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पश्चिम रेलवे WR की 4 जोड़ी, बान्द्रा सूबेदारगंज, बान्द्रा मऊ, सूरत सूबेदारगंज और बान्द्रा करमाळी साप्ताहिक हॉलिडे स्पेशल्स

पश्चिम रेलवे ने यात्रिओंकी माँग देखते हुए उत्तर भारत के लिए 3 जोड़ी और कोंकण क्षेत्र के लिए 1 जोड़ी हॉलिडे विशेष गाड़ियोंका आयोजन किया है। आइए उसकी विस्तृत समयसारणी देखते है।

09191 बान्द्रा सूबेदारगंज साप्ताहिक विशेष दिनांक 27 अक्तूबर से 24 नवम्बर तक प्रत्येक बुधवार को बान्द्रा से चलेगी और अगले दिन सूबेदारगंज पहुचेंगी। वापसीमे 09192 सूबेदारगंज बान्द्रा साप्ताहिक विशेष दिनांक 29 अक्तूबर से 26 नवम्बर तक प्रत्येक शुक्रवार को सूबेदारगंज से चलेगी और अगले दिन बान्द्रा पहुचेंगी।

09117 सूरत सूबेदारगंज साप्ताहिक विशेष दिनांक 22 अक्तूबर से 26 नवम्बर तक प्रत्येक शुक्रवार को सूरत से चलेगी और अगले दिन सूबेदारगंज पहुचेंगी। वापसीमे 09118 सूबेदारगंज सूरत साप्ताहिक विशेष दिनांक 23 अक्तूबर से 27 नवम्बर तक प्रत्येक शनिवार को सूबेदारगंज से चलेगी और अगले दिन सूरत पहुचेंगी।

09193 बान्द्रा मऊ साप्ताहिक विशेष दिनांक 26 अक्तूबर से 16 नवम्बर तक प्रत्येक मंगलवार को बान्द्रा से चलेगी और गुरुवार को मऊ पहुचेंगी। वापसीमे 09194 मऊ बान्द्रा साप्ताहिक विशेष दिनांक 28 अक्तूबर से 18 नवम्बर तक प्रत्येक गुरुवार को मऊ से चलेगी और शनिवार को बान्द्रा पहुचेंगी।

09187 सूरत करमाळी साप्ताहिक विशेष दिनांक 26 अक्तूबर से 30 नवम्बर तक प्रत्येक मंगलवार को सूरत से चलेगी और अगले दिन करमाळी पहुचेंगी। वापसीमे 09188 करमाळी सूरत साप्ताहिक विशेष दिनांक 27 अक्तूबर से 01 दिसम्बर तक प्रत्येक गुरुवार को करमाळी से चलेगी और अगले दिन सूरत पहुचेंगी।

यात्रीगण कृपया ध्यान रखें, सूरत करमाळी सूरत गाड़ी चूँकि कोंकण रेलवे मार्ग से चलेगी इसलिए इसकी समयसारणी 30 अक्तूबर के बाद बदल जाएगी, नॉन मॉनसून समयसारणी लागू हो जाएगी। दोनोंही समयसारणी यहाँपर दी गयी है।

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भोपाल दमोह भोपाल राज्यरानी प्रतिदिन विशेष आजसे बहाल होंगी

संक्रमण पुर्व काल मे 22161/62 क्रमांक से चलनेवाली दमोह भोपाल दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस आज दिनांक 16 से भोपाल से और दिनांक 17 अक्तूबर दमोह से यात्री सेवा में प्रतिदिन बहाल की जा रही है।

उपरोक्त गाड़ी विशेष श्रेणी में 01161/01162 क्रमांक से चलाई जायेगी। क्षेत्र के यात्री इस गाड़ी के नही चलने से काफी परेशान थे और लगातार माँग करते रहे थे। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रल्हादसिंह पटेल आज शाम भोपाल से इसका शुभ पुनरारम्भ करने जा रहे है।

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07605/06 तिरुपति अकोला तिरुपति साप्ताहिक विशेष का भुसावल तक विस्तार कीया जाए, यात्रिओंकी माँग।

द म रेल SCR ने तिरुपति अकोला के बीच 5 फेरो के लिए एक विशेष चलाने की घोषणा की है। 07605 यह गाड़ी दिनांक 15 अक्तूबर से 12 नवम्बर तक, प्रत्येक शुक्रवार को दोपहर 12:30 को तिरुपति से रवाना होगी और अगले दिन, शनिवार को दोपहर 12:15 को अकोला पहुंचेगी। वापसीमे 07606 विशेष अकोला से दिनांक 17 अक्तूबर से प्रत्येक रविवार अकोला से सुबह 8:20 को चलेगी और अगले दिन सुबह 6:25 को तिरूपति पहुँचा देगी। उपरोक्त विशेष गाड़ियाँ पूर्णतयः आरक्षण विशेष रहेंगी।

एक विशेष बात, उपरोक्त विशेष अकोला में शनिवार को दोपहर 12:25 पर पहुंचने के बाद, दूसरे दिन याने रविवार को सुबह 8:20 को तिरूपति के लिए रवाना की जाएगी। मतलब इसका लाय ओवर याने खाली रहने का समय लगभग 20 घंटे का रहेगा। अकोला, बुलढाणा, जलगांव के माननीय सांसद यदि चाहे तो शेगांव, नांदुरा, मलकापुर और भुसावल तक यह गाड़ी बड़ी आसानी से लाई जा सकती है।

भुसावल जंक्शन पर गाड़ी के रखरखाव की व्यवस्था सुचारू रूप से की जा सकती है। अकोला – भुसावल अंतर मात्र 140 किलोमीटर का है और उक्त गाड़ी को अकोला से भुसावल की दिशामे आगे बढाने के लिए रेलवे प्रशासन को किसी भी शंटिंग या लोको रिवर्सल की जरूरत भी नही है। अकोला – भुसावल के बीच रेल प्रशासन को इस गाड़ी को भुसावल लाने में, शायद ही कोई तकनीकी समस्या होगी

तिरुपति अकोला गाड़ी भुसावल लायी जाती है, तो अकोला से भुसावल तक तिरूपति के लिए सम्पर्क कराने वाली यह पहली गाड़ी रहेगी। जलगांव, बुलढाणा और अकोला जिले के यात्री निश्चित ही इस गाड़ी का भुसावल तक कराए जाने का स्वागत करेंगे ऐसा विचार कई यात्रिओंने प्रकट किया।

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01010/09 पुणे मुम्बई पुणे सिंहगड विशेष दिनांक 18 अक्तूबर से…

जी, सिंहगड विशेष पुणे और मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई दोनोंही दिशाओंसे दिनांक 18 अक्तूबर से शुरू की जा रही है।

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अपनी बात : भारतीय रेल के द्वारा ट्विटर, फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम आदि माध्यमोंपर परिपत्रक का जारी किया जाना क्या उचित है?

अरे कहाँ हाथ रख दिए भाई, सारे जमाने को तो इन सोशल मीडिया ने पागल बना रखा है और उसमे रेल प्रशासन यदि कोई सूचनाए इस पर प्रसारित करती है तो हर्ज ही क्या है? जिनके अकाउंट बने है या जो इन सोशल मीडिया मे खबरें खोजते घूमते रहते है उनको तो आजकी खिचड़ी के लिए कुछ मसाला मिल ही जाता है।

यह सबसे पहली प्रतिक्रिया थी हमारे पत्रकार मित्र की, और तमाम खबरियों की भी लगभग इसी तरह की प्रतिक्रियांए उभर कर आयेंगी, जो वाज़िब भी है। किसी एक प्लेटफॉर्म पर सब सूचनाएं मिल जाए तो क्या दिक्कत होनी चाहिए? जी दिक्कत तो हमें भी बिल्कुल नहीं है क्योंकी परिपत्रक जो भी होते है उनका प्रचार और प्रसार चाहे किसी माध्यम से किया जाए, सूचनाएं सभी जनमानस तक पहुंचे यह जरूरी है। सोशल मीडिया के यह माध्यम है भी बड़े मजबूत, लाखों लोग इन्हे देखते है। अब आप पूछेंगे फिर यह ऐसा अटपटा सवाल क्यों? भाई, दरअसल जब हम रेल्वे की अधिकृत वेबसाइटें देखते है तो बड़ा अचंभा होता है, क्योंकी जो रेल्वे की खुद की वेबसाइट है, उनकी खुद की जगह जहां पर उनको यह सभी परिपत्रक, सूचनाएं प्रसारित करनी आवश्यक होती है, उन्हे तो महीनों महीनों अपडेट नहीं किया जाता, दिक्कत यहाँपर है।

भारतीय रेलवे की अधिकृत वेबसाइट http://www.indianrailways.gov.in पर zonal railways पर आप जाएंगे तो सारे क्षेत्रीय रेलवे की लिंक्स सामने आती है। जिनमे CR, ECoR, ER, NCR, NWR, SCR, SECR, SER, SWR, SR, WCR और WR की वेबसाइट अमूमन अपडेटेड याने ताजे परिपत्रक से तैयार रहती है, वहीं ECR का लास्ट अपडेट 06-11-2020 को, NER का लास्ट अपडेट 23-11-2013 को 😢, NR का 23/8/21 को तो NFR का 20/09/21 को अपडेट किया गया है। हम इन क्षेत्रीय रेल्वेज की न्यूज एन्ड अनाउंसमेंट सेक्शन की बात कर रहे है।

जब भी कोई अधिकृत सूचनाएं जारी करनी होती है, तो इन्ही वेबसाइट के जरिए सारे परिपत्रक प्रसारित किए जाते है। ट्विटर या फेसबुक या इंस्टाग्राम यह तो केवल सूचना देने के माध्यम है, अधिकृत प्रसारण व्यवस्था नही, ऐसा हमारा विचार है। खैर! ट्विटर पर तो सारे क्षेत्र और मण्डल के अधिकारियों के अकाऊंट मौजूद है और अपने अपने क्षेत्र की सूचनाएं भी जारी करते रहते है। ट्विटर पर तो सीमित शब्दोंका प्रयोग करना होता है, फ़ोटोज वीडियो की संख्या/ समय का बंधन है, इसके अलावा यह माध्यम विदेशी भी है, चाहे जो भी हो, अधिकृत पेज तो अद्ययावत रखे जाना ज्यादा आवश्यक है, ऐसा हमे लगता है।

खैर, कुछ और बात भी कर लेते है। रेलवे के कुछ नियम ऐसे होते है, जिन्हें आप अधिकृत वेबसाइट पर परिपत्रक पढ़कर, समझकर की ही जान सकते है। उदाहरण के तौर पर ई टिकट लेकर यात्रा करने का लीजिए। कई यात्री अपना ई टिकट बनने के बाद जो ERS इलेक्ट्रॉनिक रिजर्वेशन स्लिप बनती है, बजाय उसे चेकिंग स्टाफ़ को दिखाने के, वॉट्सऐप पर भेजी गई फोटो दिखाते है, जो रेल प्रशासन में मान्य नही है। रेल यात्रा के दौरान यात्री को चाहिए की वह अपने ई टिकट की VRM वर्चुअल रिजर्वेशन मेसेज, जो ERS की स्क्रीनशॉट होती है, या रेलवे का SMS अपने अधिकृत फ़ोटो ID के साथ जाँच करवाए। वॉट्सऐप पर भेजे गए स्क्रीनशॉट के मैसेज को अधिकृत नही समझा जाता है और यात्री चेकिंग स्टाफ़ से उलझता चला जाता है। रेलवे के नियमों में उक्त बात स्पष्ट की गई है।

चलिए, आज अपनी बात यही समाप्त करते है, आपके विचार हमसे कुछ भिन्न भी हो सकते है, आशा करते है, आप हमसे साँझा जरूर करेंगे।