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24 से 26 सितम्बर के बीच, पंजाब बन्द के चलते रेलगाड़ियोंका रद्दीकरण/ अंशतः निरस्त/ मार्ग परिवर्तन और गाड़ियोंका रिशेड्यूलिंग

पूर्णतया रद्द :

1: 02053/54 हरिद्वार अमृतसर हरिद्वार जनशताब्दी एक्सप्रेस 25/9 और 26/9 को रद्द रहेगी।

2: 02425/26 नई दिल्ली जम्मूतवी नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 24/9 से 26/9 तक रद्द रहेगी।

अंशतः रद्द (short terminated/ short originated)

1: 02903 मुम्बई सेंट्रल अमृतसर गोल्डन टेम्पल मेल 24 तारीख को अम्बाला कैंट में समाप्त कर दी जाएगी, अम्बाला कैंट – अमृतसर के बीच रद्द रहेगी।

2: 02904 अमृतसर मुम्बई सेंट्रल गोल्डन टेम्पल मेल दिनांक 25 से लेकर 27 तक अम्बाला कैंट से मुम्बई की ओर रवाना की जाएगी। अमृतसर – अम्बाला के बीच रद्द रहेगी।

3: 02407 न्यू जलपाईगुड़ी अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस जो दिनांक 23 को न्यू जलपाईगुड़ी से चलेगी, अम्बाला कैंट में समाप्त कर दी जाएगी, अम्बाला कैंट – अमृतसर के बीच रद्द रहेगी।

4: 02408 अमृतसर न्यू जलपाईगुड़ी कर्मभूमि एक्सप्रेस दिनांक 25 को अम्बाला कैंट से न्यू जलपाईगुड़ी की ओर रवाना की जाएगी। अमृतसर – अम्बाला के बीच रद्द रहेगी।

5: 02925 बांद्रा टर्मिनस अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस जो 24 और 25 को बांद्रा से चलेगी, अम्बाला कैंट को समाप्त कर दी जाएगी, अम्बाला से अमृतसर के बीच रद्द रहेगी।

6: 02926 अमृतसर बांद्रा टर्मिनस पश्चिम एक्सप्रेस दिनांक 25 और 26 को अमृतसर की जगह अम्बाला कैंट से रवाना की जाएगी।

7: 02715 हुजूर साहिब नान्देड अमृतसर सचखण्ड एक्सप्रेस जो दिनांक 24 और 25 को नान्देड से रवाना होनेवाली गाड़ियाँ नई दिल्ली में समाप्त कर दी जाएगी, आगे अमृतसर नही जाएगी।

8: 02716 अमृतसर नान्देड सचखण्ड एक्सप्रेस दिनांक 25 और 26 को बजाय अमृतसर के, नई दिल्ली से रवाना की जाएगी।

9: 04673 और 04649 जयनगर अमृतसर शाहिद / सरयू यमुना एक्सप्रेस जो की 24 और 25 को जयनगर से रवाना होगी, अम्बाला में समाप्त कर दी जाएगी।

10: 04650 और 04674 सरयू यमुना / शाहिद एक्सप्रेस दिनांक 25 और 26 को बजाय अमृतसर के अम्बाला कैंट से रवाना की जाएगी।

11: 03307 धनबाद फ़िरोजपुर गंगा सतलज एक्सप्रेस जो दिनांक 24 को धनबाद से चलनेवाली है, अम्बाला कैट में समाप्त कर दी जाएगी।

12: 03308 फ़िरोजपुर धनबाद गंगा सतलज एक्सप्रेस दिनांक 24, 25 और 26 को अम्बाला कैंट से ही धनबाद के लिए रवाना की जाएगी।

13: 05933 डिब्रूगढ़ अमृतसर एक्सप्रेस जो दिनांक 22 को डिब्रूगढ़ से निकली, अम्बाला में समाप्त कर दी जाएगी।

14: 05934 अमृतसर डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस दिनांक 25 को अम्बाला कैंट से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना होगी।

15: 04653 न्यू जलपाईगुड़ी अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस जो दिनांक 25 को न्यू जलपाईगुड़ी से रवाना होगी, सहारनपुर में समाप्त कर दी जाएगी।

16: 04651 जयनगर अमृतसर हमसफ़र एक्सप्रेस जो दिनांक 25 को जयनगर से चलेगी, दिल्ली जंक्शन पर समाप्त कर दी जाएगी।

17: 04652 अमृतसर जयनगर हमसफ़र एक्सप्रेस दिनांक 27 को दिल्ली जंक्शन से जयनगर के लिए रवाना की जाएगी।

18: 02358 अमृतसर कोलकाता एक्सप्रेस दिनांक 24 को अम्बाला कैंट से रवाना होनेवाली है।

मार्ग परिवर्तन

05909/05910 डिब्रूगढ़ लालगढ डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस दिनांक 24 और 25 को रोहतक, भिवानी, हिसार, हनुमानगढ़ होकर चलेगी। यात्रीगण इस गाडीसे यात्रा करनेसे पहले रेलवे की हेल्पलाइन 139 से सम्पर्क कर मार्ग की जानकारी ले लीजिएगा।

9 पार्सल स्पेशल गाड़ियाँ भी शार्ट टर्मिनेट / ओरिजीनेट की जा रही है, जिसकी जानकारी निम्नलिखित परीपत्रक में है।

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खण्डवा – अकोला गेज कन्वर्शन, अचलपुर – मूर्तिजापुर – यवतमाल की शंकुन्तला एक्सप्रेस भी गूँजी संसद मे

यह जरूरी भी था। तमाम रेल संगठन, इन क्षत्रोंके सम्बन्धित रेल यात्री, व्यापारी, व्यवसायिक इनकी सारी पीड़ा आज सदन के सत्र में अमरावती की सांसद नवनीत राणा के स्वर में गूँजी।

वर्षोंसे गेज कन्वर्शन के नाम पर महू – खण्डवा, खण्डवा – अकोला, मूर्तिजापुर – अचलपुर – यवतमाल ये रेल ट्रैक बन्द किए जा चुके है। जब गेज कन्वर्शन की घोषणा हुई तो इस क्षेत्र के जनता में एक खुशी की लहर छा गयी थी। कहीं लम्बी रेल यात्रा के लिए गाड़ी बदलना जो बन्द होने वाला था। इन क्षेत्रोंसे गेज कन्वर्शन के बाद बड़ी लाइन की लम्बी दूरी की गाड़ियोंके सपने पूरे होने वाले थे। लेकिन सारा गेज कन्वर्शन पटरियाँ उखाड़ने तक ही सीमित रह गया। जो मीटर गेज, नैरो गेज की गाड़ियाँ चल रही थी वह तो गयी ही, और पता नही बड़ी लाइन की गाड़ियोंके लिए कितने वर्ष का इंतजार और करना बाकी है।

अकोला से आकोट का 44 किलोमीटर का गेज कन्वर्शन हाल ही में हुवा है। लेकिन आकोट से खण्डवा के गेज कन्वर्शन एक ट्वीस्ट आ गया, मेलघाट बाघ परियोजना को संवर्धित रखने का, और यह ट्वीस्ट आया है महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओरसे। इसके लिए पर्यायी मार्ग का प्रस्ताव रखा गया है, जो की इस गेज कन्वर्शन को कई वर्षोंके लिए पीछे ढकेल देगा ऐसा इस क्षेत्र की जनता और रेलवे एक्टिविस्ट लोगोंका मानना है। दूसरी ओर मूर्तिजापुर – अचलपुर – यवतमाल नैरो गेज लाइन भी वर्षोंसे उखड़ी पड़ी है और इस पर चलनेवाली शकुंतला एक्सप्रेस विजनवास में समा गयी है।

आज लोकसभा मे इन बन्द पड़े गेज कन्वर्शन पर अमरावती की सांसद ने प्रश्न उठाया है और इससे बड़ी अचरज़ और हताशा की बात क्या होगी की आखिर मे उन्होंने यह तक कह दिया कि आप इन रेल मार्गोंको पूर्णत्व तक नही पोहोंचा रहे है तो जैसे है या जैसे थे उसी अवस्था मे फिर से यात्रिओंको उपलब्ध करा दीजिए। देखिए, किस कदर यहां की जनता आक्रोशित है। आशा है, जल्द ही कुछ हलचल हो और यह परियोजना पर अच्छी ख़बर सुनने को मिले।

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रीवा – आनंदविहार – रीवा डेली स्पेशल 25 सितंबर से शुरू हो रही है।

पश्चिम मध्य रेलवे के रीवा, सतना की लोकप्रिय गाड़ी रीवा आनंदविहार रीवा एक्सप्रेस दिनांक 25/26 से शुरू की जा रही है। संक्रमण काल मे सारी गाड़ियाँ बन्द किए जाने के बाद रेल प्रशासन ने धीरे धीरे यात्रिओंकी माँगोंपर गाड़ियाँ शुरू की है। रीवा और सतना के यात्रिओंमें दिल्ली की ओवरनाइट कनेक्टिविटी देने वाली यह गाड़ी खासी लोकप्रिय है। इस स्पेशल श्रेणी की कैटेगरी में अग्रिम आरक्षण लेकर ही यात्रा की जा सकती है। यात्रिओंसे रेल प्रशासन का निवेदन है, केवल कन्फर्म और RAC आरक्षण टिकट धारी यात्री ही इन विशेष (स्पेशल) गाड़ियोंमे यात्रा कर सकते है। प्रतिक्षासूची या द्वितीय श्रेणीके यात्रीयोंको को रेल यात्रा करने की अनुमति नही है।

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कोटा – नागदा के बीच चलेगी डेली इण्टरसिटी स्पेशल

09801/09802 नागदा कोटा नागदा डेली इण्टरसिटी स्पेशल दिनांक 23 से कोटा से शुरू की जा रही है। इस गाड़ी में 9 सेकन्ड सिटिंग, 3 सेकन्ड क्लास चेयर कार और 2 SLR ऐसे कुल 14 कोचेस रहेंगे। यह गाड़ी कोटासे सुबह 7:30 को चल कर नागदा 11:35 पर पोहोचेगी, वापसी में नागदा से 15:00 को निकल शाम 19:00 को कोटा पोहोंच जाएगी। कोटा से नागदा के बीच, यह गाड़ी डाकनिया तालाब, दारा, मोरक, रामगंज मण्डी, भवानी मण्डी, शामगढ़, सुवासरसवा, चाऊ महालाँ, विक्रमगड अलोट, माहिदपुर रोड़ और नागदा पर रुकेगी।

गौरतलब यह है, नागदा से केवल 45 किलोमीटर पर पश्चिम रेलवे का विभागीय मुख्यालय रतलाम जंक्शन है। यह गाड़ी कोटा – नागदा के बीच चलाने के बजाय रतलाम तक आसानी से लाई जा सकती थी। रतलाम के यात्रिओंकी मांग भी थी लेकिन रेल प्रशासन ने इन मांगोंको बिल्कुल ही नजरअंदाज कर दिया। रतलाम के यात्रिओंकी कई मांगे है, इस संक्रमण काल मे, रतलाम – इन्दौर के बीच कोई भी सेवा नही चल रही है, अतः रतलाम – महू वाया बड़नगर डेली शटल सेवा के चारों फेरे जल्द शुरू किए जाए

रतलाम पश्चिम रेलवे का एक महत्वपूर्ण विभागीय मुख्यालय होते हुए भी देश से चौतरफा सम्पर्क के मामलोनमे काफी उपेक्षित है। देश मे कहीं भी जाना है तो रतलाम वासियोंको आसपास के जंक्शन्स की ओर रुख करना पड़ता है। कोई ट्रेन्स है भी तो वह सप्ताहिक ट्रेनें है। ऐसी अवस्था मे रतलाम यदि रेलवे का विभागीय मुख्यालय होने का क्या लाभ? यहांकी जनता में पश्चिम रेलवे की बेदखली रवैय्ये प्रति घनघोर निराशा है। तमाम यात्री संगठन अपने माँगोंकी फेहरिस्त लेकर सांसदों, मंत्रीगणों और अफ़सरोंतक गुहार लगाते रहे है लेकिन हमेशा की तरह उनकी माँगोंपर क्वचित ही सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। इन्दौर के सांसद, रतलामवासियोंकी माँगोंकी लिस्ट, अजमेर इन्दौर वाया रतलाम और जयपुर तिरुपति वाया रतलाम, इन्दौर की मांग रेलमंत्री तक पहुंचाए है। वैसे रतलामवासियोंकी गाड़ियोंकी मांग काफी लम्बी और लम्बित है। आशा है, इन्दौर सांसद के ही जरिए हो, लेकिन रतलाम की कुछ तो मांगे आगे बढ़े।

कोटा – नागदा – कोटा इण्टरसिटी की समयसारणी
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आखिर कब चलेगी ट्रेन, महू – खण्डवा – अकोला खण्ड पर

“जस्टिस डिलेड, जस्टिस डीनाइड” ऐसी अंग्रेजी में कहावत है। इसका मतलब है, न्याय में देरी याने न्याय नकारना। हालाँकि हम जो बात कर रहे है वह जस्टिस याने न्यायालय वाले न्याय की नही है मगर अन्याय की तो निश्चित ही है।

सन 2008 मे रेल प्रशासन ने रतलाम – अकोला इस 472 कीलोमिटर मिटर गेज लाइन को ब्रॉड गेज में कन्वर्ट करने की घोषणा की। दरअसल यह पूरे मीनाक्षी एक्सप्रेस रूट याने जयपुर – काचेगुड़ा जो की 1469 किलोमीटर वाला यात्रिओंमें बेहद लोकप्रिय, उत्तर दक्षिण रेल कॉरिडोर था, उसका हिस्सा था। इस 1469 किलोमीटर में से 805 किलोमीटर भाग जयपुर से अजमेर, चित्तौड़गढ़, होते हुए रतलाम तक और अकोला से पूर्णा होते हुए काचेगुड़ा तक गेज कन्वर्शन कर दिया गया। रतलाम से महू का भी गेज कन्वर्शन हो गया और कुछ 45 किलोमीटर हिस्सा आकोट से अकोला का हाल ही में हुवा है। बस अटका यही है, महू से सनावद और खण्डवा से आकोट वाला खण्ड। अब आप पूछेंगे सनावद से खण्डवा वाला हिस्से का क्या तो भाईसाहब वह भी हिस्सा अंशतः याने निमादखेड़ी से मथेला के बीच कन्वर्ट हो गया है। यह मथेला स्टेशन खण्डवा – इटारसी मेन लाइन के बीच का, खण्डवा से 8-10 किलोमीटर पर का स्टेशन है। इसमें भी खास बात यह है की खण्डवा से इतने पास होने के बावजूद यह स्टेशन खंडवासे सनावद लाइन के लिए सीधे कनेक्ट नही है। आपको बता दूं, इस खंड कन्वर्शन का सारा श्रेय NTPC की सेलडा विद्युत परियोजना को जाता है।

यह उपेक्षा भरा दृश्य हाल ही का, खण्डवा स्टेशन के मीटर गेज प्लेटफॉर्म्स 4 एवं 5 का है। साभार : मनोज सोनी, खण्डवा

ऐसे इस पूरे मार्ग का गेज कन्वर्शन का इतिहास एवं आंकड़े यहां उधृत करना यह हमारा आजका विषय नही है। यह सब आप इंटरनेट पर खंगाल सकते है। हम आपको यह बताने का प्रयत्न कर रहे है, की जब गेज कन्वर्शन घोषित किया 2008 में लेकिन गाड़ियाँ तो शनै शनै रतलाम से लेकर अकोला तक, एक एक खण्ड में मीटर गेज की गाड़ियाँ बन्द होते गयी। पटरियां उखड़ गयी। स्टेशन उजाड़ हो गए। मार्ग पर के हजारों, लाखों लोगोंकी कनेक्टिविटी छीन गयी, इन रेल मार्ग के भरोसे जिनके व्यापार व्यवसाय चल रहे थे वह उजड़ गए। कई कई वर्ष बीत गए इन लोगों ने रेल गाड़ी की आवाज नही सुनी। क्या यह सब उचित है?

ड्युअल गेज का उत्कृष्ट उदाहरण, यह तस्विर बांग्लादेश रेलवे की है, लेकिन हमारे देश मे भी ऐसे प्रयोग किए गए है।
साभार : raildwar.com

जब अकोला से काचेगुड़ा का गेज कन्वर्शन हुवा या मनमाड़ से पूर्णा का गेज कन्वर्शन हुवा तो सारी पटरियां उखाड़ कर काम किया गया? नही। वहाँपर ड्युअल गेज स्लीपर्स डाले गए और मीटर गेज की गाड़ियाँ चलती रही। रेल ट्रैफिक कभी भी पूरी तरह से बन्द नही किया गया। जब कभी बन्द किया गया तो वह किन्ही तांत्रिक कारणोंसे बन्द किया गया था, जैसे इंटरलॉकिंग वर्क्स के लिए। तो महू – खण्डवा – आकोट – अकोला खण्ड पर यह व्यवस्था क्यों नही की गई? क्यों यहांके यात्रिओंको रेल सम्पर्कसे वंचित रखा गया? और कितने वर्ष रेल गाड़ियोंका इंतजार करना है इस मार्ग के लोगोंको, क्या कोई बता सकता है?

आप हमारे लेख के शीर्षक के बारे में सोचते होंगे, तमाम गाड़ियाँ बन्द है, गिनीचुनी चल रही है। साहब, आज गिनती की चल रही है, कुछ वक्त की बात है, जल्द ही सारी चल पड़ेगी। सारी क्या, और नयी निजी ट्रेन्स, बुलेट ट्रेन्स, मैगालेव ट्रेन्स कई तरह की गाडियाँ भारत मे चलने वाली है, मगर उपरोक्त रेल खण्ड का क्या होगा, कब होगा, कैसे होगा यह तो अनुत्तरित ही है।