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जलभराव की वजह में मध्य रेल की मुम्बई जाने/आने वाली गाड़ियाँ बाधित

08 जुलाई 2024, सोमवार, आषाढ़, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2081

08.07.24 को मुंबई डिवीजन में विभिन्न स्थानों पर जल जमाव के कारण, मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों पर प्रभाव।

ए) शॉर्ट ओरिजिनेट
1) 20706 मुम्बई जालना जनशताब्दी JCO 08/07/2024 शॉर्ट ओरिजिनेट की गई है, गाड़ी अब मुम्बई की जगह, कल्याण से अपने नियमित समय 14:17 बजे पर छूटेंगी।

बी) शॉर्ट टर्मिनेट
1) 20705 जालना मुम्बई जनशताब्दी JCO 08.07.2024 कल्याण स्टेशनपर शॉर्ट टर्मिनेट, समाप्त कर दी गई है।

सी) रिशेड्यूल की गई गाड़ियाँ :

1) दिनांक 07.07.2024 की 12167 लोकमान्य तिलक टर्मिनस बनारस सुपरफास्ट (निर्धारित प्रस्थान समय – 22:45) अब दिनांक 08.07.2024 को 15:00 बजे पुनर्निर्धारित की गई है।

2) दिनांक 07.07.2024 की 12141 लोकमान्य तिलक टर्मिनस पाटलिपुत्र (निर्धारित प्रस्थान समय 23:35) अब दिनांक 08.07.2024 को 12:00 बजे पुनर्निर्धारित की गई है।

3) 12165 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर सुपरफास्ट दिनांक 08.07.2024 (निर्धारित प्रस्थान समय 06:00) अब दिनांक 08.07.2024 को 14:00 बजे पुनर्निर्धारित की गई है।

4) 15017 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर काशी एक्सप्रेस दिनांक 08.07.2024 (निर्धारित प्रस्थान समय 06:35) अब दिनांक 08.07.2024 को 11:00 बजे पुनर्निर्धारित की गई है।

5) 12171 लोकमान्य तिलक टर्मिनस हरिद्वार वातानुकूल सुपरफास्ट दिनांक 08.07.2024 (निर्धारित प्रस्थान समय 07:55) अब दिनांक 08.07.2024 को 13:00 बजे पुनर्निर्धारित की गई है।

6) 14313 लोकमान्य तिलक टर्मिनस बरेली एक्सप्रेस दिनांक 08.07.2024 (निर्धारित प्रस्थान समय 08:05) अब दिनांक 08.07.2024 को 16:00 बजे पुनर्निर्धारित की गई है।

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जलभराव के कारण, इगतपुरी – कल्याण खण्ड पर रेल यातायात रोकी गई

07 जुलाई 2024, रविवार, आषाढ़, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2081

जलभराव के कारण, इगतपुरी – कल्याण मार्ग पर वाशिंद – खडावली खण्ड में, रेल यातायात रोकी गई।

निम्नलिखित यात्री गाड़ियाँ परावर्तित की जा रही है,

A.. वसई रोड, नंदुरबार, जलगांव होकर

  1. 12534 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस – लखनऊ पुष्पक सुपरफास्ट
  2. 12336 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – भागलपुर सुपरफास्ट
  3. 12519 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – अगरतला सुपरफास्ट

B. जलगांव, नंदुरबार, वसई रोड होकर

  1. 11060 छपरा – लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोदान एक्सप्रेस
  2. 12294 प्रयागराज – लोकमान्य तिलक टर्मिनस दुरन्तो
  3. 12742 पटना – वास्को सुपरफास्ट
  4. 14314 बरेली – लोकमान्य तिलक टर्मिनस  एक्सप्रेस

C. मनमाड, दौंड कॉर्ड, पुणे होकर

  1. 12168 बनारस लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुपरफास्ट
  2. 12142 पाटलिपुत्र लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुपरफास्ट
  3. 11080 गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस  एक्सप्रेस
  4. 12812 हटिया लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुपरफास्ट

निम्नलिखित गाड़ियाँ इगतपुरी में शार्ट टर्मिनेट/शार्ट ओरिजिनेट की जा रही है।

  1. 20705 / 20706 जालना मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जालना वन्देभारत
  2. 12110 मनमाड मुम्बई पंचवटी इगतपुरी में खत्म और इसकी रैक शेयरिंग 12071 मुम्बई हिंगोली जनशताब्दी नाशिक रोड से शुरू होगी
  3. 11012 धुळे मुम्बई एक्सप्रेस नाशिक में शार्ट टर्मिनेट
  4. 11120 भुसावल इगतपुरी मेमू एक्सप्रेस रिस्टोर की गई। गाड़ी अब इगतपुरी तक जाएगी।
  5. 12187 जबलपुर मुम्बई गरीबरथ इगतपुरी तक जाएगी और वहीं से 12188 मुम्बई जबलपुर गरीबरथ बनकर लौटेगी। गाड़ी इगतपुरी से मुम्बई के बीच रद्द कर दी गई है।

CR BULLETIN – 03

1) 12140 नागपुर मुम्बई सेवाग्राम एक्सप्रेस JCO 06/7/2024 देवलाली में शार्ट टर्मिनेट की गई और 12139 मुम्बई नागपुर सेवाग्राम एक्सप्रेस JCO 07/7/2024 शार्ट ओरिजिनेट अर्थात मुम्बई की जगह नाशिक रोड से प्रस्थान करेगी।

2) 12152 शालीमार लोकमान्य तिलक टर्मिनस समरसता एक्सप्रेस इगतपुरी में शार्ट टर्मिनेट की गई।

आगे जो भी बुलेटीन्स आएंगे, इसी पोस्ट पर अपडेट किए जाएंगे।

11119 इगतपुरी भुसावल एक्सप्रेस JCO 07/7/2024 रद्द की गई

ताजा अपडेट : रेल मार्ग रिस्टोर किया गया, मगर निम्नलिखित कुछ गाड़ियाँ रिशेड्यूल की गई है, अर्थात अपने प्रारम्भिक स्टेशन से देरी से प्रस्थान करेंगी।

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लम्बी दूरी की आठ सौ गाड़ियोंमे साधारण कोच लगाए जा रहे; क्या हम फिर पुरानी नीति, पुराने ढर्रे पर जा रहे है?

07 जुलाई 2024, रविवार, आषाढ़, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2081

भारतीय रेल, भारत की नैशनल कैरियर। भारत मे कहींसे कहीं तक यात्रा करने का सुगम, सरल और सस्ता पर्याय। उच्च वर्ग से निम्न आय तक के सभी वर्गोंको समाहित करने वाली भारतीय रेल संक्रमण काल से अपनी सुव्यवस्थित नीति बनाने की जद्दोजहद कर रही है।

संक्रमण काल शुरू होने के पूर्व ही भारतीय रेल ने एक ‘शून्याधारित समयसारणी’ का कार्यक्रम जारी करने का विचार किया था। इस कार्य के अंतर्गत सभी यात्री गाड़ियोंके परिचालन को शून्य बेस में लाकर उनके समयसारणी की पुनर्रचना करना था। मुख्य उद्देश्य यह था, गाड़ियोंकी पुनर्रचना कर रेल संपदाओं के रखरखाव हेतु उचित टाइम स्लॉट्स दिए जा सके और साथ ही कम अंतर की गाड़ियोंके लिए स्लॉट्स बनाए जा सके। इस कार्य मे लम्बी दूरी की गाड़ियों और कम अंतर चलनेवाली गाड़ियोंमे वर्गीकरण होना था। कई लम्बी दुरियोंकी गाड़ियोंके स्टापेजेस रद्द किए गए, समयसारणी बदली गई और सबसे अलग बात उन गाड़ियोंके अनारक्षित कोच की मर्यादा तय की गई।

एक तरफ भारतीय रेल यातायात गति बढ़ा रही थी। रेल ट्रैक्स की गति क्षमता 90 – 110 -130 -160 किमी/घण्टा की जा रही है। दूसरे लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे कम अंतर के यात्रिओंको यात्रा करने से परावृत्त करना था। इस उद्देश्य के लिए रेल विभाग को कम अन्तर चलनेवाली गाड़ियोंको अग्र क्रम से लाना था, जिसमे कम अंतर याने 500 से 700 किलोमीटर की रेंज वाली प्रीमियम गाड़ी वन्देभारत तो आ गई मगर 300 से 500 किलोमीटर की रेंज में चलनेवाली मेमू गाड़ियाँ कहीं पिछड़ गई।

इन कम अंतर की गाड़ियोंमे एक बात और खास हुई की रेल प्रशासन ने पूर्वचलित कई सवारी गाड़ियोंके समयसारणीयों में मामूली सा बदलाव कर उन्हें मेल/एक्सप्रेस की श्रेणियोंमे आम यात्रिओंपर लाद दिया। जिन गाड़ियोंमे सवारी दर के निम्नतम किराए लग रहे थे, वह अचानक ही तिगुने किराए की मेल/एक्सप्रेस बन गई। यह बदलाव आम यात्रिओंको बड़े मुश्किल से पचाना पड़ा। जब 35 किलोमीटर औसत गति से चलनेवाली गाड़ी और 55, 60 औसत गति से चलनेवाली गाड़ी का किराया समान हो तो कौन होशियार नियमित मेल/एक्सप्रेस को छोड़ इनमें यात्रा करेगा? मेल/एक्स. गाड़ियोंमे अचानक साधारण टिकट धारकोंका दबाव बढ़ने का यह मुख्य कारण था। यहाँ रेल प्रशासन की नीति गड़बड़ा गई।

अब जो इलाज, उपचार रेल प्रशासन करने जा रहा है, वह फिर उनकी नीतियोंको ठीक उसी जगह ले जा कर रखेगा जहाँ से वह चले थे। जो कम अंतर और लम्बी दूरी के यात्रिओंमें वर्गीकृत गाड़ियाँ रखी जानी थी, वह इस नियमित गाड़ियोंमे साधारण कोच बढाने के निर्णय से बहुत दूर हो जाएगी।

रेल विभाग को चाहिए, की उन्हें पहले अपने कम अंतर चलनेवाली गाड़ियोंके परिचालन को सुधारना आवश्यक है। भारतीय रेल में यात्रा करनेवाले आम यात्रिओंकी संख्या, उच्च वर्गीय यात्रिओंसे कई गुना ज्यादा है। उसमें भी सांख्यिकी यह बात सहजता से सिद्ध कर देगी, 300 से 500 किलोमीटर की यात्रा करनेवाले आम यात्री बहुतायत में है। इनके लिए इंटरसिटी जैसी गाड़ियोंकी बहुत आवश्यकता है। जिन सवारी गाड़ियोंको मेल/एक्सप्रेस में रूपांतरित किया गया, कमसे कम उनमें एक्सप्रेस गाड़ियोंका ‘फील’ अहसास भर तो आना चाहिए न? जो अंतर नियमित मेल/एक्सप्रेस गाड़ी दो, ढाई घण्टे में पार कराती है, यह गाड़ियाँ उसी अंतर के लिए चार से छह घण्टे की समयावधि ले रही है। यह क्या बात हुई?

किसी भी यात्री को लम्बी दूरी के उन खचाखच भरे साधारण कोच में यात्रा करने का चाव नही है। उनमें दो कोच रहे, नही चार रहे, परिस्थितियाँ बदलने वाली नही है। प्रतिक्षासूची के यात्रिओंको आरक्षित यानोंमें यात्रा करने पर पाबन्दीयाँ कोई नई बात नही है, पहले से थी, मगर उन नियमों का पालन अब कड़ाई से करने के निर्देश दिये गए। उन यात्रिओंको साधारण कोच में यात्रा करने की हिदायत दी जा रही है। उत्तर में दिखाया गया है, प्रत्येक गाड़ी में चार कोच साधारण है, आप उसमे यात्रा कीजिए।

कुल मिलाकर यह बात सामने आती है, समस्या कुछ और है और उपचार किसी अलग ही दिशा में किए जा रहे है।

(लेख के विचार सर्वथा लेखक के है।)

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नैशनल रेल इन्क्वायरी सिस्टम NTES ऍप में सकारात्मक बदलाव

06 जुलाई 2024, शनिवार, आषाढ़, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2081

भारतीय रेल की रेल इन्क्वायरी सिस्टम में NTES नामक ऍप है। वैसे तो ट्रेन इन्क्वायरी के नाम पर आपको ढेर ऍप मिल जाएंगे। कुछ बहुत अच्छे और सटीक भी है। मगर एक बात जान लीजिए, इन सारे ऍप की गंगोत्री, जननी NTES ऍप ही है। जिस तरह ई-टिकट के आरक्षण की जननी IRCTC ऍप है, उसी तरह NTES के डेटा से ही अन्य निजी ट्रेन इन्क्वायरी ऍप चलते है।

आज NTES ऍप पर एक अपडेट आया है। यह अपडेट गाड़ी के कोच संरचना में दिव्यांग कोच की पोजिशन अर्थात लोको से कितने क्रमांक पर दिव्यांग कोच रहेगा, यह दर्शायेगा।

यह अपडेट दिव्यांग जन के लिए सचमे बहुत उपयोगी सिद्ध होगा। दिव्यांग कोच हमेशा ही गाड़ी के किसी एक सिरे पर होते है। गाड़ी के महज दो या पाँच मिनटों के स्टापेज में सक्षम यात्री भी कोच ढूंढने की दौड़ नही लगा पाता।

वैसे रेल विभाग प्रत्येक मेल/एक्सप्रेस स्टॉपिंग स्टेशनपर ‘कोच पोजिशन डिस्प्ले” आवश्यक रूप से लगवा रही है।

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नई गाड़ी : सिकंदराबाद वास्को के बीच चलेगी द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस

06 जुलाई 2024, शनिवार, आषाढ़, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2081

भारतीय रेल मुख्यालय ने द म रे SCR के निम्नलिखित सिकंदराबाद वास्को डी गामा के बीच द्विसाप्ताहिक यात्री सेवा को शुरू करने की अनुमति दे दी है।

17039 सिकंदराबाद – वास्को डी गामा द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस, सिकंदराबाद से प्रत्येक बुधवार एवं शुक्रवार को सुबह 10:05 पर चलेगी और अगले दिन सुबह 05:45 पर वास्को पहुँचेंगी।

17040 वास्को डी गामा सिकंदराबाद द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस, वास्को से प्रत्येक गुरुवार एवं शनिवार को सुबह 09:00 पर चलेगी और अगले दिन सुबह 06:20 पर वास्को पहुँचेंगी।

स्टापेजेस : काचेगुड़ा, शादनगर, जाडचेरला, महबूबनगर, गड़वाल, करनूल सिटी, ढोन, गुंटकल, बेल्लारी, होसापेट, कोप्पल, गदग, हुब्बाल्ली, धारवाड़, लोंडा, कैसल रॉक, कुलेम, सनवोर्डम एवं मडगांव

कोच संरचना : 02 वातानुकूल टू टियर, 03 वातानुकूल थ्री टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी, 07 स्लिपर, 04 जनरल, 01 एसएलआर , 01 जनरेटर वैन कुल 20 कोच

फिलहाल इन दो स्टेशनोंके बीच दो साप्ताहिक एवं एक सप्ताह में चार दिन परिचालित, गाड़ियाँ चल रही है। आशा है, दमरे SCR द्वारा जल्द ही इस गाड़ी को शुरू कर दिया जायेगा और तब इसकी विस्तृत समयसारणी भी हम ले आएंगे।