Uncategorised

20 जोड़ी रेल गाड़ियाँ और चलेगी जहाँ यात्रिओंकी ज्यादा माँग है।

संक्रमण काल मे कुछ ही गाड़ियाँ रेल प्रशासन द्वारा चलाई जा रही है और वह सारी गाड़ियाँ विशेष याने स्पेशल ट्रेन्स कैटेगरी में चल रही है।

यज्ञपि उनके टाइमिंग्ज, फेरे, किराए सब उनके पुराने गाड़ियों जाइस ही है। रेलवे घोषणा भी करती है, फलाँ फलाँ गाड़ियोंकी समयसारणी अनुसार चलेगी। अब आपके मन मे यह सवाल होगा, फिर विशेष गाड़ी क्यों? गाड़ी क्रमांक ‘0’ से शुरू क्यों? जब सब एक जैसा ही है तो नियमित गाड़ियाँ ही क्यों नही चला देते? इसका कारण यह है, यह सारी गाड़ियाँ राज्य शासन की सहमती और सहकार्य से चलाई जा रही है। राज्य शासन अपने राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप इनमें बदलाव करने का आग्रह कर सकती है, जैसे फेरे रद्द करना, स्टापेजेस बन्द करवाना या टर्मिनल आगे पीछे के किसी स्टेशन पर करवाना। इसीलिए यह गाड़ियाँ स्पेशल श्रेणी में चलवाई जा रही है, जिनका शेड्यूल कभी भी बदल किया जा सके।

अब अपने आज के विषय की ओर आते है, क्लोन गाड़ियाँ याने किसी गाड़ी में यात्रिओंकी ऐसी प्रतीक्षा सूची चल रही है जो कन्फर्म होना मुश्किल या यूं कहें नामुमकिन हो उस मार्ग पर, उन्ही गन्तव्योंपर एक एक्सट्रा गाड़ी रवाना करना, उसे कहते है ‘क्लोन गाड़ी’

रेल प्रशासन ने 21 तारीख से 20 जोड़ी क्लोन गाड़ियाँ चलाने की घोषणा की है। यह सारी गाड़ियाँ ‘हमसफ़र’ गाड़ियाँ याने वातानुकूलित 3 टियर रहेगी और इनका किराया भी हमसफ़र एक्सप्रेस के किराए के बराबर रहेगा। यह गाड़ियाँ 10 दिनोंके ट्रायल पर चलाई जा रही है। इसके बारे में रेल प्रशासन अपने क्षेत्रीय कार्यालयोंसे फीडबैक लेती रहेगी और उस पर निर्भर रहेगा की यह गाड़ियाँ आगे चलती रहेगी या रद्द हो जाएगी। यह गाड़ियाँ भलेही ‘ क्लोन ‘ कहीं जा रही है, लेकिन इनकी एवरेज स्पीड और स्टापेजेस इनके रेग्युलर गाड़ियोंसे कही बेहतर है। मतलब स्टापेजेस काफी कम और एवरेज स्पीड सुपरफास्ट से ज्यादा।

तो आप परीपत्रक देख लिजिए और अपनी यात्रा का नियोजन करना शुरू कर दे।

Uncategorised

बधाई हो, गोदान स्पेशल शुरू करने की घोषणा हुयी।

01055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनांक 18 सितंबर से हर सोमवार बुधवार, शुक्रवार और रविवार को गोरखपुर के लिए रवाना होगी और वापसी में 01056 गोरखपुर से 20 सितंबर से हर बुधवार, शुक्रवार, रविवार और मंगलवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए रवाना होगी। यह गाड़ी अपने नियमित गाड़ी क्रमांक 11055/11056 के समयसारणी और स्टापेजेस के अनुसार चलाई जाएगी।

01059 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनांक 17 सितंबर से हर मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को छपरा के लिए रवाना होगी और वापसी में 01060 छपरा से 19 सितंबर से हर गुरुवार, शनिवार, सोमवार को लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए रवाना होगी। यह गाड़ी अपने नियमित गाड़ी क्रमांक 11059/11060 के समयसारणी और स्टापेजेस के अनुसार चलाई जाएगी।

दोनोंही गाड़ियाँ शुरू होने से आजमगढ़, मऊ के यात्रिओंकी कई दिनोंकी माँग पूरी हो रही है।

Uncategorised

12323/24 हावडा आनंदविहार हावडा एक्सप्रेस जल्दही बाड़मेर तक विस्तारित हो रही है।

12323/24 हावडा आनंदविहार हावडा सुपरफास्ट द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस को रेल बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। ऐसा कहा जा रहा है, अक्टूबर के पहले सप्ताह से ही हावडा बाड़मेर सेवा शुरू हो सकती है।

संक्रमण काल की वजह से रेल प्रशासन कुछ ही गाड़ियाँ वह भी स्पेशल्स की तर्ज पर चला रहा है। ऐसे में हावडा से सुदूर राजस्थान के बाड़मेर से जोड़नेवाली गाड़ी की कई वर्षों की मांग इस तरह पूरी होते देख राजस्थान के लोग काफी आनंदित है।

एक संक्षिप्त समयसारणी के जरिए हावडा – बाड़मेर के बीच गाड़ी किस तरह चलेगी यह रेल बोर्ड का परीपत्रक दिखा रहा है। इसमें बताया जा रहा है, हावडा से गाड़ी आनंदविहार की जगह अब दिल्ली जंक्शन स्टेशन होते हुए रेवाड़ी, सादुलपुर, चुरू, रतनगढ़, लाडनूं, जोधपुर, समदड़ी स्टेशनोंके स्टापेजेस लेती हुई बाड़मेर पोहोंचेगी।

Uncategorised

बेंगालुरु नई दिल्ली बेंगालुरु कर्णाटक एक्सप्रेस समय भी बदला और गाड़ी क्रमांक भी

06527/06527 यह नए गाड़ी क्रमांक के साथ अब कर्नाटक एक्सप्रेस चलेगी, यह बात और है की अब भी इसका सुपर एक्सप्रेस का स्टेटस बरकरार रखा गया है, लेकिन जब यह गाड़ी 12627/12628 हुवा करती थी तब के 600 किलोमीटर के रिस्ट्रिक्शन्स याने बन्धन अब नही है। अब आप इस कर्णाटक स्पेशल में कम अंतर की रेल यात्रा भी अपना टिकट आरक्षित करवा कर कर सकते हो।

गाड़ी के समयोंमे भी थोड़ा हेरफेर हुवा है, ज्यादा नही 10-20 मिनटों का लेकिन बदला है तो नोट करना जरूरी है, तो कर लीजिएगा।

Uncategorised

बेंगालुरु नई दिल्ली बेंगालुरु कर्णाटक एक्सप्रेस चलेगी इलेक्ट्रिक लोको पावर से।

बेंगालुरु से वाड़ी तक पूरा ट्रैक विद्युतीकरण वाला है, वाड़ी से दौंड के बीच गाड़ी में आगे डीजल लोको अतिरिक्त जोड़ा जाएगा और वही गाड़ी चलाएगा, फिर दौंड से डीजल लोंको निकल जाएगा और जो इलेक्ट्रिक लोको पहलेसे लगकर बेंगालुरु से चल कर आ रहा है, अपनी आगे की यात्रा कंटीन्यू करेगा तो सीधे नई दिल्ली तक। यह भी जान ले की दौंड से वाड़ी के बीच भी ट्रैक विद्युतीकरण का काम चल रहा है। 2030 तक पूरी भारतीय रेल विद्युतीकरण जो होने जा रही है।

व्हिडियो : साभार raikwar.com