यूँ तो आम यात्रिओंको इतनी तकनीकी जानकारियों में ज्यादातर रस नही होता की उनकी गाड़ी के कोच किस मेक के है, गाड़ी कौनसे लोको से चल रही है या मार्ग की गति निर्धारण क्या है? लेकिन खोजी और उत्साही यात्रिओंके लिए ऐसी बातें बहुत मायने रखती है।
LHB कोच भारतीय रेल के अत्याधुनिक रेल कोच है, जो हाई स्पीड, शॉक प्रूफ एवं अद्यायावत सुरक्षा प्रणाली से समृद्ध है। यात्री क्षमता तकरीबन 10 प्रतिशत ज्यादा होती है। डिस्क ब्रेक और गाड़ी में यात्री को आरामदायक यात्रा का एहसास होता है।
रेल मुख्यालय ने द म रे SCR क्षेत्र की 10 जोड़ी गाड़ियोंके मार्ग विस्तार के प्रस्ताव को अनुमति दे दी है और क्षेत्रीय रेलवे की सुविधा के साथ ही यथासंभव जल्द ही इनके बदले हुए परिचालन, गन्तव्यों के साथ यह गाड़ियाँ चल पड़ेंगी।
17208/09 विजयवाड़ा साईं नगर शिर्डी विजयवाड़ा साप्ताहिक एक्सप्रेस को मछलीपट्टनम तक विस्तारीत किया जाएगा।
17215/16 विजयवाड़ा धर्मावरम विजयवाड़ा प्रतिदिन एक्सप्रेस को मछलीपट्टनम तक विस्तारीत किया जाएगा।
17225/26 विजयवाड़ा हुब्बाली विजयवाड़ा प्रतिदिन एक्सप्रेस को नरसापुर तक विस्तारीत किया जाएगा।
17215/16 तन्दूर परभणी/हुजूर साहिब नान्देड़ तन्दूर प्रतिदिन एक्सप्रेस को रायचूर तक विस्तारीत किया जाएगा।
17013/14 हड़पसर हैदराबाद हड़पसर त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस को काजीपेट तक विस्तारीत किया जाएगा।
77401/02 नाँदयाल कुड्डापाह नाँदयाल प्रतिदिन डेमू को रेनिगुंटा तक विस्तारीत किया जाएगा।
77259/60 निजामाबाद करीमनगर निजामाबाद प्रतिदिन डेमू को बोधन तक विस्तारीत किया जाएगा।
12861/62 विशाखापट्टनम काचेगुड़ा विशाखापट्टनम प्रतिदिन एक्सप्रेस को महबूबनगर तक विस्तारीत किया जाएगा।
19713/14 जयपुर सिकंदराबाद जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस को करनूल सिटी तक विस्तारीत किया जाएगा।
22701/02 विशाखापट्टनम विजयवाड़ा विशाखापट्टनम सप्ताह में पाँच दिवसीय उदय एक्सप्रेस को गुण्टूर तक विस्तारीत किया जाएगा।
यह सारे दमरेल SCR के प्रस्तावों को रेल मुख्यालय से मिली अनुमति के दस्तावेज है, हक़ीकत में जब भी विस्तार लागू होगा तब समयसारणी में और भी कुछ बदलाव किया जा सकता है, जिसकी घोषणा यथावत की जाएगी।
भारतीय रेलवे ने 2030 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने की संकल्पना की है। अन्य बातों के साथ-साथ, इस संबंध में निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:
ब्रॉड गेज (बीजी) रेलवे नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण।
लगभग 142 मेगावाट सौर संयंत्र (प्लेटफार्म की दोनों छतों पर एवं खाली भूमि पर) और लगभग 103 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्रों को चालू किया गया है (31.10.2022 तक)।
लोकोमोटिव, इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) ट्रेनों, मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (एमईएमयू) मेमू ट्रेनों, कोलकाता मेट्रो रेक और इलेक्ट्रिक ट्रेन सेटों में पुनर्योजी ब्रेकिंग के साथ इंसुलेटेड गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर (आईजीबीटी) आधारित 3-फेज प्रणोदन प्रणाली का उपयोग।
ध्वनि, वायु प्रदूषण और डीजल की खपत को कम करने के लिए एंड ऑन जेनरेशन (ईओजी) ट्रेनों को हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) ट्रेनों में बदलना।
बिजली की खपत में कमी के लिए रेलवे स्टेशनों, सेवा भवनों, आवासीय क्वार्टरों और कोचों सहित सभी रेलवे प्रतिष्ठानों में प्रकाश उत्सर्जक डायोड (एलईडी) प्रकाश व्यवस्था का प्रावधान।
कार्बन सिंक बढ़ाने के लिए रेलवे भूमि का वनीकरण।
ग्रीन सर्टिफिकेशन- विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, रेलवे स्टेशनों और अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों का ग्रीन सर्टिफिकेशन किया जा चुका है।
पर्यावरणप्रबंधन प्रणाली (ईएमएस): विभिन्न रेलवे स्टेशनों का आईएसओ 14001 प्रमाणन भी किया जा चुका है।
पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) का निर्माण।
अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना। इसके अलावा, IR ने पारंपरिक स्रोतों के माध्यम से ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए उत्तरोत्तर नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद करने का निर्णय लिया है।