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22949 बान्द्रा टर्मिनस दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपरफास्ट की समयसारणी बदलेगी।

02 जुलाई 2025, बुधवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2082

22949 बान्द्रा टर्मिनस दिल्ली सराय रोहिल्ला साप्ताहिक सुपरफास्ट की समयसारणी JCO 16 जुलाई 2025 से बदल जाएगी। इस सुपरफास्ट को अब बान्द्रा से दिल्ली पहुंचने में 20:55 घण्टे लगेंगे, जो फिलहाल 23:20 घण्टे लग रहे है। इससे यात्रिओंके यात्रा समय मे 145 मिनट की बचत होगी।

यह सारा स्पीड-अप, गतिमानता बान्द्रा टर्मिनस से रेवाड़ी के बीच की यात्रा में की जा रही है। अर्थात समयसारणी में जो भी बदलाव है, बान्द्रा से रेवाड़ी तक है, रेवाड़ी से दिल्ली सराय रोहिल्ला तक गाड़ी के समय नही बदलेंगे।

22949 गाड़ी के समयसारणी में बदलाव 16 जुलाई 2025 की बान्द्रा टर्मिनस से प्रस्थान तिथीसे :

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‘रेलवन’ रेल आरक्षण के साथ रेल यात्रिओंके लिए बहु-उपयोगी ऍप लॉन्च हुवा।

01 जुलाई 2025, मंगलवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2082

रेलवन (RailOne) ऐप का शुभारंभ रेलवे मंत्री द्वारा CRIS के 40वें स्थापना दिवस समारोह में किया गया।

रेलवन ऐप यात्रियों की सभी आवश्यक सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन है। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को निम्नलिखित सेवाओं तक सरलता से पहुंच मिलती है:टिकटिंग – आरक्षित, अनारक्षित, प्लेटफार्म टिकट; ट्रेन और PNR पूछताछ,यात्रा योजना, रेल मदद सेवाएं, ट्रेन में भोजन बुकिंग। साथ ही, इसमें माल परिवहन (फ्रेट) से संबंधित पूछताछ की सुविधा भी उपलब्ध है।

इस ऐप का मूल उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करना है, जिसे सरल और स्पष्ट यूआई (यूज़र इंटरफ़ेस) के माध्यम से साकार किया गया है। यह न केवल सभी सेवाओं को एक स्थान पर समाहित करता है, बल्कि सेवाओं के बीच एकीकृत संपर्क भी प्रदान करता है, जिससे उपयोगकर्ता को भारतीय रेल सेवाओं का समग्र पैकेज मिलता है।

इस ऐप की एक विशेष सुविधा है सिंगल साइन-ऑन। इससे उपयोगकर्ताओं को कई पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। RailOne ऐप डाउनलोड करने के बाद, RailConnect या UTSonMobile ऐप की मौजूदा यूज़र आईडी से लॉगिन किया जा सकता है। इसके कारण उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप रखने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे डिवाइस की स्टोरेज भी बचती है।

इस ऐप में आर-वॉलेट (Railway e-wallet) की सुविधा भी जोड़ी गई है। संख्यात्मक mPIN और बायोमेट्रिक लॉगिन जैसी आसान लॉगिन सुविधाएं भी दी गई हैं।

नए उपयोगकर्ताओं के लिए कम से कम जानकारी देकर पंजीकरण की व्यवस्था है, जिससे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान और तेज बनती है। केवल पूछताछ करने वाले उपयोगकर्ता गेस्ट लॉगिन के ज़रिए मोबाइल नंबर और OTP से भी लॉगिन कर सकते हैं।

यह ऐप एंड्रॉइड प्ले स्टोअर और ऍपल iOS ऍप स्टोअर पर उपलब्ध कराया गया है। ऍप इन्स्टॉल करने के लिए निम्नलिखित लिंक का उपयोग कर सकते है।

एंड्रॉइड के लिए, https://play.google.com/store/apps/details?id=org.cris.aikyam

iOS App Store के लिए लिंक, https://apps.apple.com/in/app/railone/id6473384334

Pib.gov.in से साभार

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रेल यात्री किराए 01 जुलाई से बढाए जा रहे है। रेल आरक्षण प्रणाली में व्यापक बदलाव के बाद अब बारी रेल यात्री किराए के बढ़ोतरी की!

30 जून 2025, सोमवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, पँचमी, विक्रम संवत 2082

01 जुलाई 2025 से रेल यात्री के बेसिक (बुनियादी) किरायोंमे वृद्धि की जा रही है। सामान्य श्रेणी और सीजन टिकट धारकोंको इस वृद्धि से दूर रखा गया है। उनके टिकट के दर में कोई बदलाव नही किया जाएगा। किराए की वृद्धि प्रति किलोमीटर रेल यात्रा के अनुसार की गई है। आइए समझते है,

1: उपनगरीय गाड़ियोंकी एकल यात्रा किराए और सभी तरह के सीजन टिकट अर्थात मासिक, त्रैमासिक पास में कोई वृद्धि नही।

सवारी गाड़ी :

1 : द्वितीय श्रेणी अनारक्षित : आधे पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की जाएगी। जिसमें 1 – 500 किलोमीटर तक कोई वृद्धि नही। 501 – 1500 किलोमीटर में ₹5/- और 1501 – 2500 किलोमीटर तक ₹10/- एवं 2501 से 3000 किलोमीटर के लिए ₹15/- ज्यादा देने होंगे।

2: स्लिपर क्लास : आधा पैसा प्रति किलोमीटर

3: प्रथम श्रेणी : आधा पैसा प्रति किलोमीटर

मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके किराए :

1 : द्वितीय श्रेणी अनारक्षित : एक पैसे प्रति किलोमीटर

2: स्लिपर क्लास : एक पैसा प्रति किलोमीटर

3: प्रथम श्रेणी : एक पैसा प्रति किलोमीटर

सभी गाड़ियोंमें वातानुकूलित श्रेणी :

1: वातानुकूलित चेयर कार : दो पैसा प्रति किलोमीटर

2: वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी : दो पैसा प्रति किलोमीटर

3: वातानुकूलित थ्री टियर : दो पैसा प्रति किलोमीटर

4: वातानुकूलित टू टियर : दो पैसा प्रति किलोमीटर

5: वातानुकूलित प्रथम/ एग्जेक्युटिव चेयर कार/ अनुभूति : दो पैसा प्रति किलोमीटर

मेल/एक्सप्रेस एवं सवारी के अलावा अन्य गाड़ियाँ जैसे कि तेजस राजधानी, राजधानी, शताब्दी, जनशताब्दी, दुरंतो, वन्देभारत, हमसफ़र, तेजस, महामना, गतिमान, अन्त्योदय, गरीबरथ, युवा, ग़ैरउपनगरिय साधारण, अनुभूति कोच, विस्ताडोम कोच, इन गाड़ियों, कोचों में किराया वॄद्धि परिपत्रक में जोड़े गए फेयर टेबल के अनुसार होगी।

किरायोंके अलावा लगने वाले अन्य चार्जेस जैसे की आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट चार्ज यथावत लगते रहेंगे। इनमें कोई बदलाव नही रहेगा।

GST चार्जेस भी यथावत लगते रहेँगे।

किराए जोड़ने के बाद उन्हें ₹5/- में रोउंडिंग ऑफ करने की पद्धति जारी रहेगी।

बेसिक बुनियादी किरायोंमे जोड़े जाने वाले अन्य प्रभार : निम्नलिखित चार्ट में श्रेणी के लिए लागू न्यूनतम किलोमीटर, तदनुसार न्यूनतम किराए, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क

01 जुलाई 2025 से लागू किराया तालिका

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प्रतिक्षासूची पर रेल विभाग की गुलाटी; प्रतिक्षासूची में यात्री संख्या बढ़ाई जाएगी।

30 जून 2025, सोमवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, पँचमी, विक्रम संवत 2082

हाल ही में जारी आदेश के तहत रेल आरक्षण की अमर्याद प्रतिक्षासूची को संकुचित करने हेतु, विभिन्न स्टेशनोंके कोटे से केवल 25% तक ही प्रतिक्षासूची के टिकट जारी करना शुरू किया गया। इस आदेश को इस तरह समझते है, जैसे किसी यात्री गाड़ी में फलाँ स्टेशन से 100 बर्थ का कोटा है। सारी 100 बर्थ बुक होने के बाद आगे केवल 25 बर्थ तक ही प्रतिक्षासूची के टिकट जारी किए जा रहे थे। छब्बीसवें टिकट के लिए ‘नॉट अवेलेबल’ या ‘रिग्रेट’ दिखाई देता था।

कुछ ऐसे हाल है, रेल आरक्षण के! उपरोक्त तस्वीर erail.in से साभार

प्रतिक्षासूची के संकुचन का उद्देश्य यह था की, चार्टिंग के बाद भी यात्रिओंकी भारी तादाद में प्रतिक्षासूची पर रह जाना, ई-टिकट प्रणाली में टिकटोंका रद्द होना और PRS पर जाकर प्रतिक्षासूची के टिकटोंको रद्द करना, इस तरह की परेशानी से यात्रिओंको मुक्ति दिलाना था। कुछ यात्री PRS के प्रतिक्षासूची टिकट लेकर वैसे ही आरक्षित यानों में चढ़ जाते थे, हालाँकि रेल विभाग, चार्टिंग के बाद प्रतिक्षासूची के टिकटोंपर आरक्षित यानोंमें यात्रा करना पहले ही वर्जित है और इस तरह की यात्रा करना दण्डित रहेगा यह घोषित कर चुका है। ऐसी अवस्था को काबू में करने के लिए केवल प्रतिक्षासूची के टिकटोंको सीमित संख्या में ही जारी करना यह अच्छा विकल्प था। रेल विभाग इस दिशा में अपने प्रयास का पहला कदम उठा चुकी थी और टिकिटिंग प्रणाली भी यह काम शुरू कर चुकी थी।

अचानक रेल विभाग ने अपनी घोषणा पर रोल बैक किया और जारी किए नए आदेशानुसार अब प्रतिक्षासूची के टिकट मूल कोटे से 25% की संख्या से बढ़ाकर 30 से 60% तक करने के आदेश जारी किए है।

नया आदेश :

पूर्व आदेश : जिसमे विभिन्न स्टेशनोंके निर्धारित कोटे से 25% यात्री संख्या तक प्रतिक्षासूची टिकट जारी करने के आदेश दिए गए।

क्या पूर्व आदेश जारी होने के चन्द दिनों में ही रेल गाड़ियोंमे बर्थ खाली चलने लगे थे? क्या यात्री इस संकुचित वेटिंगलिस्ट टिकट की संख्या से इतने हतोत्साहित हो गए थे की, आरक्षण काउंटर्स ओस पड़ गए थे। इतनी भी क्या जल्दी थी की रेल विभाग को अपने ही निर्णय पर गुलाटी मारनी पड़ी और पॉलिसी को आननफानन में बदलना पड़ा?

खैर, यह सारे निर्णय किसी प्रयोगके तौर पर लागू किए जा रहे है और बदले जा रहे है। रेल आरक्षण प्रणाली में आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। हो सकता है, आगे और भी उन्नत तकनीक के चलते यात्रिभिमुख, सकारात्मक बदलाव आएंगे। रेल विभाग अभी यह विभिन्न प्रयोग गाड़ियोंमे यात्री संख्या कम रहने के मौसम में कर रहा है जो की मुनासिब भी है। हालाँकि अवस्था यह है, भारतीय रेल में सभी सीज़न ‘पिक’ ही रहते है, अब कोई सीज़न ‘लीन’ नही रहा। गाड़ी प्रस्थान के तिथी से 60 दिन पूर्व आरक्षण शुरू होता है और चन्द मिनटों में गाड़ियाँ फुल्ल हो जा रही है। सामने त्याहारों का मौसम है, गणेशजी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली छुट्टियाँ सब आनेवाली है और इस सीज़न के टिकट बुक हो रहे है।

बदलाव के बहार में एक गुलदस्ता यात्रिओंको मनचाही आरक्षित बर्थ के चुनाव करने का भी है, जैसे वह सिनेमा हॉल में खाली सीटों में से अपनी पसंदीदा सीट चुन सकता है। चलिए देखते है, क्या क्या नए बदलाव आएंगे!

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यात्रीगण के लिए महत्वपूर्ण सूचना : रेल आरक्षण, चार्टिंग के बदलाव इस वर्ष की पहली जुलाई से लागू किए जाएंगे।

29 जून 2025, रविवार, आषाढ़, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2082

भारतीय रेल अपनी रेल आरक्षण प्रणाली में उन्नत बदलाव करते जा रही है। हाल ही में टिकट अपग्रेडेशन की प्रणाली को सुनियोजित किया गया है। अब 01 जुलाई 2025 से रेल आरक्षण की तत्काल टिकट प्रणाली में घोषित किए गए बदलाव लागू होने जा रहे है। इसके बाद लगभग जुलाई के अंतिम सप्ताह में तत्काल टिकट को ‘आधार’ या किसी अन्य सरकारी वैधता प्राप्त पहचान पत्र (आई डी) जो की व्यक्ति के डिजिलॉकर ऍप पर सुरक्षित की गई है, उससे OTP से प्रमाणित कर, तत्काल आरक्षण प्राप्त किया जा सकेगा।

आरक्षित यात्रिओंकी चार्टिंग अब तक गाड़ी के प्रस्थान समय से चार घण्टे पहले की जाती थी, जिसे अब चार की जगह आठ घण्टे पहले किया जाएगा। इससे दूरदराज के गांवों से अन्य यातायात का उपयोग कर रेल में यात्रा करने हेतु रेलवे स्टेशनोंपर पहुंचने वाले यात्रिओंको बड़ी सुविधा होगी। वेटिंग लिस्ट टिकट कन्फ़र्म नही होने की स्थिति में वह अपनी यात्रा का नियोजन व्यवस्थित कर पायेंगे। बदली हुई चार्टिंग व्यवस्था चरणबद्घ तरीकेसे लागू की जाएगी।

वर्ष के अंत भाग तक रेल आरक्षण प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। फिलहाल करीबन 32,000 टिकट प्रति मिनट की गति तकरीबन डेढ़ लाख टिकट प्रति मिनट तक बढाई जाएगी। आरक्षण पूछताछ जो लगभग 40,000 प्रति मिनट की जाती है उसकी क्षमता लगभग चार लाख प्रति मिनट की जाएगी। इस व्यवस्था में यात्रिओंको खाली रही बर्थ, सीट्स में सेअपने आसन चुनने का अधिकार दिया जाएगा।

इसी संदर्भ में प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के द्वारा निम्नलिखित सूचना जारी की गई है,

नई यात्री आरक्षण प्रणाली प्रति मिनट डेढ़ लाख से अधिक रेल टिकट जारी करने में सक्षम होगी, जो एक मिनट में 32000 टिकटों की वर्तमान क्षमता का लगभग पांच गुना है, यह प्रणाली वर्ष के अंत तक तैयार हो जाएगी

यात्री सुविधा और स्मार्ट टिकटिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारतीय रेलवे यात्री आरक्षण प्रणाली को बहुभाषी बनाएगी।

यात्रा को लेकर अनिश्चितता में सुधार के लिए रेल मंत्रालय वेटलिस्टेड टिकटों के एडवांस चार्टिंग को जल्द लागू करेगा, दोपहर 2 बजे से पहले रवाना होने वाली ट्रेनों के लिए पिछले दिन रात 9 बजे तक चार्ट तैयार किया जाएगा।

तत्काल बुकिंग में आधार या सरकारी आईडी के माध्यम से व्यापक प्रमाणीकरण होगा जो डिजिलॉकर से जुड़ा होगा ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़े

नई पीआरएस प्रणाली में टिकट पूछताछ क्षमता दस गुना बढ़कर – 4 लाख से 40 लाख प्रति मिनट हो जाएगी

भारतीय रेलवे संपूर्ण यात्रा अनुभव को यात्री-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलवे के साथ एक यात्री की यात्रा, टिकट आरक्षण करने  के चरण से शुरू होती है। रेलवे टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है।

रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन सुधारों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकट प्रणाली स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और कुशल होनी चाहिए। योजनाओं में यात्रियों की सुविधा पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। यह प्रणाली हमारे यात्रियों के लिए एक सहज और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगी।

बेहतर और उन्नत चार्टिंग से यात्रा योजनाओं को लेकर निश्चितता होगी

आरक्षित यात्रिओंके आसनोंकी चार्टिंग:

वर्तमान में, ट्रेन के प्रस्थान से चार घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार किया जाता है। यह यात्रियों के मन में अनिश्चितता पैदा करता है। यात्री जब ट्रेन पकड़ने के लिए पास के क्षेत्र से आते हैं तो यह अनिश्चितता गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

इस अनिश्चितता को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने प्रस्थान से आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करने का प्रस्ताव रखा है। 1400 बजे से पहले प्रस्थान करने वाली ट्रेनों के लिए, चार्ट पिछले दिन ही 2100 बजे तैयार किया जाएगा। रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की और बोर्ड को इसे चरणों में लागू करने का निर्देश दिया ताकि कोई व्यवधान न हो।

यह कदम प्रतीक्षा सूची टिकट वाले यात्रियों के लिए अनिश्चितताओं को कम करेगा। यात्रियों को प्रतीक्षा सूची की स्थिति के बारे में पहले ही जानकारी मिल जाएगी। यह लंबी दूरी की ट्रेनों को पकड़ने के लिए प्रमुख शहरों के दूरदराज के स्थानों या उपनगरों से यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभान्वित करेगा। यह प्रतीक्षा सूची की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए अधिक समय भी प्रदान करेगा।

आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस)

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यात्री आरक्षण प्रणाली के अपग्रेडेशन की समीक्षा की। इस परियोजना को पिछले कुछ महीनों से क्रिस (रेल सूचना प्रणाली केंद्र) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।

नया उन्नत पीआरएस डिजाइन तेज, लचीला और वर्तमान लोड से दस गुना अधिक भार संभालने में सक्षम है। इससे टिकट बुक करने की क्षमता में काफी वृद्धि होगी। नए पीआरएस से प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। यह वर्तमान पीआरएस में 32,000 टिकट प्रति मिनट से लगभग पांच गुना अधिक होगा।

टिकट पूछताछ क्षमता भी दस गुना बढ़ जाएगी, यानी 4 लाख से 40 लाख प्रति एक मिनट में जांच संभव हो सकेगी।

नए पीआरएस में बहुभाषी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बुकिंग और पूछताछ इंटरफ़ेस भी है।

नए पीआरएस में, उपयोगकर्ता अपनी पसंदीदा सीट का चयन करने और किराया कैलेंडर देखने में सक्षम होंगे। इसमें दिव्यांगजनों, छात्रों, रोगियों आदि के लिए भी एकीकृत सुविधाएं हैं।

“तत्काल बुकिंग” के लिए व्यवस्थित प्रमाणीकरण –

भारतीय रेलवे 1 जुलाई 2025 से केवल सत्यापित उपयोगकर्ताओं को ही आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर “तत्काल टिकट बुक” करने की अनुमति देगा।

इसके अतिरिक्त, जुलाई 2025 के अंत से तत्काल बुकिंग के लिए ओटीपी-आधारित सत्यापन लागू किया जाएगा।

रेल मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल बुकिंग के लिए ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म को व्यापक बनाने का निर्देश दिया। यह प्रमाणीकरण आधार या उपयोगकर्ता के डिजिलॉकर खाते में उपलब्ध किसी अन्य सत्यापन योग्य सरकारी पहचान पत्र का उपयोग करके किया जाना चाहिए।

ये पहल भारतीय रेलवे द्वारा अपनी प्रणालियों को आधुनिक बनाने तथा उन्हें अधिक नागरिक अनुकूल बनाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं।

PIB से साभार