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पश्चिम रेलवे WR का एक और खेला जो यात्रिओंके गले की बन गया फ़ांस

हाल ही में पश्चिम रेलवे ने 3 मार्च को आननफानन में अपनी 65 सवारी गाड़ियोंमे से 58 गाड़ियोंको अनारक्षित सवारी गाड़ी किरायोंमे चलवाने की घोषणा कर दी थी और उसके बाद में क्या हुवा यह सारे पश्चिम रेलवे के यात्री परेशानी भुगत चुके, अच्छेसे जानते है। दरअसल बोर्ड से प्लेटफॉर्म टिकटोंको लेकर कुछ निर्देश क्षेत्रीय रेलवे के लिए आए थे, जिसे क्षेत्रीय रेलवे के गलतफहमी ने कुछ और ही अंजाम दे दिया जिसे 5 मार्च फिर से परीपत्रक निकाल सुधारा गया।

यह तो स्थानिक मामला था, कम रकम और पास ही के दिनोंका था मगर एक ऐसा खेला पश्चिम रेलवे की ओरसे बना है जो कई यात्रिओंकी हालत पतली करने वाला साबित हुवा है।

पश्चिम रेलवे की ओरसे 09089/90 अहमदाबाद गोरखपुर अहमदाबाद प्रतिदिन स्पेशल चलाई जा रही थी। यह गाड़ी अहमदाबाद, सूरत, भुसावल, इटारसी कटनी होते हुए गोरखपुर को जाती थी और उन्ही स्टेशन को होते हुए वापस अहमदाबाद आती थी। जिसे स्पेशल श्रेणी का फायदा लेते हुए रातोंरात मार्ग परिवर्तन और गाड़ी क्रमांक बदलकर 09489/90 कर अहमदाबाद से वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, बीना, कटनी मुरवारा सतना होते हुए अपने पुराने मार्ग प्रयागराज छिंवकी, वाराणसी, गोरखपुर के बीच सप्ताह में 6 दिन चलवा दी।

दरअसल एक गाड़ी और भी है 09083/84 अहमदाबाद मुजफ्फरपुर अहमदाबाद स्पेशल यह गाड़ी भी पेपर पर बन्द हो गयी है। हालांकि इसके बदले पश्चिम रेलवे ने इसी मार्ग पर थोड़ा मार्ग परिवर्तन कर मुजफ्फरपुर से आगे विस्तारित कर बरौनी तक चलवा दिया है। मगर झोल आगे है। 09083/84 यह गाड़ी भी मार्च के शुरवाती दिनोंमें ही रद्द कर दी गयी और नई गाड़ी का क्रमांक 09483/84 प्रतिदिन चलाई गई है। नतीजा वही है, हजारों यात्रिओंके टिकट रद्द हो गए है।

अब दिक्कतें यह है की यात्रिओंने 09089/90 और 09083/84 स्पेशल में अग्रिम आरक्षण के जरिए 120 दिनों तक याने जून महीने तक आरक्षण कर लिए थे। लेकिन गाड़ी का स्टेटस रद्द बताया जा रहा है। यात्रिओंके ऑनलाइन कन्फर्म टिकट सीधे रद्द हो गए है, PRS टिकट वालोंको मैसेज आ गए क्योंकि गाड़ी ही रद्द हो चुकी है। इस संदर्भ में हमारे पास एक “बंसल न्यूज” कर के खबर आई है।

सूरत। में दो ट्रेनों को हमेशा के लिए रद्द कर दिया गया है। मई-जून की बुकिंग में 1.50 लाख यात्रियों के 5 करोड़ रूपयें फंसे है। रेलवे ने जून तक टिकट बुक करने के बाद ट्रेनें रद्द कर दी, यात्रियों को न दूसरी ट्रेन दे रहे और न ही पैसे वापस कर रहे रेलवे ने अहमदाबाद मुजफ्फरपुर और अहमदाबाद-गोरखपुर ट्रेन रद्द कर दी गई हैं।

जर्नी डेट खत्म होने के बाद मिलेगा रिफंड, रेलवे ने 09083 अहमदाबाद-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस को 1 मार्च से और 09089 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस को 2 मार्च से हमेशा के लिए रद्द कर दिया है, लेकिन यात्रियों का रिफंड लाैटाने में आनाकानी कर रही है। इन दोनों ट्रेनों में 16 जून तक 6.42 लाख से ज्यादा यात्री टिकट बुक करा चुके हैं।में दो ट्रेनों को हमेशा के लिए रद्द कर दिया गया है। मई-जून की बुकिंग में 1.50 लाख यात्रियों के 5 करोड़ रूपयें फंसे है।
जर्नी डेट खत्म होने के बाद ही किया जा सकता है

रिफंड
अब सभी यात्रियों के टिकट रद्द किए जाए रहे हैं। जिन यात्रियों का टिकट मई और जून का है, उन्हें रेलवे रिफंड नहीं कर रही है। यात्रियों ने बताया कि रेलवे अधिकारी कह रहे हैं कि जर्नी डेट खत्म होने के बाद ही रिफंड किया जाएगा। सूरत से मई-जून में डेढ़ लाख से ज्यादा टिकट बुक हुए हैं। इन टिकटों की कीमत लगभग पांच करोड़ होती है। रेलवे यह भी कह रही है कि दोनों ट्रेनों फिर से बहाल की जा सकती हैं। हालांकि IRCTC एप पर दोनों ट्रेनों का स्टेटस रद्द दिख रहा है। रेलवे ने इसकी भी जानकारी अब तक यात्रियों को नहीं दी है।

ट्वीटर पर रेलमंत्री से की शिकायत
यात्री: हमारे पैसे फंसे हुए हैं, बताइए अब हम क्या करें सूरत के रहने वाले यात्री तेजेश्वर पांडेय ने बताया कि उन्होंने ट्रेन संख्या 09089 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में 10 मई का दो टिकट बुक किया है। इसी ट्रेन से वापसी का टिकट 29 मई को बुक है। 8 मार्च को उन्होंने रेल मंत्री को ट्वीट करके कहा कि ट्रेन पूरी की पूरी कैंसल कर दी गई, लेकिन रिफंड अभी देने के बजाय मई में जर्नी डेट खत्म होने का इंतजार करने को कहा जा रहा है। हमारे पैसे फंसे हुए हैं। अब हमारे पास क्या विकल्प है।

रेलवे की ओर से यात्रियों को मिला जवाब। रेलवे: संभव है कि ये ट्रेनें फिर से बहाल कर दी जाएंयात्री तेजेश्वर पांडे के ट्वीट के जवाब में रेल मदद ने कहा कि ट्रेन की जर्नी डेट खत्म होने के बाद पूरा रिफंड वापस होगा। क्योंकि ऐसा संभव है कि ट्रेन को पुनः बहाल कर दिया जाए। ऐसे में ट्रेन स्टेटस ऑनलाइन चेक करते रहें। यात्री ने जवाब का विरोध किया और बताया कि ऑनलाइन चेक करने पर 10 मई तक ट्रेन पूरी तरह रद्द है तो कैसे मान लेें कि ट्रेन फिर शुरू होगी। यह कोई समाधान नहीं है। जब ट्रेन रद्द है तो फिलहाल तुरंत रिफंड कर दिया जाए।

अब बताइए, कैसे बेचारे यात्री इसका निपटारा करें? दूसरी तरफ रेलवे ऐसा भी कह रही है, गाड़ी फिर शुरू की जा सकती है। अब यात्री पेशोपेश है क्या करे और क्या न करे? एक बात और यदि फिर गाड़ी शुरू होगी तो 09489/90 जो फिलहाल रतलाम, उज्जैन होकर चल रही है यदि उस मार्ग से रद्द कर सूरत भुसावल होकर चलवा दी तो उस मार्ग के यात्रिओंके साथ फिर ऐसा ही खिलवाड़ हो जाएगा।

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सावधान! आप वन्य क्षेत्र से गुजर रहे है।

बिहार, आसाम, पश्चिम बंगाल ऐसे पूर्वोत्तर राज्य, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कुछ भाग ऐसे है जहां से रेलवे गाड़ियोंकी आवाजाही चल रही है। रेलवे प्रशासन अपने रेल मार्ग का निर्माण करते वक्त वन्य जीवोंके लिए विशेष गलियारे, ऊपरी पुलिया बनाकर उनकी व्यवस्था करती है। वन्य क्षेत्र में से जाने वाली गाड़ियोंपर धीमी गति से चलने के निर्बंध लगे रहते है। इसके बावजूद कुछ ऐसी घटना हो जाती है जो रेल कर्मचारियों को नई सिख दे जाती है। जरा निम्नलिखित वीडियो देखिए आपको डर, आश्चर्य और एक अलग थरार का अनुभव होगा। वीडियो में कर्मियोंके आवाज कायम रखे है।

Video courtesy : @susantananda3
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दक्षिण रेलवे SR ने 10 जोड़ी अनारक्षित मेल/एक्सप्रेस विशेष चलाने की घोषणा की

यह सभी डेमू/मेमू गाड़ियाँ लगभग 15 मार्च से शुरू होने जा रही है और अनारक्षित मेल/एक्सप्रेस किराया श्रेणी में चलाई जाएगी।

1: 06009/10 मेट्टूपालायम कोयम्बटूर मेट्टूपालायम रविवार छोड़कर बाकी 6 दिन दोनों ओरसे चलेगी। इन फेरोंमें पेरीयानायाकापालायम और थुडियालूर ऐसे दो स्टेशन के स्टापेजेस अस्थायी रूपसे रद्द किए गए है।

2: 06121/22 वृद्धाचलम सालेम वृद्धाचलम डेमू रविवार छोड़कर सप्ताह में बाकी 6 दिन दिनांक 15 से चलना शुरू हो रही है।

स्टापेजेस रद्द अस्थायी : कुट्टकुड़ी, सिरूवटटूर, मेलनारियापानूर, तलाइवसाल, वालापोडि गेट और अयोध्यापट्टनम

3: 06123/24 तिरुचिरापल्ली करुर तिरुचिरापल्ली प्रतिदिन डेमू 15/16 से चल पड़ेगी। स्टापेजेस अस्थायी रूप से रद्द, जियापुरम, मरुदुर, तिम्माच्चिपुरम

4: चेन्नई एग्मोर पुड्डुचेरी चेन्नई एग्मोर प्रतिदिन मेमू दिनांक 22 मार्च से चलेंगी। वलियानूर, वालावानुर, पारानुर, मराइमलाई नगर, कामराजार, पोथेरी यह स्टापेजेस अस्थायी रद्द किए गए है।

6: 06027/28 ताम्बरम विल्लुपुरम ताम्बरम मेमू सप्ताह में 6 दिन शनिवार को ताम्बरम से और रविवार को विल्लुपुरम से नही चलेगी। उपरोक्त गाड़ियाँ 01/02 अप्रैल से शुरू की जानी है। मराइमलाई नगर, पडालाम, अचारपक्कम यह स्टापेजेस अस्थायी रूपसे रद्द किए जा रहे है।

6: 06125/26 तिरुचिरापल्ली कराईकुड़ी तिरुचिरापल्ली डेमू 15/16 मार्च से प्रतिदिन चलेगी। नामानासामुद्रम हॉल्ट यह स्टापेज अस्थायी तौर पर रद्द किया जाता है।

7: 06014/13 कोल्लम अलापूझा कोल्लम प्रतिदिन मेमू 15/17 मार्च से शुरू होगी। मुंरोचूरूट्टू, कुरुवत्ता, तकाझी और पुन्नापारा यह स्टेशनपर अस्थायी रूप से नही रोकी जाएगी।

8: 06016/15 अलापूझा एर्नाकुलम जंक्शन अलापूझा प्रतिदिन मेमू दिनांक 15/17 से शुरू होगी। तम्बोली, कालावूर, तिरुविझा, वालायर, इज्हप्पून्ना और अरूर इन स्टापेजेस को अस्थायी रूप में रद्द किया जाता है।

9: 06018/17 एर्नाकुलम जंक्शन शोराण्णुर एर्नाकुलम जंक्शन प्रतिदिन मेमू दिनांक 15/17 से शुरू होगी। चौवारा, कोरेटी आँगड़ी, डिवाइन नगर, नैल्लाई और मुल्लूकराई स्टापेजेस अस्थायी रूप से रद्द रहेंगे।

10: 06023/24 शोराण्णुर कुन्नूर शोराण्णुर मेमू सप्ताह में 6 दिन रविवार छोड़कर चलाई जाएगी। वेलाइल्ली, चमन्चेरी, वेल्लाराक्कड़, इरक्कल, नादापुराम रोड, मुक्काल्ली, धामादम इन स्टापेजेस पर अस्थायी तौर पर नही रोकी जाएगी। उपरोक्त दोनों गाड़ियाँ पूर्णतया आरक्षित रहेगी।

यात्रीगण कृपया ध्यान दे, उपरोक्त (06023/24 को छोड़कर) सभी गाड़ियोंमे अनारक्षित मेल/एक्सप्रेस किराए लागू रहेंगे। किसी भी विशेष गाड़ी के किरायोंमे कोई भी रियायत नही दी जाती है।

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प्लेटफॉर्म टिकट की दरें बढाए जाने से इतना बवाल क्योँ?

भारतीय रेल ने अपने प्लेटफार्म टिकटोंके शुल्क में ₹10/- से बढाकर ₹20/- से ₹50/- तक की वृद्धि कर दी है और इसका कारण संक्रमणका प्रसार रोकने हेतु, प्लेटफॉर्मोंपर अनावश्यक प्रवेश को हतोत्साहित करना यह बताया गया है।

एक तरफ भारतीय रेल ने यह साफ कर दिया है, की टिकटोंके शुल्क किन कारणोंके चलते बढाए गए है और उसके पीछे उनका उद्देश्य क्या है, वही दूसरी तरफ प्लेटफॉर्मोंपर डेवलपमेंट चार्ज लगाने की बातें पहले ही चर्चाओंमें आ गयी थी। स्वाभाविक है, की आम यात्री इन दोनों मुद्दों को एक ही नजर से देख रहा है। हालाँकि इस तरह के डेवलपमेंट चार्जेस लगना अभी कहीं पर भी शुरू नही हुये है।

हम यहाँपर एक विचार पर चर्चा कर रहे है। आम आदमी महीने में कितनी बार या यह बताइए वर्ष में कितनी बार प्लेटफार्म टिकट निकालता है? कितनी बार उसे सिर्फ प्लेटफॉर्मोंपर जाने की जरूरत पड़ती है? क्या यह हर रोज का मसला है? या महीने में एखाद बार या वर्ष में एखाद बार का? क्योंकी यदि यात्री को रेल यात्रा करनी है तो प्लेटफार्म टिकट नही यात्रा का टिकट खरीदना होता है। फिर क्यों इस मुद्दे पर आम जनता के मन मे भ्रम निर्माण किया जा रहा है?

हमारे देश मे वृतपत्र में जो छप कर आता है, उसे प्रमाण समझा जाता है, सोशल मीडिया में कोई पोस्ट ट्रेन्ड करती है तो लोग उस पर गम्भीरता से विचार करने लग जाते है। ऐसी स्थिति में अपने अर्धज्ञान को जनता पर थोपना कहाँ की रीत है? आम आदमी स्टेशनपर कोई चौक में घूमने, पान खाने या सैरसपाटे के लिए तो जाएगा नही और यात्रा का टिकट ले कर जाने या यात्रा पूरी कर स्टेशनपर उतरने में कैसी परेशानी?

रहा सवाल प्लेटफॉर्म टिकट का तो उचित और आवश्यक कारण के लिए यदि शुल्क चुकाकर भी जाना पड़े तो व्यक्ति अवश्य ही जाता है। यहाँपर हम इस मूल्य वृध्दि का समर्थन नही कर रहे है बल्कि ‘आवश्यकता और उसके लिए चुकाए गए मूल्य का महत्व’ यह बताने का प्रयत्न कर रहे है। इसके लिए हम एक उदाहरण यहाँपर देते है।

हाल ही मे एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में एक नोटिस बोर्ड टंगा दिखाई दिया। उक्त बोर्ड पर मरीज को मिलने के लिए जो भी लोग आते है, उसके लिए समय और शुल्क निर्देशित किया गया था। समय के बारे में सब ठीक था लेकिन शुल्क? जी हाँ! यदि आपको अपने किसी मरीज रिश्तेदार को मिलना है, उसके तबियत के हालचाल पूछने है तो अनुमतिपत्र तय किया गया था और उपर्युक्त समय मे कोई भी व्यक्ति, अनुमतिपत्र लेकर मिलने जा सकता है, उसका मूल्य, एक व्यक्ति के लिए, एक बार विज़िट करनेपर ₹100/- यह था।

बोर्ड पर नीचे आखरी पंक्ति यह थी, उपरोक्त अनुमतिपत्र के शुल्क का हिसाब रखा जाता है, और अंत मे जब मरीज यहांसे छुट्टी लेकर जाता है तब उसके कुल अस्पताल के खर्च में से ‘अनुमतिपत्र द्वारा जमा की गई रकम’ को घटा दिया जाता है। यकीन मानिए, उस अस्पताल में, मरीज से, अनावश्यक, दिखावे वाले मिलनेजुलने हेतु कोई भी नही आता। हाँ एक बात और मरीज से साथ एक सक्षम व्यक्ति की एंट्री पास मुफ्त बनी रहती है।

अब आप बताइए इस तरह के कदम किसी भी प्रशासन को क्यों उठाने पड़ते है, आशा है प्लेटफॉर्म के बढ़े शुल्कपर आपके विचारोंको एक अलग दिशा मिलेगी। एक बात और, बर्षोंसे आप प्लेटफॉर्मोंपर जाते रहे होंगे, उसपर उपलब्ध सुविधा, असुविधा का जायजा भी आपने लिया होगा, तब के और अब के रेलवे प्लेटफॉर्मोंमें फर्क तो अवश्य ही महसूस किया होगा। चलिए, छोड़िए कुछ बोलेंगे तो अलग अलग उपाधियां लग जाती है। ☺️☺️

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उ प रेलवे NWR के सभी और मप्र के बुरहानपुर की यात्रा के लिए संक्रमण की जाँच रिपोर्ट अनिवार्य

उक्त मामले में भुसावल मंडल के सभी स्टेशनोसे उत्तर पश्चिम रेल्वे NWR और मध्य प्रदेश के बुरहानपुर स्टेशन के लिए यात्रा करनेवाले सभी यात्रियोंकी RT-PCR Negative रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गयी है।
यात्रीगण से निवेदन है, उपरोक्त स्टेशनोंके लिए यदि यात्रा करनी हो तो 72 घंटे पहले की कोविड संक्रमण की RT-PCR Negative रिपोर्ट यात्रा के दौरान अपने साथ रखना आवश्यक है।

ऐसी सूचनां भुसावल रेल मण्डल ने यात्रिओंके सुविधा हेतु जारी की है।

इसी संदर्भ में, बुरहानपुर जिलाधिकारी कार्यालय की भी सूचना हमे प्राप्त हुई है।

कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु कलेक्टर ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

बुरहानपुर | 07-मार्च-2021
मध्य प्रदेश शासन गृह विभाग भोपाल द्वारा महाराष्ट्र राज्य में कोविड-19 के प्रकरणों में तेजी से वृद्धि को दृष्टिगत रखते कोविड-19 महामारी की रोकथाम एवं बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हुए है। प्राप्त निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री प्रवीण सिंह ने अनुविभागीय दंडाधिकारी बुरहानपुर/नेपानगर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बुरहानपुर/खकनार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा, खंड चिकित्सा अधिकारी, आयुक्त नगर पालिक निगम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद नेपानगर/नगर परिषद शाहपुर, चेक पोस्ट प्रभारी, अध्यक्ष ग्राम पंचायत प्रशासकीय समिति, ग्राम पंचायत सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये है।
जारी निर्देशानुसार बुरहानपुर जिले में महाराष्ट्र राज्य से आने वाले समस्त नागरिकों को जिले की सीमा में प्रवेश के पूर्व आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। महाराष्ट्र राज्य से आने वाले समस्त नागरिकों जो कि बस, ट्रेन एवं दो पहिया वाहन से आ रहे हैं उनकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उनको प्रवेश दिया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में उनका जिले में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, इसका पालन किया जाये जो भी लोग शहर और गांव में बाहर से आ रहे हैं, वे आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं या नहीं इसकी जिम्मेदारी शहरी क्षेत्रों में वार्ड प्रभारी/वार्ड मुंशी और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत के अमले की रहेगी। इस कार्य के नोडल अधिकारी ग्राम पंचायतों के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रहेंगे और शहरी क्षेत्र के आयुक्त नगर पालिक निगम तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी रहेंगे।
सभी एसडीएम और तहसीलदार ग्रामों में कोटवारों से मुनादी करायेगे तथा उनकी ड्यूटी लगाएंगे कि वे महाराष्ट्र राज्य से ग्रामीण क्षेत्र में आने वाले नागरिकों की निगरानी रखेंगे के बिना आरटी-पीसीआर रिपोर्ट के कोई नागरिक सीमा के अंदर तो नहीं आ गया है। ग्राम में जो भी आने वाले छोटे-छोटे रास्ते हैं उनको बंद करने की जिम्मेदारी सरपंच सचिव और वहां के कोटवार की होगी। गांव में काम करने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका और ए.एन.एम. की ड्यूटी होगी कि बाहर से आने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य की निगरानी करेगी लक्षण पाए जाने पर बीएमओ से बात करेगी और बाहर से आने वाले नागरिकों के 14 दिन होम क्वारेंटइन सुनिश्चित करेंगे।
सभी एसडीएम एवं राजस्व अधिकारी चेकपोस्ट का निरीक्षण कर सुनिश्चित करेंगे कि टीम काम कर रही है अथवा नहीं। इसका आकस्मिक निरीक्षण करेंगे उपरोक्त निर्देशो का पालन सुनिश्चित करें। निर्देशो की अवहेलना करने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

यात्रीगण से निवेदन है, अपनी असुविधा न हो इसीलिए आवश्यक निर्देशों का पालन करें। साथ ही संक्रमण कालीन जारी किए गए सभी नियमोंके आधीन रहकर ही रेल में यात्रा करे