Uncategorised

कोंकण रेलवे का मॉन्सुन टाइमटेबल

कोंकण रेलवे पर 10 जून से 31 अक्टूबर तक गाड़ियोंको नियमित समयसारणी से अलग समयोपर चलाया जाता है। यह कोंकण रेलवे की मॉन्सुन समयसारणी कहलाती है।

Uncategorised

उत्तर मध्य रेलवे NCR की 12 विशेष गाड़ियाँ फिरसे चल पड़ेंगी, 4 गाड़ियोंके फेरे भी बढाए जा रहे है।

उत्तर मध्य रेलवे ने अपनी 6 जोड़ी याने 12 गाड़ियोंको फिर से पटरी पर लाने की घोषणा कर दी है।

शुरू की जानेवाली गाड़ियाँ

02033/34 कानपुर नई दिल्ली कानपुर शताब्दी सप्ताह में 4 दिन, दिनांक 7 जून से

04197/98 भोपाल ग्वालियर भोपाल, सप्ताह में 5 दिन, दिनांक 7 जून से

02179/80 लखनऊ आग्रा फोर्ट लखनऊ, सप्ताह में 5 दिन, दिनांक 7 जून से

04195/96 आग्रा फोर्ट अजमेर आग्रा फोर्ट, सप्ताह में 5 दिन, दिनांक 7 जून से

01807/08 झाँसी आग्रा कैंट झाँसी प्रतिदिन, दिनांक 7 जुनसे

01911/12 ईदगाह बांदीकुई ईदगाह प्रतिदिन अनारक्षित विशेष दिनांक 07/08 जून से।

साथ मे 01911 ईदगाह बांदीकुई अनारक्षित विशेष की बदली समयसारणी भी दी गयी है।

गाड़ियोंके फेरे बढ़े

04113/14 सूबेदारगंज देहरादून सूबेदारगंज द्विसाप्ताहिक से बढ़कर त्रिसाप्ताहिक

04125/26 काठगोदाम देहरादून काठगोदाम द्विसाप्ताहिक से बढ़कर त्रिसाप्ताहिक

Uncategorised

महाराष्ट्र एक्सप्रेस जाएगी महाराष्ट्र से बाहर, गोंदिया से आगे जबलपुर होते हुए रीवा तक विस्तार का प्रस्ताव

01039/40 छत्रपति शाहू महाराज टर्मिनस कोल्हापुर से गोंदिया के बीच प्रतिदिन चलनेवाली महाराष्ट्र एक्सप्रेस के मध्यप्रदेश के रीवा स्टेशन तक सप्ताह में 3 दिन विस्तार किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है और रेलवे बोर्ड से इस प्रस्ताव को सम्मति भी मिल गयी है। बस पश्चिम मध्य और दक्षिण पूर्व मध्य रेल से सन्मवय होते ही इस गाड़ी के चलने के दिन घोषित किए सकते है

दरअसल रेलवे बोर्ड की यह नीति है, की गन्तव्योंपर गाड़ियोंके लाय ओवर पीरियड याने लौटने की अवधि में कमी लाकर गाड़ी के रैक का यात्रिओंके लिए यथायोग्य उपयोग किया जाए। इसी नीति के तहत गोंदिया से रीवा के बीच त्रिसाप्ताहिक चलनेवाली 01753/54 गाड़ी के 2 रैक महाराष्ट्र एक्सप्रेस के 4 रैक से संलग्न किए जाएंगे और इतवारी रीवा इतवारी गाड़ी का रूपांतरण रीवा कोल्हापुर रीवा त्रिसाप्ताहिक गाड़ी में हो जाएगा।

इस विस्तार से रीवा, सतना, कटनी, जबलपुर, नैनपुर, बालाघाट के यात्रिओंके लिए महाराष्ट्र के वर्धा, बडनेरा, अकोला, जलगाँव, शिर्डी, पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर जैसे प्रमुख शहरोंसे सीधा जुड़ाव हो जाएगा।

रेल विभाग का दावा है, इस तरह दो गाड़ियोंके रैक लिंक कर चलाने से रेलवे का करीबन 100 करोड़ के यात्री डिब्बों का सही तरीकेसे उपयोग होगा। महाराष्ट्र एक्सप्रेस जो फ़िलहाल पुराने ICF कोच से चल रही है, वह LHB कोच व्यवस्था से सुसज्जित हो जाएगी।

महाराष्ट्र एक्सप्रेस की गोंदिया से रीवा तक विस्तार किए जाने के बाद की प्रस्तवित समय सारणी। कोल्हापुर से गोंदिया समय मे कोई बदलाव नही।

गौरतलब यह है की हाल ही में कोल्हापुर से गोंदिया के बीच चलनेवाली 01039 महाराष्ट्र एक्सप्रेस के ढाई घण्टे स्पीड अप का व्यापक विरोध चालीसगांव, जलगाँव, अकोला क्षेत्र से, रोजाना जाना आना करने वाले यात्रिओंद्वारा किया गया था।

Uncategorised

कभी हाँ, कभी ना ….

02126/25 भिण्ड – रतलाम – भिण्ड और 01126/25 ग्वालियर रतलाम ग्वालियर इन लोकप्रिय गाड़ियोंकी की 2-4 दिनोंमें जो खींचतान चल रही थी, उसे विराम लगता नजर आ रहा है। दरअसल संक्रमणकाल में बन्द की गई इन गाड़ियों को जब फिरसे खोले जाने की बात जाहिर हुई तो रतलामवासियोंको ठगा सा महसूस करा गयी। गाड़ी को यद्यपि रेल आरक्षण में रतलाम तक दिखाया जा रहा था मगर परीपत्रक निकला तो वह गाड़ी ग्वालियर / भिण्ड से इन्दौर के बीच चलने का ही था।

रतलाम के यात्री तो भौंचक रह गए, उनकी सदाबहार गाड़ी इन्दौर से पलटने वाली जो थी। फौरन मालवा यात्री ग्रुप के सदस्य शिवम राजपुरोहित और उनके सहकारी सक्रिय हुए और विषय को ऊपरी स्तर तक लगाए रखा।

आज नया नोटिफिकेशन आया कि गाड़ी को रतलाम तक पुनःस्थापित किया जा रहा है और सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है, यह गाड़ी इन्दौर से फतेहाबाद चंद्रावती गंज के मार्ग से होते हुए रतलाम तक पहुचेंगी।

02126 भिंड – रतलाम का संचालन 05 जून से
01125 रतलाम – ग्वालियर का संचालन 06 जून से
01126 ग्वालियर – रतलाम का संचालन 07 जून से
02125 रतलाम – भिंड का संचालन 08 जून से

Uncategorised

पर्यावरण संरक्षण :भारतीय रेल में विद्युतीकरण

भारतीय रेल, दुनिया में सबसे बड़ा हरित रेलवे बनने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है और 2030 से पहले “शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जक” बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। नये भारत की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रभावी, समयनिष्ठ और यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई का एक आधुनिक वाहक रेलवे, पर्यावरण के अनुकूल, कुशल, लागत की समग्र दृष्टि से निर्देशित है। भारतीय रेल बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण कर के, दिन-प्रतिदिन पानी और कागज संरक्षण से लेकर रेलवे पटरियों पर जानवरों को घायल होने से बचाने के लिए अपने सबसे बड़े से लेकर छोटे कदमों से पर्यावरण की मदद कर रहा है।

मध्य रेल पर, 2014-21 के दौरान विद्युतीकृत कुल ट्रैक किमी महाराष्ट्र में 1895 किमी, मध्य प्रदेश में 145 किमी और कर्नाटक में 193 किमी है। कुल 555 ट्रैक किमी के तीन खंडों पर विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है।

हेड ऑन जेनरेशन (HOG) : भारतीय रेल हेड ऑन जेनरेशन (HOG) सिस्टम भी शुरू कर रहा है, जिसके तहत लोकोमोटिव के माध्यम से सीधे ओवर हेड इक्विपमेंट (OHE) से कोचों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। यह ट्रेनों में अलग पावर कारों की आवश्यकता को समाप्त करता है। इस प्रकार अतिरिक्त कोचों को खींचने की आवश्यकता को कम करता है और दक्षता बढ़ाता है। कार्बन फुटप्रिंट में प्रतिवर्ष 31,88,929 टन की कमी आएगी। पावर कारों को खत्म करने से 2,300 करोड़ रुपये की ईंधन लागत में भी बचत होगी

इकोसिस्टम संरक्षण : डिब्बों में जैव-शौचालय और स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीन
जैव शौचालयों के माध्यम से स्वच्छता में सुधार
“स्वच्छ भारत मिशन” के एक हिस्से के रूप में, भारतीय रेल ने अपने पूरे बेड़े में जैव शौचालयों की स्थापना का काम पूरा कर लिया है। इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि ट्रैक पर चल रहे कोचों से कोई मानव अपशिष्ट डिसचार्ज नहीं होगा। इस प्रयास से पटरियों पर प्रतिदिन लगभग 2,74,000 लीटर मलमूत्र से बचा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, मानव अपशिष्ट के कारण रेल और फिटिंग के जंग लगने से भी बचाया जाता है। मध्य रेल ने अपने सभी 5,000 डिब्बों में जैव शौचालय लगाने का काम पूरा कर लिया है।

भारतीय रेल के स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीन : रेलवे ने स्टेशनों में उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे को कम तरीके, पुनर्चक्रण और निपटाने के लिए कई पर्यावरण अनुकूल पहल की हैं। इन पहल को और बढ़ावा देने के लिए 400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर कुल 585 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं और भारतीय रेल पर ऐसी मशीनें अधिक लगाने हेतु प्रक्रिया जारी है।

इकोसिस्टम संरक्षण : सौर ऊर्जा और ऊर्जा बचत एलईडी रेलवे पर्यावरण में सुधार हेतु योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में, यह पर्यावरण के अनुकूल उपायों जैसे अक्षय ऊर्जा के उपयोग जिसमें शामिल पवन और सौर ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सभी रेलवे प्रतिष्ठानों और भवनों (20,000 से अधिक) मई 2020 में भारतीय रेल के सभी आवासीय क्वार्टर को भी एलईडी लाइटिंग सिस्टम में बदल दिया गया है।
मध्य रेल में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस सहित 5 रेलवे स्टेशन हैं जिन्हें इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) प्रमाणन मिला है।

महामारी में ऑक्सीजन की तरह माल ढुलाई, सड़क परिवहन की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल
रेलवे ने 19 अप्रैल, 2021 से शुरू होने के बाद से 350 से अधिक लोडेड ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई हैं, जिसमें 1,438 लोडेड टैंकर हैं, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में 24,387 टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है।
महाराष्ट्र में 614 टन ऑक्सीजन उतारी गई है। सड़क परिवहन की तुलना में रेलवे के माध्यम से माल ढुलाई अधिक पर्यावरण के अनुकूल है।