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19301/02 डॉ आंबेडकर नगर महू यशवंतपुर के बीच चलनेवाली एक्सप्रेस के परिचालन मे सुधार की गुंजाइश

हाल ही में पश्चिम रेलवे ने रेलवे बोर्ड से गाड़ियोंकी एक सूची भेजी है। इस सूची वह 26 जोड़ी लोकप्रिय गाड़ियाँ है, जिनको यात्रिओंकी माँगपर चलाए जाने का प्रस्ताव है। उन 26 गाड़ियोंकी सूची में एक गाड़ी 19301/02 डॉ. अंबेडकर नगर – यशवंतपुर डॉ. अंबेडकर नगर साप्ताहिक एक्सप्रेस भी है।

यह गाड़ी इन्दौर से यशवंतपुर के बीच शुरू की गई थी जिसे आगे इन्दौर स्टेशन पर गाड़ियोंकी ज्यादा संख्या के मद्देनजर, उपनगर ड़ॉ अंबेडकर नगर महू में विस्तारित किया गया। नरखेड़, नवी अमरावती, अकोला, नान्देड होते हुए यशवंतपुर को जानेवाली यह गाड़ी शुरू दिन से ही लोकप्रिय हो गयी थी। इस क्षेत्र को इन्दौर और यशवंतपुर को जोड़नेवाली यह एकमात्र गाड़ी है।

यह गाड़ी का डॉ आंबेडकर नगर से यशवंतपुर का नियोजित मार्ग है।

अब जब सभी गाड़ियोंको झीरो बेस टाइमटेबल के दायरे में लाकर उनकी गति और गन्तव्योंके स्टेशनोंके समय को लेकर अभ्यास किया जा रहा है और यथायोग्य सुधार भी किया जा रहा है, तब मराठवाड़ा क्षेत्र से इस गाड़ी को लेकर एक बेहद उपयोगी सुझाव तैयार किया गया है।

गाड़ी संख्या 19301 डॉ. अंबेडकर नगर – यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस जो अंबेडकर नगर(महु) से रविवार रात 20:20 को रवाना होकर इंदौर-उज्जैन-भोपाल-इटारसी-नरखेड-अमरावती-अकोला-वाशिम-हिंगोली-पुर्णा-नांदेड-काचिगुडा होते हुए मंगलवार सुबह 11:15 को यशवंतपुर (बैंगलोर) पहुंचती थी और वापसी मे बुधवार सुबह 11:20 को इंदौर/अंबेडकर नगर(महु) के लिए रवाना होती थी।

अब प्रस्ताव यह है, की डॉ. अंबेडकर नगर (महु) – यशवंतपुर -डॉ. अंबेडकर नगर (महु) साप्ताहिक एक्सप्रेस का रैक यशवंतपुर (बैंगलोर) स्टेशन पर करीब पुरे 23 घंटे खड़ा रखा जाता हैं। अगर इस समय का लाय ओवर पीरियड का सदुपयोग कर इस ट्रेन को यशवंतपुर से 148 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मैसूरु स्टेशन तक विस्तारित किया जा सकता है।

यशवंतपुर से आगे 145 किलोमीटर की दूरी पर मैसूरु स्टेशन तक इस गाड़ी का विस्तार किया जाए ऐसा प्रस्ताव/ सुझाव यात्रिओंकी ओरसे किया जा रहा है।

इसमें महु,इंदौर,उज्जैन,अमरावती,अकोला,पुर्णा, नांदेड समेत उपरोक्त सभी जगहों से मैसूर के लिए भी सिधी ट्रेन मिल जाएंगी, नही तो इन यात्रिओंको यशवंतपुर से दूसरी गाड़ी बदल कर आगे मैसूरु जाना पड़ता है। साथ ही रेलवे की भी सुविधा हो जाएगी, उन्हें यशवंतपुर जैसे व्यस्ततम स्टेशन की जगह भी बाकी गाड़ियोंके परिचालन के लिए उपलब्ध रहेगी।

फ़ोटो : indiarailinfo.com की सौजन्यता से

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दमरे SCR की प्रस्तवित 31 जोड़ी गाड़ियाँ

17233/34 सिकन्दराबाद शिरपुर कागज़ नगर सिकन्दराबाद भाग्यनगर प्रतिदिन

12740/39 सिकन्दराबाद विशाखापत्तनम सिकन्दराबाद गरीबरथ प्रतिदिन

12735/36 सिकन्दराबाद विशाखापत्तनम सिकन्दराबाद गरीबरथ त्रिसाप्ताहिक

17023/24 सिकन्दराबाद करनूल सिटी सिकन्दराबाद तुंगभद्रा प्रतिदिन

17021/22 हैदराबाद वास्को हैदराबाद साप्ताहिक

17011/12 हैदराबाद शिरपुर कागज़ नगर हैदराबाद इन्टरसिटी

17027/28 हैदराबाद करनूल सिटी हैदराबाद हुन्ड्री प्रतिदिन

17010/09 हैदराबाद बीदर हैदराबाद इन्टरसिटी प्रतिदिन

17013/14 हैदराबाद हड़पसर (पुणे) हैदराबाद त्रिसाप्ताहिक

12713/14 विजयवाड़ा सिकन्दराबाद विजयवाड़ा सातवाहन प्रतिदिन

17241/42 नरसापुर निदादावोलु नरसापुर प्रतिदिन

17237/38 बित्रागुंटा चेन्नई सेंट्रल बित्रागुंटा सप्ताह में 5 दिन

17207/08 विजयवाड़ा साईं नगर शिर्डी विजयवाड़ा साप्ताहिक

12743/44 गुडूर विजयवाड़ा गुडूर विक्रम सिम्हापुरी अमरावती प्रतिदिन

12747/48 नरसापुर धर्मावरम नरसापुर प्रतिदिन

22705/06 तिरुपति जम्मूतवी तिरुपति हमसफ़र साप्ताहिक

17407/08 तिरुपति मन्नारगुड़ी तिरुपति पामाणि त्रिसाप्ताहिक

17413/14 तिरुपति पुड्डुचेरी तिरुपति साप्ताहिक

17417/18 तिरुपति साईं नगर शिर्डी तिरुपति साप्ताहिक

17419/20 तिरुपति वास्को तिरुपति साप्ताहिक

17615/16 काचेगुड़ा मदुराई काचेगुड़ा साप्ताहिक

17239/40 गुण्टूर विशाखापट्टनम गुण्टूर सिम्हाण्डरी प्रतिदिन

12747/48 गुण्टूर विकाराबाद गुण्टूर पलनाड प्रतिदिन

17252/51 गुण्टूर काचेगुड़ा गुण्टूर प्रतिदिन

12767/68 हुजुर साहिब नान्देड सांतरागाछी हुजुर साहिब नान्देड साप्ताहिक

17619/20 औरंगाबाद हुजुर साहिब नान्देड औरंगाबाद साप्ताहिक

17621/22 हुजुर साहिब नान्देड रेनिगुंटा हुजुर साहिब नान्देड साप्ताहिक

12753/54 हुजुर साहिब नान्देड हज़रत निजामुद्दीन हुजुर साहिब नान्देड मराठवाड़ा सम्पर्क क्रान्ति साप्ताहिक

17623/24 हुजुर साहिब नान्देड श्रीगंगानगर हुजुर साहिब नान्देड साप्ताहिक

17409/10 आदिलाबाद हुजुर साहिब नान्देड आदिलाबाद प्रतिदिन

16203/04 चेन्नई सेंट्रल तिरुपति चेन्नई सेंट्रल प्रतिदिन

यात्रीगण कृपया यह बात ध्यान दे, यह गाड़ियाँ प्रस्तवित है, द म रेल ने रेल बोर्ड से शुरू करने के लिए प्रस्ताव रखा है। जल्द ही शुरू की जाने की भी सम्भावना है, लेकिन जब गाड़ियाँ शुरू की जाएगी इनके परिचालन और गाड़ी क्रमांक में बदलाव किया जा सकता और उसके लिए अलगसे परीपत्रक भी निकाला जाएगा। आगे की सूचना हम अवश्य ही आपके लिए लेकर आयेंगे।

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01045/46 कोल्हापुर धनबाद कोल्हापुर दीक्षाभूमि स्पेशल का अमूलचूल परिवर्तन

कोल्हापुर से धनबाद के बीच पुणे, मनमाड़, औरंगाबाद, परभणी होकर चलनेवाली दीक्षाभूमि नियमित मार्ग को बदल कोल्हापुर, मिरज, पंढरपुर, कुरडुवाडी, लातूर, परभणी होकर चलेंगी। परभणी से आगे अपने नियमित मार्ग नागपुर, जबलपुर, प्रयागराज, गया होते हुए धनबाद पोहोचेगी। इस मार्ग परिवर्तन से गाड़ी के परिचालन समय मे जबरदस्त 8 घंटे की कमी होगी। इस नए मार्ग से चलने से पुणे, अहमदनगर, मनमाड़, औरंगाबाद जैसे स्टेशनोंकी गया, धनबाद सम्पर्कता टूट गयी है। वही नए स्टेशन पंढरपुर, कुरडुवाडी, लातूर यह इस गाड़ी के नक्शेपर आ गए है।

01045 दीक्षाभूमि कोल्हापुर से 19 फ़रवरी से हर शुक्रवार को निकलेगी और 21 रविवार को धनबाद पोहोचेंगी। वापसीमे 01046 धनबाद से 22 फ़रवरी से हर सोमवार को निकल, 24 बुधवार को कोल्हापुर पोहोचेंगी।

उपरोक्त परीपत्रक में 02280 हावडा पुणे आज़ाद हिन्द प्रतिदिन स्पेशल के हावडा से झारसुगुड़ा के बीच समय का संशोधन भी सम्मिलित है, यात्रीगण से निवेदन है, कृपया उसपर भी ध्यान देवे।

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माँगे तो अनगिनत, मगर प्रभावी सुझावों की कमी!

रेलवे के लिए शायद ही कोई ऐसा पल होता होगा, जिसमे किसी यात्री या संघठन की कोई माँग न होती हो। स्टापेजेस से लेकर नई गाड़ियोंके लिए एक से बढ़कर एक माँग तैयार ही रहती है। कई यात्री संगठन तो रेल गाड़ी के मार्ग परिवर्तन, एक्सटेंशन के लिए आन्दोलनोंकी हद तक उत्साहित रहते है। क्या अपनी मांगों, जरूरतोंसे इतर जाकर रेलवे की उत्पादकता बढ़े ऐसा सुझाव कहीं नजर क्यों नही आता?

रेल प्रशासन जब भी किसी गाड़ी में स्टापेजेस बढ़ाती/घटाती है तो उसके पीछे खर्च का कारण बताती है, जो की कुछ लाख रुपयोंमें होता है। यात्री ठहराव का मतलब उक्त स्टेशनपर यात्री सुविधा, रखरखाव, उसके लिए संसाधन, कर्मचारी आदी मूलभूत सुविधाओंका भी विस्तार का विचार करना होता है। यही बात नई गाड़ी शुरू करना या गाड़ी को विस्तारित करने के बाबत में भी लागू होता है। गाड़ी बढाना, स्टापेजेस बढाना केवल इतना मात्र नही होता, आगे उनके परिचालन विभाग के कर्मियोंके, जैसे लोको पायलट, गार्ड, स्टेशनकर्मी, मेंटेनेंस स्टाफ़ आदि के व्यवस्थापन का भी यथायोग्य नियोजन करना होता है। यह सारी चीजें उस खर्च में सम्मिलित होती है।

आजकल रेल प्रशासन झीरो टाइमटेबल पर काम कर रही है। इसमें कई स्टापेजेस छोड़े जाने का नियोजन है। यह व्यवस्था गाड़ियोंकी न सिर्फ गति बढ़ाएगी बल्कि रेल व्यवस्थापन के खर्च में कमी भी ले आएगी। इसके बदले में रेलवे उक्त स्टेशनोंका अभ्यास कर, माँगोंके अनुसार मेमू गाड़ियाँ चलाने की व्यवस्था करने की सोच रही है। मेमू गाड़ियाँ ग़ैरउपनगरिय क्षेत्रोंमें चलाई जानेवाली उपनगरीय गाड़ियोंके समान होती है। जिनका पीकअप स्पीड ज्यादा होता है और रखरखाव कम। छोटे अन्तरोंमें यह गाड़ियाँ बेहद उपयुक्त साबित होती है। फिलहाल इनके ट्रेनसेट कम है और जरूरत के हिसाब से तेजी से उत्पादन बढाया जा रहा है।

रेल प्रशासन ने हाल ही बजट में संसाधनोपर 95 प्रतिशत से ज्यादा का निर्धारण किया है। इसमें समर्पित मालगाड़ियोंके गलियारोंके लिए बड़ा प्रस्ताव है, साथ ही व्यस्ततम मार्गोंका तीसरी, चौथी लाइन का निर्माण भी सम्मिलित है। यह प्रस्तवित संसाधन जब हकीकत के धरातल पर कार्य शुरू कर देंगे तब ग़ैरउपनगरिय मेमू गाड़ियोंके लिए जगह ही जगह उपलब्ध हो जाएगी। मुख्य मार्ग की लम्बी दूरी की गाड़ियाँ सीधी चलाने में कोई बाधा या रुकावट नही रहेगी और यात्रिओंकी माँग की भी यथोचित पूर्तता की जा सकेगी। आज यह सारी बाते स्वप्नवत है, लेकिन जिस तरह कार्य चलाया जा रहा है, तस्वीरें जल्द ही बदलने वाली है।

यात्रिओंको यह समझना चाहिए, स्टेशनोंके व्यवस्थापन का निजीकरण कर के यात्री सुविधाओंको कितना उन्नत बनाया जा रहा है। किसी जमाने मे बड़े से बड़े जंक्शनपर लिफ्ट, एस्कलेटर, बैट्रिचलित गाड़ियोंकी बात तो छोड़िए रैम्प तक नही होते थे, जो आज लगभग हर मेल/एक्सप्रेस के ठहराव वाले स्टेशनोंपर मिल रहे है। गाड़ियोंके द्वितीय श्रेणी के डिब्बों तक मे मोबाईल चार्जिंग पॉइंट दिए जा रहे है। स्टेशन साफसुथरे, सुन्दर और आकर्षक हो रहे है। क्या यह व्यापक बदलाव नही है?

सिर्फ गाड़ियोंके स्टापेजेस बढाना, विस्तार करना, नई गाड़ियोंके प्रस्ताव रखना इसके अलावा भी रेलवे को सुझाव की आवश्यकता है, जिनसे उसकी उत्पादकता बढ़े। रेलवे पार्सल ऑफिस को जनोपयोगी, ग्राहकोंपयोगी बनाना, पार्सल कर्मियोंकी निपुणता बढाना ताकी वह ग्राहक को यथयोग्य उत्तर दे सके। रेलवे बहोत सारे काम ऑनलाईन जर रही है। ऐसे में मैन्युयल काम को घटाकर भी अपनी उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

आखिर में, हमारा देश इतना बड़ा और जनसंख्या इतनी अधिक है, की कोई भी ट्रेन बढ़े या स्टापेजेस बढ़े वहाँपर ट्रैफिक तो मिलनी ही है। खैर जनसंख्या ज्यादा होना इसको हम कमी नही, हमारे देश का बलस्थान मानते है और रेलवे भी उसी सोचपर अपनी कार्यशैली को आगे बढ़ाती है। जरूरत एक बेहतर सोच की है, सेवा का बेहतर मूल्य चुकाने की है।

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मध्य रेलवे की हबीबगंज एक्सप्रेस, लश्कर एक्सप्रेस शुरू होने जा रही है और एर्नाकुलम दुरन्तो, इन्दौर इन्टरसिटी, नन्दादेवी और पुणे दर्शन एक्सप्रेस यह 4 जोड़ी गाड़ियोंके बदले परिचालन

02284/83 हज़रत निजामुद्दीन एर्नाकुलम हज़रत निजामुद्दीन साप्ताहिक दुरन्तो, निजामुद्दीन से 20 और एर्नाकुलम से 21 फरवरी से शुरू हो रही है।

02402/01 देहरादून कोटा देहरादून नन्दा देवी वातानुकूलित प्रतिदिन, दोनों ओरसे दिनांक 16 फरवरी से शुरू होगी।

02416/15 नई दिल्ली इन्दौर नई दिल्ली ओवरनाइट इन्टरसिटी दिनांक 16 से दोनों ओरसे प्रतिदिन शुरू हो रही है।

02494/93 हज़रत निजामुद्दीन पुणे हज़रत निजामुद्दीन साप्ताहिक दर्शन स्पेशल, दिनांक 19 से निजामुद्दीन से और पुणे से 21 फ़रवरी से चल पड़ेगी।

मध्य रेल की दो साप्ताहिक गाड़ियाँ शुरू होने जा रही है, लोकमान्य तिलक टर्मिनस से आग्रा कैंट लश्कर एक्सप्रेस और हबीबगंज एक्सप्रेस

02161/62 लोकमान्य तिलक टर्मिनस आग्रा कैंट लोकमान्य तिलक टर्मिनस लश्कर साप्ताहिक स्पेशल, लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 19 और आग्रा कैंट से 20 फरवरी को चलना शुरू हो जाएगी। 02162 आग्रा लोकमान्य तिलक टर्मिनस लश्कर स्पेशल के समय मे भारी बदलाव है।

02153/54 लोकमान्य तिलक टर्मिनस हबीबगंज लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल, लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 18 और हबीबगंज से 19 फरवरी को चलना शुरू हो जाएगी।