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पूर्व मध्य (ECR) रेल की 5 जोड़ी प्रतिदिन त्यौहार विशेष गाड़ियाँ

पूर्व मध्य रेल ने दिवाली पर्व पर यात्रिओंकी मांग देखते हुए 5 जोड़ी त्यौहार विशेष गाड़ियाँ जिसमे गंगादामोदर, पालामाऊ, सिंगरौली लिंक, जानकी, साऊथ बिहार और जनशताब्दी गाड़ियाँ 10 नवम्बर से रोजाना चलाने की तैयारी की है। यह सभी गाड़ियाँ पुर्णतयः आरक्षित आसन व्यवस्थाओंके साथ और सीमित अवधि तक चलाई जाएगी।

1: 03329/30 धनबाद पटना धनबाद गंगा दामोदर प्रतिदिन त्योहार विशेष, 13329/30 के समयसारणी एवं ठहराव की तरह

2: 03347/48 बरकाकाना पटना बरकाकाना पालामाऊ प्रतिदिन त्योहार विशेष, 13347/48 के समयसारणी एवं ठहराव की तरह

3: 03349/50 सिंगरौली पटना सिंगरौली लिंक प्रतिदिन त्योहार विशेष, 23347/48 के समयसारणी एवं ठहराव की तरह

4: 05284/83 जयनगर मनिहारी जयनगर जानकी प्रतिदिन त्योहार विशेष, 15284/83 के समयसारणी एवं ठहराव की तरह

5: 03287/88 राजेंद्रनगर दुर्ग राजेंद्रनगर साऊथ बिहार प्रतिदिन त्योहार विशेष, 13287/88 के समयसारणी एवं ठहराव की तरह

6: 02363/64 पटना रांची पटना जनशताब्दी प्रतिदिन त्योहार विशेष, 12365/66 के समयसारणी एवं ठहराव की तरह

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पंजाब, हरियाणा रेल रोको : कुछ तस्वीरें। करे कोई भरे कोई

24 सितम्बरसे चला आ रहा पंजाब राज्य का किसान रेल रोको, आज भी जारी है। बीते 40 दिनोंमें रडे विभाग का करीबन 1200 करोड़ रुपयोंका नुकसान हुवा है, 2225 मालगाड़ियाँ और करीबन 1250 यात्री गाड़ियाँ नही चलने से यह नुकसान हुवा है।

यह तो रेल प्रशासन की गाड़ियाँ न चलने से मिलने वाले राजस्व का घाटा है, लेकिन बन्द पड़े उद्योगों, कारखानों का नुकसान, किसानोंके फलों, सब्जियोंका नुकसान, मज़दूरोंका रोजगार डूबना और सबसे बड़ा नुकसान तो पंजाब, हरियाणा जैसे उद्यमी राज्योंकी की साँख बिगड़ना यह है।

अपनी मांगोंके लिए धरना, प्रदर्शन और विरोध करना जनतंत्र में हर कोई का हक है, लेकिन ऐसे प्रदर्शनोंसे प्रदेश का, जनता का कितना नुकसान हो रहा है, क्या यह देखना लाज़मी नही? ऐसे ही रेल ट्रैफिक दिल्ली से आगे नही बढ़ रहा था की पंजाब धरने के साथ साथ राजस्थान, हरियाणा का गुर्जर आन्दोलन भी 1 नवम्बर से शुरू हो गया है। गरीबी में आटा गीला, अब गाड़ियाँ दिल्ली तक भी जाने में मुश्किलात आ गयी। गाड़ियाँ इधर, उधर घूमते घुमाते ले जाई जा रही है।

गाड़ियाँ ठप्प की जा रही है, रेल प्रशासन हतबल है। जनता, यात्री, उद्यमी सारे परेशान है और प्रशासन की ओर ताक रहे है। क्या यह जनतंत्र है, या उसका विडम्बन है? कौन लेगा इस घाटे की जिम्मेदारी, किस तरह बन्द किए जाएंगे ऐसे रेल रोको? मुसीबत तो आम जनता की होती है। न प्रदर्शनकारी मानने को तैयार न प्रशासन कार्रवाई के लिए सजग। जनता का व्यक्तीगत नुकसान तो होता ही है, और जो राजस्व डूबता है, सार्वजनिक सम्पत्तियां बरबाद होती है करदाताओंके पैसे से वह अलग।

गुर्जर आन्दोलन

उपरोक्त तस्वीरे रेलपोस्ट, इंडियाटाइम्स, आजतक के सौजन्यता से।

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चेन्नई एक्सप्रेस भी चलेगी।

जी, चेन्नई एक्सप्रेस भी 07 नवम्बर से रोजाना लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलेगी और वापसी में चेन्नई से यह गाड़ी 8 नवम्बर से चलना शुरू हो जाएगी। अब तक की सभी गाड़ियोंके तरह चेन्नई एक्सप्रेस भी आरक्षित आसन व्यवस्थाओंके साथ चलाई जाएगी और चूँकि यह त्योहार विशेष श्रेणी में चलने वाली ट्रेन होनेके वजहों से सीमित अवधि के लिए याने नवम्बर आख़िरतक ही चलेगी।

यात्रिओंको ज्ञात होगा, 12163/64 दादर चैन्नई एक्सप्रेस यह नियमित गाड़ी, बदले हुए टर्मिनल्स और टाइमिंग्ज के साथ स्पेशल श्रेणी में लायी जा रही है। दादर की जगह लोकमान्य तिलक टर्मिनस और चेन्नई एगमोर की जगह एम जी आर चेन्नई सेंट्रल की बीच काफी आकर्षक समयोंके साथ चलेगी यह नई चेन्नई एक्सप्रेस।

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गाड़ियोंमेसे द्वितीय श्रेणी घटाकर वातानुकूलित कोचेस बढ़ाए जा रहे।

गाड़ियोंकी गति बढाई जा रही है और उसके लिए नित नयी तकनीक ला कर सुधारणाए करना जारी है। ट्रेन सिग्नलिंग, पटरियोंका मजबूतीकरण, गाड़ी के डिब्बों को नया आधुनिक LHB कोचेस में बदलाव करना इत्यादि। हाल ही में एक चर्चा चली थी, रेल प्रशासन अपनी गाड़ियोंको वातानुकूलित करने जा रही है, क्योंकी वातानुकूलित कोचेस रहने से गाड़ियोंकी गति हवा का अवरोध नही रहता और गाड़ियोंका स्पीड बढ़ाया जा सकता है।

हमारे पास पश्चिम रेलवे का यह परीपत्रक आया है, जिसमे आने वाले मार्च 2021 से 14 जोड़ी गाड़ियोंके 2 से 4 द्वितीय श्रेणी शयनयान निकाल कर उनकी जगह वातानुकूलित कोच लगाए जाएंगे। सम्पूर्ण वातानुकूलित गाड़ियाँ, जैसे राजधानी, शताब्दी, हमसफ़र, तेजस एक्सप्रेस के साथ साथ नियमित सुपरफास्ट गाड़ियाँ, सभी दुरन्तो गाड़ियाँ पुर्णतयः वातानुकूलित की जा सकती है और इनके अलावा भी बाकी एक्सप्रेस गाड़ियोंमे साधारण डिब्बों को बदलकर वातानुकूलित कोचेस बढ़ाए जा रहे है। गौरतलब सभी क्षेत्रीय रेलोंमें आनेवाले दिनोंमें इसी तरह के बदलाव नजर आएंगे।

इस लिस्ट में 19051/52 बलसाड़ मुजफ्फरपुर बलसाड़, 19045/46 और 22947/48 सूरत छपरा/भागलपुर सूरत तापीगंगा, 19116/15 भुज दादर भुज सयाजीनगरी, 22973/74 गांधीधाम पूरी गांधीधाम, 22911/12 इन्दौर हावडा इन्दौर क्षिप्रा, 12955/56 मुम्बई जयपुर मुम्बई, 19037/38/39/40 बांद्रा गोरखपुर/मुजफ्फरपुर बांद्रा अवध एक्सप्रेस, 19041/42 बांद्रा गाजीपुर सिटी बांद्रा, 12917/18 गुजरात सम्पर्क क्रान्ति, 12947/48 अहमदाबाद पटना अहमदाबाद अजीमाबाद एक्सप्रेस, 19165/66/67/68 अहमदाबाद दरभंगा / वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस

फिलहाल यह सभी गाड़ियाँ स्पेशल श्रेणी में, केवल आरक्षित आसन व्यवस्थाओंके साथ चलाई जा रही है। आने वाले शून्याधारित समयसारणी में इनके परिचालन में बदलाव भी होनेवाले है। लेकिन यह शुरुआत हो चुकी है। कम समय मे, तेज गति से रेल यात्रा करनी है तो यात्रिओंको अब ज्यादा किराया चुकाने की मानसिक तैयारी कर लेनी चाहिए। विस्तृत जानकारी के लिए निम्नलिखित परीपत्रक देख लीजिए। आपकी जानकारी लिए बता देते है GSCN, LCN यह द्वितीय श्रेणी शयनयान के कोड है और ACCN, LACCN यह वातानुकूलित कोचेस के कोड है।

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02323/24 हावडा बाड़मेर के बीच चलेगी त्यौहार विशेष गाड़ी

हावडा बाड़मेर के बीच इस महीनेमें 02323 गाड़ी क्रमांक हर शुक्रवार को हावडा से निकलेगी और वापसीमे 02324 बाड़मेर से हर बुधवार को निकलेगी। यह गाड़ी त्यौहार विशेष गाड़ी है अतः केवल इसी महीने, नवम्बर तक सीमित है। समयसारणी एवं चलने की तारीखोंके लिए निम्नलिखित परीपत्रक देखे।

राजस्थान के यात्रिओंकी बहुप्रतीक्षित मांग इस स्पेशल गाड़ी से पूरी होने जा रही है। 12323/24 यह गाड़ी हावडा आनंदविहार के बीच चलनेवाली द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट गाड़ी थी, जिसे बाड़मेर विस्तारित करने की यात्रिओंकी बड़ी माँग थी।