02 जनवरी 2025, गुरुवार, पौष, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2081
भारतीय रेल में अलग अलग प्रकार की यात्री गाड़ियाँ चलाई जाती है। इनके प्रकार मेल/एक्सप्रेस, सवारी या सुपरफास्ट से भिन्न होते गए। यह भिन्नता श्रेणी के अलावा यात्री किराए की भी है अर्थात नियमित किराया तालिका के अलग यात्री किराया दर इन गाड़ियोंमे लागू किया जाता है। उदाहरण के लिए जैसे की राजधानी, शताब्दी, जनशताब्दी, हमसफ़र, गरीबरथ इत्यादि। यहॉं तक की नई परिचालित वन्देभारत, अमृतभारत यह गाड़ियोंमे भी अलग विशिष्ट किराया श्रेणी लागू रहती है। हालाँकि फर्क यात्री सुविधाएं और गति का भी है।
इन्ही अलग किराया श्रेणी में रेल विभाग, TOD – ट्रेन्स ऑन डिमाण्ड याने यात्रिओंकी पुरजोर माँग पर चलाई गई अतिरिक्त यात्री किराया दर की विशेष गाड़ियाँ। यह बिल्कुल आम मेल/एक्सप्रेस की तरह उन्ही के कोच का उपयोग कर बनाई गई गाड़ियाँ है। अब तक यह TOD गाड़ियाँ रेल विभाग द्वारा समय समय पर घोषित की जाती थी और त्यौहार, छुट्टियों में चलाई जाती थी मगर इस बार इन 31 जोड़ी TOD गाड़ियोंको नियमित समयसारणी में सम्मिलित कर लिया गया है और उनके TOD वाले विशेष, अतिरिक्त यात्री किरायोंके टैग के साथ! निम्नलिखित सूची देखिए,

मित्रों, यह गाड़ियोंका परिचालन अनेक यात्रिओंने देखा है, युँ कहिए झेला है। 😢 इनमें से बहुतांश गाड़ियाँ बेतहाशा देरी से चलती है। इनकी घोषित समयसारणी कुछ रहती है और चाल कुछ और! 4 – 6 घण्टे देरी से चलना इन गाड़ियोंकी आदत सी है और इन गाड़ियोंसे किसी यात्री ने यात्रा कर ली तो वह कान पकड़, वचन ले लेता है, दोबारा इन गाड़ियोंमे कभी यात्री नही करेंगा।
रेल विभाग ने अब तक इन TOD गाड़ियोंको कुछ निर्धारित वक्त के लिए चलाया था लेकिन इस बार की नई समयसारणी ‘ट्रेन्स एट अ ग्लान्स’ में उन्हें नियमित यात्री गाड़ियोंकी समयसारणी में शामिल कर लिया है। क्या इस वजह से अब रेल विभाग से हम यह आशा कर सकते है, की TOD गाड़ियाँ अपनी नियमित समयसारणी के अनुसार चल पाएगी? यह मुख्य प्रश्न है।
विशेष गाड़ियोंके चलते अतिरिक्त किराया दर चुकाना भारतीय रेल के यात्रिओंके लिए नई बात तो अब रही नही है। विभिन्न श्रेणी की भिन्न भिन्न प्रकार के किराए वाली गाड़ियोंके साथ अब यह TOD गाड़ियाँ भी अनुसूचित हो गई है, हाँ मगर समयसारणी में राजधानी, शताब्दी गाड़ियोंकी तरह, इसकी अलग से किराया तालिका नही दी है।
अर्थात यह समझने की भूल ना करें की इन्हें अतिरिक्त किरायोंसे मुक्ति मिल गई होगी। वह तो TOD के आविष्कार के साथ बन्ध गए है और जारी रहेंगे। 😊
