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नई वन्देभारत : श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलेंगी।

01 अप्रैल 2025, मंगलवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2082

कश्मीर अब सीधे रेल मार्ग से जुड़ने जा रहा है। खूबसूरत वादियोंमे अब रेल की सिटी गूंजेंगी। देश का बहुप्रतीक्षित सपना, रेल द्वारा कश्मीर दर्शन जल्द ही पूरा होने जा रहा है।

Courtesy by https://t.me/MeghUpdates

खबर है, माननीय प्रधानमंत्री मोदी, दिनांक 19 अप्रैल को श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर के बीच दो जोड़ी वन्देभारत गाड़ियोंका उद्धाटन करेंगे।

उक्त गाड़ियोंकी प्रस्तवित समयसारणी निम्नप्रकार है,

चूँकि अभी जम्मूतवी स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य जारी है, आठ यह दोनों वन्देभारत गाड़ियाँ फिलहाल कटरा एवं श्रीनगर के बीच चलाई जाएंगी। रेल मुख्यालय द्वारा उपरोक्त गाड़ियोंकी विस्तृत जानकारी एवं अधिकृत गाड़ी क्रमांक, समयसारणी जल्द ही जारी की जाएंगी।

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दमरे SCR की भुसावल होकर नान्देड़ – निजामुद्दीन, हैदराबाद – भावनगर विशेष गाड़ियोंके 13-13 फेरे

30 मार्च 2025, रविवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2082

07621/22 हैदराबाद – भावनगर – हैदराबाद साप्ताहिक विशेष (13-13 फेरे) वाया नान्देड़, अकोला, भुसावल, सूरत, अहमदाबाद, बोटाद, ढोला

07061 हैदराबाद भावनगर विशेष प्रत्येक शुक्रवार को दिनांक 04 अप्रैल से 27 जून तक चलेंगी।

07062 भावनगर हैदराबाद विशेष प्रत्येक रविवार को दिनांक 06 अप्रैल से 29 जून तक चलेंगी।

कोच संरचना : 04 वातानुकूलित टू टियर, 14 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 24 ICF कोच

07621/22 हुजुरसाहिब नान्देड़ – हज़रत निजामुद्दीन – हुजुरसाहिब नान्देड़ साप्ताहिक विशेष वाया जालना, सम्भाजीनगर, मनमाड़, भुसावल, भोपाल, झाँसी, मथुरा

07621 नान्देड़ निजामुद्दीन विशेष प्रत्येक शनिवार को दिनांक 05 अप्रैल से 28 जून तक चलेंगी।

07622 निजामुद्दीन नान्देड़ विशेष प्रत्येक रविवार को दिनांक 06 अप्रैल से 29 जून तक चलेंगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित प्रथम, 01 वातानुकूलित टू टियर, 03 वातानुकूलित थ्री टियर, 04 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 01 एसएलआर, 01 जनरेटर वैन, कुल 15 LHB कोच

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पश्चिम रेलवे की छुट्टी विशेष गाड़ियाँ : इन्दौर – नई दिल्ली, निजामुद्दीन, महू – पटना एवं उधना दानापुर के बीच चलेंगी।

29 मार्च 2025, शनिवार, चैत्र, कृष्ण पक्ष, अमावस्या, विक्रम संवत 2081

तीन जोड़ी नई और चार जोड़ी विस्तारित,पश्चिम रेलवे ने ऐसे कुछ विस्तार किया है अपने ग्रीष्मकालीन छुट्टियों की विशेष गाड़ियोंके बेडे में,

04092/91 इन्दौर नई दिल्ली इन्दौर सुपरफास्ट विशेष

04092 नई दिल्ली से दिनांक 28 एवं 30 को रवाना होगी और वापसी में 04091 दिनांक 29 एवं 31 को इन्दौर से रवाना होगी।

कोच संरचना : स्लिपर 09, द्वितीय साधारण 10, वातानुकूलित टू टियर + स्लिपर 02, एसएलआर 02 कुल 23 कोच

09027/28 उधना दानापुर उधना साप्ताहिक विशेष वाया भुसावल

09027 विशेष प्रत्येक गुरुवार को दिनांक अप्रैल की 03, 10, 17, 24, मई की 01, 08, 15, 22, 29 एवं जून की 05, 12, 19 और 26 को उधना से रवाना होगी। वापसी में 09028 विशेष प्रत्येक शुक्रवार को अप्रैल की 04, 11, 18, 25, मई की 02, 09, 16, 23, 30 एवं जून की 06, 13, 20 और 27 को दानापुर से रवाना होगी।

कोच संरचना : स्लिपर 14, द्वितीय साधारण 04, जनरेटर वैन / एसएलआर 02 कुल 20 कोच

09309/10 इन्दौर हज़रत निजामुद्दीन इन्दौर द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट विशेष

09309 विशेष प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार को दिनांक अप्रैल की 04, 06, 11, 13, 18, 20, 25, 27 मई की 02, 04, 09, 11, 16, 18, 25, 27  एवं जून की 01, 06, 08, 13, 15, 20, 22, 27 और 29 को इन्दौर से रवाना होगी। वापसी में 09310 प्रत्येक शनिवार एवं सोमवार को दिनांक अप्रैल की 05, 07, 12, 14, 19, 21, 26, 28 मई की 03, 05, 10, 12, 17, 19, 26, 28  एवं जून की 02, 07, 09, 14, 16, 21, 23, 28 और 30 को हज़रत निजामुद्दीन से रवाना होगी।

कोच संरचना : वातानुकूलित टू टियर 01, वातानुकूलित थ्री टियर 05, स्लिपर 08, द्वितीय साधारण 02 एसएलआर 02 कुल 18 ICF कोच

09343/44 डॉ आंबेडकर नगर – पटना – डॉ आंबेडकर नगर साप्ताहिक विशेष

09343 विशेष प्रत्येक गुरुवार को दिनांक अप्रैल की 03, 10, 17, 24, मई की 01, 08, 15, 22, 29 एवं जून की 05, 12, 19 और 26 को डॉ आंबेडकर नगर से रवाना होगी। वापसी में 09344 विशेष प्रत्येक शुक्रवार को अप्रैल की 04, 11, 18, 25, मई की 02, 09, 16, 23, 30 एवं जून की 06, 13, 20 और 27 को पटना से रवाना होगी।

कोच संरचना : वातानुकूलित टू टियर 02, वातानुकूलित थ्री टियर 05, वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी 02, स्लिपर 06, द्वितीय साधारण 04, पेंट्रीकार (बन्द अवस्था मे) 01, जनरेटर वैन /  एसएलआर 02 कुल 22 LHB कोच

प्रचलित विशेष गाड़ियोंकी अवधि में विस्तार किया गया।

09621/22 अजमेर बान्द्रा टर्मिनस अजमेर साप्ताहिक विशेष, 09625/26 अजमेर दौंड अजमेर साप्ताहिक विशेष, 09627/28 अजमेर सोलापुर अजमेर साप्ताहिक विशेष और 04715/16 बीकानेर साईं नगर शिर्डी बीकानेर साप्ताहिक विशेष अब जून अंत तक चलाई जाएगी। गाड़ियोंकी समयसारणी यथावत रहेंगी।

विशेष सूचना : 09627/28 अजमेर – सोलापुर – अजमेर के निम्नलिखित फेरे अजमेर से रतलाम के बीच जयपुर, सवाई माधोपुर की जगह परावर्तित मार्ग अजमेर, चित्तौड़ गढ़, नीमच, रतलाम होकर चलेंगे

परावर्तित मार्ग पर उक्त गाड़ियाँ बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़ गढ़, नीमच, मन्दसौर पर स्टोपेजेस लेंगी।

निम्नलिखित विशेष गाड़ियोंकी अवधि में भी कुछ फेरोंका विस्तार किया गया है,

09059/60 उधना खुर्दा रोड उधना साप्ताहिक, 09003/04 मुम्बई सेंट्रल दिल्ली जंक्शन मुम्बई सेंट्रल द्विसाप्ताहिक, 09425/26 साबरमती हरिद्वार साबरमती द्विसाप्ताहिक विशेष

09003/04 मुम्बई सेंट्रल दिल्ली जंक्शन मुम्बई सेंट्रल द्विसाप्ताहिक की समयसारणी में बदलाव

09425/26 साबरमती हरिद्वार साबरमती द्विसाप्ताहिक विशेष की समयसारणी में बदलाव

विशेष गाड़ियोंके कोटे का आवंटन निम्नप्रकार से किया जाता है,

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मध्य रेल के तेरह जोड़ी ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ियोंकी समयसारणी जारी; मुम्बई, पुणे से दानापुर, मऊ, समस्तीपुर, बनारस, आसनसोल, निजामुद्दीन, सांगानेर, कन्याकुमारी, चेन्नई साधेंगी

26 मार्च 2025, बुधवार, चैत्र, कृष्ण पक्ष, द्वादशी, विक्रम संवत 2081

01009/10 लोकमान्य तिलक टर्मिनस दानापुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक विशेष (25-25 फेरे)

01009 विशेष लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनांक 07 अप्रैल से 30 जून तक, प्रत्येक सोमवार एवं शनिवार को रवाना होगी वापसी में 01010 विशेष दानापुर से दिनांक 08 अप्रैल से 01 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार एवं रविवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01123/24 लोकमान्य तिलक टर्मिनस मऊ लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक विशेष (24-24 फेरे)

01023 विशेष लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनांक 06 अप्रैल से 29 जून तक, प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार को रवाना होगी। (02 मई को 01125 गाड़ी क्रमांक से शिक्षक विशेष चलेंगी) वापसी में 01024 विशेष मऊ से दिनांक 08 अप्रैल से 01 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार एवं रविवार को रवाना होगी। (10 जून को 01126 गाड़ी क्रमांक से शिक्षक विशेष चलेंगी)

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01053/54 लोकमान्य तिलक टर्मिनस बनारस लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक विशेष (24-24 फेरे)

01053 विशेष लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनांक 09 अप्रैल से 26 जून तक, प्रत्येक बुधवार एवं गुरुवार को रवाना होगी वापसी में 01054 विशेष बनारस से दिनांक 10 अप्रैल से 27 जून तक प्रत्येक गुरुवार एवं शुक्रवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01481/82 पुणे दानापुर पुणे द्विसाप्ताहिक विशेष (25-25 फेरे)

01481 विशेष पुणे से दिनांक 07 अप्रैल से 30 जून तक, प्रत्येक सोमवार एवं शनिवार को रवाना होगी वापसी में 01482 विशेष दानापुर से दिनांक 09 अप्रैल से 02 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार एवं सोमवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01431/32 पुणे गाज़ीपुर सिटी पुणे द्विसाप्ताहिक विशेष (24-24 फेरे)

01431 विशेष पुणे से दिनांक 08 अप्रैल से 27 जून तक, प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को रवाना होगी वापसी में 01432 विशेष गाजीपुर सिटी से दिनांक 10 अप्रैल से 29 जून तक प्रत्येक गुरुवार एवं रविवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01043/44 लोकमान्य तिलक टर्मिनस समस्तीपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक विशेष (12-12 फेरे)

01043 विशेष लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनांक 08 अप्रैल से 24 जून तक, प्रत्येक मंगलवार को रवाना होगी। 01044 विशेष समस्तीपुर दिनांक 09 अप्रैल से 25 जून तक, प्रत्येक बुधवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित प्रथम, 03 वातानुकूलित टू टियर, 15 वातानुकूलित थ्री टियर, 01पेंट्रीकार,  02 जनरेटर वैन/गार्ड कुल 22 कोच

01491/92 पुणे हज़रत निजामुद्दीन पुणे साप्ताहिक विशेष वाया वसई रोड, सूरत, रतलाम (12-12 फेरे)

01491 विशेष पुणे से दिनांक 11 अप्रैल से 27 जून तक, प्रत्येक शुक्रवार को रवाना होगी वापसी में 01492 विशेष हजरत निजामुद्दीन से दिनांक 12 अप्रैल से 28 जून तक प्रत्येक शनिवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 04 वातानुकूलित थ्री टियर, 11 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01005/06 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस कन्याकुमारी मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस साप्ताहिक विशेष (12-12 फेरे)

01005 विशेष मुम्बई से दिनांक 09 अप्रैल से 25 जून तक, प्रत्येक बुधवार को रवाना होगी वापसी में 01006 विशेष कन्याकुमारी से दिनांक 10 अप्रैल से 26 जून तक प्रत्येक गुरुवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 04 वातानुकूलित टू टियर, 06 वातानुकूलित थ्री टियर, 04 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 01 जनरेटर वैन, 01 एसएलआर कुल 20 LHB कोच

01145/46 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस आसनसोल मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस साप्ताहिक विशेष (12-12 फेरे)

01145 विशेष मुम्बई से दिनांक 07 अप्रैल से 23 जून तक, प्रत्येक सोमवार को रवाना होगी वापसी में 01146 विशेष आसनसोल से दिनांक 09 अप्रैल से 25 जून तक प्रत्येक बुधवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 04 वातानुकूलित टू टियर, 06 वातानुकूलित थ्री टियर, 04 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 01 जनरेटर वैन, 01 एसएलआर कुल 20 LHB कोच

01433/34 पुणे सांगानेर पुणे साप्ताहिक विशेष वाया वसई रोड, सूरत, रतलाम (12-12 फेरे)

01433 विशेष पुणे से दिनांक 09 अप्रैल से 25 जून तक, प्रत्येक बुधवार को रवाना होगी वापसी में 01434 विशेष सांगानेर से दिनांक 10 अप्रैल से 26 जून तक प्रत्येक गुरुवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01015/16 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस – पुरुच्ची थलाइवार डॉ एम जी रामचन्द्रन चेन्नई सेंट्रल – मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस साप्ताहिक विशेष (04-04 फेरे)

01015 विशेष मुम्बई से दिनांक 09, 16, 23, एवं 30 अप्रैल, बुधवार को रवाना होगी और वापसी में 01016 चेन्नई सेंट्रल से दिनांक 10, 17, 24 एवं 01 मई, गुरुवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 10 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर कुल 22 कोच

01105/06 पुणे दानापुर पुणे अनारक्षित साप्ताहिक विशेष (12-12 फेरे)

01105 विशेष पुणे से दिनांक 08 अप्रैल से 24 जून तक, प्रत्येक मंगलवार को रवाना होगी वापसी में 01106 विशेष दानापुर से दिनांक 10 अप्रैल से 26 जून तक प्रत्येक गुरुवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 16 द्वितीय साधारण/सिटिंग, 02 एसएलआर कुल 18 कोच

01155/56 लोकमान्य तिलक टर्मिनस दानापुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस अनारक्षित साप्ताहिक विशेष (12-12 फेरे)

01155 विशेष लोकमान्य तिलक टर्मिनस से दिनांक 11 अप्रैल से 27 जून तक, प्रत्येक शुक्रवार को रवाना होगी वापसी में 01156 विशेष दानापुर से दिनांक 12 अप्रैल से 28 जून तक प्रत्येक शनिवार को रवाना होगी।

कोच संरचना : 20 द्वितीय साधारण/सिटिंग, 02 एसएलआर कुल 18 कोच

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भारतीय रेल की अनारक्षित यातायात पर नियंत्रण करने की असाधारण कवायद!

25 मार्च 2025, मंगलवार, चैत्र, कृष्ण पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2081

“रेलवे स्टेशनोंपर अनियंत्रित भीड़, भगदड़ मची, इतने घायल” इस तरह के समाचार तो इन दिनों में आपने पढ़े ही होंगे और ऐसी यात्रिओंकी अनियंत्रित भीड़ को सहेजने, सम्भालने और उन्हें सुरक्षित करने हेतु, रेल प्रशासन द्वारा किए जानेवाले उपाय की खबरे भी आपके पढ़ने में निश्चित ही आई होंगी, वहीं यात्रिओंको गलियारों, तम्बूओं में रोक कर, बैरिकेडिंग कर के, धीमे धीमे नियंत्रित कर प्लेटफार्म पर छोड़ना। इसके आगे रेल प्रशासन द्वारा और भी विस्मयजनक उपचार अपनाने की खबरें मीडिया में आ रही है। यात्री भौचक है, आखिर हमारे साथ करना क्या चाहते हो?

दरअसल 2 – 4 दिनों पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अनियंत्रित भीड़ की स्थिती की खबरें थी। युँ तो रेल प्रशासन ने तुरन्त ही हरक़त में आकर कोई आपदा घटित होने से पहले, स्थिती को सम्भाल लिया। मगर बात फिर वही अटक गई की इस यात्रिओंकी अनियंत्रित भीड़ पर क्या उपाय कारगर हो सकते है? इस पर बैरिकेडिंग के साथ साथ कुछ प्रस्ताव ऐसे आए है,

अनारक्षित टिकटोंकी की बेलगाम बिक्री पर नियंत्रण लाना चाहिए। अब किसी गाड़ी की क्षमता से केवल डेढ़ गुना ही टिकट वितरित किए जाएजब की फिलहाल जो यात्री, जितने टिकट की मांग करें, उसे बेच दिया जाता है।

अनारक्षित टिकट जारी करते वक्त उस पर उक्त मार्ग पर चलनेवाली गाड़ी का क्रमांक भी दर्ज किया जाए। प्रशासन यह सोचती है, इससे उनके पास उक्त गाड़ी की यात्री संख्या का लेखाजोखा रहेगा। हालाँकि रेल नियमावली में पहले ही इसके लिए एक व्याख्या बनाई गई है। टिकट जारी होने के समय से तीन घण्टे के अन्दर, यात्रा शुरू की जानी चाहिए। टिकट खरीदने के बाद तीन घण्टे तक कोई गाड़ी नही है या यात्री अपनी यात्रा शुरू न कर पाए तो सम्बन्धित स्टेशन मैनेजर से उस टिकट को पुनः वैध करवा सकता है।

किसी मार्ग पर चलनेवाली गाड़ियाँ लगातार देरी से आने की सम्भावना है, तो अतिरिक्त विशेष गाड़ी का प्रबन्ध किया जाए।

कहा जाता है, रेल प्रशासन द्वारा, उक्त प्रस्ताव, आनेवाले 4 – 6 महीनोंमें लागु किए जाने की तैयारी है।

इन प्रस्तावोंको लागू करने में और रेल विभाग की प्रचलित नियमावली को देखा जाए तो यह सहज समझा जा सकता है, की मर्ज़, व्याधि कुछ है और ईलाज़ कुछ और ही सोचा जा रहा है।

पहले हम उपरोक्त प्रस्तावों में आने वाली बाधाओंको समझते है,

उदाहरण लीजिए, मुम्बई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस या लोकमान्य तिलक टर्मिनस किसी एक टर्मिनस पर कोई गाड़ी के लिए अनारक्षित यात्रिओंकी भीड़ जुट जाती है। अब कोई भी नियमित गाड़ी में कमसे कम 4 अनारक्षित कोच रहते है, अर्थात 360 से 400 यात्रियोंकी आसन क्षमता और इससे डेढ़ गुना ही टिकट उपलब्ध किए जाएंगे। वैसे आजकल की यात्री संख्या देखी जाए तो उपलब्ध कराए जानेवाले टिकटों की संख्या बहुत कम है। फिर भी मान लीजिए, गाड़ी के प्रारंभिक टर्मिनस पर इतने टिकट बेच कर उक्त गाड़ी के टिकट की बिक्री बन्द कर दी गई। अब अगले स्टेशन दादर, ठाणे, कल्याण युँ करते करते समझिए गाड़ी गोरखपुर, पटना, हावड़ा, लखनऊ ऐसे गंतव्यों के लिए जानेवाली है, मार्ग में बीसियों स्टेशन पर ठहराव लेने वाली है, क्या हर स्टेशन के लिए रेल प्रशासन 540 से 600 टिकट बेचेगा? या हर स्टेशन का कोटा प्रणाली (आरक्षण प्रणाली के अनुसार) जारी करेगा? और प्रारम्भिक स्टेशन पर ही डेढ़ गुना भरे साधारण कोच में आने वाले मार्ग के हर स्टेशन के यात्री कहाँ और कैसे समाहित किए जाएंगे? डेढ़ गुना जारी किए जाने वाले टिकट की गिनती केवल प्रारम्भिक स्टेशन से गन्तव्य स्टेशन तक कि रहेगी या बीच के स्टेशनोंके लिए जारी टिकट उन डेढ़ गुना कोटे में गिने जाएंगे? है न पेचीदा प्रश्न?

और जब इस तरह की सांख्यिकी करनी ही है तो सबसे आसान काम यह है, सभी अनारक्षित टिकटों को अनिवार्य रूप से द्वितीय श्रेणी आरक्षित में बदल दिया जाए! एक एक यात्री और एक एक जगह का हिसाब लग जाएगा। इसमे आसन संख्या जितने कन्फ़र्म और उतनी ही संख्या जितने RAC टिकट जारी किए जा सकते है। RAC यात्री ऊपर के बर्थ पर बैठ कर या कॉरीडोर में खड़े रहकर या फर्श पर एड्जस्ट कर अपनी यात्रा ऐच्छिक रूप से कर सकते है। वरना अपना RAC टिकट रद्द कर धनवापसी ले सकते है। स्लिपर श्रेणी के RAC में, एक लोअर बर्थ दो यात्रिओंमें देना भी तो एक तरह की एडजस्टमेंट ही है। द्वितीय श्रेणी के अनारक्षित और आरक्षित टिकटों के किरायोंमे महज ₹15/- का आरक्षण शुल्क ही ज्यादा लगता है, मगर इस उपाय से अनारक्षित यात्रिओंकी संख्या पर बड़ी आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।

बाकी अनारक्षित टिकटों पर गाड़ी क्रमांक अंकित करना क्या उक्त टिकट धारक को गाड़ी में आसन मिल जाने या उसकी रेल यात्रा सुगम होने की गारण्टी प्रदान कर पाएगा?

कई बार देखा गया है, अनारक्षित विशेष गाड़ियाँ उनके प्रचार, प्रसार एवं सूचना के अभाव में खाली ही चलती रहती है, जब की उसी मार्ग की नियमित गाड़ियोंमे पैर धरने की जगह नही रहती।

पहले सुपरफास्ट श्रेणी एवं मेल गाड़ियोंमे ‘डिस्टेन्स रिस्ट्रिक्शन’ नामक पाबन्दी चलाई जाती थी। किसी गाड़ी में 600 किलोमीटर तो किसी मे 200 किलोमीटर के टिकट की पाबन्दी होती थी। इससे कम अन्तर के यात्री इन गाड़ियोंमे यात्रा नही कर पाते थे। सुपरफास्ट गाड़ियोंके स्टोपेजेस भी कम होते थे, जिससे अपनेआप ही कम अन्तर के यात्री इन गाड़ियोंसे दूर रहते थे। अब हुवा यह है की सुपरफास्ट गाड़ियोंमे बेतहाशा स्टोपेजेस बढ़ गए है या बेशुमार स्टोपेजेस वाली गाड़ियोंको भी सुपरफास्ट की श्रेणी में लाया गया है।

रेल विभाग को अनारक्षित टिकटोंकी बिक्री पर, स्वयं अनारक्षित टिकटों के अस्तित्व पर गम्भीर विचार करना होगा। 500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए चलनेवाली गाड़ियोंमे अनारक्षित टिकटोंकी बिक्री पर अनिवार्य रूप से बन्दी लगानी होगी। इन गाड़ियोंमे के द्वितीय श्रेणी कोच में केवल आरक्षित 2S वर्ग की ही बुकिंग की जानी चाहिए। इससे लम्बी दूरी की गाड़ियोंमे स्टोपेजेस भी कम किए जा सकते है और इनकी औसत गति भी बढ़ाई जा सकती है।

500 किलोमीटर तक परिचालित गाड़ियोंको इंटरसिटी एक्सप्रेस के प्रारूपमें, केवल सिटिंग वर्ग के कोच के साथ चलाया जा सकता है। 500 किलोमीटर की रेल यात्रा अमूमन 8-10 घंटो में पूर्ण हो सकती है। इसमे कुछ कोच आरक्षित 2S, CC वातानुकूलित चेयर कार, यात्रिओंके माँग पर जोड़े जा सकते है। हालाँकि रेल विभाग ने इस प्रणाली पर मेमू एक्सप्रेस, वन्देभारत सीरीज की गाड़ियाँ लाई है, मगर यह व्यवस्था पूर्ण रूप से, प्रत्येक मुख्य रेल मार्गपर, जहाँ यात्रिओंकी अच्छी मांग है, लागू नही हो पाई है। इसके चलते यात्रिओंमें भारी असमंजस की स्थिती है। एक तरफ उनकी सस्ते किरायोंवाली कई सवारी गाड़ियाँ, एक्सप्रेस गाड़ियोंमे बदल दी गई। दूसरी तरफ यात्रिओंकी संख्या के अनुपात में इंटरसिटी या मेमू गाड़ियाँ उपलब्ध नही रहने से कम अन्तर के यात्री भी अनारक्षित टिकट ले कर लम्बी दूरी की गाड़ियोंका रुख करते है।

एक और समस्या रेल व्यवस्था के गले अटकी पड़ी है। वह है, ग़ैरउपनगरिय रेल मार्गों के सीजन टिकट। उपनगरीय रेल मार्गोंपर तो लोकल, सबर्बन गाड़ियाँ रेल विभाग द्वारा चलाई जाती है मगर गैरउपनगरीय रेल मार्गोंपर उतनी साधारण गाड़ियाँ उपलब्ध नही होती और यह सीजन टिकट धारक, सीधे जो सामने उपलब्ध गाड़ी है, उसमे सवार होकर अपने गंतव्य पर निकल पड़ते है। इन यात्रिओंका दबाव न सिर्फ अनारक्षित कोचों बल्कि आरक्षित कोचों पर भी पड़ता है। इन ग़ैरउपनगरिय सीजन टिकट पर गाड़ी क्रमांक लिखा जाना चाहिए, चूँकि इस क्षेत्र में कम अन्तर, 150 किलोमीटर के लिए उपलब्ध गाड़ियाँ बहुत कम होती है और उनके क्रमांक सीजन टिकट पर अंकित किए जा सकते है। ऐसे में केवल अंकित गाड़ियों में ही सीजन टिकट धारक यात्रा कर पाएगा, अन्य गाड़ियाँ उसके लिए प्रतिबन्धित होगी। इससे यात्रिओंका यह गुट भी लम्बी दुरियोंकी गाड़ी से दूर किया जा सकता है।

साथ ही यह कह देना अन्यथा नही होगा की, सुपरफास्ट गाड़ियोंमे, सुपरफास्ट शुल्क लगाकर सीजन टिकट उपलब्ध कराना यह रेल विभाग का सुपरफास्ट गाड़ियोंके साथ किया गया एक भद्दा मज़ाक ही है। इसी तरह एक तरफ गाड़ी में अनारक्षित टिकटोंका बेशुमार आवंटन और बाद में उन्हें अमानवीय पद्धति से रोकना, हाँकना और नियंत्रित करना भी एक तरह से यात्रिओंके साथ खिलवाड़ ही है। यात्रिओंका हक होना चाहिए की वह टिकट खरीदते ही उसकी रेल यात्रा सुनिश्चित हो।

अन्ततः हम यह कहेंगे कि रेल प्रशासन की कौनसी ऐसी मजबूरी है, की जहाँ किसी भी परिवहन व्यवस्था में यात्री उसका मूल्य चुकाता है और यात्रा का लाभ लेता है और यहाँ रेलवे कहती है, की वह यात्री के कुल किराए में 43% किराया खुद चुका रही है और महज 57% किराया मूल्य में यात्रिवहन कर रही है? क्या लगभग आधा किराया वसूल कर यह जताया जा रहा है, की एड्जस्ट कर लीजिए, हम आपको रियायत में ले जा रहे है?