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इन्दौर बिलासपुर इन्दौर नर्मदा, नान्देड बेंगालुरु नान्देड, धर्माबाद मनमाड़ धर्माबाद और पूर्व तटीय रेलवे की त्यौहार विशेष गाड़ियोंकी अवधि बढ़ी।

08233/34 इन्दौर बिलासपुर इन्दौर 26 दिसम्बर से चलनेवाली है।

06519/20 बेंगालुरु नान्देड बेंगालुरु हम्पी एक्सप्रेस प्रतिदिन, अब बदले समयोंनुसार चलेगी। ज्ञात रहे, गाडीके यशवंतपुर स्टापेजेस रद्द किए गए है।

07687/88 मनमाड़ धर्माबाद मनमाड़ हाइकोर्ट एक्सप्रेस प्रतिदिन 24 दिसम्बर से शुरू की जा रही है।

पूर्व तटीय (ECoR) रेलवे ने अपनी निम्नलिखित त्यौहार विशेष गाड़ियोंकी अवधि बढाई है।

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मध्य रेल की कुछ गाड़ियोंमे समय परिवर्तन

निम्नलिखित गाड़ियों के समय में संशोधन किया गया है:-

१) 01235 नागपुर-मडगाँव विशेष अब कल्याण 04.42 बजे और पनवेल 05.45 बजे आयेगी।हाल्ट: वर्धा, बडनेरा, अकोला, भुसावल, नासिक रोड, कल्याण, पनवेल, रोहा मनगांव, खेड़, चिपलून, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरि, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, कंकवली, सिंधुदुर्ग, कुडाल, सावंतवाड़ी रोड, थिविम, करमली।

२) 02165 एलटीटी-गोरखपुर विशेष अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 06.00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 11.25 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।02166 गोरखपुर-एलटीटी विशेष अब गोरखपुर 15.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 20.50 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

हाल्ट: ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड, जलगाँव, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज जंक्शन, जंघई, भदोही, वाराणसी, मऊ, देवरिया सदर।

3) 02167 एलटीटी-मंडुवाडीह विशेष अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 22.45 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 01.55 बजे मंडवाडीह पहुंचेगी।02168 मंडुवाडीह-एलटीटी विशेष अब मंडुवाडीह से 10.10 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 12.30 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

हाल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, वाराणसी

4) 01015 एलटीटी-गोरखपुर दैनिक विशेष लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनाँक 1.1.2021 से 8.4.2021 तक 23.29 बजे प्रस्थान करेगीऔर तीसरे दिन 07.05 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

01016 गोरखपुर- LTT दैनिक विशेष दिनाँक 3.1.2021 से 10.4.2021 तक गोरखपुर से 17.45 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन 00.10 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।

हाल्ट: ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, मनमाड, चालीसगाँव, पचोरा, जलगाँव, भुसावल, रावेर, बुरहानपुर और खंडवा, खिरकिया, हरदा, टिमरनी, इटारसी, होशंगाबाद, भोपाल, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, ललितपुर, झाँसी , ओरई, कानपुर, उन्नाव, ऐशबाग, बादशाहनगर, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बभनान, बस्ती, खलीलाबाद।

नागपुर मडगाँव नागपुर विशेष गाड़ी

01235 नागपुर-मडगाँव (शुक्रवार) 8.1.2021 से 29.1.2021 तक

01236 मडगाँव-नागपुर (शनिवार) 9.1.2021 से 30.1.2021 तक

आरक्षण: लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पुणे, नागपुर से छूटने वाली पूरी तरह से आरक्षित विशेष गाड़ियों की विस्तारित ट्रिप के लिए बुकिंग सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और वेबसाइट  www.irctc.co.in  पर दिनांक 23.12.2020 को आरंभ होगा।

सभी गाड़ियोंके बदले समय ntes या irctc के ऐप या रेलवे की वेबसाईट पर उपलब्ध है।

railpost.in की सौजन्यता से

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भारतीय रेल ने राष्ट्रीय रेल योजना का मसौदा जारी किया

राष्ट्रीय रेल योजना, भविष्य की विकास योजनाओं का मार्गदर्शन करेगी राष्ट्रीय रेल योजना को अवसंरचना संबंधी क्षमता को बढ़ाने तथा रेलवे और व्यापार की औसत हिस्सेदारी में वृद्धि करने की रणनीतियों के लिहाज से तैयार किया गया है इस योजना का उद्देश्य 2030 तक ऐसी क्षमता का निर्माण करना है, जो मांग से अधिक रहे तथा 2050 तक की मांग में वृद्धि संबंधी जरूरतों को पूरा करे राष्ट्रीय रेल योजना के एक हिस्से के रूप में, 2024 तक कुछ महत्वपूर्ण  परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए विज़न 2024 को लॉन्च किया गया है 2024 के बाद, भविष्य की परियोजनाओं के लिए दोनों ही क्षेत्रों – ट्रैक और सिग्नलिंग की पहचान की गयी है और इसके कार्यान्वयन के लिए निश्चित समय सीमा भी निर्धारित की गयी है निर्धारित समयसीमा के साथ ईस्ट कोस्ट, ईस्ट – वेस्ट और नार्थ- साउथ नाम के तीन समर्पित फ्रेट कॉरिडोर की पहचान की गई है, पीईटीएस सर्वेक्षण का कार्य पहले से ही चल रहा है कई नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की भी पहचान की गई है, दिल्ली और वाराणसी के बीच हाई स्पीड रेल से संबंधित सर्वेक्षण कार्य जारी है

क्षमता संबंधी कमियों को दूर करने और देश के माल ढुलाई (फ्रेट) इकोसिस्टम में अपनी औसत  हिस्सेदारी को बढ़ाने के प्रयास के तहत, भारतीय रेल ने राष्ट्रीय रेल योजना का मसौदा पेश किया है।

राष्ट्रीय रेल योजना नाम की इस दीर्घकालिक योजना को अवसंरचना संबंधी क्षमता को बढ़ाने तथा रेलवे और व्यापार की औसत हिस्सेदारी में वृद्धि करने की रणनीतियों के लिहाज से तैयार किया गया है। राष्ट्रीय रेल योजना, रेलवे की भविष्य की सभी अवसंरचनात्मक, व्यवसाय और वित्तीय योजना के लिए एक साझा मंच होगी। इस योजना के मसौदे को अब विभिन्न मंत्रालयों के पास उनके विचार जानने के लिए भेजा जा रहा है। रेलवे ने इस योजना को जनवरी 2021 तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस योजना का उद्देश्य है:

  • इस योजना का उद्देश्य 2030 तक ऐसी क्षमता का निर्माण करना है, जो मांग से अधिक रहे तथा 2050 तक की मांग में वृद्धि संबंधी जरूरतों को पूरा करे। इसका लक्ष्य कार्बन उत्सर्जन को कम करने और इस प्रक्रिया को जारी रखते हुए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के एक अंग के रूप में 2030 तक माल ढुलाई में रेलवे की औसत हिस्सेदारी वर्तमान के 27% से बढ़ाकर 45% करना है।
  • माल ढुलाई और यात्री क्षेत्रों में वास्तविक मांग का आकलन करने के लिए, पूरे देश में सर्वेक्षण टीमों द्वारा पूरे साल के दौरान सौ से अधिक प्रतिनिधि स्थानों पर सर्वेक्षण किया गया।
  • माल ढुलाई और यात्री, दोनों क्षेत्रों में 2030 तक वार्षिक आधार पर और वर्ष 2050 तक दशकीय आधार पर यातायात में वृद्धि का पूर्वानुमान करना।
  • 2030 तक माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी को 45% तक बढ़ाने के लिए परिचालन क्षमता और वाणिज्यिक नीति पहलों पर आधारित रणनीति तैयार करना।
  • मालगाड़ियों की औसत गति को वर्तमान के 22 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़ाकर 50 किलोमीटर प्रतिघंटा करके माल ढुलाई के समय में कमी लाना।
  • रेल परिवहन की कुल लागत को लगभग 30% कम करना और उससे अर्जित लाभों को  ग्राहकों को हस्तांतरित करना।
  • भारतीय रेल मार्ग के मानचित्र के परिप्रेक्ष्य में मांग में वृद्धि का आकलन करना और भविष्य में नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि करना।
  • उपरोक्त अनुरूपता के आधार पर उन अवसंरचनात्मक अड़चनों की पहचान करना, जो भविष्य में मांग में वृद्धि के साथ उत्पन्न होंगी।
  • इन अड़चनों को समय रहते दूर करने के लिए ट्रैक कार्य, सिग्नलिंग और रोलिंग स्टॉक में उपयुक्त तकनीक के साथ परियोजनाओं का चयन करना।

राष्ट्रीय रेल योजना के एक अंग के रूप में, 2024 तक कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं, जैसे 100% विद्युतीकरण, भीड़भाड़ वाले मार्गों की मल्टी ट्रैकिंग, दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्गों पर गति को 160 किलोमीटर प्रतिघंटा तक बढ़ाना, अन्य सभी स्वर्णिम चतुर्भुज-स्वर्णिम विकर्ण (जीक्यू / जीडी) मार्गों पर गति का 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक उन्नयन और सभी जीक्यू / जीडी मार्गों पर सभी स्तर के क्रॉसिंग को समाप्त करना आदि, के त्वरित कार्यान्वयन के लिए विज़न 2024 शुरू किया गया है।

  • 2024 के बाद, भविष्य की परियोजनाओं के लिए दोनों ही क्षेत्रों – ट्रैक और सिग्नलिंग की पहचान की गयी है और इसके कार्यान्वयन के लिए निश्चित समय सीमा भी निर्धारित की गयी है
  • निर्धारित समयसीमा के साथ ईस्ट कोस्ट, ईस्ट – वेस्ट और नार्थ- साउथ नाम के तीन समर्पित फ्रेट कॉरिडोर की पहचान की गई है। पीईटीएस सर्वेक्षण पहले से ही चल रहा है।
  • कई नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की भी पहचान की गई है। दिल्ली और वाराणसी के बीच हाई स्पीड रेल से संबंधित सर्वेक्षण जारी है।
  • यात्री यातायात के लिए रोलिंग स्टॉक की जरुरत के साथ-साथ माल ढुलाई के लिए माल – डिब्बों की जरुरत का आकलन करना।
  • दिसंबर 2023 तक 100% विद्युतीकरण (हरित ऊर्जा) और 2030 तक और उसके आगे 2050 तक यातायात में बढ़ोतरी के दोहरे उद्देश्यों को पूरा करने के लिए लोकोमोटिव की जरुरतों का भी आकलन करना।
  • आवश्यक पूंजी के कुल निवेश का सावधिक विवरण के साथ आकलन करना।
  • वित्त के नए स्रोतों और पीपीपी सहित वित्त पोषण के नए प्रारूपों की पहचान करना।
  • राष्ट्रीय रेल योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए, भारतीय रेल निजी क्षेत्र, सार्वजनिक उपक्रमों, राज्य सरकारों और मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) / उद्योगों के साथ काम करने की संभावना की तलाश करेगी।
  • परिचालन और रोलिंग स्टॉक के स्वामित्व, माल और यात्री टर्मिनलों के विकास, ट्रैक संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास / संचालन जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की निरंतर भागीदारी।

व्यावहारिक रूप से, राष्ट्रीय रेल योजना में मांग से अधिक क्षमता के निर्माण और माल ढुलाई में रेलवे की औसत हिस्सेदारी को 45% तक बढ़ाने के लिए 2030 तक पूंजी निवेश में प्रारंभिक वृद्धि की परिकल्पना की गई है।

2030 के बाद अर्जित राजस्व अधिशेष, भविष्य के पूंजी निवेश के वित्त पोषण और पहले से निवेश की गई पूंजी के ऋण अनुपात का बोझ भी उठाने के लिए पर्याप्त होगा। रेल परियोजनाओं को राजकोष से वित्त पोषण की जरुरत नहीं होगी।

Pin.nic.in के सहयोग से

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रेलवे के परीपत्रक : अक्षम्य लापरवाही या ज़बरन की खानापूर्ति?

“आंधो पिसे ने कुत्तों खावे” यह कहावत है। इसका मतलब यह है क्या चल रहा है किसी को समझ न आए। एक अंधा पिसा जा रहा है और उसके बाजू में बैठ कुत्ता उसे खाए जा रहा है। अंध व्यक्ति को लग रहा है वह ढेर काम कर के अनाज पीस रहा है लेकिन उसे पता ही नही की उसे कुत्ता चट करे जा रहा है।

लगभग यही स्थिति आज रेल विभाग की हो गयी है। बिना समयसारणी के ढेर गाड़ियाँ रेल प्रशासन की ओर से चलाई जा रही है। परीपत्रक जारी कर दिए जाते है। लाखों रुपए न्यूजपेपर में परिपत्रकोंको छपवाने लगाए जा रहे है। सोशल मीडिया में हर रोज अलग अलग क्षेत्रिय रेलवे अपनी एक एक गाड़ी के बारेमे, कभी समय बदल गए, कभी विस्तार किया तो कभी फेरे बढाए गए ऐसे परीपत्रक डाल देता है। यात्री के मन मे यह डर बैठ गया है, की उसकी गाड़ी, जिसमे उसने अपनी टिकट बुक कर रखी है, कौनसे समय पर चलेगी? कब पोहोचेगी?

दूसरी विशेष बात यह है, परीपत्रक अत्यंत लापरवाही से प्रकाशित किए जा रहे है। बहुतांश परिपत्रकोंमें गाड़ियोंके नम्बर्स और स्टेशनोंके कोड्स दिए रहते है। रेल प्रशासन यह परीपत्रक आम लोगोंके लिए प्रकाशित कर रही है या अपने कर्मचारियों के लिए? क्योंकी ट्रेन नम्बर्स या स्टेशनोंके कोड्स आम आदमी थोड़े ही समझता है? दक्षिण पश्चिम रेलवे के हुब्बाली डिवीजन के परीपत्रक @drmubl के ट्विटर हैंडल से जारी किए जा रहे है, आप देख सकते है, अधूरे है। गाड़ियोंके समय मे बदलाव की खबर दे रहे, लेकिन किसी भी परीपत्रक में गाड़ी के परिचालन का दिन नही दिया गया है। कुछ उदाहरण के लिए ट्वीट्स दे रहे है,

यह 02779/80 वास्को निजामुद्दीन गोवा एक्सप्रेस का परीपत्रक, गाड़ी प्रतिदिन है या नही, दोनों ओरसे कौनसे दिन समयसारणी लागू होगी इसका भी सम्भ्रम है।
02741/42 वास्को पटना वास्को परिचालन के दिन ही नही दिए है, क्या गाड़ी प्रतिदिन चलती है?
यह परीपत्रक भी यात्रीमे वही संभ्रम छोड़ देता है।

इसे आम यात्री क्या और कैसे समझे? पहले परीपत्रक देखे, फिर रेलवे की वेबसाइट खोले, उसका टाइमटेबल देखे, फिर उससे टैली करे कि क्या बदलाव किया गया है। यदि उसके शहर में रेलवे के समयानुसार यदि फेरोंका दिन, तारीख बदल रही है तो नए बदलाव के बाद अब तारीख और दिन क्या रहेगा? हे भगवान! क्या दक्षिण पश्चिम रेलवे या DRM हुबली इन्होंने परीपत्रक किस तरह देने चाहिए यह सोचा नही?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, की रेल प्रशासन ही अपने यात्रिओंके प्रति सजग नही है। आखिर कब तक ऐसे परिपत्रकोंके सहारे पूरी भारतीय रेल को चलाने वाला है? प्रशासन की एक दलील है, हम आरक्षित यात्री को sms भेज देते है। लेकिन क्या आपको पता है, उसने वह मेसेज देखा या नही? छोड़िए पहले उसे वह मेसेज मिला भी है या नही इसका आपको पता नही तो बताइए यात्री के प्रति रेलवे की जवाबदेही कैसी?

आए दिन यात्री गाड़ियोंके परिचालन में बदलाव कर के रेलवे करना क्या चाहता है, यही आम यात्री के समझ के बाहर की बात हो गयी है। एक तरफ धड़ाधड़ बदलाव, दूसरी तरफ आधेअधुरे संभ्रमित करने वाले परीपत्रक, क्या रेलवे चाहती है, की यात्री परेशान होकर रेलवे से यात्रा करना ही छोड़ दे? 12 मई से गाड़ियाँ पटरियोंपर आ गयी थी, आठ महीने हो गए लेकिन अभी रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पटरी पर नही आयी है, अभी भी रेलवे के पास अपनी गाड़ियाँ चलाने का कोई ठोस कार्यक्रम नही है और यह बेहद लज्जास्पद बात है।

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द प रेल, हुबली डिवीजन से चलने वाली 4 गाड़ियोंके परिचालन बदलेंगे

1: 02741/42 वास्को पटना वास्को वाया पनवेल, भुसावल साप्ताहिक स्पेशल शुरू की जा रही है, समय बदलाव नोट करे। यह गाड़ी वास्को से प्रत्येक बुधवार और पटना से प्रत्येक शनिवार को चलेगी।

2: 07323/24 हुबली वाराणसी हुबली साप्ताहिक विशेष वाया सोलापुर, मनमाड़, भुसावल, जबलपुर, प्रयागराज छिंवकी हुबली से प्रत्येक शुक्रवार और वाराणसी से प्रत्येक रविवार को चलेगी।

3: 07317/18 हुबली लोकमान्य तिलक टर्मिनस हुबली त्यौहार प्रतिदिन विशेष

4: 06581/82 हुबली मैसूरु हुबली प्रतिदिन विशेष