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नई गाड़ी : काशी महाकाल एक्सप्रेस

तीन ज्योतिर्लिंग का दर्शन करानेवाली रेल गाड़ी दिनांक 20 फरवरी, महाशिवरात्रि पर्व के पहले यात्रिओंके सेवा में हाज़िर हो रही है। काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकाल और औंकारेश्वर ऐसे तीन ज्योतिर्लिंग की यात्रा एक सूत्र में पिरोकर रेल प्रशासन ने शिवभक्तों को महाशिवरात्रि की अनुपम भेंट दी है।

काशी महाकाल एक्सप्रेस का ऑफिशियल परिपत्रक यहाँपर दे रहे है।

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हजरत निजामुद्दीन – पलवल रेल मार्ग पर फरीदाबाद स्टेशन पर 24 फरवरी से रेल ब्लॉक।

उत्तर रेलवे के हजरत निजामुद्दीन – पलवल रेल मार्ग पर फरीदाबाद स्टेशन पर चौथी रेल लाइन के प्रि NI और NI काम के लिए 1 मार्च से रेल ब्लॉक। निजामुद्दीन से दक्षिण की ओर जानेवाली कौनसी गाड़ियाँ रद्द रहेंगी, आइए देखते है।

दिनांक 24, 25 एवं 26 फरवरी को वास्कोडिगामा स्टेशन से निजामुद्दीन की ओर जानेवाली 12779 वास्कोडिगामा निजामुद्दीन गोवा एक्सप्रेस रद्द रहेंगी।

दिनांक 24, 25 एवं 26 फरवरी को हुबली स्टेशन से निजामुद्दीन की ओर जानेवाली 17305 हुबली – लोंडा निजामुद्दीन गोवा लिंक एक्सप्रेस रद्द रहेंगी।

दिनांक 26, 27 और 28 फरवरी को हज़रत निजामुद्दीन से चलनेवाली 12780 / 17306 हज़रत निजामुद्दीन वास्कोडिगामा / हुबली गोवा एक्सप्रेस और उसकी लिंक एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

दिनांक 26 फरवरी को यसवन्तपुर से चलनेवाली 22685 यशवंतपुर चंडीगढ़ सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

दिनांक 29 फरवरी को चंडीगढ़ से चलनेवाली 22686 चंडीगढ़ यशवंतपुर सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

दिनांक 28 फरवरी को यशवन्तपुर से चलनेवाली 12649 यशवंतपुर हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

दिनांक 01 और 02 मार्च को हज़रत निजामुद्दीन से चलनेवाली 12650 हज़रत निजामुद्दीन यशवंतपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

दिनांक 27 फरवरी को यशवन्तपुर से चलनेवाली 12629 यशवंतपुर हज़रत निजामुद्दीन सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

परिपत्रक : दक्षिण पश्चिम रेलवे

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मंकिहिल – कर्जत रेल ब्लॉक हटा, न हुतात्मा लौटी न शिर्डी पैसेंजर

14 फरवरी से जो जो गाड़ियाँ मंकिहिल – कर्जत रेल ट्रैक के ब्लॉक की वजह से रद्द / आंशिक रद्द की गई थी वो अपने नियोजित मार्ग पर लौट रही है।

मुम्बई से पंढरपुर और विजयपुरा के बीच सवारी गाड़ी चलती है, जो मुम्बई से देर रात में निकल भोर में पुणे पोहोंचती है, उसी प्रकार देर रात पुणे से निकल अल सुबह मुम्बई टिका देती है। साथ ही कम दाम में विजयपुरा और पंढरपुर की सीधी कनेक्टिविटी वाली यह गाड़ी यात्रिओंमें बेहद पापुलर है। मुम्बई कोल्हापुर कोयना एक्सप्रेस भी पुणे और कोल्हापुर के बीच ही चल रही थी वह भी 5दिनांक 15 से मुम्बई तक जानेवाली है।

लेकिन पुणे – भुसावल – पुणे हुतात्मा एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग से फिलहाल नही चलेगी, उसे फिर से तारीख मिल गयी है। 20 फरवरी तक यह गाड़ी दौंड कॉर्ड लाइनसे होते हुए अहमदनगर, कोपरगाँव स्टेशनोंसे गुजरते हुए मनमाड़ जाएगी। नासिक, इगतपुरी, कल्याण, पनवेल, कर्जत, लोनावला नही जाएगी। उसके लिए 20 तारीख तक इंतजार करना होगा।

ट्वीस्ट अभी पूरा नही हुवा है। उपरोक्त सवारी गाड़ियाँ जो मुम्बई पंढरपुर / विजयपुरा के बीच चलती है, उनके कुछ डिब्बे दौंड में शंट होकर उसकी एक अलग शिर्डी जानेवाली सवारी गाड़ी बनती है। जो अहमदनगर, बेलापुर, शिर्डी और बीच के सारे छोटे स्टेशनोंको मुम्बई से जोड़ती है। वैसे भी अहमदनगर जिले को मुम्बई से, प्रदेश की राजधानी से जोड़ने वाली यह एकमात्र गाड़ी है। जिसके चलाये जाने के बारे में रेल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।

यात्री यह सोच कर हैरान है, जब सारी गाड़ियाँ अपने मार्ग पर लौट सकती है तो भुसावल, नासिक वालोंकी हुतात्मा एक्सप्रेस क्यों नही और पंढ़रपुर / विजयपुरा सवारी गाड़ी चल पड़ी है तो शिर्डी वाली सवारी गाड़ी में कहाँ ओटकना लग गया? क्या दौंड में कराए जानेवाला शंटिंग तो इस के आड़े नही आ रहा?

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मंकिहिल – कर्जत रेल ब्लॉक वाली कुछ गाड़ियाँ बहाल की जा रही है।

इसमें 51027 / 51028 / 51029 / 51030 मुम्बई पंढरपुर / विजयपुरा मुम्बई पैसेंजर और 11029 / 11030 मुम्बई कोल्हापुर कोयना एक्सप्रेस है।

11025 / 11026 पुणे भुसावल पुणे हुतात्मा एक्सप्रेस फिलहाल परावर्तित मार्ग दौंड कॉर्ड लाइन, अहमदनगर, कोपरगाँव होते हुए मनमाड़ और भुसावल चलेगी।

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विकास चाहिए? थोड़ा जेब हल्का करना पड़ सकता है।

IRSDC इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यह नाम यात्रीगण समझ ले। यह भारतीय रेलवे की IRCTC की तरह ही एक उपकम्पनी है। इस कम्पनी का काम है, भारतीय रेलवे के स्टेशन्स का पुनर्निर्माण या यूँ कह सकते है पुनर्विकास करना।

इस वर्ष रेल बजट में 50 रेलवे स्टेशनोके पुनर्विकासके लिए पचास हजार करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। यह क्षेत्र PPP याने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप तत्व पर यह काम करने जा रहा है। इस क्षेत्र में यकायक बड़ी कम्पनियाँ कूद पड़ी। जी एम आर, टाटा रियल्टी, एस्सेल ग्रुप, अदाणी ग्रुप जैसी कम्पनियां इस काम मे बड़ा रस दिखा रही है।

वजह है, इन पुनर्विकसित स्टेशनोंपर एअरपोर्ट एथॉरिटी शुल्क जैसे विकास शुल्क वसूलने का अधिकार विकास करनेवाली कम्पनियोंको दिया जाएगा। स्टेशन परिसर में कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए व्यापक जगह दी जाएगी। इसके बदले में मुदत करार में स्टेशन का समुचीत रखरखांव की जिम्मेदारी उपरोक्त कम्पनी की रहेगी, बिल्कुल वैसे जैसे की प्राइवेट कम्पनियां एयरपोर्ट डेवेलोप करती है। हबीबगंज, ग्वालियर, नागपुर, साबरमती और अमृतसर यह पहले पांच स्टेशन है जो विकसित किए जाने है। जिसमे हबीबगंज स्टेशन लगभग तैयार है।

तो भाईसाहब, तैयार हो जाइए एयरपोर्ट लाइक रेलवे स्टेशनोके विकसित रूप के लिए। स्टेशन आने, जाने, अपने सगे सम्बन्धियों को लाने, ले जाने के लिए आपको अब सिर्फ प्लेटफार्म टिकट ही नही कुछ और भी चुकाना पड़ सकता है।