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रेलवे आरक्षण बुकिंग वेबसाइट और ऍप में नही हो पा रही बुकिंग्ज

आज सुबह से आईआरसीटीसी के रेलवे बुकिंग ऍप पर और वेबसाइट पर बुकिंग करने में काफी दिक्कतें आ रही है। शाम ढलते ढलते कई जगह महाराष्ट्र से राज्यान्तर्गत रेलवे बुकिंग्ज को मनाई की जा रही है ऐसी खबरें सोशल मीडिया में वायरल होने लगी।

आईआरसीटीसी ऍप की स्क्रिन शॉट

हालाँकि इस खबर की छानबीन करने से यह पता चला है कि आईआरसीटीसी के ऍप में तकनीकी खराबी है। रेलवे के PRS काउंटर्स पर आरक्षित तिकीटोंके बुकिंग्ज यथावत चल रहे है और उनमें कोई दिक्कतें नही आ रही।

दरअसल ऐसी खबरें फैलने की वजह महाराष्ट्र में संक्रमण के आँकड़ोंमें बढ़ोतरी जो हो रही है। सोशल मीडिया पर तरह तरह की खबरे फैल रही है। निम्नलिखित परीपत्रक में महाराष्ट्र से कर्णाटक, केरल में पहुंचने वाले सभी मार्गों, रास्ते से, बसोंसे, हवाई मार्गसे या रेल से आने वाले यात्रिओंको RTPCR की 72 घंटे पूर्व की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है।

सोशल मीडिया में वायरल संदेश

यात्रिओंसे नम्र निवेदन है, सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की ख़बरोपर न ही विश्वास करें और ना ही उन्हें आगे फ़ॉरवर्ड करें। केवल रेलवे के अधिकृत वेबसाइट, हेल्पलाइन से ही सही जानकारी प्राप्त करे। यात्रा के दौरान रेलवे और स्थानिक प्रशासन संक्रमण कालीन सभी नियमों, हिदायतोंका पालन अनिवार्य रूपसे करें।

उपरोक्त दोनोंही तस्वीरें किसी भी भ्रम फैलाने के हेतु से नही दी गयी है, अपितु रेल यात्रियों और रेल यात्रा करने के इच्छुक जनमानस को नियमोंके प्रति जागरूक करने और फैलती अफवाहोंसे सावधान, सजग करने के लिए दी गयी है। रेल दुनिया कतई ऐसी अफवाहोंका, झूठी ख़बरोंका समर्थन नही करता है। रेल सम्बंधित ख़बरोंमें भी रेलदुनिया रेलवे की ओरसे जारी किया गया अधिकृत परीपत्रक हमेशा जोड़ता है। हम चाहते है, हमारे पाठकोंका हमारे प्रति हमेशा ही विश्वास बना रहे।

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मध्य रेल, भुसावल डिवीजन जलगाँव भुसावल तीसरी,चौथी रेल लाइन प्रोजेक्ट अपडेट्स

आज जलगाँव भुसावल तीसरी लाइनका जलगाँव से भादली स्पीड ट्रायल किया गया। भादली से भुसावल तीसरी लाइन वर्किंग में पहलेसे ही शुरु है।

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रेलवे का आरक्षण आम आदमी की पहुंचसे परे, छोटे स्टेशनोंके यात्री परेशान, नही ले पाते आरक्षित टिकटें

संक्रमणकालीन नियमावली के अनुसार, रेलवे के एखाद क्षेत्र छोड़े तो 95 फीसदी गाड़ियाँ पूर्णतयः आरक्षित यात्री सेवाएं चल रही है। यहाँतक की पश्चिम रेलवे की डेमू ट्रेनों में भी वीना आरक्षण यात्रा की टिकट उपलब्ध नही है। ऐसे में डेमू/सवारी गाड़ी का निम्न रोजगार वाला यात्री बेचारा थपेड़े खा रहा है

अब रेल विभाग के सूत्र कहेंगे, टिकट आरक्षित करने के लिए ढेर व्यवस्थाए है। मोबाईल ऍप है, वेबसाइट है, अधिकृत किए गए दलाल है और रेलवे के खुद के PRS यानी आरक्षण काउंटर्स लगे पड़े है, तो भईया, तकलीफ काहे की बताइए?

तकलीफ का है, हमहू बतावत है” हमारे रामजी काका कहते है। अब उनकी भाषा मे समझेंगे तो अच्छे अच्छों का भी सिर चकरा जाएगा, अतः हम ही सीधे सीधे बताते है।

रामजी काका का कहना है, उनकी लिखाई पढ़ाई यथातथा ही है। आरक्षण काउंटर पर जाएंगे तो उहाँ पर फॉर्म भरना पड़ता है। एक फॉर्म पर क्या लिखे यह मुसीबत, जै समझ समझ कर लिख भी लिए तो आरक्षण बाबू को समझाए पड़ी की का लिखे है। दूसरा टिकट खिड़की पर जै भीड़ के भईया एक दिन का तो रोजगार ही डुबाइके पड़ी, उससे अच्छा तो ई लागत है, की कौनो रेलसे जावे का जरूरत नाही, टैम्पा में बैठो या बसवां में ठेठ कर चले जावो।

अब दूजा एजंटवा के पास टिकट कटवाने जावत है तो ससुरा, बहुत ज्यादा पैसे मांगत रहा। 90 क़ाय टिकट, 20 रुपैय्या सर्विस का और कहता है पूरा राउंड ऑफ ऐसन कहता रहै, डेढ़ सौ रुपया पूरा ही दे दीजिए। अब इतना ज्यादा कैसे दे दे भाई?

रेल वाले कहते है मोबाइल पर ही टिकट बन जाती है, एक तो हमारा फोन उतना का कहत रहे, उतना इस्मार्ट नही है ना, ओंके लिए, चलिए जान पहचान वाले के मोबाइल से बनवाए खातिर कहते है तो पैसे कैसे चुकाएंगे? उसके लिए पैसे निकालने/देने वाला कार्ड भी होना चाहिए ना? जै फ़ोनवाले के कार्ड से पैसे चुकाएंगे तो उ भी ज्यादा का पैसा जोड़कर बताता है।

कुल मिलाकर ग्रामीण यात्री रेल से यात्रा करने से दूर ही रह गया है। उसे टिकट काउन्टर पर भीड़, सीमित समय की परेशानी है। आरक्षित टिकट के मुकाबले, द्वितीय श्रेणी का टिकट बड़ी आसानी से लिया जा सकता है। रेलवे की ई सेवाए उसकी पहुंच और समझ से दूर है, दूसरे पेमेंट्स के ऑप्शन भी उसके पास नही है। वह केवल नगद व्यवहार आसानी से कर सकता है। इसका फायदा एजेंट बनकर बैठे कुछ लोग खूब ले रहे है।

रेलवे प्रशासन को चाहिए की अपनी आरक्षण काउंटर्स व्यवस्था बढाए। दूसरा डेमू ट्रेनोके टिकट यदि आरक्षित ही रखे जाने है तो प्रत्येक स्टेशनपर गाड़ी आने तक टिकट खरीदने के लिए उपलब्ध रहे ऐसी व्यवस्था PRS के जरिए की जानी चाहिए अन्यथा द्वितीय श्रेणी में ही इन गाड़ियोंको चलाए।

चित्र सौजन्यता : आर के लक्षमण कॉमन मैन, इन्टरनेट सामग्री

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रीवा इतवारी, जबलपुर चान्दा फोर्ट त्रिसाप्ताहिक सुपर स्पेशल्स का 21 फरवरी को उद्धाटन

01754 रीवा इतवारी सुपर स्पेशल और 02274 जबलपुर चान्दा फोर्ट सुपर स्पेशल इन दोनों गाड़ियोंका उद्धाटन 21 फ़रवरी, रविवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल इनके द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शाम साढ़े चार बजे किया जा रहा है। निम्नलिखित परीपत्रक में इन उद्धाटन विशेष गाड़ियोंकी समयसारणी दी गयी है।

उद्धाटन विशेष गाड़ियोंकी समयसारणी

01754 रीवा इतवारी त्रिसाप्ताहिक सुपर स्पेशल अपना नियमित फेरा दिनांक 24 फरवरी से प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शनिवार को शुरू करेगी, वापसीमे 01753 इतवारी रीवा त्रिसाप्ताहिक सुपर सेशल अपना नियमित फेरा दिनांक 25 फ़रवरी से प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार एवं रविवार को शुरू करेगी।

02254/53 जबलपुर चान्दा फोर्ट जबलपुर त्रिसाप्ताहिक इन्टरसिटी सुपर स्पेशल दोनों ओर से अपने फेरोंकी शुरुवात 23 फरवरी से प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को करेगी।

नियमित विशेष की समयसारणी

यात्रीगण कृपया ध्यान दे, उपरोक्त गाड़ियाँ विशेष श्रेणी में चलाई जा रही है अतः रेलवे के विशेष गाड़ियोंके लिए जारी नियम इन गाड़ियोंको भी लागू रहेंगे। ज्यादा जानकारी के लिए रेल विभाग की हेल्पलाइन 139 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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बिग ब्रेकिंग : द पु म में चलेगी दो नई विशेष गाड़ियाँ। रीवा इतवारी रीवा और जबलपुर चान्दा फोर्ट जबलपुर

पूर्व चर्चित रीवा इतवारी रीवा स्पेशल वाया जबलपुर, बालाघाट, गोंदिया और जबलपुर चान्दा फोर्ट जबलपुर स्पेशल वाया बालाघाट, गोंदिया यह दो गाड़ियोंके लिए डिब्बों की संरचना तैयार रखने के लिए आदेश जारी हो चुके है।

रीवा जबलपुर स्पेशल के लिए 20 डिब्बों का रैक रहेगा, जिसमे 1 वातानुकूलित प्रथम, 1 वातानुकूलित द्वितीय, 3 वातानुकूलित थ्री टियर, 11 स्लिपर, 2 द्वितीय श्रेणी और 2 एस एल आर ऐसे कुल 20 डिब्बों की संरचना रहेगी। जबलपुर चांदा फोर्ट के लिए 1 वातानुकूलित कुर्सीयान, 1 स्लिपर, 4 द्वितीय कुर्सीयान, 4 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर ऐसे कुल 12 डिब्बों की संरचना रहेगी।

जहाँतक 21/22 फरवरी को इन गाड़ियोंका शुभारंभ किया जा सकता है।