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Pune Gorakhpur Pune Additional Festival Specials पुणे गोरखपुर पुणे त्योहार विशेष अतिरिक्त गाड़ी

02031/02032 पुणे गोरखपुर पुणे त्योहार स्पेशल वाया मनमाड़, भुसावल, भोपाल, झांसी, कानपुर, लखनऊ

02031 पुणे से दिनांक 14, 17 एवं 21 को गोरखपुर के लिए दोपहर 16:15 को रवाना होगी और दूसरे दिन रात 22:30 को पहुचेंगी वैसे ही वापसीमे 02032 गोरखपुर पुणे दिनांक 16, 19 और 23 को 0:15 (याने 15,18 एवं 22 की रात के बारह के बाद) निकल दूसरे दिन सुबह 8:05 को पुणे पोहोचेंगी।

डिब्बा संरचना : 1 वातानुकूलित 2 टियर, 4 वातानुकूलित 3 टियर, 11 स्लिपर और 6 द्वितीय श्रेणी सिटिंग

स्टापेजेस : दोनों दिशाओंसे यह गाड़ी अहमदनगर, मनमाड़, भुसावल, इटारसी, भोपाल, बिना, झांसी, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, बस्ती

02031 पुणे गोरखपुर की बुकिंग्ज कल याने 11 नवम्बर से शुरू हो रही है। यह गाड़ी पुर्णतयः आरक्षित एवं विशेष किराया वाली होगी।

Central Railway will run 6 additional Bi-weekly Super-fast festival specials between Pune and Gorakhpur to clear the extra rush of passengers during the festival season, as per details below:

02031 Bi-weekly Super-fast festival special will leave Pune o­n every Tuesday and Saturday at 16.15 hrs from 14.11.2020 to 21.11.2020 (3 Trips) and reach Gorakhpur at 22.30 hrs next day.

02032 Bi-weekly Super-fast festival special will leave Gorakhpur at 00.15 hrs o­n every Monday and Thursday from 16.11.2020 to 23.11.2020 (3 Trips) and arrive Pune at 08.05 hrs next day.

Halts : Ahmadnagar, Manmad, Bhusaval, Itarsi, Bhopal, Bina, Jhansi, Kanpur, Lucknow, Barabanki, Gonda and Basti

Composition: One AC-2 Tier, 4 AC-3 Tier, 11 Sleeper Class, 6 second class seating

Reservation: Bookings for fully reserved 02031 festival special o­n special charges will commence from 11.11.2020 at all Computerised Reservation Centres and o­n website: http://www.irctc.co.in.

Only passengers having confirmed tickets will be permitted to board these special trains

Passengers are advised to adhere all norms, SOPs related to COVID19 during the boarding, travel and at destination.
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Date: November 10, 2020
PR No.2020/11/20
This press release is issued by the Public Relations Department, Central Railway, Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus Mumbai.

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TCAS ट्रेन कन्ट्रोल सिस्टम

भारतीय रेल में उच्च एवं अद्ययावत तकनीकें लायी जा रही है। हेवी ट्रैक्स, अत्याधुनिक LHB डिब्बें और यह नया ट्रेन कन्ट्रोल सिस्टम।

यह सिस्टम भारतीय कम्पनी ” मेधा सर्वो ड्राइव्ज प्रा. लि. हैदराबाद” ने विकसित किया है। इस सिस्टम की सम्पूर्ण जानकारी की वह कैसे काम करता है, कैसे पार्ट्स होते है आदि हम आप को अपने पहले आर्टिकल में बता चुके है। आज यह लोको यूनिट की तस्वीर आप के साथ रेलद्वार.इन और मेधा सर्वो के सहयोग से साँझा कर रहे है।

आप ध्यान से इस कन्ट्रोल पैनल को देखेंगे तो आप को समझ आएगा, यह लगभग हवाई जहाज के ऑटो पायलट के भांति ही है। किसी एक फ़्लाइट की तरह सारी जानकारी लोको पायलट को इस सिस्टम के द्वारा अपनी सीट पर डिस्प्ले में मिलेगी और साथ ही ट्रेन ऑटो कंट्रोलिंग भी होगा।

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क्या मुम्बई एक अलग ज़ोन बनाया जा सकता है?

यह एक बेहद अहम और पेचीदा सवाल है। मुम्बई का इतना बड़ा रेलवे नेटवर्क दो ज़ोन, मध्य और पश्चिम रेलवे में बटा हुवा है। पश्चिम रेलवे के मुम्बई डिवीजन में चर्चगेट से सूरत, उधना से जलगाँव और बिलीमोरा से वाघई छोटी लाइन साथ ही मुम्बई का तमाम उपनगरीय जाल और मध्य रेलवे का भी यही हाल है। मुम्बई से इगतपुरी, कल्याण से लोनावला यह दो मुख्य मार्ग के साथ पनवेल से कर्जत, कर्जत से खोपोली, दिवा से रोहा, दिवा से वसई और उपनगरीय रेलवे के ठाणे पनवेल ट्रांस हार्बर मार्ग, माहिम कॉर्ड, कुर्ला से पनवेल मार्ग सम्मिलित है।

दोनों मध्य और पश्चिम रेलवे के सिर्फ उपनगरीय सेवा को देखे तो मुम्बई – कसारा, मुम्बई – कर्जत, हार्बर और ट्रांस हार्बर लाइनें, मुम्बई से विरार, डहाणू रोड़ तक उपनगरीय सेवा चलती है। इन मार्गों का रखरखाव, परिचालन, अपग्रेडेशन सारी बातें मुख्य मार्ग की गाड़ियोंसे सर्वथाः अलग है। उपनगरीय मार्गोंकी समस्या या जरूरतें भी अलग ही होती है। फिर क्यों न सिर्फ उपनगरीय गाड़ियाँ जहाँतक चलती है, वहांतक के मार्गोंको मिलाकर केवल एक ज़ोन बनाया जाए, न तो मध्य और न ही पश्चिम बस मुम्बई ज़ोन।

जब 9 ज़ोन से बढाकर 17 ज़ोन बनाए गए थे तो उसके पीछे का उद्देश्य यही था की मुख्यालय की दूरी कम हो। मध्य रेलवे मुम्बई से तुग़लगाबाद तक फैला था। लम्बी दूरी से, डेढ़ हजार किलोमीटर यात्रा कर कर्मचारियोंको अपने मुख्यालय आना पड़ता था। पूरा सप्ताह किसी एक काम को लेकर लग जाता था। खैर मुख्यालयोंके बंटने से यह समस्या तो खत्म हुई लेकिन आज भी इन मुम्बई के रेल मुख्यालयोंके वजह से लम्बी दूर से कर्मचारियोंको मुम्बई आना ही पड़ता है, जो की अनावश्यक है। वही मध्य रेलवे का क्षेत्रीय मुख्यालय पुणे, सोलापुर या भुसावल हो और पश्चिम रेलवे का वड़ोदरा या सूरत हो तो मुम्बई का यात्री भार काफी कुछ कम होगा।

दूसरा कर्मचारियोंकी, अपग्रेडेशन निधि का बंटवारा भी सीधा सीधा होगा। उपनगरीय जोन का अलग और मुख्य मार्गोंका अलग। चूँकि दोनो मार्गोंकी समस्या, जरूरतें भिन्न भिन्न है और इनका स्टाफ़ भी अलग अलग है, लेकिन दो अलग क्षेत्रीय रेल में बटा है। एक तरफ पश्चिम रेलवे का उपनगरीय स्टाफ़, समस्या, जरूरतें और दूसरी तरफ मध्य रेलवे का यही सब। साथ ही दोनोंके अलग अलग मुम्बई डिवीजन मुख्य मार्गोंका भी बोझ उठाते है।

जाहिर से बात है, दोनोंके उपनगरीय रेलवे के लिए एक ही क्षेत्रीय रेलवे का गठन कर के, मुख्य मार्ग की व्यवस्था निकटतम डिवीजन को सौंप दी जानी चाहिए। मध्य रेल एवं पश्चिम रेल के मुख्यालय भी मुम्बई के बजाए पास ही के दूसरे शहर में कर दिए जाने चाहिए। हम मानते है यह बहोत गहन अध्ययन का विषय है, लेकिन मुम्बई पर पड़ते बोझ को देखते इस विषय में आगे सोचना उचित होगा।

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मध्य रेल की अतिरिक्त विशेष गाड़ियाँ

अतिरिक्त उत्सव विशेष गाड़ियाँ और बनारस
उत्सव विशेष गाडी द्वि-साप्ताहिक के बजाय प्रतिदिन चलेगी

मध्य रेल्वे अतिरिक्त विशेष उत्सव ट्रेन चलाएगा। यात्रिओंकी बढ़ती माँग को देखते अपनी 02167/68 लोकमान्य तिलक टर्मिनस बनारस को द्विसाप्ताहिक के बजाए प्रतिदिन चलाया जाएगा।

१) लोकमान्य टिळक टर्मिनस – गोरखपूर विशेष साप्ताहिक उत्सव गाड़ी

01079 विशेष उत्सव दि. 12 से 26 नवम्बर के बीच चलेगी। लोकमान्य टिळक टर्मिनस से हर गुरुवार को चलेगी और गोरखपूर तिसरे दिन पोहोचेगी।

01080 विशेष उत्सव गाड़ी दि. 14 से 28 नवम्बर तक गोरखपूर से हर शनिवार को चलेगी और दुसरे दिन लोकमान्य टिळक टर्मिनस को पोहोचेगी।

ठहराव : हरदा और भोपाल में नही रुकेगी, बचे सभी टाइमिंग्ज 11079/11080 के समान रहेंगे।

संरचना : १ द्वितीय वातानुकूलित, ४ तृतीय वातानुकूलित, १२ शयनयान, ३ द्वितीय आसन श्रेणी

लोकमान्य टिळक टर्मिनस – बनारस (मंडुआडीह) विशेष उत्सव गाडी ही द्वि-साप्ताहिकके बजाय प्रतिदिन चलेगी।

02167 विशेष उत्सव दि. 10 से 30 नवम्बर के बीच लोकमान्य टिळक टर्मिनस से प्रतिदिन चलेगी और बनारस (मंडुआडीह) को दूसरे दिन पोहोचेगी।

02168 विशेष उत्सव दि. 11 नवम्बर से 1 दिसम्बर तक बनारस (मंडुआडीह) से प्रतिदिन चलेगी और दुसरे दिन लोकमान्य टिळक टर्मिनस को पोहोचेगी।

सभी स्टापेजेस और समयसारणी याथवत रहेंगी।

आरक्षण : 01079/80 संपूर्णतः आरक्षित विशेष उत्सव गाड़ी के विशेष शुल्क के साथ, आरक्षण दि. 9 नवम्बर से शुरू होगा और 02167 उत्सव विशेष गाडीके बढ़े दिनोंके फेरोंके लिए आरक्षण 08 नवम्बर से सभी आरक्षण केंद्र पर और http://www.irctc.co.in. इस वेबसाइटपर शुरू होगा।

केवल कन्फर्म / RAC टिकट धारी ही इन गाड़ियोंमे यात्रा कर सकते है, साथ ही सभी यात्रिओंसे अनुरोध है की सभी संक्रमण सम्बंधित नियमोंका पालन अनिवार्य रूप से करेंगे।

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बेंगालुरु नई दिल्ली बेंगालुरु कर्णाटक एक्सप्रेस होगी LHB

06527/28 बेंगालुरु नई दिल्ली बेंगालुरु कर्णाटक एक्सप्रेस पहले हो अपना सुपरफास्ट वाला नम्बर 12627/28 बदल चुकी है और अब अपने 25 ICF कोच की जगह 22 LHB कोच के साथ दिनांक 10 नवम्बर से चलाई जाएगी।

इन नए बदलावोंके के साथ यात्रीगण को कुछ बातें भी समझ आना जरूरी है। परंपरागत ICF कोचेस में 2- SLR/SLRD, 1 WCB – पेंट्री कार, 1FAC – 1 वातानुकूलित प्रथम श्रेणी, 2 ACCW – 2 वातानुकूलित टू टियर, 3 ACCN – 3 वातानुकूलित थ्री टियर, 13 GSCN – 13 द्वितीय श्रेणी स्लिपर, 2 GS – दो द्वितीय श्रेणी जनरल और 1 VPH – पार्सल वैन ऐसे कुल 25 कोच लगाए जा रहे थे। अब 10 तारीख से गाड़ी LHB कोच से सुसज्जित हो रही है तो बदलाव इस प्रकार रहेगा, 2 LWLRRM – 2 एसएलआर गार्ड कोच के साथ, 1 LWCBAC – एक वातानुकूलित पेंट्री कार, 2 LWACCW – दो वातानुकूलित टू टियर, 3 LWACCN – तीन वातानुकूलित थ्री टियर, 12 LWSCN – बारह स्लिपर, 2 LS – दो सेकन्ड क्लास जनरल कुल कोच संख्या 22

अब इसमें समझिए 1 स्लिपर, 1 वातानुकूलित प्रथम श्रेणी और 1 पार्सल वैन कम किया गया है। LHB स्लिपर की तो यात्री आसन क्षमता पुराने कोचेस से 10% ज्यादा होने से स्लिपर श्रेणी में कोई कटौती नही हुई है मगर प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कट जानेसे VIP यात्रियोंको परेशानी होगी और महत्वपूर्ण पार्सल वैन न होने से पार्सल लदान का बड़ा नुकसान होने वाला है। कर्णाटक एक्सप्रेस की पार्सल वैन हमेशा फूल बुक रहती थी। हालाँकि 5 फरवरी से और बदलाव किया जाना है, उसमे एक वातानुकूलित टू टियर निकाल कर पार्सल वैन जोड़ी जानेवाली है। लेकिन 4 महीने तक कर्णाटक एक्सप्रेस बगैर पार्सल वैन से चलाई जाएगी और फरवरी से वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के साथ साथ 1 वातानुकूलित टू टियर का कोच भी घटा दिया जाएगा।

यही सारी कथा 02657/58 चेन्नई बेंगालुरु चेन्नई मेल के साथ भी होगी क्योंकि इसका रेल कर्णाटक एक्सप्रेस से लिंक याने जुड़ा है।

कुल मिलाकर बात यह है, कर्णाटक एक्सप्रेस और चेन्नई बेंगालुरु मेल में VIP यात्रिओंकी आसन व्यवस्था घटा दी गयी है। यकीन न हो तो साथ वाला परीपत्रक भी देख लीजिएगा।