रशासन ने अपने पुराने नियमावली पर कड़ाई बरतना शुरू किया। प्रतिक्षासूची टिकट धारक को अब आरक्षित कोच में पाए जाने पर दण्डित किया जाने लगा और साथ ही उसे अगले स्टेशन पर साधारण कोच में यात्रा करने की सलाह दी जाती थी। इसके साथ ही रेल प्रशासन ने अपनी प्रत्येक मेल/एक्सप्रेस एवं सुपरफास्ट श्रेणी की सर्वसाधारण गाड़ियोंमे अनिवार्य रूप से 4 से 6 साधारण कोच जोड़ने की घोषणा कर दी।
इससे आगे जाकर अब रेल प्रशासन एक नई सोच पर विचार कर रही है। गाड़ियोंका श्रेणियोंमे वर्गीकरण, इसका अर्थ है प्रत्येक गाड़ी में सभी श्रेणी के कोच का न रहना। मित्रों, आप को शायद याद होगा, हम कई दिनोंसे इस बात पर जोर देते आ रहे थे। अब वह होने जा रहा है।
बोर्ड स्तर पर ऐसी चर्चा है, अब वन्देभारत, अमृतभारत श्रेणी में ही नई गाड़ियाँ बढाई जाएंगी।इसमे भी वर्गीकृत वन्देभारत, अमृतभारत ट्रेन्स के प्रस्ताव पर पुरजोर किया जा रहा है।
वातानुकूल श्रेणी : वन्देभारत एवं वन्देभारत स्लिपर गाड़ियाँ
ग़ैरवातानुकूलित श्रेणी : अमृतभारत – पूर्णतः आरक्षित स्लिपर एवं 2S
ग़ैरवातानुकूलित श्रेणी : अमृतभारत – पूर्णतः अनारक्षित
शायद इस तरह यह कोच संरचना आनेवाले दिनोंमें रह सकती है।
