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वन्देभारत, अमृतभारत ट्रेनसेट गाड़ियोंकी लोकप्रियता बढ़ रही है।

28 अगस्त 2025, गुरुवार, भाद्रपद, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2082

भारतीय रेल की प्रीमियम पेशकश ‘वन्देभारत’ ट्रेनसेट एवं आम यात्रिओंके लिए किफायती सेवा ‘अमृतभारत’ जिसे दोनों सिरे पर लोको लगाकर ट्रेन सेट का स्वरूप दिया गया है, यात्रिओंके बीच लोकप्रिय हो रही है। इसका उदाहरण आपको निम्नलिखित परिपत्रक से मिलेगा।

दरअसल रेल विभाग ने निम्नलिखित सात जोड़ी वन्देभारत गाड़ियोंके कोच में वृद्धि करने का निर्णय लिया है।

दक्षिण रेल SR :

20631/32 मंगालुरु सेंट्रल – तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – मंगालुरु सेंट्रल वन्देभारत एक्सप्रेस 16 कोच से 20 कोच और 20665/66 चेन्नई एगमोर – तिरुनेलवेली – चेन्नई एगमोर वन्देभारत एक्सप्रेस, 20671/72 मदुरै – बंगालुरु कैंट – मदुरै वन्देभारत एक्सप्रेस इन दोनों गाड़ियोंमे 8 कोच से 16 कोच की वृद्धि की जाएगी।

दक्षिण मध्य रेल SCR :

20701/02 सिकंदराबाद – तिरुपति – सिकंदराबाद वन्देभारत एक्सप्रेस को 16 कोच से 20 कोच

उत्तर रेल NR :

22499/500 देवघर – वाराणसी – देवघर वन्देभारत एक्सप्रेस को 8 कोच से 16 कोच

दक्षिण पूर्व रेल SER :

20871/72 हावड़ा – राउरकेला – हावड़ा वन्देभारत एक्सप्रेस को 8 कोच से 16 कोच

पश्चिम रेल WR :

20911/12 इन्दौर – नागपुर – इन्दौर वन्देभारत एक्सप्रेस को 8 कोच से 16 कोच

मित्रों, जब यह वन्देभारत गाड़ियाँ शुरू हुई तब आम रेल यात्रिओंको इन गाड़ियोंके महंगे किराए देखते हुए इन्हें लोकप्रियता मिलेगी इस बात पर संदेह था मगर हमारे देश मे रेल ही सबसे सुविधाजनक, सुरक्षित एवं सुगम साधन है। युँ तो इन ट्रेनसेट गाड़ियोंमे उनकी आरामदायक आसन व्यवस्था और सुन्दर साजोसज्ज़ा के साथ ही अनेकों प्लस पॉइंट्स के अलावा सबसे मुख्य कारण, यात्रिओंकी मांग के मुकाबले यात्री सेवा की कमी और वन्देभारत गाड़ियाँ तो यह कमी यात्रिओंके सुविधाजनक टाइम स्लॉट्स में चलकर पूरा करती है। भले किराए ज्यादा लेती है, मगर उनके प्रीमियम स्टेट्स के चलते उन्हें अचूक समयपर, तेज गति से चलाया जाता है और इनकी यही प्रीमियम नेस यात्रिओंको इसकी ओर खींच लाती है। वैसे अमृतभारत गाड़ियाँ भी तेज गति से चलने के लिए बनी है, मगर उनकी यह उपयोगिता के बजाए उन्हें ग़ैरवातानुकूलित किफायती किराए की विशेषता को ज्यादा उभारा गया है।

वन्देभारत गाड़ियोंकी माँग पूरे भारतीय रेल नेटवर्क में यात्रिओं द्वारा की जा रही है। शुरू में रेल विभाग भी अपने आठ कोच वाले ट्रेन सेट से उन्हें शुरू कर जायज़ा लेता है और यात्री माँग अनुसार कोचेस बढाकर पूर्तता करता है। हाल ही शुरू की गई अजनी – पुणे – अजनी वन्देभारत इसका उदाहरण है। यह गाड़ी पहले दिन से यात्रिओंके बीच लोकप्रिय हुई है और लगातार प्रतिक्षासूची में चल रही है। इस में भी जल्द ही कोच वृद्धि की अपेक्षा है।

रेल विभाग ने उपरोक्त परिपत्रक नुसार संबंधित क्षेत्रीय रेल विभागोंको जल्द ही ज्यादा कोच वाले नए ट्रेन सेट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इसके साथ ही जब यह प्रचलित रैक नए रैक से बदल दिए जायेंगे तो अन्य रेल मार्ग पर भी नई वन्देभारत सेवाएं चलाई जा सकती है।

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