दक्षिण भारतमे, SWR रेल क्षेत्र में चलनेवाली 4 जोड़ी गाड़ियाँ मेल/एक्सप्रेस की श्रेणी बदलकर सुपरफास्ट श्रेणी में तब्दील होने जा रही है। यात्रीगण कृपया बदलें गाड़ी क्रमांक पर ध्यान दीजिएगा। गाड़ियोंमे समय बदलाव की फिलहाल कोई खबर नही है।
1) 16501/02 अहमदाबाद यशवंतपुर अहमदाबाद साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 17 नवम्बर/15 नवम्बर से नए क्रमांक 22689/22690 से चलेंगी।
2) 16229/39 मैसुरु वाराणसी मैसूरु द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 12 नवम्बर/14 नवम्बर से नए क्रमांक 22687/22688 से चलेंगी।
3) 11065/66 मैसुरु रेनिगुंटा मैसूरु साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 13 नवम्बर/14 नवम्बर से नए क्रमांक 22135/22136 से चलेंगी।
4) 16543/44 यशवंतपुर हुब्बाली यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 18 नवम्बर/19 नवम्बर से नए क्रमांक 20655/20656 से चलेंगी।
हम यात्रिओंसे निवेदन करते है, गाड़ियोंके अद्यायावत समयसारणी के लिए भारतीय रेल के अधिकृत ऐप, वेबसाइट से जानकारी लेकर ही अपनी रेल यात्रा का नियोजन करें।
आज देश की चौथी वन्देभारत, अम्ब अंदौरा – नई दिल्ली एक्सप्रेस का उद्धाटन माननीय प्रधानमंत्री जी करने जा रहे है।
अब तक वन्देभारत एक्सप्रेस के तमाम फ़ायदे उसके आधुनिक विशेषताओं के साथ हम सभी को लगभग याद हो गए है। यह देश मे निर्मित सेमी हाई स्पीड ट्रेनसेट है।
हम पहले ट्रेनसेट का औचित्य समझते है। ट्रेनसेट मतलब कहीं भी शंटिंग, अर्थात डिब्बा या लोको की जोड़-तोड़ करने की जरूरत नही। यह गाड़ी दोनोंही दिशाओंसे, जरूरत के मुताबिक ऑपरेट की जा सकती है। इसका अर्थ यह की गाड़ी की परिचालन क्षमता पुरेपुर उपयोग किया जा सकता है।
इस ट्रेनसेट का सबसे बड़ा वैशिष्ट्य यह है की निम्नतम समय मे तीव्रतम गति लेना और कमसे कम समय मे गाड़ी की गति को नियंत्रण में लाना। क्या आप समझ रहे, इसका भारतीय रेल किस तरह उपयोग कर सकती है? सेमी हाई स्पीड अर्थात 200 kmph की उच्चतम गतिसीमा की गाड़ी औसत 75-80 की गति में चलाई जा रही है, कई क्षेत्र में अभी पटरियां भी उच्च क्षमता गति के काबिल नही है वहाँपर भी यह ट्रेनसेट लॉन्च किये जा रहे है? इसका अर्थ यह है, रेल विभाग वन्देभारत ट्रेनसेट का उपयोग उसके वैशिष्ट्य के अनुसार करेंगी।
और यदि इस तरह से उपयोग होने जा रहा है तो मानकर चलिए, भारतीय रेल की कई इन्टरसिटी/मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ऐसी समयसारणी से चलती है, जिनके लगभग प्रत्येक 25/50 किलोमीटर पर स्टोपेजेस पड़ते है। आज हर दूसरा स्टेशन अपने यहाँ स्टोपेज की माँग लेकर खड़ा है और क्यों न करे, आखिर प्रगती का मार्ग यातायात की गति, सुविधाओं से जो जुड़ा है। ऐसी अवस्था मे देश की रेलवे, छोटे मझौले स्टेशनोंके लिए एक नया अवसर उपलब्ध करा सकती है।
वैसे भी वन्देभारत यह अत्याधुनिक, वातानुकूलित ट्रेनसेट है और फिर यह नई शुरू की गई मेमू/डेमू क्या है? 😊 जी, सही समझे! वह भी ट्रेनसेट ही है और वन्देभारत के ट्रेनसेट में और उनमें केवल लग्जरी का ही फर्क है। वातानुकूल नही है, आलीशान आसन नही है, और इसी तरह के थोड़े लग्जरी आइटम्स कम होंगे मगर परिचालन क्षमता सब वही की वही है।
मतलब जो भविष्य ट्रेनसेट का आनेवाला है, उसमे वन्देभारत का मूल नाम T18 के नए नए सुधारित अवतार सामने आते जाएंगे। स्लीपर वर्जन आ सकता है, सेमी लग्जरी भी आ सकता है। रेलवे के साधारण वर्ग के लिए मेमू/डेमू ट्रेनसेट तो आ ही गए है जिनका परीक्षण एक्सप्रेस के तौर पर देशभर में चल निकला है।
बस, थोडासा इंतजार कीजिये! जैसे ही वन्देभारत के ट्रेनसेट का उत्पादन बढ़ेगा, हमारी नियमित मेल/एक्सप्रेस भी ट्रेनसेट में बदली जानेवाली है।
22447 नई दिल्ली – अम्ब अन्दौरा वन्देभारत एक्सप्रेस और 22448 – अम्ब अन्दौरा – नई दिल्ली वन्देभारत एक्सप्रेस। दोनोंही दिशाओंसे यह गाड़ियाँ, सप्ताह में 6 दिन चलेंगी, ( प्रत्येक बुधवार को छोड़कर ) दिनांक 21 अक्टूबर से अपना पहला नियमित फेरा शुरू करेगी। कृपया निम्नलिखित समयसारणी देखिए,
भारतीय रेल धीरे धीरे आम यातायात सेवा से खास सेवा बनती जा रही है। आगे क्या होगा यह तो पता नही मगर अभी ही सवारी गाड़ियाँ रेल सेवा के पटल से नदारद हो चुकी है और उसके साथ ही सस्ती रेल यात्रा भी उड़नछू हो गयी है।
जिन क्षेत्रोंमें उपनगरीय रेल सेवा नही चलती उन क्षेत्रोंके लिए सवारी गाड़ियाँ, जो दिनभर में कमसे कम दो गाड़ियाँ, सुबह और शाम में चलती ही थी। अब उनका रूप, नाम, किराया सब बदल चुका है। यह गाड़ियाँ मेमू/डेमू एक्सप्रेस बन गयी है। जिनकी न ही औसत गति एक्सप्रेस के बराबर है न ही पड़ाव घटे है। जो पड़ाव रद्द किए गए है, उन स्टेशनोंके यात्री अलग परेशान है तो पुरानी सवारी गाड़ियोंकी ही समयावधि के लिए एक्सप्रेस के मूल्य का किराया चुकाना पड़ रहा है इसलिए नियमित टिकटधारी यात्री परेशान हो रहे है।
जहाँ गैरउपनगरीय क्षेत्रोंमें कम दूरी की, सभी स्टेशनोंपर रुकनेवाली गाड़ियोंकी जरूरत है और हमारे नेतागण प्रीमियम गाड़ियोंकी माँग, आग्रह जता रहे है। यह वातानुकूलित गाड़ियाँ क्या आम जनता को पुसानेवाली है? यह तो छोड़िए, रेल विभाग की नई डिब्बा संरचना सुनेंगे तो आप भौंचक रह जाओगे।
01 कोच वातानुकूलित प्रथम/द्वितीय या पूर्ण प्रथम (H या HA)
कुल 22 कोच, यदि गाड़ी में पेंट्रीकार मान्य न हो तो क्षेत्रीय रेल अपने संज्ञान से किसी भी वर्ग का कोच जोड़ सकती है।
इस विषय का परिपत्रक क्रमांक CC/70/2022 दिनांक 03/06/2022 का आगे दे रहे है।
मित्रों, तो आगे अपनी रेल यात्रा के लिए अपनी जेबें ज्यादा ढीली करने की तैयारी कर के रख लीजिए। क्योंकी 02 कोच स्लीपर में आपको आरक्षण मिलना बेहद मुश्किल है, जो 10, 12 कोच में ही नही मिलता था और वही कथा सामान्य द्वितीय श्रेणी अनारक्षित कोच, जिनकी संख्या भी 02 ही रहने वाली है।
आगे रेल विभाग वातानुकूलित 3 टियर में इकोनोमी श्रेणी का अविष्कार कर के अपनी पीठ थपथपाता है की उन्होंने 3 टियर वातानुकूलित कोच के किरायोंसे लगभग 7 से 8 % कम किराये में यात्रिओंके लिए बड़ी ‘इकोनॉमी’ उपलब्ध कराई है। जो की सांख्यिकी दृष्टिकोण से भले ही रेल विभाग को ज्यादा लगती होगी मगर अकेले या परिवार के साथ याटा करनेवाले यात्री को कुछ इकोनॉमी का एहसास नही करा पाती। यही फर्क 20 से 25 % रहता तो यात्री उसे अलग श्रेणी या इकोनॉमी श्रेणी मान सकता था।
खैर, जबरन नामकरण ही कर दिए है, तो बोलेंगे भाई “इकोनॉमी”। बात फर्क ही महसूस करने की है तो 3 टियर वातानुकूल के किराये 15% बढ़ जाएं और इकोनॉमी के वहीं के वहीं रहे तो फिर “इकोनॉमी” का फील आ ही जायेगा। ☺️
राजधानी आते आते अब सुपरफास्ट और वह भी साप्ताहिक आ रही है। खैर, नई तो नई ही गाड़ी होती है और आगे आशा भी बन्धी रहेगी की फेरे बढ़ाये जाएंगे।
दूसरा चक्कर मार्ग का था। हुबली, धारवाड़, मिरज, पुणे, मनमाड, भुसावल, भोपाल होते हुए निजामुद्दीन जाने का और पुरजोर मांग थी विजयपुरा, बागलकोट की ओरसे चलाने की। आखिरकार रूट, मार्ग तय हुवा और गाड़ी गदग, बदामी, बागलकोट, विजयपुरा, सोलापुर, दौंड, मनमाड़, भुसावल याने सोलापुर से निजामुद्दीन तक कर्नाटक एक्सप्रेस के मार्ग को अपनाएगी।
चलिए, देख लेते है समयसारणी।
20657/58 की नियमित समयसारणी
20657 हुबली हज़रत निजामुद्दीन साप्ताहिक सुपरफास्ट दिनांक 14 अक्टूबर से प्रत्येक शुक्रवार को निजामुद्दीन की ओर बढ़ेगी और वापसीमे 20658 हज़रत निजामुद्दीन हुबली साप्ताहिक सुपरफास्ट दिनांक 16 से प्रत्येक रविवार को निजामुद्दीन से हुबली की ओर प्रस्थान करेगी।
गाड़ी की संरचना : 01 वातानुकूल प्रथम, 02 वातानुकूल 2 टियर, 03 वातानुकूल 3 टियर, 10 स्लीपर क्लास, 02 द्वितीय श्रेणी साधारण, 02 जनरेटर कार/एसएलआर, 01 पेंट्रीकार, 01 पार्सल कुल 22 कोच
नए गाड़ी की अधिकृत सुचना
वैसे 11 अक्टूबर को माननीय रेल मंत्री जी 07385 हुबली हज़रत निजामुद्दीन विशेष को हुबली से दोपहर 15:00 को हरी झंडी दिखाएंगे।