24 सितम्बर 2024, मंगलवार, भाद्रपद, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2081
मध्य रेल मुख्यालय ने अपनी ग्यारह जोड़ी विशेष गाड़ियोंकी सेवा अवधी में विस्तार किया है। यह सभी गाड़ियाँ फिलहाल चल रही है और दिसम्बर 2024 के अंत तक अपनी उसी समयसारणी के अनुसार चलती रहेगी।
23 सितम्बर 2024, सोमवार, भाद्रपद, कृष्ण पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2081
प्रथमदृष्टया भिन्न भिन्न प्रकार के ऐसे काम अपने देश मे हो रहे, जिन्हें आतंकवादी गतिविधियाँ करार दिया जा सकता है। कुछ भी गैर कृत्य ख़बरों में आया फौरन उसे ‘जिहाद’ का नाम जोड़कर देश के जनमत को समझा दिया जाता है, ‘हाँ, वही है जो आप के जहन में चल रहा है।’
लव, थूक, रेल कोई भी शब्द लीजिए आगे जिहाद जोड़ लीजिए और मान लीजिए की वही है और उन्हें प्रशासन पकड़ लेगा। मन बड़ा असहज होता है, आखिर चल क्या रहा है?
आए दिन रेल ट्रैक पर कॉन्क्रीट ब्लॉक, लोहे के टुकड़े, पत्थर मिल रहे है। गैस सिलेंडर मिला और हद हो गई, की बारूद भी मिला। हम चाहते तो, मीडिया में आई इन वारदातों की तस्वीरें यहाँ जोड़ सकते थे, लेकिन समझते है की इससे आम जनता में उद्विग्नता ही बढ़ेगी। प्रशासन यह खोजबीन में लगी है, इन वारदातों के पीछे कौन है और सोशल मीडिया, इसे रेल जिहाद का नाम देकर अलग समझाईशें सादर करते जा रहा है।
रेल हमारे भारतीयोंके जीवन का अभिन्न अंग है, हमारी यातायात का प्रमुख हिस्सा है और इस तरह इसके परिचालन में कोई बारबार बाधा, विघ्न ला रहा है तो यह बहुत भयावह, डरावनी स्थिति है। आज देशभर में, हर रोज, हजारों रेल गाड़ियोंके जरिए लाखों, करोड़ों लोग यात्रा कर रहे है। करोड़ों के मूल्य का मालवाहन किया जा रहा है। इस तरह रेल यातायात में शंका उत्पन्न की जाएगी तो यह बड़ी गम्भीर स्थिति है।
एक सर्वसाधारण बात है, गुनहगारी की जड़ अवैधता से उत्पन्न होती है। जमीनोंके अवैध कब्ज़े, अतिक्रमण, अवैध व्यवसाय यहॉं से असंवैधानिक कार्योंकी शुरवात होती है।
आप देशभर में कहीं भी देख लीजिए, सभी सार्वजनिक स्थानोंपर आपको हर तरह की अवैधता दिखाई देंगी। इसमे अतिक्रमण, अवैध व्यवसाय, अवैध विक्रेता, भिखारी ई. शामिल है। रेलवे परिसर इन सार्वजनिक क्षेत्र में अवैधता के लिए अग्रस्थान पर है।
रेल पटरी के आजूबाजू की जगह झुग्गी-झोपड़ी से पटी पड़ी है।
रेलवे स्टेशनों, रेल परिसर में आपको हर तरह के अतिक्रमण, अवैध कार्यकलाप रोजाना होते नजर आएंगे।
रेलवे स्टेशनों के बाहर वैध सम्पत्ति की कीमत लाखों करोड़ो में है मगर वही अतिक्रमित ठेले वाला महज 100, 200 रुपए रोज देकर बड़ी शान से अपने व्यवसाय, व्यापार चला रहा है।
रेलवे स्टेशन पर अपनी व्यवसायिक इकाई लगानी है, तो कई पापड़ बेलने पड़ेंगे, प्रशासन से लाइसेंस लेना, अन्न प्रशासन से सामग्री वैध करवाना इत्यादि और वहीं अवैध विक्रेता चलती ट्रेनोमे, बिना किसी लाइसेंस, वैध प्रमाणपत्र के चाय, नाश्ता, खाना यात्रिओंको खिलाकर धड़ल्ले से अपना पैसा बना रहे है। यहॉं न रेल प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है न कोई स्थानिक प्रशासन इन्हें हटक रहा है।
जब ऐसी स्थितियाँ देखते है, तब सोचने में मजबूर हो जाते है, आखिर प्रशासन कहाँ है? रेल गाड़ियोंमे धड़ल्ले से अवैध विक्रेता अपना व्यवसाय कर हजारों रुपए कमा रहे है, यात्रिओंके आरोग्य से खिलवाड़ कर रहे है। कोई यात्री अवैध विक्रेता से चाय, नाश्ता, खाना कहा कर बीमार हुवा तो क्या रेल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से हाथ झटक लेगा?
शहरोंमें पटरियों के निकट बनी अवैध बस्तियों से यह सारे अवैध कामकाज होते है। रेल प्रशासन के पास उनकी खुद की प्रोटेक्शन फोर्स है, बड़ा दल-बल है और प्रशासन यदि कड़ाई अपनाए तो सारे रेल परिक्षेत्र में यत्किंचित भी अवैध कामकाज नही किए जा सकते। स्थानीय प्रशासन को भी सार्वजनिक स्थानों के अतिक्रमण को कड़ाई से निपटने की आवश्यकता है। जिम्मेदारीयाँ सुनिश्चित की जानी चाहिए और निर्वाहन न हो तो कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
देश की जनता अब समझने और मान लेने के मूड में नही रह पाएगी। लोग अब कड़ी कार्रवाई का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे है।
21 सितम्बर 2024, शनिवार, भाद्रपद, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2081
वन्देभारत, भारतीय रेल की एक महत्वाकांक्षी प्रीमियम इंटरसिटी रेल गाड़ी, जो देश के महत्वपूर्ण शहरोंका एक दिन में फेरा करा देती है।
वन्देभारत एक्सप्रेस चलाने का उद्देश्य यही था की देश के ऐसे प्रमुख शहर जो बिजनेस हब है या औद्योगिक इकाइयों से समृद्ध है या फिर बड़े धार्मिक यात्राओंके लिए प्रसिद्ध है, इन्हें एक दिन में साधे। मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, बनारस, पुणे इत्यादि ऐसे शहर है, जहाँ तेज परिवहन की मांग रहती है। मुम्बई – अहमदाबाद के बीच कई यात्री गाड़ियाँ रोजाना चलती है, फिर भी वहाँपर यात्रिओंकी और गाड़ियोंके लिए माँग बढ़ती ही रहती है। वहीं अवस्था अन्य महानगरों में भी चलते आ रही है। वाराणसी, अयोध्या, कटरा यह धार्मिक स्थलों के लिए भी यात्रिओंकी तेज एवं आरामदायक गाड़ियोंकी माँग रहती है। इसीके मद्देनजर वन्देभारत गाड़ियाँ ऐसे मार्गोंपर सफल है, यात्रिओंसे लबालब होकर चल रही है।
निम्नलिखित चार्ट देखिए,
उपरोक्त चार्ट में वन्देभारत गाड़ियोंके वातानुकूलित चेयर कार के सीटों का लेखाजोखा लिया गया है। कुछ गाड़ियाँ हाल ही में अर्थात 16 सितम्बर से ही शुरू की गई है अतः उन ने यात्री प्रतिक्रियाओं का असर दिखने के लिए कुछ अवसर लग सकता है।
भुबनेश्वर – विशाखापट्टनम, टाटानगर – ब्रम्हपुर, रीवा – भोपाल, कलबुर्गी – बेंगलुरु, उदयपुर – आगरा / जयपुर, दुर्ग – विशाखापट्टनम, नागपुर – सिकंदराबाद ई. कुछ ऐसी वन्देभारत गाड़ियाँ है, जिनमे यात्रिओंकी प्रतिक्रिया निराशाजनक है। रेल प्रशासन को आवश्यकता है, की जिन वन्देभारत गाड़ियोंमे पचास प्रतिशत से भी कम यात्री यात्रा कर रहे है तो उन गाड़ियोंका अभ्यास किया जाए, उनकी समयसारणी में, टर्मिनल स्टेशन में बदलाव कर कुछ फर्क पड़ सकता है, या उस मार्ग के लिए वन्देभारत जैसी प्रीमियम गाड़ी की आवश्यकता ही नही है यह देखा जाना चाहिए।
कुछ मार्ग ऐसे भी है, जहाँ वन्देभारत गाड़ियोंमे यात्रिओंकी प्रतिक्रिया उस्फूर्त है, गाड़ियाँ बिल्कुल फुल चल रही है। ऐसे मार्ग पर वन्देभारत गाड़ियोंके कोच बढाकर या अतिरिक्त गाड़ी चलाकर ज्यादा यात्रिओंकी व्यवस्था की जा सकती है। वाराणसी – दिल्ली और मुम्बई – अहमदाबाद के बीच यह प्रयोग सफल हुवा है। साथ ही इन्दौर – भोपाल वन्देभारत को नागपुर तक आगे बढ़ाकर यात्री सुविधा और संख्या में बढ़ोतरी मिली है। उदयपुर – जयपुर वन्देभारत को आगरा तक बढ़ाया गया है।
दरअसल किसी एक वन्देभारत जैसी प्रीमियम गाड़ी को चलाने के लिए उसी मार्ग की अन्य मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंकी समयसारणी को हिलाया जाता है। प्रीमियम गाड़ी है, तो उसे अन्य यात्री गाड़ियोंके मुकाबले परिचालनिक प्राधान्य भी दिया जाता है। एक तरफ देश मे उन्नत शिक्षा, औद्योगिकरण के चलते गांवों, छोटे शहरोंसे महानगरों की ओर यात्रिओंकी आवाजाही बढ़ रही है। लेकिन सभी यात्री प्रीमियम गाड़ियोंमे यात्रा नही कर सकते। महंगे किरायों और कम स्टोपेजेस के चलते वन्देभारत जैसी गाड़ियाँ आम यात्रिओंके लिए किसी उपयोग की नही। उन्हें डेमू, मेमू, इंटरसिटी या हाल ही में अहमदाबाद – भुज के बीच शुरू की गई वन्दे मेट्रो जैसे गाड़ियोंकी आवश्यकता है। ऐसी गाड़ियाँ, रोजगार पर पहुंचने वाले आम जनता के लिए उपयुक्त रह सकती है।
हालाँकि रेल प्रशासन वन्देभारत गाड़ियोंमे यात्रिओंकी संख्या बढ़े इसलिए प्रयास कर रही है। मगर साथ मे यह भी हो, जहाँ जिस तरह के व्यवस्था की माँग है, वह मिल जाए तो बेहतर है, अन्यथा केवल राजनीतिक माँग के चलते शुरू की गई इन प्रीमियम गाड़ियोंकी यात्री-रहित चलकर भद न बजे।
19 सितम्बर 2024, गुरुवार, भाद्रपद, कृष्ण पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2081
प्रयागराज महाकुम्भ 2025 की तैयारीयां चल रही है। लाखों यात्रिओंकी यातायात के लिए रेल प्रशासन ने भी अपनी विशेष गाड़ियोंका नियोजन करना शुरू कर दिया है। कुम्भमेला 2025 की 13 जनवरी से 26 फरवरी तक रहेगा। मध्य रेल ने भी अपनी लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रयागराज के बीच द्विसाप्ताहिक फेरे लगानेवाली 12289/90 दूरन्तो एक्सप्रेस के फेरे प्रतिदिन करने का नियोजन किया है। आइए पश्चिम रेलवे की विशेष गाड़ियाँ भी देख लेते है।
1: 09371/72 डॉ आंबेडकर नगर महू – बलिया – डॉ आंबेडकर नगर महू TOD विशेष वाया इन्दौर, उज्जैन, सन्त हिरदाराम नगर, बीना, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिंवकी, मिर्जापुर, वाराणसी, औँरिहार
18 सितम्बर 2024, बुधवार, भाद्रपद, शुक्ल पक्ष, पौर्णिमा, विक्रम संवत 2081
मध्य रेल के दौंड मनमाड़ खण्ड के राहुरी पढेगांव के बीच रेल दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है।
रेल सुरक्षा आयुक्त के निरक्षण हेतु यह रेल ब्लॉक लिया जा रहा है। दिनांक 19 सितम्बर से 23 सितम्बर 2024 तक निम्नलिखित गाड़ियाँ बाधित रहेंगी।
12628 नई दिल्ली बेंगलुरु कर्नाटक एक्सप्रेस JCO दिनांक 18, 19 एवं 20 सितम्बर को 30 मिनट नियंत्रित की जाएगी।
रद्द की गई गाड़ियाँ :
01487/88 पुणे हरनगुळ पुणे विशेष, JCO 22, 23 सितम्बर को दोनों दिशाओंसे रद्द रहेगी।
11041 दादर साईं नगर शिर्डी दिनांक 21 एवं 11042 साईं नगर शिर्डी दादर दिनांक 22 को रद्द रहेगी।
02132 जबलपुर पुणे विशेष दिनांक 21/9/2024 को एवं 02131 पुणे जबलपुर विशेष दिनांक 22/9/2024 को रद्द रहेगी।
नियमित मार्ग से परावर्तित हो कर चलनेवाली गाड़ियाँ :
11410 निजामाबाद पुणे डेमू दिनांक 21/9/2024, 22/9/2024 एवं 11409 दौंड निजामाबाद डेमू दिनांक 22/9/2024, 23/9/2024 को परभणी, परली, लातूर, कुरडुवाडी, दौंड होकर चलेगी।
17629 पुणे नान्देड़ एक्सप्रेस दिनांक 22/9/2024 एवं 23/9/2024 को और 17630 नान्देड़ पुणे एक्सप्रेस दिनांक 21/9/2024 एवं 22/9/2024 को परभणी, परली, लातूर, कुरडुवाडी, दौंड होकर चलेगी।
12779 वास्को निजामुद्दीन गोवा एक्सप्रेस JCO 22/9/2024 को पुणे – मनमाड़ के बीच परावर्तित रहेगी। यह गाड़ी उक्त तिथि को पुणे, कर्जत, पनवेल, कल्याण, इगतपुरी, मनमाड़ होकर चलेगी।
22690 यशवंतपुर अहमदाबाद सुपरफास्ट JCO 22/9/2024 को दौंड – सूरत के बीच परावर्तित रहेगी। यह गाड़ी उक्त तिथि को दौंड, पुणे, कर्जत, पनवेल, कल्याण, वसई रोड, सूरत होकर चलेगी।
22658 निजामुद्दीन हुबली सुपरफास्ट JCO 22/9/2024 को मनमाड़ – दौंड के बीच परावर्तित रहेगी। यह गाड़ी उक्त तिथि को मनमाड़, इगतपुरी, कल्याण, पनवेल, कर्जत, पुणे, दौंड होकर चलेगी।
11078 जम्मूतवी पुणे झेलम एक्सप्रेस JCO 21/9/2024 को मनमाड़ – पुणे के बीच परावर्तित रहेगी। यह गाड़ी उक्त तिथि को मनमाड़, इगतपुरी, कल्याण, पनवेल, कर्जत, होकर चलेगी।
12780 निजामुद्दीन वास्को गोवा सुपरफास्ट JCO 21/9/2024 को मनमाड़ – पुणे के बीच परावर्तित रहेगी। यह गाड़ी उक्त तिथि को मनमाड़, इगतपुरी, कल्याण, पनवेल, कर्जत, होकर चलेगी।
रिशेड्यूल की गई गाड़ियाँ :
11025 पुणे अमरावती एक्सप्रेस JCO दिनांक 23/9/2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन पुणे से, अपने निर्धारित प्रस्थान समय 11:05 की जगह 14:35 पर याने 210 मिनट देरी से रवाना की जाएगी।
12627 बेंगलुरु नई दिल्ली कर्नाटक सुपरफास्ट JCO दिनांक 22/9/2024 को अपने प्रारंभिक स्टेशन बेंगलुरु से, अपने निर्धारित प्रस्थान समय 19:20 की जगह 23:20 पर याने 240 मिनट देरी से रवाना की जाएगी।