जी, खुशखबर तो है ही। बड़े प्रयासोंके बाद रेलवे बोर्ड की चिट्ठी आ गयी के इन चार स्टेशनोंपर छह माह का प्रायोगिक ठहराव दिया जा रहा है।
22421/22 दिल्ली सराय रोहिल्ला जोधपुर दिल्ली सराय रोहिल्ला सालासर प्रतिदिन सुपरफास्ट दिनांक 29 जनवरी से गोटण स्टेशनपर ठहराव लेगी।
14311/12 और 14321/22 बरेली भुज बरेली अला हज़रत एक्सप्रेस दिनांक 05 फरवरी से सेन्द्रा स्टेशनपर ठहराव लेगी।
22451/52 बान्द्रा चंढ़िगड़ बान्द्रा द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट, दिनांक 26 जनवरी से ब्यावर स्टेशनपर ठहराव लेगी।
14645/46 जैसलमेर जम्मूतवी जैसलमेर शालीमार एक्सप्रेस (सप्ताह में 4 दिन चलनेवाली) और 14661/62 बाड़मेर जम्मूतवी बाड़मेर (सप्ताह में 3 दिन चलनेवाली) दिनांक 06 फरवरी से डेगाना स्टेशनपर ठहराव लेगी।
यात्रीगण से निवेदन है, उपरोक्त ठहरावों की रेलवे के आधिकारिक ऐप से समयसारणी देख, उचित फायदा लें। आपके टिकट खरीदने की गिनती और आवागमन पर रेल प्रशासन छह माह तक निरीक्षण कर इन प्रायोगिक ठहरावों को कायम करने का निर्णय ले सकता है।
भाई, ऐसी हमारी मांग नहीं, यह रेल प्रशासन का नीतिगत निर्णय था जो 01 अक्तूबर 2015 से लागू किया गया था। इस निर्णय से न सिर्फ यात्रीओं का फायदा होने वाला था अपितु रेल प्रशासन को भी परिचालन समय जाया किए बगैर यात्री संख्या बढ़के मिलने वाली थी।
दरअसल हुवा यूँ था की तत्कालीन रेल मंत्री ममता बैनर्जी एक सुपरफास्ट गाड़ी जो नॉन स्टॉप चले और सूका नामकरण किया गया था दुरांतों एक्स्प्रेस। यह गाडियाँ काफी लोकप्रिय हुई अर्थात अब भी है मगर बिना किसी ठहरावों के चलने की वजह से कुछ खाली खाली सी चल रही थी। गाड़ी की जो संकल्पना थी बहुत उपयोगी थी मगर राह के बड़े बड़े जंक्शन स्टेशनोंपर परिचालन स्टाफ मतलब लोको पाइलट, ट्रेन मैनेजर, चेकिंग स्टाफ अपनी ड्यूटी बदलने के लिए या लोको बदलने के लिए या रिवर्सल के लिए रुकती तो थी मगर वाणिज्यिक स्टोपेज न होने से यात्री उसमे सवार नहीं हो पाते थे। रेल प्रशासन ने उसमे यह एक तोड़ निकाली की गाड़ी की संकल्पना भी बनी रहे और यात्रीओं को भी फायदा मिले साथ ही रेल्वे की भी कमाई बढ़े, अतः भारतीय रेल्वे ने सारे यात्री गाड़ियोंके तकनीकी ठहराव को वाणिज्यिक ठहरावों मे बदलने का निर्णय लिया। शूरवात 27 जोड़ी दुरांतों गाड़ियों से हुई और आगे रेल मंत्री नीतीश कुमार द्वारा संकल्पित सम्पर्क क्रांति गाड़ियोंमे भी अपनाई गई।
हालांकि इस निर्णय से भुसावल, नागपूर, मनमाड, ईगतपुरी, दौंड, भोपाल, गुंतकल, रतलाम ऐसे स्टाफ, क्रू चेंजिंग स्टेशनों को सुपरफास्ट गाड़ियों का स्टोपेज मिला मगर शायद इन दिनों रेल प्रशासन अपनी इस नीति पर काम नहीं कर रहा है या इसे भुला दिया है। मध्य रेल की एकमेव मुम्बई निजामुद्दीन राजधानी जिसका क्रू अर्थात परिचालन करने वाला स्टाफ भुसावल मे बदला जा सकता है मगर उसे भुसावल से 25 किलोमीटर दूरी के स्टेशन जलगाँव मे बदला जा रहा है और इसका कारण यूँ बताया गया की जलगाँव वाणिज्यिक ठहराव है और मात्र 25 किलोमीटर अंतर मे राजधानी जैसी सुपरफास्ट गाड़ी को दोबारा ठहराया नहीं जा सकता है। खैर, रेल प्रशासन ने कारण दिया है और भुसावल मे स्टोपेज देने की मंशा नहीं है, ना दें, मगर कम दूरी का कारण ना दे क्योंकी 25 किलोमीटर के भीतर के स्टोपेज लेने वाली 12953/54 अगस्त क्रांति राजधानी वापी- बलसाड 24 km, 12431/32 त्रिवेंद्रम राजधानी का त्रिशूर – शोरानूर 30 km, 12441/42 बिलासपुर राजधानी का दुर्ग-रायपुर 40 km, 12423/24 डिब्रूगढ़ राजधानी का दानापुर- पाटलीपुत्र 5 km ऐसे दस और कम अंतर के स्टोपेज गिनवाए जा सकते है।
भुसावल से क्रू जलगाँव जाता है और वहाँ से ड्यूटी शुरू करता है उसी तरह भोपाल या मुम्बई से क्रू जलगांव मे गाड़ी छोड़ता है और भुसावल तक दूसरी गाड़ी से खाली आता है। क्या यह अतिरिक्त खर्च रेल प्रशासन के ख्याल से परे है? रेल प्रशासन चाहे तो भुसावल मे वाणिज्यिक ठहराव न दे मगर क्रू चेंजिंग भुसावल मे ही करे तो बेहतर है। इससे रेल विभाग का पारिचालिक खर्च निश्चित ही बचेगा। इसी तरह एक मराठवाडा सम्पर्क क्रांति भी चलती है जिसे जलगाँव स्टोपेज है और उसका क्रू चेंजिंग पॉइंट भुसावल ही है हालांकि यह गाड़ी भुसावल मे वाणिज्यिक ठहराव नहीं लेती। इस तरह राजधानी एक्सप्रेस को भी चलाया जा सकता है।
रेल दुनिया ब्लॉग के माध्यम से हम सदैव रेल गाड़ियों मे अवैध विक्रेताओं का विषय सामने लाते रहे है। भारतीय रेल के यूँ समझिए की कोई मार्ग इन अवैध विक्रेताओं, भीख माँगनेवालों से छूट नहीं है। रेल गाड़ी के प्रत्येक वर्ग यहाँतक की वातानुकूलित कोच तक भी अवैध विक्रेता धड़ल्ले से पहुँच गए है। निम्नलिखित खबर देखिए,
दिव्य मराठी, दिव्य सीटी भुसावल दि. 20/1/2022
उपरोक्त खबर मराठी भाषा मे है। खबर का आशय यह है, दिनांक 16 जनवरी रविवार को लोकमान्य तिलक टर्मीनस से भागलपुर की ओर जानेवाली सुपरफास्ट मे मुख्य टिकट निरीक्षक दिनेश वसापा, भुसावल से खंडवा के दरम्यान अपनी विशेष टिकट जांच की ड्यूटी कर रहे थे। B-2 अर्थात वातानुकूल थ्री टियर कोच मे, बुरहानपुर स्टेशन के पास एक अवैध सिंगदाना विक्रेता को डिब्बे मे पाकर उन्होंने उसे टिकट की मांग की तो उसने चाकू से खून कर दूंगा ऐसा धमकाया और गाड़ी की खतरे की जंजीर खींचकर उसने गाड़ी को रोक वह चलता बना। इस मामले मे थाने शिकायत दर्ज की गई और उस विक्रेता को धरा भी गया है। कुछ इसी तरह का वाकया करीबन आठ दिन पहले मनमाड स्टेशनपर भी घटित हुवा। मनमाड स्टेशनके अवैध विक्रेताने गाड़ी के पेंट्रीकार के विक्रेता से मारपीट की और उसके पैसे छिन लिए।
ऐसे कुछ मामले जिनकी शिकायत दर्ज होती है सामने आते है, मगर ऐसे ही कई मामले यात्रीओं के साथ भी घटित होते है जिन्हे यात्री अपनी लंबी दूरी की यात्रा के चलते दर्ज नहीं कराते और मारपीट, छिनाझपटी, गालीगलौच तक सह लेते है। अवैध विक्रेता चलते गाड़ी मे रास्ते के छोटे स्टेशनोंसे, स्टेशनों के छुपे मार्गों से चढ़ते और उतरते है, बड़े ठकुराई से अपना चाय, खाद्य सामान, पान-गुटखा, छोटी स्टेशनरी, नकली ज्वेलरी ई. सामान बेचते है। यात्रीओं से इनके वादविवाद भी चलते रहते है। द्वितीय श्रेणी के डिब्बों मे जहाँ रेल्वे का कोई निरीक्षक मौजूद नहीं रहता उससे शूरवात होते होते इन लोगों का अवैध कारोबार, घुसाव अब स्लीपर और वातानुकूलित कोच मे भी फैल गया है। जहाँ आम यात्री बेचारा आरक्षित कोच मे चढ़ने से परहेज करता है वहीं यह लोग बिना टिकट, बिना अनुमति बेखौफ सारी गाड़ी मे अपने धंधे करते फिरते है। रेल्वे की सुरक्षा मे सभी बड़े स्टेशनोंपर CCTV कैमेरे लगाए गए है। रेल्वे सुरक्षा बल RPF और सरकारी रेल्वे पुलिस GRP की सदैव निगरानी रहती है। चलती गाड़ियों मे भी रेल्वे पुलिस सक्रिय रहती है, इसके बावजूद यदि यह अवैध विक्रेता गाड़ी मे अपनी रंगदारी करते है तो बड़े ताज्जुब की बात है। रेल प्रशासन को चाहिए की अपनी सुरक्षा व्यवस्था की पुन: समीक्षा करें।
हम बारबार यात्रीओं से भी निवेदन करते है, अवैध विक्रेताओं से खाद्य सामग्री ना खरीदें। ऐसा कर के आप अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे है। भीख माँगनेवालों को भीख देकर, इन विक्रेताओं से सामान खरीदकर उन्हे इस तरह के अवैध कामकाज के लिए आप प्रोत्साहित न करें। यह आपके सुरक्षित रेल यात्रा के लिए खतरा भी खड़ा कर सकते है। रेल प्रशासन अवैध विक्रेताओं और अन्य अवैध प्रवेशों को आपकी सुरक्षा के हेतु कार्रवाई करते रहता है, आप भी इन अवैध विक्रेताओंसे व्यवहार न कर रेल प्रशासन का सहयोग करे।
सेवाग्राम, जनशताब्दी, डेक्कन और तपोवन सहित और भी गाड़ियाँ रहेंगी रद्द।
मध्य रेल द्वारा ब्लॉक की सूचना जारी हो गई है। यह रेल ब्लॉक डाउन फास्ट लाइन पर 14 घंटे का रहेगा और अप फास्ट लाइनपर 2 घंटे तक रहेगा।
नई लाइनोंका ले आउट (Image courtesy : Vijay Aravamudhan )
डाउन फास्ट लाइन का रेल ब्लॉक दिनांक 23 जनवरी के अल सुबह 1:20 बजे से 23 जनवरी दोपहर 15:20 बजे तक याने 14 घण्टे चलेगा। और अप फास्ट लाइन का रेल ब्लॉक दिनांक 23 जनवरी को ही दोपहर 12:30 से लेकर 14:30 तक याने 2 घण्टे चलेगा। इन रेल ब्लॉक्स के दौरान दीवा – ठाणे के बीच रेल गाडियाँ अप और डाउन स्लो मार्ग से परिचालित की जाएगी। रेल ब्लॉक के दौरान गाड़ियोंका परिचालन निम्नलिखित तरीके से किया जाएगा।
दिनांक 22 जनवरी को दादर स्टेशन से रात 23:40 से दिनांक 23 जनवरी के अल-सुबह 2:00 बजे तक चलनेवाली सभी मेल/एक्स्प्रेस/ उपनगरीय गाडियाँ माटुंगा से कल्याण तक स्लो मार्ग से चलेंगी और डाउन मार्ग की कोई भी मेल/एक्स्प्रेस उपरोक्त समय मे ठाणे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। 11003 दादर सावंतवाड़ी तूतारी एक्स्प्रेस अपने मार्ग एवं ठहरावों के साथ यथावत चलाई जाएगी।
दिनांक 23 जनवरी को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 00;00 समय से, कल्याण की ओर चलनेवाली डाउन मार्ग की सभी मेल/एक्स्प्रेस गाडियाँ ठाणे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई, दादर और लोकमान्य तिलक टर्मिनस से अल-सुबह 2:00 से आगे और जब तक रेल ब्लॉक समाप्त न हो जाए तब तक की सभी मेल/एक्स्प्रेस/ उपनगरीय गाडियाँ माटुंगा से कल्याण तक स्लो मार्ग से चलेंगी और ठाणे स्टेशन पर नहीं रुकेंगी।
रेल ब्लॉक के दौरान, ठाणे स्टेशन से यात्रा शुरु करनेवाले यात्रीओंको अपनी रेल यात्रा दादर या कल्याण स्टेशन से शुरू करने की अनुमति दी गई है।
कोंकण की ओर जाने वाली डाउन गाडियाँ ठाणे स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म क्रमांक 7 से होकर चलाई जाएगी।
रेल ब्लॉक समाप्ति के बाद कल्याण की ओर चलनेवाली फास्ट लोकल्स, मेल/एक्सप्रेस गाडियाँ ठाणे के प्लेटफ़ॉर्म क्रमांक 5 से होकर चलेगी।
दिनांक 22 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से चलनेवाली रद्द गाडियाँ :-
1: 12140 नागपूर छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई सेवाग्राम एक्स्प्रेस दिनांक 22 जनवरी को नागपूर से नहीं चलेगी।
2: 17618 हुजूर साहिब नांदेड छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई तपोवन एक्स्प्रेस दिनांक 22 जनवरी को नांदेड से नहीं चलेगी।
3: 11030 कोल्हापूर छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई कोयना एक्स्प्रेस दिनांक 22 जनवरी को कोल्हापूर से नहीं चलेगी।
दिनांक 23 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से चलनेवाली रद्द गाडियाँ :-
1: 11007/08 मुम्बई पुणे मुम्बई डेक्कन एक्स्प्रेस दिनांक 23 जनवरी को दोनोंही दिशाओंसे नहीं चलेगी।
2: 12071/72 छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई जालना छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई जनशताब्दी एक्स्प्रेस दिनांक 23 जनवरी को दोनोंही दिशाओंसे नहीं चलेगी।
3: 22105/06 मुम्बई पुणे मुम्बई इंद्रायणी एक्स्प्रेस दिनांक 23 जनवरी को दोनोंही दिशाओंसे नहीं चलेगी।
4: 22119/20 मुम्बई करमाली मुम्बई तेजस एक्स्प्रेस दिनांक 23 जनवरी को दोनोंही दिशाओंसे नहीं चलेगी।
5: 17617 मुम्बई नांदेड तपोवन एक्स्प्रेस दिनांक 23 जनवरी को मुम्बई से नहीं चलेगी।
6: 11029 छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई कोल्हापूर कोयना एक्स्प्रेस दिनांक 23 जनवरी को मुम्बई से नहीं चलेगी।
7: 12139 छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई नागपूर सेवाग्राम एक्स्प्रेस दिनांक 23 जनवरी को नहीं चलेगी।
पनवेल स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेशन/ ऑरिजिनेट की जाने वाली गाडियाँ :- गंतव्य/प्रारम्भिक स्टेशन का बदलना
1: 16346 तिरुवनंतपुरम लोकमान्य तिलक टर्मिनस नेत्रावती एक्स्प्रेस जो दिनांक 21 को तिरुवन्तपुरम से चलेगी, पनवेल स्टेशन पर समाप्त कर दी जाएगी। इसी तरह दिनांक 23 जनवरी को लोकमान्य तिलक से चलनेवाली 16345 लोकमान्य तिलक टर्मिनस तिरुवनंतपुरम नेत्रावती एक्स्प्रेस पनवेल स्टेशन से ही अपनी यात्रा शुरू करेगी।
2: 12052 मड़गाव मुम्बई जनशताब्दी एक्स्प्रेस जो दिनांक 22 को मड़गावसे चलेगी, पनवेल स्टेशन पर समाप्त कर दी जाएगी। दिनांक 23 जनवरी को मुम्बई छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस से चलनेवाली 12051 मुम्बई मड़गाव जनशताब्दी एक्स्प्रेस पनवेल स्टेशन से ही अपनी यात्रा शुरू करेगी।
3: 10112 मड़गाव मुम्बई कोंकण कन्या एक्स्प्रेस जो दिनांक 22 को मड़गावसे चलेगी, पनवेल स्टेशन पर समाप्त कर दी जाएगी। दिनांक 23 जनवरी को मुम्बई छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस से चलनेवाली 10103 मुम्बई मड़गाव मांडोंवी एक्स्प्रेस पनवेल स्टेशन से ही अपनी यात्रा शुरू करेगी।
दिनांक 20 जनवरी को रेलवे के सुरक्षा आयुक्त अम्बाले – राजेवाड़ी और जेजुरी – अद्रकी, डौंडज – वाल्हा रेल लाइन का निरीक्षण करेंगे। मध्य रेलवे के पुणे मण्डल के लिए यह खण्ड बहुत महत्वपूर्ण है।