07037 विशेष गाड़ी हैदराबाद से दिनांक 20 नवम्बर, शनिवार को 23:50 को चलेगी और दिनांक 22 को दोपहर 14:35 को बीकानेर पहुचेंगी। वापसीमे 07038 विशेष गाड़ी बीकानेर से दिनांक 23 नवम्बर को, मंगलवार शाम 19:35 को निकल दिनांक 25 नवम्बर गुरुवार को सुबह 11:00 बजे हैदराबाद पहुचेंगी। यात्रीगण ध्यान दे, यह केवल एकल यात्रा ही है, लेकिन आशा करने में हर्ज नही की आगे इस मार्ग से नियमित गाड़ी चलने का रास्ता खुल गया है।
पश्चिम रेलवे के नागदा और खाचरोद को रेल मन्त्री अश्विनी वैष्णव से बड़ी सौगात मिली है। संक्रमण के पहले जो स्टोपेजेस चले आ रहे थे, शून्याधारित समयसारणी के तहत रेलवे बोर्ड की सूचनानुसार बन्द कर दिए गए थे। यात्रिओंकी मांग लिए क्षेत्र के सांसद काफी दिनोंसे प्रयासरत थे।
12951/52 मुम्बई सेंट्रल नई दिल्ली मुम्बई सेंट्रल राजधानी एक्सप्रेस को प्रयोगात्मक तौर पर दिनांक 18 नवम्बर से, मुम्बई और नई दिल्ली से चलने वाली गाड़ियोंमे, नागदा स्टेशन पर छह महीने के लिए ठहराव दिया गया है।
22943/44 दौंड इन्दौर दौंड एक्सप्रेस को प्रयोगात्मक तौर पर दिनांक 18 नवम्बर से दोनोंही दिशाओं से चलने वाली गाड़ियोंमे, खाचरोद स्टेशन पर छह महीने के लिए ठहराव दिया गया है।
19039/40 बान्द्रा बरौनी बान्द्रा को प्रयोगात्मक तौर पर दिनांक 20 नवम्बर से विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन पर छह महीने के लिए, दिनांक 18 मई 2022 तक हॉल्ट दिया गया है।
19019/20 बान्द्रा देहरादून बान्द्रा को प्रयोगात्मक तौर पर दिनांक 20 नवम्बर से महिदपुर रोड स्टेशन पर छह महीने के लिए, दिनांक 18 मई 2022 तक हॉल्ट दिया गया है।
चूँकि यह ठहराव प्रयोगात्मक दृष्टिकोण रख, छह महीनोंके लिए दिए गए है, रेल मण्डल को इसका बारीकी से अभ्यास करने के आदेश दिए गए है। यात्रिओंकी समुचित संख्या यदि कायम रहती है तो ही इन स्टोपेजेस को आगे कायम किया जाएगा। आशा है, यात्रीगण इन ठहरावोंका लाभ लेंगे।
दिनांक 15 नवम्बर याने कल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के अत्याधुनिक और सुस्वरूप, सुविधापूर्ण ‘रानी कमलापति रेलवे स्टेशन’ का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम WCR प म रेल के कार्यक्षेत्र में हुवा। माननीय प्रधानमन्त्री जी के इस शुभागमन का अलभ्य लाभ लेते हुए पश्चिम रेलवे, रतलाम मण्डल के अंतर्गत आने वाले फतेहाबाद चंद्रावती गंज – उज्जैन जिसका आमान परिवर्तन, विद्युतीकरण वर्ष 11/2/2021 मे ही हो चुका था और माल गाडियाँ चलने लग गई थी, अब यात्री गाड़ी शुरू कर उद्धाटन किया गया।
यह दोनों कार्यक्रम की यथायोग्य प्रसिद्धि हुई, मीडिया मे व्यापक कवरेज भी मिला, मगर एक छोटासा लोकार्पण का कार्यक्रम भी इसी दौरान रतलाम मण्डल द्वारा सम्पन्न कर लिया गया, जिसका किसी ख़बरोंमें, कही बड़ा उल्लेख या चर्चा दिखाई नही दी। वह कार्यक्रम था, खण्डवा के पास मथेला से नीमाडखेड़ी के रेल मार्ग का लोकार्पण।
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दरअसल यह रेल मार्ग वर्ष 2019 के 12 अगस्त को ही पूर्ण हो कर एनटीपीसी खरगोन तक कोयला लदी माल गाड़ियोंके लिया शुरू हो गया था। इस रेल मार्ग का विद्युतीकरण दिनांक 15 मार्च 2020 को हुवा और विद्युत लोको संचलित माल गाडियाँ चलने लग गई थी, जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्रीजी से आज करवाया गया।
गौरतलब, क्षेत्र की जनता चर्चा कर रही है, जब निमरखेड़ी से सनावद साढ़े ग्यारह किलोमीटर के रेलमार्ग का भी आमन परिवर्तन और विद्युतीकरण पूर्ण हो कर, दिनांक 31 मार्च 2021 को सुरक्षा आयुक्त द्वारा गाडियाँ चलवाने का अनुमतिपत्र भी मिल चुका था तो इस मार्ग का लोकार्पण क्यूँ नहीं किया गया? वैसे ही कार्य सम्पन्न हो कर महीनों बित गए थे, शादी पीछे बारात का खेला तो चल ही रहा था फिर इसे भी लोकार्पण करवाने मे क्या हर्ज था? जनता की अपेक्षा यात्री गाड़ी से थी। यही बात फतेहाबाद चंद्रावतीगंज – उज्जैन के 23 किलोमीटर रेल मार्ग के लिए भी लागू होती है, यह मार्ग पर भी बीते 6-8 महीनों से केवल मालगाडियाँ ही चल रही थी और यात्री, यात्री गाड़ियोंके लिए तरस गए थे।
निमाड क्षेत्र की जनता वैसे ही बेहद परेशान चल रही है। जब सनावद – निमारखेड़ी – खंडवा (मथेला) – भोपाल रेल मार्ग पर यात्री गाड़ी शुरू होने की सुगबुगाहट लगी और जनजातीय दिवस निमित्त इस मार्ग पर भी गाड़ी का उद्धाटन हो सकता है ऐसी आस बंधी तो इस क्षेत्र के यात्री बड़े ही खुश हुए थे मगर पश्चिम रेल्वे और रतलाम मण्डल के अधिकारियों ने उनकी सारी उम्मीद और आस पर पानी फेर दिया। मथेला से खंडवा के आमान परिवर्तन का कार्य फिलहाल दूर दूर तक बनते दिखाई नहीं दे रहा है, खंडवा स्टेशन के यार्ड रिमोडलिंग का भी कार्य ठप पडा है। इस तरह महू से लेकर आकोट तक खंडवा होकर रेल मार्ग कब यात्रीओं के नसीब होगा यह भगवान ही जाने!
रानी कमलापति के पुत्र नवल शाह के नाम पर शाहपुर ग्राम था जिसे उनके मित्र दोस्त मोहम्मद ने छल कपट से आक्रमण कर छीना और अपने रहनुमा सेनापति को इनाम में दे दिया जो भोपाल के नवाब बने, बाद में नवाबों की बेगम के शासन में यह ग्राम बेगम के रहनुमा और खासमख़ास हबीब मिंया को इनाम में दे दी, अंग्रेजी हुकूमत ने 1909 में शाहपुर ग्राम में स्टेशन बनाया। 1979 में स्टेशन के विस्तार के लिए हबीब मिंया ने यही जमीन दान की और हबीबगंज बना और आज वापिस यह जमीन रानी कमलापति के नाम हुई।
आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस पुनर्निर्माण किए गए वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन का उद्धाटन करेंगे। इस स्टेशन का पुनर्निर्माण PPP मॉडल पर किया गया है। हवाई अड्डे पर उपलब्ध यात्री सुविधाओंकी तरह सारी व्यवस्था इस रेलवे स्टेशनपर दी जाएगी।
पिछले 30 – 32 वर्षोंमें में इस रेलवे स्टेशन कायाकल्प हो गया, जो एक छोटीसी गुमठी ( small shop) जैसा था जहां देर रात्रि की गाड़ियोंमे चढ़ने, उतरने में भी यात्री दो बार विचार करते थे।
भारतीय रेल दिनांक 15 नवम्बर से अपनी विद्यमान यात्री गाड़ियोंका नियमितीकरण कर रही है। इसके लिए रेलवे सॉफ्टवेयर कम्पनी CRIS को हिदायतें दे दी गयी है। चूँकि यह सब काम रेलवे टिकिटिंग से जुड़ा होने से रेलवे की सम्पूर्ण PRS सिस्टम बन्द रखी जाएगी।
यह काम दिनांक 14 नवम्बर याने आज रात 23:30 से शुरू होकर कल याने 15 नवम्बर तक चलेगा और इसी तरह हर रोज 7 दिनोंतक याने दिनांक 20 की रात 23:30 से दिनांक 21 नवम्बर की सुबह 5:30 तक चलता रहेगा।इन 7 दिनोंके निर्देशित 6 घण्टोमे, PRS (पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम) सम्बंधित सभी कार्य मसलन टिकट आरक्षण, टिकट बुकिंग, टिकटोंका रद्दीकरण या अन्य बदलाव और पूछताछ पूर्णतयः बन्द रहेगी।
यज्ञपी अपडेटेशन के लिए चुना गया समय एकदम खाली अवधि वाला है, यात्री मांग बहुत कम रहती है, फिर भी रेल प्रशासन यात्रिओंसे निवेदन करती है, उपरोक्त बन्द समय का ध्यान रखते हुए यात्री अपने टिकट सम्बन्धी कार्य का नियोजन करें। रेलवे की हेल्पलाइन 139 यथावत शुरू रहेंगी।