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भारतीय रेल में रिज़र्वेशन चार्टिंग प्लान यात्री सुविधा हेतु बदला।

02 जुलाई 2025, बुधवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2082

रेल में आरक्षित यानों में यात्रा करनेवाले यात्रिओंके लिए चार्टिंग समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। चार्टिंग होने के बाद ही यात्री के आसन क्रमांक अंततः निश्चित होते है। युँ तो ग़ैरवातानुकूलित आरक्षित यानों जैसे की स्लिपर, द्वितीय कुर्सी यान और वातानुकूलित श्रेणी के एसी थ्री टियर, एसी थ्री टियर इकोनॉमी, कुर्सी यान में कन्फर्म्ड आसन क्रमांक बदलते नही पर वातानुकूलित की उच्च श्रेणियों में आसन क्रमांक बुकिंग के वक्त नही बल्कि चार्टिंग के समय ही दिए जाते है।

साथ ही प्रतिक्षासूची के यात्रिओंको भी उनके आरक्षण की स्थिति जानने की प्रतीक्षा रहती है, आसन निश्चित होगा या नही की RAC हो जाएगा? कन्फर्म्ड नही हुवा तो ई-टिकिटिंग में टिकट रद्द हो कर धनवापसी की अवस्था मे चला जाता है। एक न कई सारे प्रश्न इस रिजर्वेशन चार्टिंग से जुड़े होते है।

भारतीय रेल में दो बार चार्टिंग की जाती है। अब तक यह पहली चार्टिंग गाड़ी के प्रारम्भिक स्टेशन से और प्रत्येक चार्टिंग स्टेशन के प्रस्थान समय से चार घण्टे पहले और अन्तिम याने दूसरी चार्टिंग गाड़ी छूटने से आधे घण्टे पहले की जा रही थी। जिससे रेलवे स्टेशनोंसे दूर, गावों और क़स्बों में रहने वाले यात्रिओंको बड़ी परेशानी होती थी। आजकल तो बड़े शहरों में भी रेलवे स्टेशन के विभिन्न टर्मिनल स्टेशनोंके चलते काफी दूर दूर से यात्रिओंको अपनी गाड़ी में चढ़ने हेतु पहुंचना पड़ता है। इन सब परेशानियों के मद्देनजर रेल विभाग ने यह निर्णय लिया है, की अब दूसरी और अंतिम चार्टिंग का समय आधे घण्टे पहले वाला यथावत रख कर पहली चार्टिंग का समय बदल कर आठ घण्टे किया जाएगा।

इस निर्णय को जरा व्यवस्थित समझते है,

1) जो गाड़ियाँ सुबह 5:00 से दोपहर 14:00 बजे तक चार्टिंग स्टेशन से रवाना होंगी, इनका पहला रिजर्वेशन चार्टिंग एक दिन पहले, रात 21:00 बजे तक किया जाएगा।

2) जो गाड़ियाँ दोपहर 14:00 बजे से देर रात 23:59 और देर रात 0:00 से लेकर सुबह 5:00 बजे तक चार्टिंग स्टेशन से रवाना होंगी, इनका पहला रिजर्वेशन चार्टिंग इनके चार्टिंग स्टेशन के प्रस्थान समय से आठ घण्टे पहले किया जाएगा।

3) दूसरे और अन्तिम चार्टिंग का समय यथावत अर्थात चार्टिंग स्टेशन से गाड़ी प्रस्थान समय से आधे घण्टे पहले रहेगा।

इस चार्टिंग के समय परिवर्तन से चार्टिंग के बाद जो सीट्स/बर्थ खाली रह जाती थी, अन बुक्ड रह जाती थी और उन्हें ‘करन्ट बुकिंग’ के लिए उपलब्ध करा दिया जाता था, उनके लिए अब साढ़े सात घण्टे का समय बचा रहेगा।

उपरोक्त चार्टिंग का परिवर्तित समय 01 जुलाई 2025 से लागू करने के आदेश रेल मुख्यालय से जारी हो चुके है। इस आदेश का कार्यान्वयन अलग अलग क्षेत्रीय रेलवे में यथायोग्य व्यवस्थापन कर के जल्द से जल्द लागू करने के प्रयत्न किए जा रहे है। यात्रीगण से अनुरोध है, चार्टिंग के बदले हुए समय का ध्यान रखे और तदनुसार अपनी रेल यात्रा का नियोजन करे।

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22949 बान्द्रा टर्मिनस दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपरफास्ट की समयसारणी बदलेगी।

02 जुलाई 2025, बुधवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2082

22949 बान्द्रा टर्मिनस दिल्ली सराय रोहिल्ला साप्ताहिक सुपरफास्ट की समयसारणी JCO 16 जुलाई 2025 से बदल जाएगी। इस सुपरफास्ट को अब बान्द्रा से दिल्ली पहुंचने में 20:55 घण्टे लगेंगे, जो फिलहाल 23:20 घण्टे लग रहे है। इससे यात्रिओंके यात्रा समय मे 145 मिनट की बचत होगी।

यह सारा स्पीड-अप, गतिमानता बान्द्रा टर्मिनस से रेवाड़ी के बीच की यात्रा में की जा रही है। अर्थात समयसारणी में जो भी बदलाव है, बान्द्रा से रेवाड़ी तक है, रेवाड़ी से दिल्ली सराय रोहिल्ला तक गाड़ी के समय नही बदलेंगे।

22949 गाड़ी के समयसारणी में बदलाव 16 जुलाई 2025 की बान्द्रा टर्मिनस से प्रस्थान तिथीसे :

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‘रेलवन’ रेल आरक्षण के साथ रेल यात्रिओंके लिए बहु-उपयोगी ऍप लॉन्च हुवा।

01 जुलाई 2025, मंगलवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2082

रेलवन (RailOne) ऐप का शुभारंभ रेलवे मंत्री द्वारा CRIS के 40वें स्थापना दिवस समारोह में किया गया।

रेलवन ऐप यात्रियों की सभी आवश्यक सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन है। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को निम्नलिखित सेवाओं तक सरलता से पहुंच मिलती है:टिकटिंग – आरक्षित, अनारक्षित, प्लेटफार्म टिकट; ट्रेन और PNR पूछताछ,यात्रा योजना, रेल मदद सेवाएं, ट्रेन में भोजन बुकिंग। साथ ही, इसमें माल परिवहन (फ्रेट) से संबंधित पूछताछ की सुविधा भी उपलब्ध है।

इस ऐप का मूल उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करना है, जिसे सरल और स्पष्ट यूआई (यूज़र इंटरफ़ेस) के माध्यम से साकार किया गया है। यह न केवल सभी सेवाओं को एक स्थान पर समाहित करता है, बल्कि सेवाओं के बीच एकीकृत संपर्क भी प्रदान करता है, जिससे उपयोगकर्ता को भारतीय रेल सेवाओं का समग्र पैकेज मिलता है।

इस ऐप की एक विशेष सुविधा है सिंगल साइन-ऑन। इससे उपयोगकर्ताओं को कई पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। RailOne ऐप डाउनलोड करने के बाद, RailConnect या UTSonMobile ऐप की मौजूदा यूज़र आईडी से लॉगिन किया जा सकता है। इसके कारण उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप रखने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे डिवाइस की स्टोरेज भी बचती है।

इस ऐप में आर-वॉलेट (Railway e-wallet) की सुविधा भी जोड़ी गई है। संख्यात्मक mPIN और बायोमेट्रिक लॉगिन जैसी आसान लॉगिन सुविधाएं भी दी गई हैं।

नए उपयोगकर्ताओं के लिए कम से कम जानकारी देकर पंजीकरण की व्यवस्था है, जिससे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान और तेज बनती है। केवल पूछताछ करने वाले उपयोगकर्ता गेस्ट लॉगिन के ज़रिए मोबाइल नंबर और OTP से भी लॉगिन कर सकते हैं।

यह ऐप एंड्रॉइड प्ले स्टोअर और ऍपल iOS ऍप स्टोअर पर उपलब्ध कराया गया है। ऍप इन्स्टॉल करने के लिए निम्नलिखित लिंक का उपयोग कर सकते है।

एंड्रॉइड के लिए, https://play.google.com/store/apps/details?id=org.cris.aikyam

iOS App Store के लिए लिंक, https://apps.apple.com/in/app/railone/id6473384334

Pib.gov.in से साभार

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रेल यात्री किराए 01 जुलाई से बढाए जा रहे है। रेल आरक्षण प्रणाली में व्यापक बदलाव के बाद अब बारी रेल यात्री किराए के बढ़ोतरी की!

30 जून 2025, सोमवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, पँचमी, विक्रम संवत 2082

01 जुलाई 2025 से रेल यात्री के बेसिक (बुनियादी) किरायोंमे वृद्धि की जा रही है। सामान्य श्रेणी और सीजन टिकट धारकोंको इस वृद्धि से दूर रखा गया है। उनके टिकट के दर में कोई बदलाव नही किया जाएगा। किराए की वृद्धि प्रति किलोमीटर रेल यात्रा के अनुसार की गई है। आइए समझते है,

1: उपनगरीय गाड़ियोंकी एकल यात्रा किराए और सभी तरह के सीजन टिकट अर्थात मासिक, त्रैमासिक पास में कोई वृद्धि नही।

सवारी गाड़ी :

1 : द्वितीय श्रेणी अनारक्षित : आधे पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की जाएगी। जिसमें 1 – 500 किलोमीटर तक कोई वृद्धि नही। 501 – 1500 किलोमीटर में ₹5/- और 1501 – 2500 किलोमीटर तक ₹10/- एवं 2501 से 3000 किलोमीटर के लिए ₹15/- ज्यादा देने होंगे।

2: स्लिपर क्लास : आधा पैसा प्रति किलोमीटर

3: प्रथम श्रेणी : आधा पैसा प्रति किलोमीटर

मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके किराए :

1 : द्वितीय श्रेणी अनारक्षित : एक पैसे प्रति किलोमीटर

2: स्लिपर क्लास : एक पैसा प्रति किलोमीटर

3: प्रथम श्रेणी : एक पैसा प्रति किलोमीटर

सभी गाड़ियोंमें वातानुकूलित श्रेणी :

1: वातानुकूलित चेयर कार : दो पैसा प्रति किलोमीटर

2: वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी : दो पैसा प्रति किलोमीटर

3: वातानुकूलित थ्री टियर : दो पैसा प्रति किलोमीटर

4: वातानुकूलित टू टियर : दो पैसा प्रति किलोमीटर

5: वातानुकूलित प्रथम/ एग्जेक्युटिव चेयर कार/ अनुभूति : दो पैसा प्रति किलोमीटर

मेल/एक्सप्रेस एवं सवारी के अलावा अन्य गाड़ियाँ जैसे कि तेजस राजधानी, राजधानी, शताब्दी, जनशताब्दी, दुरंतो, वन्देभारत, हमसफ़र, तेजस, महामना, गतिमान, अन्त्योदय, गरीबरथ, युवा, ग़ैरउपनगरिय साधारण, अनुभूति कोच, विस्ताडोम कोच, इन गाड़ियों, कोचों में किराया वॄद्धि परिपत्रक में जोड़े गए फेयर टेबल के अनुसार होगी।

किरायोंके अलावा लगने वाले अन्य चार्जेस जैसे की आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट चार्ज यथावत लगते रहेंगे। इनमें कोई बदलाव नही रहेगा।

GST चार्जेस भी यथावत लगते रहेँगे।

किराए जोड़ने के बाद उन्हें ₹5/- में रोउंडिंग ऑफ करने की पद्धति जारी रहेगी।

बेसिक बुनियादी किरायोंमे जोड़े जाने वाले अन्य प्रभार : निम्नलिखित चार्ट में श्रेणी के लिए लागू न्यूनतम किलोमीटर, तदनुसार न्यूनतम किराए, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क

01 जुलाई 2025 से लागू किराया तालिका

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प्रतिक्षासूची पर रेल विभाग की गुलाटी; प्रतिक्षासूची में यात्री संख्या बढ़ाई जाएगी।

30 जून 2025, सोमवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, पँचमी, विक्रम संवत 2082

हाल ही में जारी आदेश के तहत रेल आरक्षण की अमर्याद प्रतिक्षासूची को संकुचित करने हेतु, विभिन्न स्टेशनोंके कोटे से केवल 25% तक ही प्रतिक्षासूची के टिकट जारी करना शुरू किया गया। इस आदेश को इस तरह समझते है, जैसे किसी यात्री गाड़ी में फलाँ स्टेशन से 100 बर्थ का कोटा है। सारी 100 बर्थ बुक होने के बाद आगे केवल 25 बर्थ तक ही प्रतिक्षासूची के टिकट जारी किए जा रहे थे। छब्बीसवें टिकट के लिए ‘नॉट अवेलेबल’ या ‘रिग्रेट’ दिखाई देता था।

कुछ ऐसे हाल है, रेल आरक्षण के! उपरोक्त तस्वीर erail.in से साभार

प्रतिक्षासूची के संकुचन का उद्देश्य यह था की, चार्टिंग के बाद भी यात्रिओंकी भारी तादाद में प्रतिक्षासूची पर रह जाना, ई-टिकट प्रणाली में टिकटोंका रद्द होना और PRS पर जाकर प्रतिक्षासूची के टिकटोंको रद्द करना, इस तरह की परेशानी से यात्रिओंको मुक्ति दिलाना था। कुछ यात्री PRS के प्रतिक्षासूची टिकट लेकर वैसे ही आरक्षित यानों में चढ़ जाते थे, हालाँकि रेल विभाग, चार्टिंग के बाद प्रतिक्षासूची के टिकटोंपर आरक्षित यानोंमें यात्रा करना पहले ही वर्जित है और इस तरह की यात्रा करना दण्डित रहेगा यह घोषित कर चुका है। ऐसी अवस्था को काबू में करने के लिए केवल प्रतिक्षासूची के टिकटोंको सीमित संख्या में ही जारी करना यह अच्छा विकल्प था। रेल विभाग इस दिशा में अपने प्रयास का पहला कदम उठा चुकी थी और टिकिटिंग प्रणाली भी यह काम शुरू कर चुकी थी।

अचानक रेल विभाग ने अपनी घोषणा पर रोल बैक किया और जारी किए नए आदेशानुसार अब प्रतिक्षासूची के टिकट मूल कोटे से 25% की संख्या से बढ़ाकर 30 से 60% तक करने के आदेश जारी किए है।

नया आदेश :

पूर्व आदेश : जिसमे विभिन्न स्टेशनोंके निर्धारित कोटे से 25% यात्री संख्या तक प्रतिक्षासूची टिकट जारी करने के आदेश दिए गए।

क्या पूर्व आदेश जारी होने के चन्द दिनों में ही रेल गाड़ियोंमे बर्थ खाली चलने लगे थे? क्या यात्री इस संकुचित वेटिंगलिस्ट टिकट की संख्या से इतने हतोत्साहित हो गए थे की, आरक्षण काउंटर्स ओस पड़ गए थे। इतनी भी क्या जल्दी थी की रेल विभाग को अपने ही निर्णय पर गुलाटी मारनी पड़ी और पॉलिसी को आननफानन में बदलना पड़ा?

खैर, यह सारे निर्णय किसी प्रयोगके तौर पर लागू किए जा रहे है और बदले जा रहे है। रेल आरक्षण प्रणाली में आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। हो सकता है, आगे और भी उन्नत तकनीक के चलते यात्रिभिमुख, सकारात्मक बदलाव आएंगे। रेल विभाग अभी यह विभिन्न प्रयोग गाड़ियोंमे यात्री संख्या कम रहने के मौसम में कर रहा है जो की मुनासिब भी है। हालाँकि अवस्था यह है, भारतीय रेल में सभी सीज़न ‘पिक’ ही रहते है, अब कोई सीज़न ‘लीन’ नही रहा। गाड़ी प्रस्थान के तिथी से 60 दिन पूर्व आरक्षण शुरू होता है और चन्द मिनटों में गाड़ियाँ फुल्ल हो जा रही है। सामने त्याहारों का मौसम है, गणेशजी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली छुट्टियाँ सब आनेवाली है और इस सीज़न के टिकट बुक हो रहे है।

बदलाव के बहार में एक गुलदस्ता यात्रिओंको मनचाही आरक्षित बर्थ के चुनाव करने का भी है, जैसे वह सिनेमा हॉल में खाली सीटों में से अपनी पसंदीदा सीट चुन सकता है। चलिए देखते है, क्या क्या नए बदलाव आएंगे!