नवजीवन सुपरफास्ट विशेष के यात्रिओंकी वर्षोंसे माँग थी, शिंदखेड़ा स्टेशन के स्टापेज की, वह पूरी होने जा रही है। 02655/56 चेन्नई अहमदाबाद चेन्नई नवजीवन विशेष गाड़ी दोनों ओरसे, दिनांक 21 अप्रैल से शिंदखेड़ा स्टेशनपर ठहराव लेने जा रही है।
02655 अहमदाबाद से चेन्नई जाते वक्त शिंदखेड़ा का समय प्रातः 04:44/04:46 और 02656 चेन्नई से अहमदाबाद की ओर जाते वक्त शिंदखेड़ा का समय 10:00/10:02 ऐसे रहेगा।
इस बदलाव के चलते दोनों दिशाओंके सूरत से अमलनेर के परिचालन में मामूली सा समय का बदल किया गया है, वह निम्नलिखित परीपत्रक में दिया गया है। यात्रीगण से निवेदन है, कृपया PTT याने पब्लिक टाइमटेबल वाली समयसारणी पर ध्यान दे, WTT समयसारणी, वर्किंग टाइमटेबल होती है और वह केवल परिचालन विभाग के लिए लागू होती है।
उत्तर पश्चिम रेल NWR ने एक सूची बनाई है। दरअसल रेलवे बोर्ड से क्षेत्रीय रेल्वेज को गाड़ियोंकी निगरानी करने कहा गया है, जो गाड़ियोंको यात्रिओंकी ओरसे बहुत कम रिस्पॉन्स मिल रहा है। निम्नलिखित सूची उन्ही खाली चलनेवाली गाड़ियोंकी है, उक्त गाड़ियोंका परिचालन कुछ दिनों के लिए रद्द कीये जाने का प्रस्ताव जनरल मैनेजर की सहमती से रेलवे बोर्ड को भेज जा सकता है। यज्ञपि यह ध्यान रखा जाएगा कि प्रत्येक मार्ग पर कोई न कोई गाड़ी चलती रहेगी जो महत्व के ज्यादा स्टापेजेस कवर कर रही हो।
उपरोक्त सूची में, गाड़ियोंके यात्री संख्या रिपोर्ट है। हर गाड़ी के लगभग 3 – 3 दिनोंके फेरे के आँकड़े दिए गए है। जल्द ही इनमेसे कुछ गाड़ियोंके फेरे रद्द किए जा सकते है।
आपने फ़िल्मोंमे ऐसे कई दृश्य देखे होंगे, लेकिन यह हकीकत है।
सामने आती गाड़ी और प्लेटफॉर्म पर से पैर फ़िसल कर गिरता बच्चा,
एक जान को बचाए जा सकने में सिर्फ 6 सेकण्ड का वक्त…
एक जवान पलक झपकने से पहले ही गाड़ी के सामने दौड़ते हुए आता है, बच्चे को पटरी से उठाकर प्लेटफार्म पर छलांग लगाता है… बस, गाड़ी 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धड़धड़ाते निकल जाती है।
कोई “एक्शन” की आवाज नही और न ही “कट” की। क्योंकी यह कोई फ़िल्म की शूटिंग नही चल रही थी। यह तो वहाँ cctv का कैमरा ना होता तो यह थर्राकर रख देने वाला दृश्य किसी प्रत्यक्षदर्शी के ही ज़ेहन में छपा रह जाता।
मध्य रेलवे के कल्याण – कर्जत, पुणे के बीच का यह स्टेशन है, वांगणी। जहाँपर यह हादसा होते होते बचा।
दृश्य में दिखाई दे रहा है, दो बच्चे अपनी मस्ती में प्लेटफॉर्म पर से जा रहे है, अचानक प्लेटफार्म के किनारेसे चलनेवाले बच्चे का पैर फ़िसलकर वह पटरी पर गिर जाता है। सामने से गाड़ी बड़े ही तेज गति से आ रही है। यकायक पटरीके पास थोड़े ही दूरी पर प्वॉइंट्मन मयूर शेळके तेजी से बढ़ती रेलगाड़ी के सामने दौड़ते हुए आकर, उस बच्चे को पटरी से उठाकर प्लेटफॉर्मपर छलांग लगाता है।
मित्रों, आज रेल मन्त्री पीयूष गोयल ने भी इस जवान, पवाईट्समैन मयूर शेळके की तारीफ की है, ट्वीट किया है। सलाम है, ऐसे रेल कर्मी को जो अपने फर्ज के सामने इन्सानियत के लिए खुद की जान की बाजी लगा देता है। वाह!!
निम्नलिखित 12 गाड़ियोंके रद्द करने का कारण, यात्रिओंकी निरुत्साहित प्रतिक्रिया बताया जा रहा है। बरसोंसे सवारी गाड़ियोंके किरायोंमे चलती इन गाड़ियोंके किराए, बिना किसी समयसारणी के बदलाव करें, यदि एक्सप्रेस के देने पड़ने लगे तो यात्रिओंमें निरुत्साह नही रहेगा तो क्या स्वागत रहेगा? माना की यह सारी रेल प्रशासन की कवायदें चल रही है, शून्याधारित समयसारणी, निजी ट्रेनोके लिए प्रयोग किए जा रहे मगर जनमानस के पल्ले ऐसी बाते हज़म होना बड़ा असहज है। वही समयसारणी मगर अब किराया दुगुना, यह बात पचने में, इन गाड़ियोंमे नियमित यात्रा करनेवाली सवारियोंको वक्त लगेगा।
वैसे भी इन गाड़ियोंके बगैर जो वर्ष बिता है, उस दौरान यात्रिओंद्वारा, कई विकल्प तलाशें गए और उपयोग में भी लाए गए है। कम किराया यह सवारी गाड़ियोंका मुख्य आकर्षण हुवा करता था क्योंकि 24 घंटे में 2-4 सवारी गाड़ियोंके लिए जरुरतमन्द, कामकाजी लोग नही रुकते, फुरसतीलाल या वह यात्री जिनके समय इन गाड़ियोंके साथ मेल खाते थे वही इन गाड़ियोंकी सवारियां होती थी। अब किराया दुगुना हो गया, साथ ही स्टेशन पर जाने आने का खर्चा जोड़ो तो उस मुकाबले सड़क से जब चाहों तब और घरसे घर तक वाहन की उपलब्धता यात्रिओंको ज्यादा सुविधाजनक लगने लगी है।
दूसरा, जगह जगह व्यापार, व्यवसायोंपर निर्बंध लगे हुए है, नौकरीपेशा लोगों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ की व्यवस्था की जा रही है अतः यह भी यात्री कम हो गए है। रोजाना यात्रा करनेवालोंमें शिक्षा संस्थान बन्द होने से, स्टूडेंट्स बिल्कुल ही नदारद है, तो इन गाड़ियोंमे यात्री मिलेंगे कहाँ से? ख़ैर समय समय की बात है। हम आशा करते है, जल्द ही परिस्थितियों बदलाव आएगा। स्कूल कॉलेजेस खुलेंगे, उद्योग व्यवसाय फिर बहुरेंगे, तब फिरसे यात्रिओंको इन गाड़ियोंकी जरूरत पड़ेगी और गाड़ियाँ चल पड़ेगी। फ़िलहाल यह देखिए, आपके क्षेत्र की कौनसी गाड़ियाँ रद्द की जा रही है।
दिनांक 19 अप्रैल से अगली सूचना दिए जाने तक रद्द की जाने वाली गाड़ियाँ
09007 सुरत भुसावल प्रतिदिन विशेष
02959/60 वड़ोदरा जामनगर वड़ोदरा सुपरफास्ट सप्ताह में 5 दिवस, विशेष
09258 वेरावळ अहमदाबाद सोमनाथ प्रतिदिन विशेष
09323 डॉ आंबेडकर नगर भोपाल प्रतिदिन विशेष
09340 भोपाल दाहोद प्रतिदिन विशेष
दिनांक 20 अप्रैल से अगली सूचना दिए जाने तक रद्द की जाने वाली गाड़ियाँ
चालक और सह चालक सहित 53 रेलकर्मी पॉजिटिव कोटा। न्यूज़. रेलवे के टीआरओ और टीआरएस विभाग में पिछले 17 दिनों में चालक और सह चालक सहित 53 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। सभी का इलाज चल रहा है। इनमें सबसे ज्यादा 9 कर्मचारी 14 अप्रैल को सामने आए। संक्रमित होने वालों में 22 सहायक लोको पायलट, 12 गुड्स लोको पायलट, 5 मेल और दो पैसेंजर लोको पायलट, एक मुख्य लोको निरीक्षक तथा कार्यालय अधीक्षक सहित तकनीशियन और हेल्पर आदि शामिल हैं।
कुछ इसी तरह की खबरें उत्तर मध्य रेल के आग्रा मण्डल की भी है। वहाँ मण्डल रेल प्रबंधक ऑफिस में 21 अफसर, और अलग अलग विभागमे 117 संक्रमण से बाधित पाए गए है। परिचालन विभाग के लोको पायलट, सह पायलट, गार्ड्स की भी संक्रमित होने की खबरें है।
कुल मिलाकर यह समझ आ रहा है, रेल प्रशासन की अपनी खुद की अद्ययावत, स्टाफ़ को समर्पित स्वास्थ्य यंत्रणा है, रेलवे अस्पताल बने है, तो भी संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे है। ऐसी स्थितियोंमे प्रशासन के साथ साथ कर्मियोंको भी खुद के स्वास्थ्यपर ध्यान देने की जरूरत है।
हमारा सभी रेल अफसर और रेल कर्मचारियों से खास कर लाइन ड्यूटी स्टाफ़ से आग्रह है, कृपया अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें, किसी भी तकलीफ को, असहजता को बिल्कुल ही नजरअंदाज ना करे। रेलवे अस्पताल में जाँच से लेकर इलाज़ तक हर सुविधा उपलब्ध रहती है। यह विशेष बात है की आप सब आपातकाल में योद्धाओं की तरह अपने फर्ज पर डटे है, लगातार देश की सेवा में समर्पित है। हम आपकी अविरत सेवा और फर्ज के प्रति समर्पण के ज़ज्बे को सलाम करते है।