यह गाड़ियाँ रद्द करने और फेरे कम कम करते जाने का सिलसिला लगातार जारी है। आगे देखिए उत्तर पश्चिम रेलवे की रद्द एवं फेरे घटी गाड़ियोंकी सूची।
1: 04740 बीकानेर दिल्ली सराय रोहिल्ला द्विसाप्ताहिक दिनांक 15 मई और 04739 दिल्ली सराय रोहिल्ला बीकानेर द्विसाप्ताहिक दिनांक 16 से रद्द की जा रही है।
2: 02463 दिल्ली सराय रोहिल्ला जोधपुर साप्ताहिक दिनांक 19 से रद्द और 02464 जोधपुर दिल्ली सराय रोहिल्ला साप्ताहिक दिनांक 20 मई से रद्द रहेगी।
3: 04811/12 सीकर दिल्ली सराय रोहिल्ला सीकर द्विसाप्ताहिक दिनांक 19 मई से रद्द
4: 09711 जयपुर भोपाल प्रतिदिन विशेष दिनांक 16 मई और 09712 भोपाल जयपुर प्रतिदिन विशेष दिनांक 17 मई से रद्द रहेगी।
5: 04823/24 जोधपुर रेवाड़ी जोधपुर प्रतिदिन विशेष दिनांक 16 मई से रद्द रहेगी।
निम्नलिखित गाड़ियोंके फेरे घटे
1: 02477/78 जोधपुर जयपुर जोधपुर प्रतिदिन विशेष के फेरे प्रतिदिन से घटाकर दिनांक 17 मई से सप्ताह में 3 दिनकिए गए।दोनों दिशाओंसे यह गाड़ी सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को चलेगी।
2: 02964 उदयपुर सिटी हज़रत निजामुद्दीन मेवाड़ प्रतिदिन विशेष दिनांक 16 मई से केवल मंगलवार, शुक्रवार एवं रविवार को चलेगी। 02963 हज़रत निजामुद्दीन से उदयपुर सिटी को प्रतिदिन चलने वाली मेवाड़ विशेष दिनांक 17 मई से केवल सोमवार, बुधवार एवं शनिवार को ही चलेगी।
3: 04819 भगत की कोठी साबरमती प्रतिदिन विशेष दिनांक 16 मई से केवल बुधवार एवं रविवार को चलेगी। 04820 साबरमती से भगत की कोठी को प्रतिदिन चलने वाली विशेष गाड़ी दिनांक 18 मई से केवल मंगलवार एवं शुक्रवार को ही चलेगी।
4: 04803 भगत की कोठी साबरमती प्रतिदिन विशेष दिनांक 17 मई से केवल सोमवार एवं गुरुवार को चलेगी। 04804 साबरमती से भगत की कोठी को प्रतिदिन चलने वाली विशेष गाड़ी दिनांक 16 मई से केवल बुधवार एवं रविवार को ही चलेगी।
5: 04727 श्रीगंगानगर दिल्ली जंक्शन प्रतिदिन विशेष दिनांक 15 मई से केवल मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को चलेगी। 04728 दिल्ली जंक्शन से श्रीगंगानगर को प्रतिदिन चलने वाली विशेष गाड़ी दिनांक 16 मई से केवल बुधवार, शुक्रवार एवं रविवार को ही चलेगी।
गाड़ियोंके उपरोक्त बदलाव अस्थायी रूपसे आगामी परिचालन की सूचना जारी किए जाने तक किए जा रहे है।
न्यूजलपाईगुड़ी – हल्दीबाड़ी – चिलाहाटी – ढाका यह नया रेल मार्ग भारत – बांग्लादेश यात्री रेल सेवा के लिए इसी गर्मी में खोला जाना था। यात्री सेवाओंके साथ साथ माल गाड़ियाँ भी प्रस्तवित थी, मगर हालिया माहौल में यह सम्भव होता नही दिखाई पड़ रहा है। निम्नलिखित फोटोशूट और जानकारी रेल-पोस्ट.इन से सुदीप्तो कुंडू इनके सहकार्य से प्रस्तुत है।
भारत – बांग्लादेश बॉर्डर गेट, हल्दीबाड़ी – चिलाहाटी रेल मार्ग। यहीं से भारतीय रेल बांग्लादेश में प्रवेश करेंगी।बांग्लादेश सीमा के लिए भारतीय रेलवे का आखरी रेलवे स्टेशन ‘हल्दीबाड़ी’आंतरराष्ट्रीय यात्रिओंकी जाँच हेतु कार्यालय
कहा जाता है, यह रेल मार्ग, भारतीय रेल का सबसे अनोखा रेल मार्ग है। कई जगहोंपर घना जंगल है, जिसमे वन्य पशु और हाथी रेल मार्ग पर आ जाते है और सीमा क्षेत्र घनी आबादी वाला है की रेल पटरी के बिल्कुल निकट में घर बसे हुए है। कई जगह ऐसी है, रेल पटरी ही सीमा समझी जाती है, किसी के घर का बरामदा भारत मे है और कमरा बांग्लादेश में। खैर, आप आनन्द लीजिए तस्वीरोंका।
क्या एक रेल कर्मचारी होना गुना है इसका जीता जागता उदाहरण मुरादाबाद डिवीजन में एच. के. विद्यार्थी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर सिग्नल – रोसा स्टेशन पर कार्यरत थे। वह कोविड-19 से संक्रमित हैं और फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। इनके इलाज के लिए हर रोज ₹25,000 का खर्च लग रहा है। उनकी जान बचाने के लिए संकेत एवं दूरसंचार कर्मचारियों के द्वारा एक मुहिम चलाकर अपने सीनियर सेक्शन इंजीनियर की जान बचाने के लिए सहायता राशि एकत्रित की जा रही है।
क्या रेल कर्मचारी को रेलवे विभाग द्वारा कोई मेडिकल सुविधा नहीं मिलेगी? क्या उसका इलाज नहीं कराने में रेल प्रशासन असमर्थ है? क्या इस प्रकार मुरादाबाद डिवीजन में कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा नहीं है? क्या कर्मचारी कल्याण हित में मंडल के पास कोई राशि नहीं है? ऐसे अनगिनत सवाल है। इस तरह से रेल कर्मचारी किस-किस की जान बचाएंगे? रोजाना पूरे भारतीय रेल में इस तरह सैकड़ों केस आ रहे हैं। क्या इस तरह ही मुहिम चलाकर अपने कर्मचारियों को बचाना पड़ेगा?
आज संकेत एवं दूरसंचार डिपार्टमेंट अपनी पूर्ण इमानदारी और लगन से 135 करोड़ जनता के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है। जिस गति से ऑक्सीजन ट्रेन, मालवाहक ट्रेन को जल्द से जल्द पहुंचाने का कार्य करता है वह सिर्फ और सिर्फ S&T डिपार्टमेंट है और उसी के कर्मचारियों का इतना शोषण हो रहा है की उनको अपने एक सहकर्मी सीनियर सेक्शन इंजिनियर की जान बचाने के लिए चंदा एकत्रित करना पड़ रहा है। यह कितने दुर्भाग्य की बात है।
इस विषय में मंडल रेल प्रबंधक, मुरादाबाद को संज्ञान लेना चाहिए एवं रेल मंत्री और सीआरवी महोदय को आगे आकर उस कर्मचारी के इलाज के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। सभी कर्मचारियों के इलाज के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। रेल कर्मचारी अपने रेल मंत्रालय से अपील करना चाहते हैं की संकेत एवं दूरसंचार विभाग का ख्याल रखे और इस महामारी में, उनके साथ जो शोषण हो रहा है उस पर ध्यान दें। समस्त संकेत एवं दूरसंचार कर्मचारियों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने के लिए एक अलग से कार्यक्रम जारी कीया जाए क्योंकि यह फ्रंट लाइन योद्धा हैं। आशा है, इस घटना पर रेल मंत्रालय कोई ठोस कदम जरूर उठाएगा और अपने कर्मियोंके युद्ध स्तर पर किये गए कार्य का उचित मूल्यांकन कर उनकी सुरक्षा की तजवीज करेगा।
संक्रमण और लॉक डाउन के चलते रेल गाड़ियोंमे लगातार यात्रिओंकी संख्या घटते चली जा रही है। इसके मद्देनजर रेल प्रशासन की निरीक्षण समिती हर एक क्षेत्रीय रेलवे को अपनी गाड़ियाँ रद्द करने या फेरे घटाने का निर्देश देती है। निम्नलिखित गाड़ियोंकी सूची देखे, उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल बोर्ड के आदेशानुसार गाड़ियोंके परिचालन में बदलाव किए है।
रद्द गाड़ियाँ
1: 02473/74 बीकानेर बान्द्रा टर्मिनस बीकानेर साप्ताहिक दिनांक 17/18 मई से रद्द
3: 02440/39 श्रीगंगानगर हुजुरसाहिब नान्देड श्रीगंगानगर साप्ताहिक दिनांक 14/16 मई से रद्द
गाड़ियोंके फेरे घटाए गए
1: 02065/66 अजमेर दिल्ली सराय रोहिल्ला अजमेर जनशताब्दी विशेष जो सप्ताह में 5 दिन चलाई जा रही थी, दिनांक 14 मई से सप्ताह में 3 दिन चलाई जाएगी।
2: 02458/57 बीकानेर दिल्ली सराय रोहिल्ला बीकानेर सुपरफास्ट विशेष जो प्रतिदिन चल रही थी, दिनांक 15 से 02458 और दिनांक 17 से 02457 द्विसाप्ताहिक ही चलेगी।
3: 02443/44 दिल्ली सराय रोहिल्ला जोधपुर दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपरफास्ट विशेष जो प्रतिदिन चल रही थी, दिनांक 16 से 02443 और दिनांक 17 से 02444 द्विसाप्ताहिक ही चलेगी।
4: 02471/72 श्रीगंगानगर दिल्ली जंक्शन श्रीगंगानगर सुपरफास्ट विशेष जो प्रतिदिन चल रही थी, दिनांक 17 से 02471 और दिनांक 18 से 02472 द्विसाप्ताहिक ही चलेगी।
5: 04731/32 दिल्ली जंक्शन भटिण्डा दिल्ली जंक्शन विशेष जो प्रतिदिन चल रही थी, दिनांक 17 से 04731 और दिनांक 18 से 04732 द्विसाप्ताहिक ही चलेगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे का परीपत्रक
पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे NFR ने अपनी इन्टरसिटी और अनारक्षित डेमू गाड़ियाँ रद्द करने की सूचना दी है।
मध्य रेलवे करी मान्सून की तैयारी, महाप्रबंधक आलोक कंसल ने लिया जायज़ा
मध्य रेल के महाप्रबंधक,श्री आलोक कंसल द्वारा मानसून तैयारियों की समीक्षा
आलोक कंसल ने हाल ही में वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से मुंबई मंडल पर मानसून की तैयारी के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मुंबई मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नए आरसीसी बक्सों के जॉइंट्स से वर्तमान पुलों के जलमार्ग के लीकेज को रोकने के व्यवस्था की ड्राइंग का निरीक्षण करें । साथ ही कटिंग, टनल, कैच वाटर नालियों और मानसून से सम्बन्धित कार्यो के निरीक्षण के बारे में भी कई निर्देश दिए।
घाट सेक्शन
आलोक कंसल जब रेलवे बोर्ड में थे उन्होंने 2019 में घाटों का निरीक्षण किया था उन्होंने घाटों में संवेदनशील लोकेशनो पर विभिन्न उपाय करने के लिए अपने सुझाव साझा किए। इसमें दक्षिण पूर्व घाट में कटाव को बनाए रखने के लिए कुछ स्थानों पर कैनेडियन फेंसिंग लगाना, तार के जाल और स्टील बीम के माध्यम से गिरने वाले बोल्डरों को रोकना, पटरियों पर बहने वाले अतिरिक्त पानी को रोकने के लिए नाली की दीवार को ऊपर उठाना शामिल ,जिसका कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा, यह टनल के लाइन वाले हिस्से के एपॉक्सी ग्राउटिंग और स्टील की आर्क रिब को टनल के लाइन वाले हिस्से के लिए स्प्रिंगिंग स्तर तक कंक्रीट की दीवार पर समर्थित प्रदान करने की योजना है और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। जियो कम्पोजिट स्टील ग्रिड और अन्य सुरक्षात्मक कार्यों के सुरक्षित ड्रैपर के साथ गतिशील रॉक फॉल अवरोधों का प्रावधान प्रगति पर है।
दक्षिण पूर्व घाट- लगभग 58 टनलों सहित 28 किलोमीटर की लंबाई, उत्तर पूर्व घाट लगभग 18 टनलों सहित लगभग 14 किलोमीटर की लंबाई है। DBKM (फ्लैट वैगन) वैगनों को पोकलेन मशीन से भरा हुआ है जिससे घाट को साफ किया जा सकता है, साफ जल निकासी और स्टैंडबाय व्यवस्था के रूप में रखा जा रहा है। अब तक हिल गैंग, बोल्डर विशेष ट्रेन और समान संख्या में 800 लूज़ बोल्डर को मानसून आने से पहले हटाने की योजना बनाई गई है।
कलवर्ट का चौड़ीकरण / विस्तार
कुर्ला और विद्याविहार के बीच माइक्रो-टनलिंग के माध्यम से 1.8-मीटर व्यास और 200 मीटर लंबे पांच पाइपों को पुश किया गया था। पनवेल और कर्जत, वडाला और रावली, तिलक नगर, बदलापुर और वांगनी के बीच मौजूदा पुल से सटे आरसीसी बॉक्स की प्रविष्टि से जलमार्ग को बढाया है। सैंडहर्स्ट रोड पर 1.8-मीटर व्यास और 400-मीटर लंबाई के समान पाइप, मस्जिद में एक-मीटर व्यास और 70-मीटर लंबाई को राज्य सरकार की मदद से माइक्रो टनलिंग के माध्यम से पुश किया गया है।
पहचान किए गए स्थानों पर क्षमता और पंपों की संख्या में वृद्धि
रेलवे ने तेज जल निकासी के लिए भारी क्षमता वाले पंप प्रदान करने की भी योजना बनाई है ताकि तूफानी वारिश के पानी का मुक्त प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके तथा पानी पटरियों से जल्दी से निकल जाए और मानसून अवधि के दौरान ट्रेन संचालन बाधित न हो। पिछले वर्ष की तुलना में पंपों की संख्या में 10% की वृद्धि होगी।
सिग्नल और दूरसंचार
बाढ़ प्रवण क्षेत्र में जलरोधी मोटर उपलब्ध कराए गए हैं। टर्मिनल ब्लॉकों का जल प्रूफिंग, कम्यूटेटर चेंबर, गियर बॉक्स और कॉइल ड्रम की सील और गियर बॉक्स असेंबली में संशोधन मई 2021 तक पूरा किया जा रहा है।
कर्षण वितरण
ऑपरेटिंग पावर ब्लॉक द्वारा ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए क्रॉसओवर, टर्नआउट्स, मास्ट्स, कैंटिलीवर आदि का रखरखाव सुनिश्चित करना। टॉवर वैगन और फुट पैट्रोलिंग द्वारा लाइव लाइन की जाँच, गाड़ियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए ओएचई गियर के ठीक सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। पूरे मुंबई मंडल में आरओबी / एफओबी के अंतर्गत महत्वपूर्ण पोर्टल बूम हटाने, जाँच और रखरखाव को बनाए रखने का काम किया जा रहा है,
इलेक्ट्रिकल जनरल
मुंबई मंडल के विभिन्न स्थानों पर स्टैंडबाय सप्लाई डीजी सेट्स की जाँच, अपने एएमएफ पैनल और आपातकालीन सर्किटों का काम करना, बिजली की संपत्तियों के आसपास के क्षेत्र में पेड़ की शाखाओं को ट्रिम करना, आउटडोर पैनल, ओवरहेड लाइनें, तापमान गन द्वारा केबल और बस बार कनेक्शन की जाँच और गर्म ब्लोअर के साथ सफाई, ओवरहॉलिंग और पंपों का ध्यान देना।
सुरक्षा
रेलवे सुरक्षा बल की क्विक रेस्पांस टीम और बाढ़ बचाव दल ने एनडीआरएफ से प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। 5 मशीनीकृत बचाव नौकाओं को रणनीतिक रूप से किसी भी घटना के लिए रखा गया है। नियंत्रण कार्यालय को समयबद्ध इनपुट के लिए आरपीएफ कर्मचारियों द्वारा ड्रोन निगरानी शामिल है।
समन्वय बैठकें
एमसीजीएम अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें की जा रही हैं। इस वर्ष मानसून की तैयारियों के तहत मध्य रेल द्वारा कई नई पहल की गई हैं।
अन्य सभी नियमित कार्य जैसे पहचाने गए पेड़ों को काटने, जल निकासी की सफाई, रोलिंग स्टॉक, मक स्पेशल चलाकर 1.5 लाख क्यूबिक मीटर मक ट्रैकसाइड से हटाया गया, 225 किमी लंबाई की नालियों की सफाई की गई और इस साल 100 किमी ट्रैक ऊंचा करने की योजना है। यह कार्य प्रगति पर हैं और निर्धारित समय में पूरा हो जाएगा।
राज्य / केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए नियंत्रण कार्यालय 24 × 7 काम कर रहा है।
अन्य मंडलों – पुणे, सोलापुर, भुसावल और नागपुर मंडलो को भी मानसून से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।