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13287/88 दुर्ग – राजेंद्र नगर – दुर्ग साउथ बिहार प्रतिदिन एक्सप्रेस का आरा जंक्शन तक विस्तार!

09 फरवरी 2024, शुक्रवार, माघ, कृष्ण पक्ष, अमावस्या, विक्रम संवत 2080

13287/88 दुर्ग-राजेंद्र नगर – दुर्ग साउथ बिहार प्रतिदिन एक्सप्रेस का आरा जंक्शन तक विस्तार किया जा रहा है। इस विस्तार के कारण यात्रिओंको पटना जंक्शन से सीधा संपर्क मिल जाएगा। सैटेलाइट टर्मिनल्स के चलते मुख्य स्टेशन की जंक्शन सहूलियत से यात्री बिछड़े जाते है। जंक्शन स्टेशनोंसे कई मार्ग और अन्य गाड़ियोंके द्वारा यात्री अपने इच्छित गन्तव्य पर पहुंचने हेतु गाड़ी बदल सकता है। उक्त विस्तार के बाद राजेन्द्रनगर स्टेशन से आगे गाड़ी पटना जंक्शन, दानापुर, बिहटा होते हुए आरा पहुँचेंगी।

आइए, इस सम्बंध में जारी किया गया परिपत्रक देखते है।

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खण्डवा – अकोला रेल गेज कन्वर्जन कार्य मे खण्डवा से आमलखुर्द तक लोको चलाकर गति परीक्षण किया गया

08 फरवरी 2024, गुरुवार, माघ, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी/चतुर्दशी, विक्रम संवत 2080

आज खण्डवा – अकोला ( गेज कन्वर्जन ) रेल चौड़ीकरण परियोजना अंतर्गत 54 किमी दूरी के खंडवा – अमूल्लाखुर्द के बीच 120 की स्पीड से इंजन ट्रायल सफलता पूर्वक संपन्न किया। इस सम्बंध के वीडियो इस पोस्ट में जोड़े गए है। ज्ञात रहे अकोला – आकोट रेल चौड़ीकरण कार्य सम्पन्न हो कर उसपर यात्री गाड़ी शुरू हो गयी है।

इस 54 किलोमीटर के रेल गेज कन्वर्जन का कार्य, दक्षिण मध्य रेलवे (साउथ सेंट्रल रेलवे) कर रहा है।नए ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक पर आज 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन दौड़ा कर ट्रैक का परिक्षण सफ़लता पूर्वक पुरा किया।

खंडवा से अमूल्लाखुर्द स्टेशन के बीच नए ब्रॉडगेज ट्रैक का कार्य पूरा कर लिया गया है इसको लेकर ट्रायल बेस पर साउथ सेंट्रल रेलवे ने आज खंडवा स्टेशन से सुबह 12 बजे WD4D 40238 इंजन से अमुल्लखुर्द के बीच 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाकर ट्रायल सफ़लता पूर्वक कर लिया है।

साउथ सेंट्रल रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर कंस्ट्रक्शन योगानंद बाबू ने बताया की खंडवा अमुल्लाखर्द नए ब्रॉडगेज ट्रैक पर पिछले 2 दिनों से कम स्पीड में इंजन चलाकर ट्रायल लिया जा रहा था। गुरुवार को उन्होंने 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से इंजन दौड़ाया दोपहर 12 बजे खंडवा स्टेशन से निकाला इंजन रेलवे के रफ्तार नियमों का पालन करते हुए कुछ क्षेत्र में कम स्पीड रखी गई वही कई क्षेत्र में 120 किमी स्पीड से इंजन चलाकर दोपहर 1बजे 54 किमी दूरी तय कर अमुल्लाखुर्द तक परीक्षण सफलता पूर्वक पुरा किया । अब इस माह में रेलवे बोर्ड से चीफ रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीआरएस)द्वारा इस ट्रैक पर पूरी ट्रेन चलाकर निरीक्षण किया जायेगा। जिसकी तारीख रेल बोर्ड से शीघ्र दी जाएगी। आज ट्रैक पर 120 किमी इंजन चलाकर सीआरएस परीक्षण का रास्ता साफ हो गया है।

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कैबिनेट ने भारतीय रेलवे में 6 मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी

08 फरवरी 2024, गुरुवार, माघ, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी/चतुर्दशी, विक्रम संवत 2080

यात्रा को आसान बनाने, रसद लागत को कम करने, तेल आयात को कम करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए उक्त परियोजना कारगर सिध्द होंगी।

इन परियोजनाओं से अनुभागों की मौजूदा लाइन क्षमता में वृद्धि होगी जिससे ट्रेन परिचालन सुचारू होगा और समय की पाबंदी के साथ-साथ वैगन टर्न अराउंड (वैगन्स वापसी) समय में भी सुधार होगा।

इनसे भीड़भाड़ में कमी आएगी और रेल यातायात में वृद्धि होगी।

परियोजनाएं निर्माण के दौरान लगभग 3 (तीन) करोड़ मानव दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेंगी।

परियोजनाओं का वित्तीय व्यय लगभग 12,343 करोड़ रुपये होगा और वर्ष 2029-30 तक इनके पूरा होने की संभावना है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने रेल मंत्रालय की छह परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग ₹.12,343 करोड़ रहेगी और केंद्र सरकार से 100% वित्त पोषण के साथ यह कार्य किया जाएगा। मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्तावों से परिचालन में आसानी होगी और भीड़भाड़ कम होगी, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर आवश्यक ढांचागत विकास उपलब्ध होगा। परियोजनाएं माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं जो क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को “आत्मनिर्भर” बनाएगी जिससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

6 राज्यों यानी राजस्थान, असम, तेलंगाना, गुजरात, आंध्र प्रदेश और नागालैंड के 18 जिलों को सम्मिलित करने वाली छह परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में 1020 किलोमीटर की वृद्धि कराएंगी और राज्यों के लोगों को लगभग तीन करोड़ मानव दिवस का रोजगार प्रदान करेगी।

ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं जो एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हुई हैं और लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।

1: अजमेर – चंदेरिया ( राजस्थान ) 178.28 किलोमीटर, अनुमानित लागत ₹- 1813.28 करोड़

2: जयपुर – सवाई माधोपुर ( राजस्थान ) 131.27 किलोमीटर, अनुमानित लागत ₹-1268.57 करोड़

3: लूणी – समदड़ी – भीलड़ी ( गुजरात एवं राजस्थान ) 271.97 किलोमीटर, अनुमानित लागत ₹-3530.92 करोड़

4:  नए रेल सह सड़क पुल के साथ अगथोरी – कामाख्या (असम ) 7.062 किलोमीटर, अनुमानित लागत ₹-1650.37 करोड़

5: लुमडिंग – फुरकटिंग ( असम और नागालैंड ) 140 किलोमीटर, अनुमानित लागत ₹-2333.84 करोड़

6: मोटुमारी – विष्णुपुरम और मोटुमारी में रेल के ऊपर रेल पुल निर्माण ( तेलंगाना और आंध्र ) 88.81 किलोमीटर और 10.87 किलोमीटर, अनुमानित लागत ₹- 1746.20

– pib.nic.in के सौजन्य से

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ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस का तीन माह तक स्थानांतरण। ताम्बरम से नई दिल्ली के बीच चला करेगी।

06 फरवरी 2024, मंगलवार, माघ, कृष्ण पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2080

12615/16 पुरुच्ची थलाइवार डॉ एम जी रामचन्द्रन चेन्नई सेंट्रल – नई दिल्ली – पुरुच्ची थलाइवार डॉ एम जी रामचन्द्रन चेन्नई सेंट्रल ग्रैंड ट्रंक प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस के टर्मिनल स्टेशन में बदलाव होने जा रहा है। यह गाड़ी अब पुरुच्ची थलाइवार डॉ एम जी रामचन्द्रन चेन्नई सेंट्रल के स्थान पर ताम्बरम स्टेशन से परिचालित किया करेंगी।

12615 दिनांक 07 फरवरी से अगले तीन माह तक चेन्नई एग्मोर होते हुए ताम्बरम तक जाएगी और वापसीमे 12616 ग्रैंड ट्रंक सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 09 फरवरी से अगले तीन माह तक ताम्बरम से शुरू होकर, चेन्नई एग्मोर होते हुए नई दिल्ली को जाएगी।

उपरोक्त अवधिमे यह गाड़ी दोनोंही दिशाओं में पुरुच्ची थलाइवार डॉ एम जी रामचन्द्रन चेन्नई सेंट्रल होकर नही जाएगी। विस्तारित भाग की समयसारणी निम्नप्रकार है। यात्रीगण ज्ञात रहे, गुडूर – नई दिल्ली के बीच समयसारणी में कोई बदलाव नही किया जा रहा है। साथ ही चेन्नई सेंट्रल से पूर्व आरक्षण कर चुके यात्रिओंको यह सुविधा प्रदान की जा रही है, वे चेन्नई सेंट्रल के स्थान पर चेन्नई एग्मोर या ताम्बरम से अपनी यात्रा कर सकते है।

यह टर्मिनल स्टेशन का अस्थाई बदलाव डॉ एम जी रामचन्द्रन चेन्नई सेंट्रल पर चल रहे विस्तार कार्य के लिए किया गया है।

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वर्धा – नान्देड़ रेल मार्ग का छोटा सा हिस्सा वर्धा – कळम्ब पर रेल यात्री सेवा शुरू होने जा रही है।

03 फरवरी 2024, शनिवार, माघ, कृष्ण पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2080

वर्धा – नान्देड़ निर्माणाधीन रेल मार्ग जिसकी लम्बाई लगभग 270 किलोमीटर है उसमें से वर्धा से कळम्ब 47 किलोमीटर रेल मार्ग बनकर तैयार हो गया है और इस खण्ड पर जल्द ही एक यात्री गाड़ी शुरू होने जा रही है।

वर्धा – नान्देड़ रेल मार्ग का मानचित्र
वर्धा – कळम्ब रेल मार्ग

रेल मुख्यालय ने वर्धा – कळम्ब रेल मार्ग पर सप्ताह में पाँच दिन 51119/20 यह वर्धा – कळम्ब – वर्धा सवारी गाड़ी चलाने की घोषणा की है। उपरोक्त यात्री सेवा में 08 द्वितीय साधारण जनरल कोच और 02 एसएलआर कोच ऐसे कुल 10 कोच रहेंगे। मार्ग में वर्धा – कळम्ब के बीच यह गाड़ी दोनों दिशाओं में देवळी और भिड़ी स्टेशनोंपर रुकेगी। समयसारणी निम्नप्रकार रहेगी।

रेल मार्ग के मानचित्र : सौजन्य – indiarailinfo.com