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पुणे मनमाड ट्रेनें चलेगी दौंड बाईपास होकर।

दौंड स्टेशन बाईपास लाइन का इंटरलॉकिंग का काम शुरू।

मनमाड दौंड मेन लाइन और दौंड पुणे मेन लाइन को जोड़ने वाली एक कॉर्ड लाइन डाली जा चुकी है, जिसका इंटरलॉकिंग का काम आज दौंड में शुरू है। इसीकी वजह से आज पुणे से मनमाड के बीच चलनेवाली कई गाड़ियाँ देरीसे चल रही है, कुछ रद्द है तो कुछ डाइवर्ट है।

दौंड बाईपास कार्यान्वित होनेपर जो भी गाड़ियाँ मनमाड पुणे मनमाड चलती है उनके समयसारिणी में कमसे कम 40 मिनट रनिंग टाइम की कमी आएगी।
पुणे मनमाड के बीच चलनेवाली गाड़ियोंको दौंड स्टेशनपर लानेपर गाड़ी का लोको आगे से पीछे पलटाना पड़ता था याने ट्रेन की डाईरेक्शन बदलती थी, शंटिंग होता था, दो लाइनोंपर ब्लॉक लगता था।
कॉर्ड लाइन के वजह से यह सब इतिहास होने जा रहा है।

हमारे पास इस लाइन का vdo भी है, जो काम चल रहा तब का है।

https://wp.me/Pajx4R-9P

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राजधानी का भुसावल हॉल्ट, कितना जरूरी।

आखिरकार मध्य रेल पर मुम्बई दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस चल पड़ी और यशस्वी भी हुई के अब सप्ताह में दो दिन के जगह चार दिन चलाई जाएगी।

वैसे तो रेलवे की भारत मे शुरवात मुम्बई से ही हुई है, लेकिन सबसे प्रिमियम ट्रेन राजधानी इस मार्ग को अब मिली है। ज़ाहिरसी बात है, जब 150 km कम अंतर से दूसरा पश्चिम रेलवे का मार्ग उपलब्ध था तो इस मार्ग का राजधानी के कोई विचार क्यों करे? नासिक, जलगाव आदी जिलोके लिए राजधानी के जरिए दिल्ली की फ़ास्ट कनेक्टिविटी एक सपना ही था। खैर! वह तो पूरा हुवा, मगर…. जरूरतें और भी है।
इसी मार्ग पर भुसावल एक बहोत बड़ा और मध्य रेल का महत्वपूर्ण जंक्शन स्टेशन है। यहांपर गाड़ियोंके लोको पायलट, गार्ड बदले जाते है। गाडीका रखरखाव, तकनीकी जांचपड़ताल, डिब्बोमे पानी भरने, इलेकट्रिक मेंटेनेन्स जैसे काम किए जाते है। बुलढाणा, अकोला, अमरावती जैसे ज़िलोंसे आके यात्री दिल्ली के लिए यहांसे गाड़ी बदलते है। जब की यह मध्य रेल का गौरव, राजधानी एक्सप्रेस, मध्य रेल के महत्वपूर्ण स्टेशन भुसावल में रुकती ही नही।

राजधानी एक्सप्रेस का भुसावल स्टॉपेज नही होने से, भुसावल से लोको पायलट, गार्ड अपनी ड्यूटी निभाने के लिए जलगांव बाय रोड़ जाते है और जलगाव से इस राजधानी एक्सप्रेस में डयूटी शुरू करते है। गाड़ी की जो प्राथमिक रखरखाव भी मुंबई से छूटने के बाद सीधे भोपाल में ही हो पाता है, जो की मुम्बई से 840 km के बाद पड़ता है।

मुम्बई से जलगाव तक लगभग 50 प्रतिशत सीटे खाली रहती है, यदि राजधानी को भुसावल हॉल्ट मिलता है तो भुसावल जंक्शन होने से स्टाफ़ चेंजिंग की कई सारी समस्या हल हो जाएगी और गाड़ी में ट्रैफिक भी बढ़ जाएगा।

हमारा माननीय रेल मंत्रीजी से आग्रह है, की राजधानी के भुसावल हॉल्ट के लिए सहानुभुतिपूर्वक विचार करे।

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अकोला – खंडवा रेल लाइन

अकोला – खंडवा रेल सेक्शन के आकोट स्टेशन के कुछ दृश्य।

पहले यह सेक्शन मीटर गेज रेल लाइन पर था, यहांपर ब्रॉड गेज लाइन का काम शुरू हो गया है। निम्नलिखित तस्वीरें दक्षिण मध्य रेल के जनरल मैनेजर के इंस्पेक्शन की है। जो उनके ट्विटर हैंडल से साभार उत्धृत की गई है।

आशा है, अकोला आकोट सेक्शन जल्द ही यात्रिओंकी सेवा में शुरू कर दिया जाएगा।

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खुशखबर है।

मध्य रेलवे की राजधानी एक्सप्रेस चलेगी, हफ्ते में 4 दिन।

22221 / 22222 मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस हजरत निजामुद्दीन के बीच चलनेवाली मध्य रेलवे की सुपरहिट राजधानी एक्सप्रेस हफ्ते में दो दिन के बजाय 4 दिन चलेगी।

आइए सर्क्युलर देखते है,

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यहाँ चाय की कीमत क्या रहती है, बाबूजी?

यह मध्य रेलवे के, भुसावल जंक्शन के प्लेटफॉर्म नम्बर 4 का दृश्य है।

दृश्य में IRCTC का मेन्यू है।
चाय के रेट पर स्टिकर लगाकर मिटा दी गयी है।

इसी प्लेटफार्म पर स्टेशन डायरेक्टर, स्टेशन मैनेजर, कमर्शियल स्टेशन मैनेजर ऐसे सभी अधिकारियों के दफ्तर है।

दिए तले अंधेरा।