30 सितम्बर 2025, मंगलवार, अश्विन, शुक्ल पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2082
भारतीय रेल अपने कार्यकाल में जनसामान्यों की सेवाओं के लिए विभिन्न प्रकार की यात्री गाड़ियाँ चलाती है। जिनमे जनसाधारण एक्सप्रेस, अंत्योदय एक्सप्रेस, जनशताब्दी, गरीबरथ एक्सप्रेस नामक यात्री सेवाएं है। जनसाधारण और अंत्योदय पूर्णतः ग़ैरवातानुकूलित यात्री गाड़ियाँ है तो जनशताब्दी में एखाद कोच वातानुकूलित चेयर कार का होता है। वहीं गरीबरथ पूर्णतः वातानुकूलित मगर रियायती किराया दर में उपलब्ध होती है। इन्ही जनसामान्य यात्रिओंके लिए रेल की संकल्पना में ‘अमृतभारत एक्सप्रेस’ गाड़ी का प्रयोग लाया गया।
यह ‘अमृतभारत’ गाड़ियाँ पूर्णतः ग़ैरवातानुकूलित कोच से संचालित की जानी थी। इस के बीस/बाईस कोच की रैक संरचना में भी आठ स्लिपर तो बारह अर्थात डेढ़ गुना द्वितीय साधारण कोच लगाए जाते है। संकल्पना यह थी, नई वन्देभारत प्रीमियम गाड़ी के सामने जनसामान्य यात्रिओंको भी कम किराया दरों की श्रेणी की कोई प्रीमियम सेवा मुहैय्या कराई जाए। खैर यह गाड़ी वन्देभारत की तरह ट्रेन सेट तो थी नही मगर दोनों सिरों पर लोकोमोटिव लगाकर उसे ट्रेन सेट बनाया गया। वन्देभारत गाड़ी के वातानुकूल को छोड़ अमूमन सारी अत्याधुनिक सुविधाओं को इन गाड़ियोंमें लाया गया।
अब तक भारतीय रेल पर पन्धरह जोड़ी अमृतभारत गाड़ियाँ चलाई जा रही है। गौरतलब यह है, इन पंधरह गाड़ियोंमें से केवल दो गाड़ियाँ, ब्रम्हपुर – उधना और मालदा बंगालुरु अमृतभारत एक्सप्रेस है, जो बिहार राज्य से नही गुजरती या उसका गन्तव्य बिहार राज्य से अलग है। अमृतभारत एक्सप्रेस यह बिहार राज्य की मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके लिए पर्यायवाची शब्द बन गया है। आप खुद सूची देख लीजिए,
- दरभंगा – आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस
- सहरसा – लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत एक्सप्रेस
- राजेन्द्रनगर टर्मिनल – नई दिल्ली प्रतिदिन अमृत भारत एक्सप्रेस
- बापूधाम मोतिहारी – आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस
- दरभंगा – गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस
- मालदा टाउन – गोमतीनगर अमृत भारत एक्सप्रेस
- सीतामढ़ी – दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
- गया – दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
- जोगबनी – ईरोड – जोगबनी अमृत भारत एक्सप्रेस
- सहरसा- छैहरटा (अमृतसर)- सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस
- मालदा टाउन – सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
- ब्रह्मपुर – उधना (सूरत) अमृत भारत एक्सप्रेस
- मुज़फ़्फ़रपुर – चर्लपल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
- छपरा – दिल्ली (आनन्द विहार टर्मिनल) अमृत भारत एक्सप्रेस
- दरभंगा – मदार (अजमेर) अमृत भारत एक्सप्रेस
खैर, मूल मुद्दा कुछ अलग ही है, भारतीय रेल ने अमृतभारत एक्सप्रेस के रैक में सीरीज 1, 2 बनाई थी। जिनमे उन्हें लगातार अपग्रेड आवृत्ति में लाया गया। अब अमृतभारत एक्सप्रेस की सीरीज 3 लाई जा रही है। यह वह सीरीज है, जिसमे अमृतभारत एक्सप्रेस की मूल संकल्पना को ध्वस्त कर दिया है। यह गाड़ी अब जनसामान्य यात्रिओंकी न रह कर सर्वसाधारण मेल/एक्सप्रेस की कोच संरचना वाली गाड़ी बनकर रह जाएगी। रेल मुख्यालय से जारी, निम्नलिखित आदेश देखिए

अब अमृतभारत 3.0 सीरीज की कोच संरचना में 02 एसएलआर, 04 द्वितीय साधारण जनरल, 06 स्लिपर के साथ साथ 01 वातानुकूलित प्रथम, 02 वातानुकूलित टू टियर, 06 वातानुकूलित थ्री टियर, 01 वातानुकूलित पेंट्रीकार जोड़ी जाएगी।
जहाँ 12 कोच द्वितीय साधारण थे उस की संख्या घटा कर 04 कर दी गई। 08 स्लिपर को 06 में बदल दिया गया। बताइए, यह अब अमृतभारत कहा रह गई? यह कोच संरचना तो मानकीकरण किए गए मेल/एक्सप्रेस एवं सुपरफास्ट गाड़ियोंकी तरह ही है।
आपको हमसफर एक्सप्रेस गाड़ियाँ पता है न? वहीं वातानुकूलित थ्री टियर कोच की संरचना मगर किराए, सामान्य किराया तालिका से 10 प्रतिशत ज्यादा। यह अमृतभारत 3.0 में भी होने जा रहा है। पहले ही उनकी किराया तालिका अन्य मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंसे अलग है। अमृतभारत गाड़ियोंका बेसिक किराया मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके किरायों से 10-11% ज्यादा है।
इसका जाड़ा जाड़ा अर्थ यह निकाला जाए तो कोई भी नई गाड़ी ‘अमृतभारत 3.0’ कोच संरचना में चलेगी तो उसकी कोच संरचना जनसामान्य यात्रिओंके लिए घटाकर नियमित मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट गाड़ियोंकी तरह मिश्र श्रेणियोंकी होगी। साथ ही उसमे अमृतभारत एक्सप्रेस की किराया श्रेणी का लगभग 10% ज्यादा वाला किराया चुकाना होगा। फिर से किराया बढ़ाने का जुगाड़ फार्मूला! 😊
