Stories/ News Alerts

Uncategorised

हावडा अहमदाबाद हावडा, सिकन्दराबाद बीकानेर सिकन्दराबाद, हैदराबाद जयपुर हैदराबाद वाया भुसावल समयोंमे किया गया बदलाव

02833/34 हावडा अहमदाबाद हावडा विशेष गाड़ी में समयोंका बदलाव

02789/90 सिकन्दराबाद हिसार सिकन्दराबाद विशेष एक्सप्रेस अब बदले हुए गाड़ी क्रमांक के साथ सुपरफास्ट श्रेणी और समयोंमे भी बदलाव

07020/07019 हैदराबाद जयपुर हैदराबाद वाया मनमाड़, भुसावल विशेष गाड़ी के समयोंमे मामूली बदलाव

02976/75 जयपुर मैसूरु जयपुर विशेष समय बदलाव

Uncategorised

पुणेकर, और पुणे के रेल यात्री कृपया अपनी गाड़ियोंके समय परिवर्तन पर ध्यान दे।

02149/50 पुणे दानापुर पुणे स्पेशल में समय बदला गया है, साथ ही त्यौहार विशेष गाड़ियोंका भी अवधि बढाया गया है।

Uncategorised

गाड़ियोंके समय परिवर्तन पर नया पेंच : दैनिक यात्रिओंमें परेशानी

इस संक्रमण काल मे भारतीय रेल्वेमे सिर्फ दो प्रकार की यात्री गाड़ियाँ चल रही है, एक नियमित विशेष गाड़ियाँ और दूसरी त्यौहार विशेष गाड़ियाँ। जिसमे 1 दिसम्बर से जो भी नियमित विशेष गाड़ियाँ चलाई जा रही है, उनमें से कई गाड़ियोंके परिचालन में समयोंका व्यापक परिवर्तन किया गया है। यह सभी लॉन्ग डिस्टेन्स याने लम्बी दूरी की यात्री गाड़ियाँ है।

पहले हम यह समझ लेते है, की समय परिवर्तन करने के उद्देश्य क्या है। रेल प्रशासन ने अपने बरसों पुराने समयसारणी के ढांचे को अमूलचूल बदलाव के लिए शून्याधारित समयसारणी लाने का फैसला लिया। इसके लिए तमाम यात्री गाड़ियोंका परिचालन बन्द याने ज़ीरो होना बेहद जरूरी था, जो उन्हें इस संक्रमण काल मे संयोगवश मिल गया। गाड़ियाँ अपने पेरेंट ज़ोन के स्टेशनसे निकल गन्तव्यपर पोहोंचने के बाद 10-12 घंटे पड़ी रहती थी और बाद में वापसी यात्रा के लिए निकलती थी। इस 10-12 घंटे के समय को लाय ओवर पीरियड कहते है। जब गाड़ियाँ आधुनिक LHB कोचेस से चलने लगी है, तो सेकेंडरी मेंटेनेंस जो इस लाय ओवर पीरियड में किया जाता था, वह काफी कम समय मे हो जाता है, या यूं कहिए की ज्यादा जरूरत नही है। अतः यह समय मे कटौती कर गाड़ियाँ गन्तव्योंसे जल्द लौटने का प्रयोग इस व्यवस्था में किया गया। गाड़ियोंके समय मे 4,6,8 घंटे तक का बदलाव सम्भव हुवा। गाड़ियोंके लोंको रिवर्सल, लिंक कोच शंटिंग्ज हेतुपूर्वक बन्द किए गए। इससे जंक्शनोंपर गाड़ियोंके रुकने के समय मे काफी कटौती हुई। लाइनोंकी, रेल कर्मचारियों की अनावश्यक ब्लॉकिंग बन्द हुई। गाड़ियोंके परिचालन में स्पीड मेंटेन हुवा। उपरोक्त सभी कारणोंसे यात्री गाड़ियोंके पुराने समयसारणी में बदलाव आना वाज़िब था।

ऐसे व्यापक बदलाव से लम्बी दूरी की रेल यात्रा करनेवाले यात्रिओंका फायदा होता है, मगर शार्ट डिस्टेन्स ट्रैवेलर्स बड़ा परेशान हो जाता है। घंटे, आधे घंटे के बदलाव से ज्यादा फर्क नही पड़ता लेकिन सुबह की गाड़ी शाम में या शाम की गाड़ी सुबह हो जाए या 2 से 4 घंटे आगे पीछे हो जाए तो उनके रोजगार पर, नौकरीपर पोहोंचने के समय मे गड़बड़ हो जाती है। हालाँकि यह भी कुछ ही दिन की परेशानी होती है। चूँकि इनका यात्रा का अवधि बहोत थोड़ा होने से, नए शेड्यूल्स के हिसाब से किसी दूसरी गाड़ी पर यह लोग शिफ्ट हो जाते है और फिर से रोज का सफर चल पड़ता है।

यह एक स्थानीय सांसद का जनरल मैनेजर मध्य रेलवे को भेजा गया पत्र है, जो सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहा है। कोल्हापुर गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस बदलाव के बाद पुराने समय से करीबन 60 से 90 मिनट पहले चलेगी, जिसे अपने पुराने समयसे चलाने की स्थानीय लोंगोंकी माँग को आगे बढ़ाया गया है।

ताजा स्थिति यह है, की किसी भी यात्री को बिना आरक्षण के रेल गाड़ियोंमे यात्रा करने की अनुमति नही है। इसलिए शार्ट डिस्टेन्स ट्रैवलर या डेली ट्रैवल करनेवाले MST धारक रेल गाड़ियोंसे दूरी बनाए रखे है, रेल गाड़ियोंमे यात्रा नही कर रहे है। फिलहाल कोई भी यात्री गाड़ी नियमित या स्थायी नही की गई है, जितनी भी गाड़ियाँ चलाई जा रही है वह विशेष, स्पेशल श्रेणियोंमे चल रही है, और भी बदलाव, परिवर्तन किए जा सकते है। अभी सवारी गाड़ियाँ, मेमू, डेमू गाड़ियाँ भी शुरू नही है। अतः जानकारोंका कहना है, जब तक रेल प्रशासन के द्वारा पुर्णतयः समयसारणी जारी नही हो जाती तब तक इन विशेष गाड़ियोंके बदलावोंपर किसी तरह का समर्थन या प्रतिरोध करना अभी उचित नही।